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गढ़वा में ठिका के नाम पर जमीन की जोत-कोड़ कर रहे आदिवासियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। आदिवासियों द्वारा ठिका के नाम पर भूमि को जोतने और कोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस जमीन पर कब्जा कर लिया।

23 hrs ago
user_Green Line News, Md Mostaque
Green Line News, Md Mostaque
पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
23 hrs ago

गढ़वा में ठिका के नाम पर जमीन की जोत-कोड़ कर रहे आदिवासियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। आदिवासियों द्वारा ठिका के नाम पर भूमि को जोतने और कोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस जमीन पर कब्जा कर लिया।

  • user_User7143
    User7143
    Saraiyahat, Dumka
    🙏
    3 hrs ago
  • user_User7143
    User7143
    Saraiyahat, Dumka
    🙏
    3 hrs ago
  • user_Mohan Lal
    Mohan Lal
    Badlapur, Jaunpur
    🙏
    10 hrs ago
More news from झारखंड and nearby areas
  • गढ़वा में ठिका के नाम पर जमीन की जोत-कोड़ कर रहे आदिवासियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। आदिवासियों द्वारा ठिका के नाम पर भूमि को जोतने और कोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस जमीन पर कब्जा कर लिया।
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    गढ़वा में ठिका के नाम पर जमीन की जोत-कोड़ कर रहे आदिवासियों ने उस पर अपना कब्जा जमा लिया है। आदिवासियों द्वारा ठिका के नाम पर भूमि को जोतने और कोड़ने का काम किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस जमीन पर कब्जा कर लिया।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हे स्थित पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव हत्या का मामला निकला है। रंका के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को दोपहर दो बजे अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला सच सामने आने के बाद मृतक की पत्नी और उसके सगे भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मामले के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को पाल्हे निवासी करीब 50 वर्षीय गोला कोरवा (पिता स्वर्गीय रामवृक्ष कोरवा) का शव पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला था, जिसके गले में गमछा बंधा हुआ था। संदिग्ध हालत में शव मिलने पर मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव को लटकाने की आशंका जताई थी। इसके बाद मृतक के पुत्र अजय कोरवा के लिखित आवेदन पर चिनिया थाना कांड संख्या 26/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें उसने कबूल किया कि उसका अपने भाई की पत्नी सकलपतिया देवी के साथ अवैध संबंध था। घटना के दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद भेद खुलने के डर से दोनों ने मिलकर गोला की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने व पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को गमछे के सहारे पेड़ से लटका कर आत्महत्या का रूप दे दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी सकलपतिया देवी को भी गिरफ्तार कर लिया है और दोनों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरे मामले का खुलासा करने वाले छापामारी दल का नेतृत्व SDPO रोहित रंजन सिंह ने किया। इस टीम में रंका अंचल निरीक्षक, चिनिया थाना प्रभारी सह अनुसंधानकर्ता बिकू कुमार रजक, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओमप्रकाश और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
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    गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के ग्राम पाल्हे स्थित पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला व्यक्ति का शव हत्या का मामला निकला है। रंका के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को दोपहर दो बजे अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस जांच में चौंकाने वाला सच सामने आने के बाद मृतक की पत्नी और उसके सगे भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

मामले के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को पाल्हे निवासी करीब 50 वर्षीय गोला कोरवा (पिता स्वर्गीय रामवृक्ष कोरवा) का शव पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटका मिला था, जिसके गले में गमछा बंधा हुआ था। संदिग्ध हालत में शव मिलने पर मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव को लटकाने की आशंका जताई थी। इसके बाद मृतक के पुत्र अजय कोरवा के लिखित आवेदन पर चिनिया थाना कांड संख्या 26/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238 और 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

अनुसंधान के दौरान पुलिस ने मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें उसने कबूल किया कि उसका अपने भाई की पत्नी सकलपतिया देवी के साथ अवैध संबंध था। घटना के दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद भेद खुलने के डर से दोनों ने मिलकर गोला की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने व पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को गमछे के सहारे पेड़ से लटका कर आत्महत्या का रूप दे दिया। पुलिस ने आरोपी पत्नी सकलपतिया देवी को भी गिरफ्तार कर लिया है और दोनों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस पूरे मामले का खुलासा करने वाले छापामारी दल का नेतृत्व SDPO रोहित रंजन सिंह ने किया। इस टीम में रंका अंचल निरीक्षक, चिनिया थाना प्रभारी सह अनुसंधानकर्ता बिकू कुमार रजक, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओमप्रकाश और थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य पहलुओं की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • पलामू के विश्रामपुर पत्रकार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने छतरपुर थाना पहुंचकर वहां के थाना प्रभारी सौरभ चौबे से शिष्टाचार मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान पत्रकारों ने थाना प्रभारी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, पत्रकारों ने सौरभ चौबे के सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए क्षेत्र की बेहतर पुलिस व्यवस्था की भी प्रशंसा की।
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    पलामू के विश्रामपुर पत्रकार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने छतरपुर थाना पहुंचकर वहां के थाना प्रभारी सौरभ चौबे से शिष्टाचार मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान पत्रकारों ने थाना प्रभारी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, पत्रकारों ने सौरभ चौबे के सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए क्षेत्र की बेहतर पुलिस व्यवस्था की भी प्रशंसा की।
    user_पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
    विश्रामपुर, पलामू, झारखंड•
    18 hrs ago
  • गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव के पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटके मिले 50 वर्षीय गोला कोरवा के शव का मामला आखिरकार हत्या का निकला। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी और उसके छोटे भाई नारायण कोरवा को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को चिनिया थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस सनसनीखेज मामले की पूरी जानकारी साझा की। डीएसपी ने बताया कि 11 जुलाई को पाल्हे गांव के जंगल में गोला कोरवा का शव गमछे के सहारे पेड़ से लटका हुआ मिला था। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताते हुए आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने चिनिया थाना कांड संख्या 26/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 238(3)(5) के तहत जांच शुरू की। पुलिस ने जब मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसके अपनी भाभी सकलपतीया देवी के साथ अवैध संबंध थे। घटना वाले दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों देख लिया था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को गमछे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की ताकि किसी को शक न हो। पूछताछ के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाते हुए बेहद कम समय में इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में चिनिया थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक, अंचल निरीक्षक रंका, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओम प्रकाश कुमार, अनुसंधानकर्ता एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के पाल्हे गांव के पत्थरपनिया जंगल में पेड़ से लटके मिले 50 वर्षीय गोला कोरवा के शव का मामला आखिरकार हत्या का निकला। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी और उसके छोटे भाई नारायण कोरवा को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी रोहित रंजन सिंह ने सोमवार को चिनिया थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस सनसनीखेज मामले की पूरी जानकारी साझा की।

डीएसपी ने बताया कि 11 जुलाई को पाल्हे गांव के जंगल में गोला कोरवा का शव गमछे के सहारे पेड़ से लटका हुआ मिला था। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताते हुए आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने चिनिया थाना कांड संख्या 26/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) एवं 238(3)(5) के तहत जांच शुरू की। पुलिस ने जब मृतक के भाई नारायण कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने कबूल किया कि उसके अपनी भाभी सकलपतीया देवी के साथ अवैध संबंध थे। घटना वाले दिन गोला कोरवा ने दोनों को जंगल में आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों देख लिया था, जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को गमछे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की ताकि किसी को शक न हो।

पूछताछ के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी सकलपतीया देवी को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाते हुए बेहद कम समय में इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में चिनिया थाना प्रभारी बीकू कुमार रजक, अंचल निरीक्षक रंका, एएसआई सुखराम उरांव, एएसआई ओम प्रकाश कुमार, अनुसंधानकर्ता एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • लातेहार के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों बिजली उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 महीने के भीतर ही उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने पूर्व में इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिलों में सुधार करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया और बिल की राशि लगातार बढ़ती ही चली गई। विभाग की इस ढुलमुल कार्यशैली के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला पंचायत के 50 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज और आक्रोशित उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के रवैये के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से इस पूरे मामले की अविलंब जांच करने तथा गलत बिलों में तुरंत सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने काटे गए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की कड़ी मांग की है।
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    लातेहार के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरीकला एवं खुरा पंचायत के दर्जनों बिजली उपभोक्ता इन दिनों स्मार्ट मीटर के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के महज 5 से 6 महीने के भीतर ही उन्हें हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेज दिए गए हैं। उपभोक्ताओं ने पूर्व में इस संबंध में बिजली विभाग को आवेदन देकर बिलों में सुधार करने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया और बिल की राशि लगातार बढ़ती ही चली गई।

विभाग की इस ढुलमुल कार्यशैली के बीच, बिना किसी पूर्व सूचना के पोखरीकला पंचायत के 50 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस एकतरफा कार्रवाई से नाराज और आक्रोशित उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने प्रखंड मुख्यालय पहुंचे और विभाग के रवैये के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता से इस पूरे मामले की अविलंब जांच करने तथा गलत बिलों में तुरंत सुधार करने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने काटे गए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की कड़ी मांग की है।
    user_Gulam asgar
    Gulam asgar
    Electronic Store बरवाडीह, लातेहार, झारखंड•
    19 hrs ago
  • भोलेनाथ की नगरी बनारस की प्रसिद्ध मटका चाय का स्वाद लेने के लिए लोग काफी दूर-दूर से आते हैं। बनारस जाने के अवसर पर यहां के स्थानीय लोगों से इस खास मटका चाय के बारे में जानकारी हासिल की गई है। इसके साथ ही, जिन लोगों ने इस चाय का स्वाद चखा है, उनसे भी बातचीत कर उनके अनुभव साझा किए गए हैं। आप भी बनारस की इस प्रसिद्ध मटका चाय की खासियत को देखें और इसका आनंद लें।
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    भोलेनाथ की नगरी बनारस की प्रसिद्ध मटका चाय का स्वाद लेने के लिए लोग काफी दूर-दूर से आते हैं। बनारस जाने के अवसर पर यहां के स्थानीय लोगों से इस खास मटका चाय के बारे में जानकारी हासिल की गई है। इसके साथ ही, जिन लोगों ने इस चाय का स्वाद चखा है, उनसे भी बातचीत कर उनके अनुभव साझा किए गए हैं। आप भी बनारस की इस प्रसिद्ध मटका चाय की खासियत को देखें और इसका आनंद लें।
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    18 min ago
  • बिहार में गंगा नदी पर औंटा (मोकामा) और सिमरिया (बेगूसराय) के बीच ₹1870 करोड़ की लागत से सबसे बड़ा पुल बनाया गया है। इस 8.15 किलोमीटर लंबे हाईवे प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 3 साल का समय लगा है, जिसमें 1.86 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल भी शामिल है। इस पुल के समानांतर ही राजेंद्र सेतु (हाथीदह) नाम का पुराना पुल मौजूद है, जिसे देश का पहला 'डबल-डेकर' पुल कहा जाता है, जिसके निचले हिस्से में रेलगाड़ी और ऊपरी हिस्से पर सड़क मार्ग है। इस पुराने राजेंद्र सेतु का उद्घाटन साल 1959 में हुआ था और इसकी निर्माण लागत लगभग ₹18 करोड़ थी। इस नए पुल के उद्घाटन के कुछ ही समय बाद इसके कुछ हिस्सों में दरारें आने और धंसने जैसी गंभीर तकनीकी समस्याएं देखी गई हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य में बुनियादी ढांचे के ढहने की घटनाओं के कारण ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर काफी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इसे बिहार में बना 18070 करोड़ रुपये का एशिया का सबसे बड़ा डबल डेकर ब्रिज भी बताया जा रहा है।
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    बिहार में गंगा नदी पर औंटा (मोकामा) और सिमरिया (बेगूसराय) के बीच ₹1870 करोड़ की लागत से सबसे बड़ा पुल बनाया गया है। इस 8.15 किलोमीटर लंबे हाईवे प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 3 साल का समय लगा है, जिसमें 1.86 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल भी शामिल है। इस पुल के समानांतर ही राजेंद्र सेतु (हाथीदह) नाम का पुराना पुल मौजूद है, जिसे देश का पहला 'डबल-डेकर' पुल कहा जाता है, जिसके निचले हिस्से में रेलगाड़ी और ऊपरी हिस्से पर सड़क मार्ग है। इस पुराने राजेंद्र सेतु का उद्घाटन साल 1959 में हुआ था और इसकी निर्माण लागत लगभग ₹18 करोड़ थी।

इस नए पुल के उद्घाटन के कुछ ही समय बाद इसके कुछ हिस्सों में दरारें आने और धंसने जैसी गंभीर तकनीकी समस्याएं देखी गई हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राज्य में बुनियादी ढांचे के ढहने की घटनाओं के कारण ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर काफी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, इसे बिहार में बना 18070 करोड़ रुपये का एशिया का सबसे बड़ा डबल डेकर ब्रिज भी बताया जा रहा है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • बिहार के समस्तीपुर में शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों और महिलाओं ने मौत के मुंह से निकलकर जिंदगी की जंग जीत ली है। 15 मई 2026 को हुई इस चमत्कारिक घटना में, एक तेज रफ्तार मालगाड़ी को अचानक सामने आता देख महिलाओं ने सूझबूझ दिखाई और बच्चों को प्लेटफॉर्म के नीचे बने खाली हिस्से में सुरक्षित लिटाकर अपनी और बच्चों की जान बचाई। यह परिवार रोसड़ा लौट रहा था। स्टेशन के दूसरी तरफ ऑटो से उतरने के बाद, वे पटरी पार करके प्लेटफॉर्म पर चढ़ रहे थे कि तभी अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रैक से हटने का कोई रास्ता न पाकर, महिलाओं ने घबराने के बजाय बच्चों को अपने सीने से चिपका लिया और प्लेटफॉर्म व पटरियों के बीच की संकरी जगह (गैप) में लेट गईं। इस खतरनाक स्थिति में मालगाड़ी के 10 से अधिक डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए। ट्रेन जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस जांबाज प्रयास में बच्चों को बचाने वाली मां सविता देवी सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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    बिहार के समस्तीपुर में शाहपुर पटोरी रेलवे स्टेशन पर अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों और महिलाओं ने मौत के मुंह से निकलकर जिंदगी की जंग जीत ली है। 15 मई 2026 को हुई इस चमत्कारिक घटना में, एक तेज रफ्तार मालगाड़ी को अचानक सामने आता देख महिलाओं ने सूझबूझ दिखाई और बच्चों को प्लेटफॉर्म के नीचे बने खाली हिस्से में सुरक्षित लिटाकर अपनी और बच्चों की जान बचाई।

यह परिवार रोसड़ा लौट रहा था। स्टेशन के दूसरी तरफ ऑटो से उतरने के बाद, वे पटरी पार करके प्लेटफॉर्म पर चढ़ रहे थे कि तभी अचानक तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रैक से हटने का कोई रास्ता न पाकर, महिलाओं ने घबराने के बजाय बच्चों को अपने सीने से चिपका लिया और प्लेटफॉर्म व पटरियों के बीच की संकरी जगह (गैप) में लेट गईं।

इस खतरनाक स्थिति में मालगाड़ी के 10 से अधिक डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए। ट्रेन जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस जांबाज प्रयास में बच्चों को बचाने वाली मां सविता देवी सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    21 hrs ago
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