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चंपारण ज़िले के दो भाइयों ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने प्रतिष्ठित TATA कंपनी में अपनी नौकरी छोड़कर, अब खेती को अपना मुख्य पेशा बना लिया है।

1 hr ago
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Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
1 hr ago

चंपारण ज़िले के दो भाइयों ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने प्रतिष्ठित TATA कंपनी में अपनी नौकरी छोड़कर, अब खेती को अपना मुख्य पेशा बना लिया है।

More news from बिहार and nearby areas
  • ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम कृपाल यादव ने तेजस्वी यादव के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तेजस्वी यादव के 'राज्य' में अपराधी 'सम्राट' की तरह थे, जिसका अर्थ है कि उस दौरान अपराधियों का बोलबाला था। यह बयान बिहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के संदर्भ में आया है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम कृपाल यादव ने तेजस्वी यादव के शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि तेजस्वी यादव के 'राज्य' में अपराधी 'सम्राट' की तरह थे, जिसका अर्थ है कि उस दौरान अपराधियों का बोलबाला था। यह बयान बिहार से जुड़ी ताज़ा ख़बरों के संदर्भ में आया है।
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    42 min ago
  • चंपारण ज़िले के दो भाइयों ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने प्रतिष्ठित TATA कंपनी में अपनी नौकरी छोड़कर, अब खेती को अपना मुख्य पेशा बना लिया है।
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    चंपारण ज़िले के दो भाइयों ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। उन्होंने प्रतिष्ठित TATA कंपनी में अपनी नौकरी छोड़कर, अब खेती को अपना मुख्य पेशा बना लिया है।
    user_Talk On Chair
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    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी। जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है। मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया। जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
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    पूर्वी चंपारण में मालाकार भरत भगत ने एक यीशु प्रचारक को लोगों के बीच एक संदेश पत्र बांटते हुए देखा और उनसे सीधी बहस की। प्रचारक जन-जन को प्रभु यीशु के वचन सुनाकर जगा रहे थे, और बड़ी अभिलाषा से यह संदेश पत्र मालाकार भरत भगत को भी आदर सहित दिया, जिसमें प्रभु का गुणगान था और भक्ति करने की गुहार लगाई गई थी।

जब मालाकार भरत भगत ने उस संदेश पत्र को पढ़ा, तो उसमें गरुड़ पुराण धर्म कांड परेत खंड 38:13 का हवाला देते हुए लिखा था कि "परवरदिगार परमेश्वर ईश्वर ना लकड़ी में होते हैं, ना पत्थर में होते हैं, और ना ही मिट्टी की बनी मूर्ति में पाए जाते हैं।" इस पर मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनका शरीर किस चीज़ से बना है, तो प्रचारक ने उत्तर दिया कि उनका पाँच तत्वों से बना शरीर मिट्टी का बना है। मालाकार भरत भगत ने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म के आध्यात्मिक ग्रंथ गरुड़ पुराण के 38:13 में संदेश पत्र में दर्शाई गई बातों से बिल्कुल अलग विवरण है। उनके अनुसार, गरुड़ पुराण के धर्म कांड या प्रेत कांड में मृत्यु के बाद की अवस्था, आत्मा की यात्रा और श्राद्ध कर्म का विस्तृत वर्णन है, और यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद पर आधारित है।

मालाकार भरत भगत ने प्रचारक से पूछा कि उनके संदेश पत्र में ऐसी "भ्रामक संदेश" क्यों लिखा है और वे लोगों को गुमराह करके क्या हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने प्रचारक से सोचने को कहा कि अगर लकड़ी में प्राण नहीं होते तो उसमें फूल कैसे खिलते हैं, और अगर मिट्टी की मूर्ति में ईश्वर का वास नहीं होता तो मनुष्यों के मुख से निकलने वाली आवाज़ कौन कहलाती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस वंश से प्रचारक आते हैं, उसी लकड़ी पर खिले फूलों को उन्होंने अपनी जीविका का साधन क्यों बनाया है। मालाकार भरत भगत ने बताया कि उनका अपना वंश, यानी मालाकार भरत भगत का वंश, बगिया में लगे पेड़ों के फूलों से अपनी आजीविका चलाता है, और इसलिए उन्होंने प्रचारक से ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने के पीछे का असली मकसद स्पष्ट करने का आग्रह किया।

जब प्रचारक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके, तो वहाँ उपस्थित लोगों ने अपने बुजुर्गों की बातों और सनातन धर्म के ग्रंथों का हवाला देते हुए कहा कि "हमारा सनातन धर्म का एक ही है पुकार, बिना हरि कृपा तृण नहीं डोले।" उन्होंने तर्क दिया कि मानव तन हो या किसी भी जीव-जंतु का तन, सभी पाँच तत्वों से बने मिट्टी के पुतले या मूर्ति के समान हैं और सभी में ईश्वर का वास है। उन्होंने प्रचारक महोदय से आग्रह किया कि वे जन-जन के बीच बांटे जाने वाले संदेश पत्र पर पुनर्विचार करें और उसमें सुधार करें, क्योंकि मनुष्य लिखे हुए को जीने का आधार और कानूनी आधार बना लेता है। मालाकार भरत भगत ने चेतावनी दी कि यदि यह संदेश विद्वानों के बीच मिथ्या सिद्ध हुआ, तो लोगों के मन में प्रचारक और प्रभु यीशु के प्रति घृणा, अविश्वास और धक्का उत्पन्न होगा। उन्होंने प्रचारक पर आरोप लगाया कि वे ईसाई कुल में उत्पन्न नहीं हुए हैं और उनके धर्म पर उनका अधिकार नहीं है, बल्कि अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके शरण में गए हैं। उनके अनुसार, यह प्रचार प्रसार केवल जीवन जीने का साधन है, जिसका उपयोग ईसाई समुदाय अपनी संख्या बढ़ाने के लिए कर रहा है। मालाकार भरत भगत ने अंत में प्रचारक से अनुरोध किया कि वे मानव जीवन के रहस्य को समझें और मानवता के धर्म का पालन करें, क्योंकि जिस माता-पिता से जन्म मिलता है, वही उस मानव जीवन का धर्म बन जाता है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • पकड़ीदयाल नगर पंचायत क्षेत्र में जाम और अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे प्रमुख मार्गों पर अव्यवस्थित यातायात के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। नेहरू चौक से ढाका रोड तक, नालियों के ऊपर बने फेबर ब्लॉक पर अस्थायी दुकानें, फल की दुकानें, प्रचार बोर्ड और फ्लेक्स लगाए जाने से सड़क संकरी हो गई है, जिसके कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम लगता है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने बताया कि फेबर ब्लॉक का निर्माण पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अतिक्रमण के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है और उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसी तरह, मधुबन रोड पर नालियों का पानी सड़क पर बहने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, जबकि मोतिहारी रोड और लक्ष्मी रोड में भी अतिक्रमण और सड़क किनारे की दुकानों के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। शेखपुरवा रोड पर भी अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। नगर के विभिन्न इलाकों में बढ़ती जाम और अतिक्रमण की समस्या अब लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी है, और अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस दिशा में कब तक कार्रवाई करता है और नगरवासियों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।
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    पकड़ीदयाल नगर पंचायत क्षेत्र में जाम और अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, जिससे प्रमुख मार्गों पर अव्यवस्थित यातायात के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति पर वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।

नेहरू चौक से ढाका रोड तक, नालियों के ऊपर बने फेबर ब्लॉक पर अस्थायी दुकानें, फल की दुकानें, प्रचार बोर्ड और फ्लेक्स लगाए जाने से सड़क संकरी हो गई है, जिसके कारण इस मार्ग पर आए दिन जाम लगता है और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वार्ड संख्या 05 के पार्षद ने बताया कि फेबर ब्लॉक का निर्माण पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन अतिक्रमण के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है और उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। इसी तरह, मधुबन रोड पर नालियों का पानी सड़क पर बहने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, जबकि मोतिहारी रोड और लक्ष्मी रोड में भी अतिक्रमण और सड़क किनारे की दुकानों के कारण जाम की समस्या लगातार बढ़ रही है। शेखपुरवा रोड पर भी अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है। नगर के विभिन्न इलाकों में बढ़ती जाम और अतिक्रमण की समस्या अब लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी बन चुकी है, और अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस दिशा में कब तक कार्रवाई करता है और नगरवासियों को इस समस्या से राहत मिल पाती है या नहीं।
    user_Khabar Of Point
    Khabar Of Point
    प्रेस रिर्पोटर पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सरकारी निर्देशों पर पहुंचे बुलडोजर ने कथित अतिक्रमित भूमि पर बने कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार में हाल के महीनों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों के बीच की गई है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमीन संबंधी आपसी विवाद के बाद लगभग चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने आज यह कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, और बुलडोजर चलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रभावित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं, वहीं प्रशासन ने यह बताया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है। फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
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    पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास गांव में रविवार को अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सरकारी निर्देशों पर पहुंचे बुलडोजर ने कथित अतिक्रमित भूमि पर बने कई मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई बिहार में हाल के महीनों में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियानों के बीच की गई है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जमीन संबंधी आपसी विवाद के बाद लगभग चार महीने पहले अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को एक आवेदन दिया गया था। इस आवेदन पर जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन ने आज यह कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया।

कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, और बुलडोजर चलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रभावित लोगों ने अपनी-अपनी बातें रखीं, वहीं प्रशासन ने यह बताया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है।

फिलहाल, गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन ने आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    14 hrs ago
  • रविवार को छपरा बहास बाजार में सुगौली-छपरा बहास बाईपास रोड पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटा दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के पालन में की गई। इस दौरान, सीओ, थानाध्यक्ष और पुलिस बल के जवानों ने मिलकर जेसीबी की सहायता से चार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई जगह को खाली कराया।
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    रविवार को छपरा बहास बाजार में सुगौली-छपरा बहास बाईपास रोड पर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने हटा दिया। यह कार्रवाई न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के पालन में की गई। इस दौरान, सीओ, थानाध्यक्ष और पुलिस बल के जवानों ने मिलकर जेसीबी की सहायता से चार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई जगह को खाली कराया।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    15 hrs ago
  • माधोपुर पंचायत में स्थित लोहिया पुल ध्वस्त होने की कगार पर पहुँच गया है, जो राहगीरों और ग्रामीणों के लिए एक बड़े खतरे को दावत दे रहा है। यह पुल माधोपुर और रुलही पंचायतों के साथ-साथ पूर्वी चंपारण के सुगौली और हरसिद्धि को भी जोड़ता है, और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर व दयनीय है। लगभग 23 वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद रघुनाथ झा और विधायक बीरबल यादव के प्रयासों से करीब 40 लाख रुपये की लागत से बना यह पुल अब इतना खराब हो चुका है कि इस पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। छोटे-बड़े वाहन जान जोखिम में डालकर ही इससे गुजरते हैं, जबकि भारी और बड़े वाहनों का परिचालन तो पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन, सांसद और विधायकों पर वादाखिलाफी और उदासीनता का आरोप लगाते हुए बताया है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और जीतने के बाद विकास के सारे वादे खोखले साबित होते हैं। मुखिया प्रत्याशी जितेंद्र चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि शशि भूषण प्रसाद, राजद प्रखंड अध्यक्ष रहमान मियां, ओम प्रकाश चौधरी और रामभरोस ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने विभाग की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी को पुल की जर्जर स्थिति का मुख्य कारण बताया। ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद और विधायक का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल पुल के मरम्मत या नए निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लोहिया पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
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    माधोपुर पंचायत में स्थित लोहिया पुल ध्वस्त होने की कगार पर पहुँच गया है, जो राहगीरों और ग्रामीणों के लिए एक बड़े खतरे को दावत दे रहा है। यह पुल माधोपुर और रुलही पंचायतों के साथ-साथ पूर्वी चंपारण के सुगौली और हरसिद्धि को भी जोड़ता है, और वर्तमान में इसकी स्थिति अत्यंत जर्जर व दयनीय है।

लगभग 23 वर्ष पूर्व तत्कालीन सांसद रघुनाथ झा और विधायक बीरबल यादव के प्रयासों से करीब 40 लाख रुपये की लागत से बना यह पुल अब इतना खराब हो चुका है कि इस पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं है। छोटे-बड़े वाहन जान जोखिम में डालकर ही इससे गुजरते हैं, जबकि भारी और बड़े वाहनों का परिचालन तो पूरी तरह ठप हो गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन, सांसद और विधायकों पर वादाखिलाफी और उदासीनता का आरोप लगाते हुए बताया है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और जीतने के बाद विकास के सारे वादे खोखले साबित होते हैं। मुखिया प्रत्याशी जितेंद्र चौधरी, सरपंच प्रतिनिधि शशि भूषण प्रसाद, राजद प्रखंड अध्यक्ष रहमान मियां, ओम प्रकाश चौधरी और रामभरोस ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने इस स्थिति पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने विभाग की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी को पुल की जर्जर स्थिति का मुख्य कारण बताया।

ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद और विधायक का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल पुल के मरम्मत या नए निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लोहिया पुल कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • कल्याणपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके जनसुराज पार्टी के एक नेता ने स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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    कल्याणपुर विधानसभा से चुनाव लड़ चुके जनसुराज पार्टी के एक नेता ने स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
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