Shuru
Apke Nagar Ki App…
पीएम उदय योजना के अंतर्गत, दिल्ली में 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा रहा है। इस पहल से 45 लाख से अधिक दिल्लीवासियों को अपने घर के पक्के कागजात और मालिकाना हक प्राप्त होगा, जिससे उनका वर्षों पुराना इंतजार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही, इन कॉलोनियों में सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।
पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
पीएम उदय योजना के अंतर्गत, दिल्ली में 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा रहा है। इस पहल से 45 लाख से अधिक दिल्लीवासियों को अपने घर के पक्के कागजात और मालिकाना हक प्राप्त होगा, जिससे उनका वर्षों पुराना इंतजार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही, इन कॉलोनियों में सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।
More news from Gurugram and nearby areas
- यह सवाल उठाया गया है कि इन झुग्गियों में लगे मीटरों का आखिरकार कौन जिम्मेदार है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह पूरा मामला सिर्फ मीटरों से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका असली मुद्दा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का है।1
- पीएम उदय योजना के अंतर्गत, दिल्ली में 1,511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जा रहा है। इस पहल से 45 लाख से अधिक दिल्लीवासियों को अपने घर के पक्के कागजात और मालिकाना हक प्राप्त होगा, जिससे उनका वर्षों पुराना इंतजार समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही, इन कॉलोनियों में सड़क, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का कार्य जारी है।1
- एक पोस्ट के माध्यम से, बहुत कम समय में तेज़ी से बढ़ रहे अपने फेसबुक परिवार के प्रति हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया गया है। यह आभार उस तेजी से बढ़ते समुदाय के लिए है।1
- प्रधानमंत्री मोदीजी को देश के सबसे लंबे कार्यकाल को पूरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री के रूप में घोषित किया गया है। कैबिनेट ने इस उपलब्धि के संबंध में एक रिज़ोल्यूशन भी पास किया है। इसी क्रम में, मिनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। इस विषय पर, दिग्विजय सिंह ने एकजुट होकर मिनाक्षी के साथ खड़े रहने की बात कही है, जबकि सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष करते हुए टिप्पणी की है कि कांग्रेस की राजनीति ही नटराजन को ले डूबी। ये सभी घटनाक्रम 'राजपथ न्यूज़' पर भारत की छ बड़ी खबरों का हिस्सा थे।1
- INDIA गठबंधन की एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें विपक्षी एकता, कांग्रेस की भूमिका और आगामी राजनीतिक रणनीति पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक को देश की राजनीति के लिए एक बड़ा सियासी संदेश माना जा रहा है। चर्चा के दौरान, कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए और सभी ने एक साझा रणनीति बनाने पर विशेष ज़ोर दिया। यह बैठक आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है। बैठक के बाद यह सवाल भी सामने आया है कि इस मंथन से कांग्रेस को क्या संकेत मिला है और इसका देश की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।1
- राजकुमार चौहान को एक ऐसे जननेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो केवल वादे नहीं करते, बल्कि अपने कहे को कार्यरूप देकर दिखाते हैं। उनके बारे में यह बताया गया है कि उनकी पहचान केवल बातों से नहीं, बल्कि उनके द्वारा किए गए काम से बनती है। वे जनता का विश्वास केवल शब्दों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से जीतते हैं, जो विकास, जनसेवा और प्रतिबद्धता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।1
- तलाक के एक हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामला एक महिला से जुड़ा है जिसने अपनी दूसरी शादी टूटने पर कथित तौर पर ₹12 करोड़, एक BMW कार और अन्य सुविधाओं की मांग की थी। गौरतलब है कि महिला को अपनी पहली शादी के तलाक में भी ₹20 लाख रुपये मिले थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त नकद राशि और लग्जरी कार की महिला की मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने अपने फैसले में यह तर्क दिया कि महिला शिक्षित है, आईटी सेक्टर में काम कर चुकी है, और वह आत्मनिर्भर बनने में पूरी तरह सक्षम है। हालांकि, अंतिम समझौते के तहत पति को मुंबई स्थित लगभग ₹4 करोड़ मूल्य का एक फ्लैट महिला के नाम करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, अदालत ने इस शादी को समाप्त करने का भी आदेश दिया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर गुजारा भत्ता, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और देश के तलाक कानूनों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इस फैसले को एक संतुलित निर्णय बता रहे हैं, तो वहीं कई अन्य लोग मौजूदा कानूनों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।1
- दिल्ली के द्वारका पालम क्षेत्र में नगर निगम (MCD) ने एक बड़ा अभियान चलाया है। यह कार्रवाई फुटपाथों और नालों पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाई गई झुग्गियों के खिलाफ की गई है।1