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उज्जैन के महाकाल
Ramesh Chand Lodha
उज्जैन के महाकाल
- Nayak Nayak gPachpahar, Jhalawar👏7 hrs ago
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- उज्जैन के महाकाल1
- भव्य झांकियों के साथ निकली शिवबारात, गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे; वरमाला के बाद हुआ शिव-पार्वती विवाह,मनोहरथाना मार्ग स्थित बूढ़े महादेव से शुरू हुई बारात, गुफा मंदिर परिसर में हुआ भव्य स्वागत, विशाल भंडारे का आयोजन सोमवार को छीपाबड़ौद - हरनावदाशाहजी में महाशिवरात्रि पर्व महोत्सव के तहत रविवार दोपहर बाद मनोहरथाना मार्ग स्थित बूढ़े महादेव मंदिर से भव्य शिवबारात निकाली गई। आकर्षक झांकियों, ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ निकली बारात में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवान शिव की सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शिवबारात कस्बे के प्रमुख मार्गों से होती हुई देर शाम विवेकानंद सर्किल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। इसके बाद बारात छीपाबड़ौद मार्ग स्थित शिवालय गुफा मंदिर परिसर पहुंची, जहां आयोजन समिति एवं श्रद्धालुओं द्वारा जोर-शोर से बारात का भव्य स्वागत किया गया। बारात में युवक और महिलाएं भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। पूरे कस्बे में शिवभक्ति का उत्साह और उल्लास दिखाई दिया। वरमाला के बाद शिव पार्वती विवाह सम्पन्न शिवालय गुफा मंदिर परिसर में बारात पहुंचने के बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों और वरमाला के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह समारोह आयोजित किया गया। विवाह कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। विवाह के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महोत्सव के तहत हुआ भव्य आयोजन, सोमवार को होगा विशाल भंडारा महाशिवरात्रि महोत्सव के तहत इससे पूर्व महिलाओं की मंगल कलश यात्रा, हल्दी मेहंदी तथा माता पूजन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। महोत्सव के समापन अवसर पर सोमवार को समस्त ग्रामीणों के सहयोग से 9वें विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सर्व समाज के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कस्बे समेत निकटवर्ती क्षेत्र के भक्त भी भंडारे मे भाग लेते है। पूरा कस्बा महाशिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर शिवमय वातावरण में डूबा हुआ है और धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश दे रहा है।4
- At Gordhanpura chhipabarod Hanuman Mandir.night jagran.1
- हरनावदाशाहजी. कस्बे में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में चल रहे पांच दिवसीय महोत्सव में शनिवार को निकली मंगल कलश यात्रा (बासन) में महिला श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। चुनरी में सजधज कर सिर पर मंगल कलश धारण किए बड़ी संख्या में महिलाओं ने भगवान के बासन निकाले। गाजे बाजे के साथ गुफा मंदिर से शुरू हुआ जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर निकला बाद में वापस गुफा पर ही समापन हुआ। इधर रविवार को महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाएगी। इस दौरान भगवान शंकर व पार्वती के विवाहोपलक्ष्य में शिवबारात निकलेगी। गाजे बाजे से शिवबारात बूढा महादेव से शुरू होगी जिसमें आकर्षक झांकियां भी रहेगी। बाराती बने भोले के चेले विभिन्न स्वांग आकर्षण होंगे।शाम को बारात का गुफा मंदिर पंहुचने पर भव्य स्वागत एवं विवाह संस्कार आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर समूचा मंदिर परिसर पुष्प एवं विद्युत सज्जा से सजाया गया।4
- kahaniya1
- जिला गुना के कुंभराज क्षेत्र में बढ़ी ही धूम धाम से शिव जी बारात निकली गई.....3
- झरनेश्वर महादेव मंदिर पर भव्य मेले का हुआ आयोजन। रायपुर क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व पर झरनेश्वर महादेव के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव, माता पार्वती का जलाभिषेक किया। सभी शिवालयों में अलसुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। श्रद्धालु बेलपत्र, फूल, शहद, दूध, दही, फल व जल लेकर मंदिर पहुंचे और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। महिलाएं और बच्चों में अधिक उत्साह देखने को मिला और शिवालयों में दोपहर तक भीड़ बनी रही। झरनेश्वर के ऐतिहासिक शिव मंदिर, प्राचीन श्री शिव मंदिर पर सोयला, परासली, सोयली,झरनेश्वर, राजपुरा गांवों में शिवालयों में भक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। साथ ही भक्त शिवजी के जयकारे और महिलाओं के द्वारा भजन कीर्तन करते रहे और मंदिरों में भी भजन गायन हुआ। ग्रामीण मुकेश मेहर ने बताया है कि मेले में ठंडे पानी के लिए मटकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही साथ ही मेले में विशेषकर बच्चों ने खिलौने व अन्य सामान की जमकर खरीदारी की।2
- भगवान शिव का अभिषेक कर मनाई महाशिवरात्रि छीपाबड़ौद - बारां फ्रेंड्स महिला क्लब के संस्थापिका ( अध्यक्ष) सपना गोयल ने बताया महाशिवरात्रि पर सभी महिलाओं में मिलकर अभिषेक किया और भजन कीर्तन कर मनाई महाशिवरात्रि एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है। यह त्योहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती का मिलन हुआ था महाशिवरात्रि के दिन समुद्र मंथन से निकले हुए विष को भगवान शिव ने पी लिया था, जिससे संसार की रक्षा हुई महाशिवरात्रि के दिन लोग जागकर भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।2