शिवपुरी जिले में आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील की है। कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जनवरी से मई 2026 तक के लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने की मांग की है, साथ ही भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें निर्धारित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में कुल 6 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान, एरियर भुगतान, अतिरिक्त वेतन वृद्धि, सेवा संबंधी सुविधाएं प्रदान करना और आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेंगी। इस आंदोलन के तहत पहले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और फिर "कलम बंद, काम बंद" हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, और उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शिवपुरी जिले में आशा, ऊषा और आशा सुपरवाइजर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की अपील की है। कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जनवरी से मई 2026 तक के लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने की मांग की है, साथ ही भविष्य में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से उन्हें निर्धारित मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में कुल 6 प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें लंबित मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान, एरियर भुगतान, अतिरिक्त वेतन वृद्धि, सेवा संबंधी सुविधाएं प्रदान करना और आशा कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेंगी। इस आंदोलन के तहत पहले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और फिर "कलम बंद, काम बंद" हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, और उन्होंने सरकार से अपनी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की मगरौनी नगर परिषद एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र कंसाना ने परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि परिषद क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं, जबकि करोड़ों रुपये के बिल लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद जनता को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जिससे मगरौनी नगर परिषद में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। कंसाना के अनुसार, नगर परिषद मगरौनी के कुल 15 वार्डों में कई क्षेत्रों में नियमित रूप से कचरा वाहन नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण बस्तियों में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर परिषद द्वारा प्रतिदिन लगभग 50 लीटर डीजल की पर्ची बनाई जाती है, जिस पर प्रतिमाह करीब 1 लाख 80 हजार रुपये और सालाना लगभग 21 लाख 60 हजार रुपये खर्च दर्शाया जा रहा है। हालांकि, वास्तविकता यह है कि कचरा वाहन कई वार्डों में दिखाई तक नहीं देते, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि इतना बड़ा डीजल का खर्च किस कार्य में किया जा रहा है। विधायक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और परिषद दलालों के माध्यम से संचालित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद में अब तक आठ बार सीएमओ बदले जा चुके हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। सुरेंद्र कंसाना ने परिषद में हुई खरीदी और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिला प्रशासन और शासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर परिषद को जनता के हित में पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए, लेकिन वर्तमान में जनता को केवल परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- भारत सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत मध्य प्रदेश के नरवर और मगरौनी में 550 प्राचीन पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण किया गया है। इस मिशन में हाथ से लिखी गई प्राचीन पुस्तक, ग्रंथ या दस्तावेज़ जैसे ताड़पत्र पर लिखे जैन ग्रंथ, भोजपत्र पर लिखे धार्मिक शास्त्र और कपड़े या कागज पर हाथ से लिखी प्राचीन पुस्तकों को डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश का पुरातत्व विभाग इस मिशन को पूरा करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में भ्रमण कर प्राचीन दस्तावेजों को खोजने, सुरक्षित करने और आमजन को इस संबंध में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नरवर और मगरौनी स्थित जैन मंदिरों में प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा किया गया, जिसमें कुल 550 दुर्लभ पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में अपलोड कर संरक्षित किया गया। नरवर के बड़े जैन मंदिर में विमल जैन और अतुल जैन के सहयोग से 250 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड किया गया। वहीं, मगरौनी स्थित दिगंबर पार्श्वनाथ लोहिया जैन मंदिर में राजेंद्र जैन के सहयोग से 200 पांडुलिपियों और हवेली जैन मंदिर में 100 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया गया। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल और ग्वालियर कार्यालय से आए नूर इश्तियाक (ग्वालियर), डॉ. नवनीत जैन और डॉ. वसीम खान ने इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. नवनीत जैन ने बताया कि पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण से प्राचीन जैन साहित्य, दर्शन, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़ी अमूल्य जानकारियां सुरक्षित रहेंगी और देश-विदेश के शोधकर्ताओं को इन ग्रंथों तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। ज्ञान भारतम् मिशन के इस प्रयास को क्षेत्र के जैन समाज और इतिहास प्रेमियों द्वारा सराहा जा रहा है। इस पहल को आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और संस्कृति की धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- दतिया जिले की गोंदन थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत एक फरार वसूली वारंटी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के अंतर्गत की गई है। जानकारी के अनुसार, सिविल न्यायालय भाण्डेर ने भरण-पोषण से जुड़े एक मामले में आरोपी दीपक वंशकार के खिलाफ वसूली और गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। दीपक वंशकार ग्राम सेमाह, थाना भाण्डेर का निवासी है। उस पर न्यायालय के आदेशानुसार ₹36 हजार की भरण-पोषण राशि का भुगतान न करने का आरोप था, और वह लगातार न्यायालय में भी उपस्थित नहीं हो रहा था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे के मार्गदर्शन और एसडीओपी पूनमचंद्र यादव के नेतृत्व में गोंदन थाना पुलिस ने आरोपी दीपक वंशकार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे माननीय न्यायालय भाण्डेर के समक्ष पेश किया गया, जहाँ मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।1
- दतिया जिले के ग्राम दुरसड़ा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने नव निर्मित प्रसव केंद्र और पीएनसी (पोस्ट नेटल केयर) यूनिट का फीता काटकर औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान, कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र का गहन निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। निरीक्षण के क्रम में, कलेक्टर ने स्वयं अपना ब्लड शुगर टेस्ट भी करवाकर स्वास्थ्य जांच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नव स्थापित प्रसव केंद्र और पीएनसी यूनिट के शुरू होने से अब क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को अधिक बेहतर एवं सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- खोड़ चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम चंदावनी में धर्मेंद्र परिहार नामक युवक ने एक स्थानीय युवती पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले के बाद युवती की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए सिरसौद अस्पताल भेजा गया है। इस घटना से आक्रोशित युवती के परिजनों ने विरोध स्वरूप सड़क पर जाम लगा दिया। जानकारी के अनुसार, पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और आरोपी धर्मेंद्र परिहार को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, इस घटना का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है।1
- जिला शिवपुरी में सायबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत सायबर सेल टीम द्वारा एनसीसी कैम्प में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सायबर अपराधों की रोकथाम करना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम के दौरान, सायबर सेल टीम ने एनसीसी कैडेट्स को विभिन्न प्रकार के सायबर अपराधों, जैसे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। टीम ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के तरीकों पर भी प्रकाश डाला और कैडेट्स को सायबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपायों को अपनाकर सतर्क रहने की सलाह दी। इस अवसर पर, कैडेट्स द्वारा पूछे गए सायबर सुरक्षा संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए गए। उन्हें यह भी प्रेरित किया गया कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को सायबर अपराधों के प्रति जागरूक कर एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण का निर्माण करना है।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा ने भांडेर विधानसभा क्षेत्र में जिला अध्यक्ष गोविंद भैया परिहार के नेतृत्व में एक व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अभियान के तहत भांडेर मंडल, उन्नाव मंडल और सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाए गए। यह वृक्षारोपण अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक पेड़ मां के नाम" पहल के अंतर्गत संचालित किया गया, जिसके भांडेर विधानसभा प्रभारी गोविंद भैया परिहार रहे। इस कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह, मंडल अध्यक्ष दिनेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष अरविंद दांगी, मंडल महामंत्री बेताब यादव के साथ-साथ सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य, आचार्य और दीदियां भी उपस्थित थीं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इस अवसर पर, सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने वृक्षारोपण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।1
- शिवपुरी जिले की NH-27 स्थित अमोला घाटी पर एक सामान से भरा ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे के बाद ट्रक में लदी सामग्री सड़क पर बिखर गई, जिसके कारण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और सड़क पर फैली सामग्री को हटाने तथा यातायात को सुचारू करने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थानीय लोगों ने अमोला घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भारी वाहनों के संचालन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया है। पुलिस द्वारा इस दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।1