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कानपुर देहात के रुरा थाने में आयोजित थाना समाधान दिवस पर थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। कुल पाँच में से तीन राजस्व और पुलिस संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। उन्होंने बाकी मामलों को तय समय में न्यायपूर्ण तरीके से सुलझाने के निर्देश दिए।
Arvind sharma kanpur dehat
कानपुर देहात के रुरा थाने में आयोजित थाना समाधान दिवस पर थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। कुल पाँच में से तीन राजस्व और पुलिस संबंधित शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। उन्होंने बाकी मामलों को तय समय में न्यायपूर्ण तरीके से सुलझाने के निर्देश दिए।
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- कानपुर जोन की 28वीं अन्तर जनपदीय जोनल पुलिस वॉलीबाल कलस्टर प्रतियोगिता वर्ष-2026 का आयोजन माती रिजर्व पुलिस लाइन ग्राउण्ड में किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न जनपदों की टीमों ने हिस्सा लिया और कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। पुरुष वर्ग की वॉलीबॉल प्रतियोगिता में कानपुर देहात की टीम ने झांसी को हराया, वहीं एक अन्य मुकाबले में कन्नौज ने इटावा को मात दी। महिला वर्ग की वॉलीबॉल प्रतियोगिता में कानपुर देहात ने फतेहगढ़ को शिकस्त दी। कमिश्नरेट कानपुर नगर ने इटावा पर जीत दर्ज की, जिसके बाद उसने कानपुर देहात की टीम को भी पराजित किया। किक वॉलीबॉल प्रतियोगिता में भी कानपुर देहात ने फतेहगढ़ को हराया। कमिश्नरेट कानपुर नगर ने इटावा को हराया, लेकिन कानपुर देहात ने अंततः कमिश्नरेट कानपुर नगर को हराकर इस वर्ग में अपनी जीत सुनिश्चित की।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करना और विभागीय समन्वय के माध्यम से योजना की प्रगति को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि यह योजना शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से मिल सकेगा। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने पंजीकरण, सत्यापन, डेटा अद्यतन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से जांच की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ा जाए और ग्राम पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में, समाज कल्याण विभाग के एडीओ समाज कल्याण मुख्यालय शिव शंकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर उनका वेतन रोक दिया गया। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर पर तैनात सभी एडीओ समाज कल्याण का वेतन भी रोकने के साथ-साथ चेतावनी और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने और योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि अधिकारी फैमिली आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्थानीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं। विशेष रूप से, "एक जिला एक उत्पाद" (ODOP) योजना ने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि आधारित और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है। सरकार द्वारा उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही, कारीगरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्रदान करने तथा उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं। इन पहलों के सुखद परिणाम सामने आए हैं, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों के विशिष्ट उत्पादों की मांग विदेशों में काफी बढ़ी है और उनके निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इस प्रगति से स्थानीय कारीगरों, लघु उद्योगों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय उत्पादों को "लोकल से ग्लोबल" बनाने की दिशा में ये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे। इसका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान और बढ़ाए तथा प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को विश्व स्तर पर निरंतर नई पहचान मिलती रहे।1
- जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। आटा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के सोने के टुकड़े (थपिया) और नकदी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामद सोने का कुल वजन 135 ग्राम है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 21 लाख रुपये बताई गई है, साथ ही 97 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ कालपी राजेश कमल ने किया। घटना के संबंध में, 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने आटा थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी माँ और बड़ी बहू के घर में रखे सोने के टुकड़े चोरी हो गए हैं। इस सूचना के आधार पर, आटा थाने में तत्काल एक मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें थाना आटा पुलिस के जवान, स्वाट और सर्विलांस यूनिट के सदस्य शामिल थे। गठित टीम ने 24 जून को चेकिंग के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में दो व्यक्तियों मिठठू और अंकित द्विवेदी को गिरफ्तार किया। ये दोनों ग्राम आटा के पिपरांया गाँव के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 135 ग्राम सोने के टुकड़े (दो टुकड़े), जिनकी कीमत लगभग 21 लाख रुपये है, और 97 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामदगी के बाद, पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।4
- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।1
- पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कानपुर देहात में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग करने, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान कुल 206 वाहनों का चालान किया गया। जनपदीय पुलिस ने सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1
- घाटमपुर में तैनात एक महिला सिपाही का अपने पति से विवाद हो गया, जिसके बाद उसने गुस्से में चूड़ियां पीसकर खा लीं। उसकी हालत बिगड़ने पर साथी पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यह पूरा मामला घाटमपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, घाटमपुर थाने में कार्यरत महिला सिपाही का नाम प्रियंका चौधरी है, और उसके पति संतोष मेरठ पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात हैं। सोमवार देर शाम संतोष घाटमपुर आए थे, जहाँ पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद संतोष वापस मेरठ लौट गए थे। मंगलवार को प्रियंका चौधरी थाने के CCTNS कक्ष में अपनी ड्यूटी पर थीं, तभी उनका पति से फोन पर फिर से विवाद हो गया। यह फोन पर हुई बातचीत विवाद में बदल गई, और इसी के तुरंत बाद महिला सिपाही प्रियंका ने चूड़ियां पीसकर खा लीं। तबीयत बिगड़ते देख उनके साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहाँ शुरुआती उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें कानपुर के जिला अस्पताल भेज दिया।3