नर्मदापुरम के सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सेहरा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया है। शुक्रवार को आयोजित की गई ग्रामसभा में यह अहम निर्णय लिया गया कि अब गांव के भीतर कोई भी महुआ शराब नहीं बनाएगा और न ही इसे बेचेगा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि गांव में शराब की बिक्री होने से सामाजिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि यदि कोई भी इस प्रस्ताव के नियम को तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में मंगलवार दोपहर 2 बजे ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ग्रामसभा के इस प्रस्ताव की प्रति अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सौंप दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए और गांव में ग्रामसभा के नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
नर्मदापुरम के सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सेहरा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया है। शुक्रवार को आयोजित की गई ग्रामसभा में यह अहम निर्णय लिया गया कि अब गांव के भीतर कोई भी महुआ शराब नहीं बनाएगा और न ही इसे बेचेगा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि गांव में शराब की बिक्री होने से सामाजिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि यदि कोई भी इस प्रस्ताव के नियम को तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में मंगलवार दोपहर 2 बजे ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ग्रामसभा के इस प्रस्ताव की प्रति अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सौंप दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए और गांव में ग्रामसभा के नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित रघुवंशीपुरा वार्ड के निवासी श्री रेवाराम रघुवंशी जी "लड्डू काका" की धर्मपत्नी और मोंटी व बंटी की पूज्यनीय माता जी स्वर्गीय श्रीमती सीताबाई रघुवंशी जी के गंगाजली पूजन और 13वीं के पश्चात रघुवंशी परिवार ने श्रद्धा और सेवा की सनातन परंपरा की अनूठी मिसाल पेश की है। परिवार ने किसी भी तरह की फिजूलखर्ची न करते हुए जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा गरीब लोगों और नर्मदा परिक्रमा वासियों को व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन प्रसादी वितरित कर दिवंगत माताजी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। राम रहीम रोटी बैंक में आयोजित इस पुण्य कार्य में युवा छात्र सागर रघुवंशी, छुट्टु और बडडे ने भी पूरी श्रद्धा के साथ अपने हाथों से भोजन परोसकर सेवा की। भूखे को भोजन कराकर सच्चे पुण्य की प्राप्ति के इस मार्ग को सच्ची विरासत और संस्कार बताया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि पूज्यनीय माताजी की आत्मा को शांति मिले और सेवाभावी रघुवंशी परिवार को इस कार्य का कई गुना पुण्य फल प्राप्त हो।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सेहरा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया है। शुक्रवार को आयोजित की गई ग्रामसभा में यह अहम निर्णय लिया गया कि अब गांव के भीतर कोई भी महुआ शराब नहीं बनाएगा और न ही इसे बेचेगा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि गांव में शराब की बिक्री होने से सामाजिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि यदि कोई भी इस प्रस्ताव के नियम को तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में मंगलवार दोपहर 2 बजे ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ग्रामसभा के इस प्रस्ताव की प्रति अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सौंप दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए और गांव में ग्रामसभा के नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।1
- नर्मदापुरम के पिपरिया में हर बारिश के साथ ही नगर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाती है। दुनिया के कई विकसित देशों में जहां बारिश के पानी को एक संसाधन मानकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के जरिए उसे जमीन के अंदर पहुंचाया जाता है, वहीं पिपरिया में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां नालियों की समय पर सफाई न होने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि नगर में भी वर्षा जल संचयन, वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण पर गंभीरता से काम किया जाए, तो हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस बड़ी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।1
- नर्मदापुरम के पुरानी इटारसी में शुरू होने से पहले ही नई पाइपलाइन बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। नगर पालिका की गंभीर अनदेखी के चलते नियमों को ताक पर रखकर अंधाधुंध कनेक्शन ले लिए गए हैं, जिससे इस नई पाइपलाइन के फटने का खतरा बेहद बढ़ गया है। दूसरी तरफ, वार्ड नंबर 12 में पानी का भारी संकट गहराया हुआ है। इस विकट स्थिति के बीच पूर्व पार्षद रजनीकांत सोनकर ने एक मददगार पहल करते हुए अपने खुद के घर से पानी देकर स्थानीय जनता की प्यास बुझाई है।1
- नर्मदापुरम के पवारखेड़ा कृषि प्रक्षेत्र में जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि लागत कम करने के उद्देश्य से पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के माध्यम से धान रोपाई का प्रदर्शन आयोजित किया गया। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित इस प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ स्वयं कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने खेत में उतरकर पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन चलाकर किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि जिले के अधिक से अधिक किसान इन्हें अपनाकर खेती को लाभकारी बना सकें। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यह पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन एक दिन में लगभग 8 से 10 एकड़ क्षेत्र में धान की रोपाई करने में पूरी तरह सक्षम है, जिससे किसानों का समय, श्रम और लागत तीनों में उल्लेखनीय कमी आएगी और कृषि कार्य अधिक दक्षता व गुणवत्ता के साथ संपन्न होगा।3
- दतिया में आयोजित एक सभा के बाद नरोत्तम मिश्रा का दर्द साफ तौर पर झलका है। इस सभा के समाप्त होने के बाद वे बेहद भावुक हो गए और रूहाँसू नजर आए।1
- रायसेन के सुल्तानपुर में किसानों की मूंग और ई-टोकन के मुद्दे पर सुल्तानपुर युवा कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए मोहन यादव का पुतला दहन किया।1
- मध्य प्रदेश के इटारसी के वार्ड नंबर 12 में विकास के दावों के बीच एक कड़वी और हैरान करने वाली हकीकत सामने आई है, जहाँ पानी की भारी किल्लत के कारण एक लग्जरी फोर-व्हीलर गाड़ी 'पानी का टैंकर' बन गई है और लोग गाड़ियों में पानी की टंकियां ढोने को मजबूर हैं। इस इलाके में पिछले दो महीनों से पानी की मोटर खराब पड़ी है। स्थानीय जनता को रोज़ 'आज सुधरेगी, कल सुधरेगी' का मीठा दिलासा तो दिया जा रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर नतीजा बिल्कुल सिफ़र है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि हफ़्तों में आने वाला पानी का एकमात्र टैंकर भी सिर्फ कुछ 'खास' लोगों के घरों तक ही सीमित रह जाता है। एक तरफ जहाँ आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत सुधारने की बजाय दूसरे जिलों में जाकर 'दिखावे वाले वीडियो' बनाने में व्यस्त हैं। इस प्रशासनिक विफलता और उपेक्षा के बीच लोग अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर जनता कब तक इन खोखले वादों का घूंट पीती रहेगी।1