नर्मदापुरम के पिपरिया में हर बारिश के साथ ही नगर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाती है। दुनिया के कई विकसित देशों में जहां बारिश के पानी को एक संसाधन मानकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के जरिए उसे जमीन के अंदर पहुंचाया जाता है, वहीं पिपरिया में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां नालियों की समय पर सफाई न होने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि नगर में भी वर्षा जल संचयन, वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण पर गंभीरता से काम किया जाए, तो हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस बड़ी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नर्मदापुरम के पिपरिया में हर बारिश के साथ ही नगर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाती है। दुनिया के कई विकसित देशों में जहां बारिश के पानी को एक संसाधन मानकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के जरिए उसे जमीन के अंदर पहुंचाया जाता है, वहीं पिपरिया में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां नालियों की समय पर सफाई न होने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि नगर में भी वर्षा जल संचयन, वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण पर गंभीरता से काम किया जाए, तो हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस बड़ी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- नर्मदापुरम के पिपरिया में हर बारिश के साथ ही नगर की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ जाती है। दुनिया के कई विकसित देशों में जहां बारिश के पानी को एक संसाधन मानकर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के जरिए उसे जमीन के अंदर पहुंचाया जाता है, वहीं पिपरिया में स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। यहां नालियों की समय पर सफाई न होने और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के अभाव में हर बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि नगर में भी वर्षा जल संचयन, वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण पर गंभीरता से काम किया जाए, तो हर साल बारिश के मौसम में होने वाली इस बड़ी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर स्थित रघुवंशीपुरा वार्ड के निवासी श्री रेवाराम रघुवंशी जी "लड्डू काका" की धर्मपत्नी और मोंटी व बंटी की पूज्यनीय माता जी स्वर्गीय श्रीमती सीताबाई रघुवंशी जी के गंगाजली पूजन और 13वीं के पश्चात रघुवंशी परिवार ने श्रद्धा और सेवा की सनातन परंपरा की अनूठी मिसाल पेश की है। परिवार ने किसी भी तरह की फिजूलखर्ची न करते हुए जरूरतमंद, बेघर, बेसहारा गरीब लोगों और नर्मदा परिक्रमा वासियों को व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन प्रसादी वितरित कर दिवंगत माताजी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। राम रहीम रोटी बैंक में आयोजित इस पुण्य कार्य में युवा छात्र सागर रघुवंशी, छुट्टु और बडडे ने भी पूरी श्रद्धा के साथ अपने हाथों से भोजन परोसकर सेवा की। भूखे को भोजन कराकर सच्चे पुण्य की प्राप्ति के इस मार्ग को सच्ची विरासत और संस्कार बताया गया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि पूज्यनीय माताजी की आत्मा को शांति मिले और सेवाभावी रघुवंशी परिवार को इस कार्य का कई गुना पुण्य फल प्राप्त हो।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम सेहरा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से शराबबंदी का प्रस्ताव पारित किया है। शुक्रवार को आयोजित की गई ग्रामसभा में यह अहम निर्णय लिया गया कि अब गांव के भीतर कोई भी महुआ शराब नहीं बनाएगा और न ही इसे बेचेगा। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि गांव में शराब की बिक्री होने से सामाजिक माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है। ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से यह भी तय किया है कि यदि कोई भी इस प्रस्ताव के नियम को तोड़ेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में मंगलवार दोपहर 2 बजे ग्रामीणों ने एकत्रित होकर ग्रामसभा के इस प्रस्ताव की प्रति अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सौंप दी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए और गांव में ग्रामसभा के नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईं खेड़ा नगर में शासकीय संदीपनी विद्यालय का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित होने वाला यह लोकार्पण कार्यक्रम 16 जुलाई 2026 को दोपहर 3:00 बजे शुरू होकर संपन्न होगा।1
- नरसिंहपुर के गाडरवारा में एक मिनी ट्रक की टक्कर से गो माता की दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना के बाद गौसेवकों और पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाई। गौसेवकों और पुलिस की इसी सक्रियता के चलते मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।1
- रायसेन के सुल्तानपुर में किसानों की मूंग और ई-टोकन के मुद्दे पर सुल्तानपुर युवा कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध जताते हुए मोहन यादव का पुतला दहन किया।1
- दतिया की सियासत में बीजेपी द्वारा आशुतोष तिवारी को टिकट दिए जाने के बाद एक बड़ा दांव खेला गया है। इस फैसले को लेकर यह चर्चा बनी हुई है कि क्या बीजेपी ने इसके जरिए जीत की कोई नई रणनीति बनाई है, या फिर यह निर्णय चुनाव में भारी पड़ने वाला है। इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह यह कदम उठाया है। इस फैसले को मास्टरस्ट्रोक या एक बड़ा राजनीतिक जोखिम मानने को लेकर जनता से कमेंट के जरिए अपनी राय देने को कहा गया है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद भी झोलाछाप डॉक्टरों का काम बंद नहीं हुआ है। विभाग की इस कार्रवाई के बावजूद इन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों का डॉक्टरी इलाज अभी भी धड़ल्ले से चलाया जा रहा है।1