गोगरी नगर परिषद क्षेत्र स्थित नाला निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने किया घंटे सड़क जाम, लोगों में आक्रोश का माहौल। नाला निर्माण की मांग को लेकर सड़क जाम, ठेकेदार के आश्वासन पर खुला रास्ता गोगरी। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 स्थित मध्य मकतब के समीप शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों ने नाला निर्माण की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए, जिससे लगभग आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय निवासी मोहम्मद जाकिर ने बताया कि वर्षों से नाला निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे आवागमन में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार कार्यपालक पदाधिकारी को सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई। आक्रोशित लोगों ने अंततः सड़क जाम कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जाम की सूचना मिलने के बाद ठेकेदार से संपर्क किया गया। ठेकेदार ने फोन पर आश्वासन दिया कि नाला निर्माण कार्य अगले दिन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जाम समाप्त कर दिया। बताया जाता है कि लंबे समय से नाला नहीं बनने के कारण जलजमाव और गंदगी की समस्या बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाला निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
गोगरी नगर परिषद क्षेत्र स्थित नाला निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने किया घंटे सड़क जाम, लोगों में आक्रोश का माहौल। नाला निर्माण की मांग को लेकर सड़क जाम, ठेकेदार के आश्वासन पर खुला रास्ता गोगरी। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 स्थित मध्य मकतब के समीप शनिवार की सुबह स्थानीय लोगों ने नाला निर्माण की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान महिला और पुरुष बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए, जिससे लगभग आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय निवासी मोहम्मद जाकिर ने बताया कि वर्षों से नाला निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे आवागमन में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार कार्यपालक पदाधिकारी को सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई। आक्रोशित लोगों ने अंततः सड़क जाम कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। जाम की सूचना मिलने के बाद ठेकेदार से संपर्क किया गया। ठेकेदार ने फोन पर आश्वासन दिया कि नाला निर्माण कार्य अगले दिन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जाम समाप्त कर दिया। बताया जाता है कि लंबे समय से नाला नहीं बनने के कारण जलजमाव और गंदगी की समस्या बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाला निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
- खैरा में डिग्री कॉलेज, सड़क निर्माण की मंजूरी1
- मुंगेर: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर केंद्रीय श्रम संगठन संबंधीय समिति मुंगेर जिला इकाई के सदस्यों ने प्रदर्शन किया प्रदर्शन में केंद्रीय श्रम संगठन समन्वय समिति के दर्जनों सदस्य उपस्थित थे।1
- घर के आगे बहुत सारा कचड़ा पड़ा हुआ हैं कोई सुनने वाला नहीं हैं नगर परिषद वाला नहीं सुनता ward no 38 संसारपुर बुढ़वा कुंवा के पास1
- Post by किरण देव यादव1
- Post by Md Mahtab1
- भागलपुर एनकाउंटर कांड- वर्दी पर उठे गंभीर सवाल, क्या पुलिस की 'तयशुदा स्क्रिप्ट' ने रची रामधनी यादव की मौत? बिहार के चर्चित पीसीएस अधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रामधनी यादव के एनकाउंटर ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। इस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर न केवल सवाल उठ रहे हैं, बल्कि पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी जिला पुलिस उस सटीक ग्रामीण इलाके की पहचान नहीं कर पाई है जहां यह कथित मुठभेड़ हुई। जब भी इस भौगोलिक स्थान को लेकर सवाल पूछे गए, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल की नीति अपनाई, जिससे संदेह की परतें और गहरी हो गई हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा धमाका मृतक रामधनी यादव की बहू बेबी कुमारी के बयानों से हुआ है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को सीधे तौर पर 'हिरासत में हत्या' करार दिया है। बेबी कुमारी का आरोप है कि पुलिस ने मुझे 4 व 5 बजे शाम में घर से उठाकर थाने में बंद कर दिया था। तभी मुझे बचाने की खातिर रामधनी यादव खुद देर शाम में थाने पहुंचे कर आत्म समर्पण की बात कही। उन्होंने पुलिस से मिन्नतें कीं कि यदि कोई अपराध हुआ है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए, लेकिन बेकसूर परिजनों को परेशान न किया जाए। प्रत्यक्षदर्शी बहू का दावा है कि थाने के भीतर ही उनके ससुर के साथ हाथापाई की गई और उस वक्त वे पूरी तरह निहत्थे थे। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने के पिछले हिस्से में ले गई, जहां गोली मारकर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी गई। बेबी कुमारी ने एक और सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि जिस वक्त यह पूरी घटना हुई, थाने के सीसीटीवी कैमरे रहस्यमयी तरीके से बंद कर दिए गए थे। उन्हें जबरन थाने के एक ऊपरी कमरे में कैद रखा गया था, जहां की खिड़की से उन्होंने अपने ससुर को ले जाते हुए देखा था। पुलिस ने इस पूरी घटना को बाद में एक बाहरी मुठभेड़ का रंग देने का प्रयास किया, लेकिन परिवार का सवाल है कि जब आरोपी के पास कोई हथियार ही नहीं था, तो मुठभेड़ की कहानी कैसे संभव है? दोपहर करीब 12 बजे शव सौंपने के दौरान भी पुलिस इस बात का तार्किक जवाब नहीं दे पाई कि हिरासत में मौजूद व्यक्ति अचानक मुठभेड़ स्थल तक कैसे पहुंच गया। अब परिजनों का आरोप है कि सच को दबाने के लिए उन्हें और उनके पूरे कुनबे को अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं की बात कही/ Byte - बेबी कुमारी, रामधनी यादव की बहु।1
- गोगरी। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी के साथ हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है। खासकर मक्का, आम और लीची की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, अचानक आई तेज हवाओं के कारण मक्का की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं आम और लीची के पेड़ों पर लगे बौर और छोटे-छोटे फल तेज हवा के कारण झड़ गए हैं। यह समय इन फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में इस तरह की बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गोगरी पंचायत एवं बोरना पंचायत के किसान—मोहम्मद शाहबुद्दीन, हाजी मोहम्मद गुफरान, रविंद्र शाह, दीना यादव, मीर अफरोज, मीर लालू सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। किसानों ने कहा कि पहले ही खेती में लागत बढ़ गई है और अब इस तरह की प्राकृतिक आपदा से आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम फिर से खराब होता है, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं किसानों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।1
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- Post by किरण देव यादव1