बेमौसम बारिश से गोगरी में फसलों पर संकट, किसानों ने मुआवजा की उठाई मांग। गोगरी। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी के साथ हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है। खासकर मक्का, आम और लीची की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, अचानक आई तेज हवाओं के कारण मक्का की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं आम और लीची के पेड़ों पर लगे बौर और छोटे-छोटे फल तेज हवा के कारण झड़ गए हैं। यह समय इन फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में इस तरह की बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गोगरी पंचायत एवं बोरना पंचायत के किसान—मोहम्मद शाहबुद्दीन, हाजी मोहम्मद गुफरान, रविंद्र शाह, दीना यादव, मीर अफरोज, मीर लालू सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। किसानों ने कहा कि पहले ही खेती में लागत बढ़ गई है और अब इस तरह की प्राकृतिक आपदा से आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम फिर से खराब होता है, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं किसानों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
बेमौसम बारिश से गोगरी में फसलों पर संकट, किसानों ने मुआवजा की उठाई मांग। गोगरी। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी के साथ हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है। खासकर मक्का, आम और लीची की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, अचानक आई तेज हवाओं के कारण मक्का की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं आम और लीची के पेड़ों पर लगे बौर और छोटे-छोटे फल तेज हवा के कारण झड़ गए हैं। यह समय इन फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में इस तरह की बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गोगरी पंचायत एवं बोरना पंचायत के किसान—मोहम्मद शाहबुद्दीन, हाजी मोहम्मद गुफरान, रविंद्र शाह, दीना यादव, मीर अफरोज, मीर लालू सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। किसानों ने कहा कि पहले ही खेती में लागत बढ़ गई है और अब इस तरह की प्राकृतिक आपदा से आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम फिर से खराब होता है, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं किसानों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
- गोगरी। प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी के साथ हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है। खासकर मक्का, आम और लीची की फसल पर इसका व्यापक असर पड़ने की बात सामने आ रही है। स्थानीय किसानों के अनुसार, अचानक आई तेज हवाओं के कारण मक्का की फसल कई जगहों पर जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं आम और लीची के पेड़ों पर लगे बौर और छोटे-छोटे फल तेज हवा के कारण झड़ गए हैं। यह समय इन फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में इस तरह की बारिश किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। गोगरी पंचायत एवं बोरना पंचायत के किसान—मोहम्मद शाहबुद्दीन, हाजी मोहम्मद गुफरान, रविंद्र शाह, दीना यादव, मीर अफरोज, मीर लालू सहित कई अन्य किसानों ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। किसानों ने कहा कि पहले ही खेती में लागत बढ़ गई है और अब इस तरह की प्राकृतिक आपदा से आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाएगी। किसानों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में मौसम फिर से खराब होता है, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराया जाए और वास्तविक क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं किसानों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसे समय में उन्हें आर्थिक सहायता की सख्त जरूरत है, ताकि वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।1
- गोगरी प्रखंड क्षेत्र के पकरैल गॉव में संत महर्षि मेंही महाराज जी 142 वी जयंती धूमधाम से मनाई गई1
- बुद्ध जयंती पर विद्यालयों में श्रद्धा, शांति और संस्कारों का अनुपम संगम दौलतपुर, भगवान गौतम बुद्ध की जयंती के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर, मुंगेर पथ तथा सरस्वती विद्या मंदिर, दौलतपुर में बुद्ध जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बुद्ध के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात सीमा सिंह, विपिन चौधरी, रेखा कुमारी, कमल कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने भगवान बुद्ध के जीवन, उनके त्याग, तपस्या तथा मानवता के प्रति उनके महान योगदान को स्मरण किया। मुंगेर पथ की प्रधानाचार्या किरण कुमारी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें सत्य, अहिंसा, करुणा एवं मध्यम मार्ग का अनुसरण करने की शिक्षा देता है। दौलतपुर उप-प्रधानाचार्य संतोष कुमार ने भी विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने हेतु प्रेरित किया। अन्य शिक्षकगणों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बुद्ध के उपदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। छात्रा जूही एवं प्रीति ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन एवं उनके उपदेशों पर अत्यंत प्रभावशाली एवं भावपूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किया । पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में अनुशासन, शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। अंत में सभी ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने एवं समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को स्थापित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ गरिमापूर्ण ढंग से हुआ।1
- श्रवण बाजार रेड लाइट एरिया में मुंगेर पुलिस की दबिश, घंटो- अफरातफरी। CM सम्राट चौधरी के गृह जिले श्रवण बाजार रेड लाइट एरिया में मुंगेर पुलिस की दबिश, घंटो- अफरातफरी1
- भागलपुर एनकाउंटर कांड- वर्दी पर उठे गंभीर सवाल, क्या पुलिस की 'तयशुदा स्क्रिप्ट' ने रची रामधनी यादव की मौत? बिहार के चर्चित पीसीएस अधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रामधनी यादव के एनकाउंटर ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। इस एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर न केवल सवाल उठ रहे हैं, बल्कि पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी जिला पुलिस उस सटीक ग्रामीण इलाके की पहचान नहीं कर पाई है जहां यह कथित मुठभेड़ हुई। जब भी इस भौगोलिक स्थान को लेकर सवाल पूछे गए, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट जवाब देने के बजाय टालमटोल की नीति अपनाई, जिससे संदेह की परतें और गहरी हो गई हैं। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा धमाका मृतक रामधनी यादव की बहू बेबी कुमारी के बयानों से हुआ है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को सीधे तौर पर 'हिरासत में हत्या' करार दिया है। बेबी कुमारी का आरोप है कि पुलिस ने मुझे 4 व 5 बजे शाम में घर से उठाकर थाने में बंद कर दिया था। तभी मुझे बचाने की खातिर रामधनी यादव खुद देर शाम में थाने पहुंचे कर आत्म समर्पण की बात कही। उन्होंने पुलिस से मिन्नतें कीं कि यदि कोई अपराध हुआ है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए, लेकिन बेकसूर परिजनों को परेशान न किया जाए। प्रत्यक्षदर्शी बहू का दावा है कि थाने के भीतर ही उनके ससुर के साथ हाथापाई की गई और उस वक्त वे पूरी तरह निहत्थे थे। इसके बाद पुलिस उन्हें थाने के पिछले हिस्से में ले गई, जहां गोली मारकर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी गई। बेबी कुमारी ने एक और सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि जिस वक्त यह पूरी घटना हुई, थाने के सीसीटीवी कैमरे रहस्यमयी तरीके से बंद कर दिए गए थे। उन्हें जबरन थाने के एक ऊपरी कमरे में कैद रखा गया था, जहां की खिड़की से उन्होंने अपने ससुर को ले जाते हुए देखा था। पुलिस ने इस पूरी घटना को बाद में एक बाहरी मुठभेड़ का रंग देने का प्रयास किया, लेकिन परिवार का सवाल है कि जब आरोपी के पास कोई हथियार ही नहीं था, तो मुठभेड़ की कहानी कैसे संभव है? दोपहर करीब 12 बजे शव सौंपने के दौरान भी पुलिस इस बात का तार्किक जवाब नहीं दे पाई कि हिरासत में मौजूद व्यक्ति अचानक मुठभेड़ स्थल तक कैसे पहुंच गया। अब परिजनों का आरोप है कि सच को दबाने के लिए उन्हें और उनके पूरे कुनबे को अंजाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं की बात कही/ Byte - बेबी कुमारी, रामधनी यादव की बहु।1
- Post by Amit kumar1
- Post by THE LIVE Munger1
- महेशखूंट। पकरैल के विधार्थी टोला में दो दिवसीय रामध्वूनि महायज्ञ होने से आस पास का माहौल भक्तिमय हो गया है। इस रामध्वूनि महायज्ञ में दुर दराज के कई मंडली ने भाग लेकर अपने अलाकारी दिखाकर दर्शकों को मन मुग्ध किया। उल्लेखनीय है कि शिवलिंग स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा को लेकर 24 अप्रैल को भव्य कलश शोभायात्रा निकलने के साथ ही महायज्ञ का शुभारंभ हो गया था। श्रद्धालुओं ने हवन करके सुख समृद्धि की कामना की। आर्चाय मोफल यादव ने बताया कि आठ दिनों तक शिवलिंग स्थापित तथा प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। उसके दो दिवसीय रामध्वूनी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। शिवलिंग स्थापित व प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों को गोदान किया तथा बच्चों का मुंडन संस्कार कराया गया। मौके पर पोस्टमास्टर नन्दलाल यादव पूर्व पैक्स अध्यक्ष भगवान यादव, ओमप्रकाश यादव,श्रीकेश यादव,वचनदेव यादव,विजय यादव,रंजीत कुमार यादव,शुड्डू कुमार,विक्की कुमार, मिथलेश कुमार,संगीत कुमार आदि मौजूद थे। फोटो कैप्शन-- पकरैल में शुक्रवार को रामध्वूनी महायज्ञ में कलाकारी दिखाते कलाकार1