छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन आघात' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 552.160 किलोग्राम अवैध गांजा और 3 कारों सहित कुल ₹1,20,82,400 का माल जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान ग्राम बराखाई (थाना लेपड़ीपाड़ा) निवासी सचिन्द्र राउत (29 वर्ष) और मेहताब रोड (थाना पलान साह) निवासी मोहम्मद समीर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत कुनकुरी थाना क्षेत्र से 311.350 किलोग्राम गांजा और एक इनोवा कार जब्त की गई है। वहीं, बगीचा थाना क्षेत्र से 240.810 किलोग्राम गांजा, एक ब्रेजा कार और एक आर्टिगा कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी तस्करी के वाहनों की रेकी कर रहे थे, जबकि तस्करी में शामिल दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नशे के खिलाफ इस अभियान को जारी रखते हुए जशपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन आघात' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 552.160 किलोग्राम अवैध गांजा और 3 कारों सहित कुल ₹1,20,82,400 का माल जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान ग्राम बराखाई (थाना लेपड़ीपाड़ा) निवासी सचिन्द्र राउत (29 वर्ष) और मेहताब रोड (थाना पलान साह) निवासी मोहम्मद समीर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत कुनकुरी थाना क्षेत्र से 311.350 किलोग्राम गांजा और एक इनोवा कार जब्त की गई है। वहीं, बगीचा थाना क्षेत्र से 240.810 किलोग्राम गांजा, एक ब्रेजा कार और एक आर्टिगा कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी तस्करी के वाहनों की रेकी कर रहे थे, जबकि तस्करी में शामिल दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नशे के खिलाफ इस अभियान को जारी रखते हुए जशपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस एनडीए कॉन्क्लेव के दौरान देश के विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही बैठक में आगामी रणनीतियों और वर्ष 2029 की चुनावी रणनीति को लेकर भी गहन मंथन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गठबंधन के सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने और देश के विकास की गति को और अधिक तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी सहयोगियों को "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मूल संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।1
- छत्तीसगढ़ में सुशासन का ढोल पीटने वाली साय सरकार में जमीनी हकीकत खौफनाक मंजर बयां कर रही है, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की बेलगाम कार्यशैली और तानाशाही से आम जनता त्रस्त है। ताजा मामला रायगढ़ जिले के बाकारूमा से लैलूंगा मार्ग चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य का है। यहां नियमों को ताक पर रखकर, बिना उचित भू-अर्जन और बिना मुआवजा दिए, किसानों व निजी भू-स्वामियों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। अधिकारियों की इस कथित गुंडागर्दी ने न्यायपालिका की सर्वोच्चता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका WPC No. 1827 of 2021 (राकेश कुमार बेहरा बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) के दस्तावेजों के अनुसार, याचिकाकर्ता की ग्राम राजपुर (पटवारी हल्का नं. 03, तहसील लैलूंगा, जिला रायगढ़) स्थित निजी स्वामित्व की भूमि पर C.S.R.S.P. ADB प्रोजेक्ट (लोक निर्माण विभाग) और ठेकेदार कंपनी मैसर्स हरी ब्रो मेटालिक एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. द्वारा बिना किसी वैध भू-अर्जन प्रक्रिया या मुआवजे के जबरन खंभे गाड़ दिए गए और सड़क निर्माण का प्रयास किया गया। जब पीड़ित ने इस तानाशाही का विरोध किया, तो प्रशासन ने कानून का पालन करने की बजाय बल प्रयोग का सहारा लिया, जिससे पीड़ित को न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। इस मामले में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट आदेश जारी किया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि बिना वैध भू-अर्जन प्रक्रिया के किसी की निजी भूमि पर जबरन कब्जा या निर्माण नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही, प्रतिवादियों (कलेक्टर रायगढ़, एसडीएम घरघोड़ा/लैलूंगा आदि) को आदेश की प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर भूमि का विधिवत सीमांकन सुनिश्चित करने और अधिकतम 6 महीने के भीतर भू-अर्जन व मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। न्यायालय के इस ऐतिहासिक आदेश को बीते लंबा समय हो चुका है और तय समय-सीमा भी समाप्त हो चुकी है, लेकिन रायगढ़ का प्रशासनिक अमला कछुए की गति से रेंग रहा है। जिम्मेदार अधिकारी कागजी खानापूर्ति करने और पीड़ितों को उनका हक देने में आनाकानी कर रहे हैं। जनता अब तीखे सवाल उठा रही है कि क्या रायगढ़ के कलेक्टर और अधिकारी खुद को हाईकोर्ट से भी ऊपर समझने लगे हैं? सड़क विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ने का यह खेल अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका है और पीड़ित जनता इस प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में है। यदि समय रहते भू-स्वामियों को मुआवजा और न्याय नहीं मिला, तो यह सुशासन के चेहरे पर सबसे बड़ा तमाचा होगा।4
- गुमला के करौंदी स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में रथयात्रा के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह 4:30 बजे मंदिर के पट खुलने के साथ ही भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। जिले सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और आस्था का यह सिलसिला पूरे दिन ऐसे ही जारी रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसके तहत मंदिर परिसर में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, मंदिर प्रबंधन समिति ने 45 स्वयंसेवकों की व्यवस्था की है, जो भक्तों को दर्शन, पूजा और कतार व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कर रहे हैं। फूड सेफ्टी विभाग ने मंदिर परिसर और आसपास लगी प्रसाद, मिठाई तथा खाद्य सामग्री की दुकानों की जांच की है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके। आज शाम 5:30 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए निकलेगी, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और भक्तिमय माहौल है।1
- सिमडेगा के कोलेबिरा प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक रथ यात्रा मेले का गुरुवार को शुभारंभ हो गया। जिला परिषद अध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, उपप्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी, सर्कल इंस्पेक्टर समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद सभी अतिथियों ने मेले का भ्रमण कर उपस्थित लोगों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कोलेबिरा का रथ यात्रा मेला इस क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान का प्रतीक है, जो वर्षों से लोगों की आस्था और परंपरा को संजोए हुए है। अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध इस मेले में इस बार भी कोलेबिरा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच विभिन्न प्रकार की दुकानें, झूले और मनोरंजन के साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।1
- सूरजपुर के ग्राम नवगई के रहने वाले जवाहिर टेकाम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे गांव की समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर पर बात कर रहे हैं। इस पार्ट 02 वीडियो में उन्हें सीएम हेल्पलाइन पर अपनी बात रखते हुए देखा जा सकता है।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात पर विशेष जोर दिया।1
- सिमडेगा जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत क्षेत्र का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिमडेगा प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय घोचोटोली मध्य भाग (मतदान केंद्र संख्या-144) का निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने बोलबा प्रखंड मुख्यालय में चल रहे डिजिटाइजेशन कार्य का जायजा लिया और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान बोलबा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अनुपस्थित मिले, जिस कारण उपायुक्त ने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को उनसे स्पष्टीकरण मांगने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद उपायुक्त ने राजकीय मध्य विद्यालय लेटाबेड़ा, बोलबा के बूथ संख्या 247 का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने बीएलओ एवं सुपरवाइजर को मतदाता गणना प्रपत्रों के संग्रहण और उसके डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने केरसई तथा कुरडेग के मतदान केंद्रों का भी निरीक्षण कर मतदाता गणना प्रपत्रों के संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उपायुक्त ने बीएलओ, सुपरवाइजर और सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया और बीएलओ को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे वितरित किए गए सभी गणना प्रपत्रों का संग्रहण कर शीघ्र डिजिटाइजेशन सुनिश्चित करें। इसी क्रम में, कुरडेग प्रखंड के रास्ते में मोटर साइकिल से रथ यात्रा देखने जा रहे बिना हेलमेट वाले और तीन व चार लोगों को सवार कर चलने वाले लोगों को रोककर उपायुक्त द्वारा सड़क सुरक्षा व जीवन रक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को भी चेतावनी दी कि वे अपने चालक पतियों को बिना हेलमेट वाहन न चलाने दें, जिसके बाद लोगों ने अपनी गलती स्वीकार की और दोबारा ऐसा न करने की बात कही। इस निरीक्षण के दौरान उपनिर्वाचन पदाधिकारी पवन कुमार महतो, सिमड़ेगा में आशा मक्सिमा लकड़ा, अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद, कुरडेग के प्रखंड विकास पदाधिकारी नैमन कुजूर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, बीएलओ, सुपरवाइजर और वॉलंटियर उपस्थित थे।1
- बलरामपुर के जिला अस्पताल परिसर में एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां आवागमन के मुख्य मार्ग पर हाई टेंशन बिजली का चालू तार खुलेआम सड़क पर बिछा हुआ है। इस तार की बाहरी परत कई जगहों से कट चुकी है और यह जमीन पर फैला हुआ है। बरसात के इस मौसम में खुले में पड़ा यह तार किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिस जगह पर यह खतरनाक बिजली का तार पड़ा हुआ है, ठीक उसी रास्ते से रोजाना मरीजों को लाने-ले जाने वाले दर्जनों वाहन गुजरते और खड़े होते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को लेकर महतारी एक्सप्रेस अस्पताल पहुंचती है और गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के जरिए इसी रास्ते से अंदर ले जाया जाता है। लोगों का कहना है कि बरसात के चलते सड़क पर नमी बनी रहती है, ऐसे में कटे हुए तार से कभी भी करंट फैल सकता है जिससे मरीजों, नवजात शिशुओं, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा है। इस संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा के बड़े दावों के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस खतरे पर नहीं गई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल आने वाले लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक बिजली लाइन को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जांच कर लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी संभावित हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य और विद्युत विभाग की होगी। अब देखना होगा कि विभाग समय पर कार्रवाई करता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।1