बलरामपुर के जिला अस्पताल परिसर में एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां आवागमन के मुख्य मार्ग पर हाई टेंशन बिजली का चालू तार खुलेआम सड़क पर बिछा हुआ है। इस तार की बाहरी परत कई जगहों से कट चुकी है और यह जमीन पर फैला हुआ है। बरसात के इस मौसम में खुले में पड़ा यह तार किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिस जगह पर यह खतरनाक बिजली का तार पड़ा हुआ है, ठीक उसी रास्ते से रोजाना मरीजों को लाने-ले जाने वाले दर्जनों वाहन गुजरते और खड़े होते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को लेकर महतारी एक्सप्रेस अस्पताल पहुंचती है और गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के जरिए इसी रास्ते से अंदर ले जाया जाता है। लोगों का कहना है कि बरसात के चलते सड़क पर नमी बनी रहती है, ऐसे में कटे हुए तार से कभी भी करंट फैल सकता है जिससे मरीजों, नवजात शिशुओं, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा है। इस संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा के बड़े दावों के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस खतरे पर नहीं गई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल आने वाले लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक बिजली लाइन को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जांच कर लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी संभावित हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य और विद्युत विभाग की होगी। अब देखना होगा कि विभाग समय पर कार्रवाई करता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।
बलरामपुर के जिला अस्पताल परिसर में एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां आवागमन के मुख्य मार्ग पर हाई टेंशन बिजली का चालू तार खुलेआम सड़क पर बिछा हुआ है। इस तार की बाहरी परत कई जगहों से कट चुकी है और यह जमीन पर फैला हुआ है। बरसात के इस मौसम में खुले में पड़ा यह तार किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिस जगह पर यह खतरनाक बिजली का तार पड़ा हुआ है, ठीक उसी रास्ते से रोजाना मरीजों को लाने-ले जाने वाले दर्जनों वाहन गुजरते और खड़े होते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को लेकर महतारी एक्सप्रेस अस्पताल पहुंचती है और गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के जरिए इसी रास्ते से अंदर ले जाया जाता है। लोगों का कहना है कि बरसात के चलते सड़क पर नमी बनी रहती है, ऐसे में कटे हुए तार से कभी भी करंट फैल सकता है जिससे मरीजों, नवजात शिशुओं, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा है। इस संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा के बड़े दावों के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस खतरे पर नहीं गई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल आने वाले लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक बिजली लाइन को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जांच कर लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी संभावित हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य और विद्युत विभाग की होगी। अब देखना होगा कि विभाग समय पर कार्रवाई करता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की बसंतपुर पुलिस और ओडिशा एसटीएफ की संयुक्त एंड-टू-एंड जांच के दौरान 16 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में ओडिशा के चार और तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद अब तक इस पूरे मामले में कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस पूरे नेटवर्क से कुल 3.14 टन (3,139.570 किलोग्राम) अवैध गांजा जब्त किया गया है। इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई 29 दिसंबर 2025 को की गई थी, जब बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक की जांच के दौरान नारियल की भूसी के नीचे छिपाकर राजस्थान ले जाया जा रहा 1,198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था और मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 11 जून 2026 को पुलिस ने दूसरे टाटा ट्रक (क्रमांक RJ-14-GU-9078) से 1,941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस मामले में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी लोकेश शर्मा और मुजफ्फरनगर निवासी आमीश अंसारी को गिरफ्तार कर करीब 10.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ओडिशा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास ट्रकों को खड़ा कर पिकअप वाहनों से गांजा लोड किया जाता था। इस पूरे परिवहन की निगरानी जीपीएस और तस्करों के बीच बातचीत मोबाइल ऐप्स के जरिए होती थी। इसी दौरान ओडिशा एसटीएफ ने 24 जून 2026 को कंधमाल जिले से निलांबर कंहार को 191.300 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ में बसंतपुर मामलों में शामिल चार सहयोगियों के नाम सामने आए। बलरामपुर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर ओडिशा के बौध जिले के थाना कंटामाल क्षेत्र निवासी दुर्वाशा साहु (46), सुबुधी साहु (40), अरुण कुमार राणा (34) और प्रकाश खटुआ (35) को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान पहले से पकड़े गए आरोपियों ने पहचान परेड में की है। पुलिस अधीक्षक ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलरामपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे ओडिशा से राजस्थान और अन्य राज्यों तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को भारी झटका लगा है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।2
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही बैठक में आगामी रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी दलों से "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।1
- जशपुर जिले में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन के दौरान थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, ऊपरकछार एवं करडेगा क्षेत्र के लगभग 1,000 पुलिस मितानों को पुलिस मितान टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए। डिजिटल क्यूआर कोड के माध्यम से अब ग्रामीण अपने क्षेत्र के पुलिस मितान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए उनसे संपर्क कर सकेंगे। ये पुलिस मितान समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जनभागीदारी से ही सुरक्षित, जागरूक एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित, जागरूक एवं नशामुक्त जशपुर के निर्माण के लिए पुलिस और जनता से मिलकर संकल्प लेने का आह्वान किया।1
- पलामू के मेदनी नगर निगम में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य शुभारंभ हो गया है। मेदनी नगर में इस पावन रथ यात्रा की शुरुआत बेहद ही भव्य और हर्षोल्लास पूर्ण तरीके से की गई है।4
- छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। अंबिकापुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार की इस नीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सिंहदेव का सीधा आरोप है कि सरकार बिना किसी अन्य विकल्प के जनता को एथेनॉल मिश्रित ईंधन खरीदने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से वाहनों का माइलेज घट रहा है और उनके इंजनों की कार्यक्षमता पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम ने तर्क दिया कि यदि इस मिश्रण के कारण गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी उसी अनुपात में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एथेनॉल युक्त ईंधन बेचने से पहले उन इंजनों को विकसित या अपडेट करना बेहद जरूरी था जो इसे सपोर्ट कर सकें। सिंहदेव ने ब्राजील और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि उन देशों ने पहले एथेनॉल-फ्रेंडली इंजन तैयार किए और उसके बाद ही इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया था।1
- गढ़वा में सड़क किनारे खुली नालियों में शौचालय की गंदगी होना सीधे तौर पर बीमारियों को न्योता दे रहा है। खुली नालियों में फैली इस गंदगी के कारण क्षेत्र में गंभीर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।1
- बलरामपुर के जिला अस्पताल परिसर में एक बेहद गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां आवागमन के मुख्य मार्ग पर हाई टेंशन बिजली का चालू तार खुलेआम सड़क पर बिछा हुआ है। इस तार की बाहरी परत कई जगहों से कट चुकी है और यह जमीन पर फैला हुआ है। बरसात के इस मौसम में खुले में पड़ा यह तार किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिस जगह पर यह खतरनाक बिजली का तार पड़ा हुआ है, ठीक उसी रास्ते से रोजाना मरीजों को लाने-ले जाने वाले दर्जनों वाहन गुजरते और खड़े होते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी मार्ग से प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को लेकर महतारी एक्सप्रेस अस्पताल पहुंचती है और गंभीर मरीजों को व्हीलचेयर या स्ट्रेचर के जरिए इसी रास्ते से अंदर ले जाया जाता है। लोगों का कहना है कि बरसात के चलते सड़क पर नमी बनी रहती है, ऐसे में कटे हुए तार से कभी भी करंट फैल सकता है जिससे मरीजों, नवजात शिशुओं, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान को गंभीर खतरा है। इस संवेदनशील संस्थान में सुरक्षा के बड़े दावों के बावजूद किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस खतरे पर नहीं गई है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। अस्पताल आने वाले लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक बिजली लाइन को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जांच कर लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी संभावित हादसे की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य और विद्युत विभाग की होगी। अब देखना होगा कि विभाग समय पर कार्रवाई करता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी।1