जशपुर जिले में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन के दौरान थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, ऊपरकछार एवं करडेगा क्षेत्र के लगभग 1,000 पुलिस मितानों को पुलिस मितान टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए। डिजिटल क्यूआर कोड के माध्यम से अब ग्रामीण अपने क्षेत्र के पुलिस मितान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए उनसे संपर्क कर सकेंगे। ये पुलिस मितान समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जनभागीदारी से ही सुरक्षित, जागरूक एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित, जागरूक एवं नशामुक्त जशपुर के निर्माण के लिए पुलिस और जनता से मिलकर संकल्प लेने का आह्वान किया।
जशपुर जिले में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन के दौरान थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, ऊपरकछार एवं करडेगा क्षेत्र के लगभग 1,000 पुलिस मितानों को पुलिस मितान टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए। डिजिटल क्यूआर कोड के माध्यम से अब ग्रामीण अपने क्षेत्र के पुलिस मितान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए उनसे संपर्क कर सकेंगे। ये पुलिस मितान समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जनभागीदारी से ही सुरक्षित, जागरूक एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित, जागरूक एवं नशामुक्त जशपुर के निर्माण के लिए पुलिस और जनता से मिलकर संकल्प लेने का आह्वान किया।
- जशपुर जिले में आयोजित पुलिस मितान सम्मेलन के दौरान थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, ऊपरकछार एवं करडेगा क्षेत्र के लगभग 1,000 पुलिस मितानों को पुलिस मितान टी-शर्ट और डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए। डिजिटल क्यूआर कोड के माध्यम से अब ग्रामीण अपने क्षेत्र के पुलिस मितान की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए उनसे संपर्क कर सकेंगे। ये पुलिस मितान समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने के लिए सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताड़ना, मानव तस्करी, गौ तस्करी तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जनभागीदारी से ही सुरक्षित, जागरूक एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षित, जागरूक एवं नशामुक्त जशपुर के निर्माण के लिए पुलिस और जनता से मिलकर संकल्प लेने का आह्वान किया।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर स्थित ग्राम पंचायत पोरतेगा में शहीद नितेश एक्का के उपलक्ष्य में एक फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। फुटबॉल के खेल में रुचि रखने वाले लोग यहाँ आकर इस खेल का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। इस प्रतियोगिता का आयोजन लोखंडी से पोरतेगा जाने वाले रोड के ठीक बीचों-बीच स्थित मैदान (ग्राउंड) में किया जा रहा है। इस खेल की विशेष बात यह है कि इसे पूरी तरह से खाली पैर खेला जा रहा है। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एंट्री फीस 1400 रुपये रखी गई है, जबकि विजेता को मिलने वाली प्राइज मनी का पता यहाँ आने के बाद ही चलेगा।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य गठबंधन की भविष्य की रणनीति को मजबूत करना रहा। इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों से एकजुट होकर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का आह्वान किया। उन्होंने विकास की गति को और तेज करने तथा "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर विशेष जोर दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक और इसके निर्णयों से देश के विकास की दिशा पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर जनता से भी कमेंट में अपनी राय साझा करने की अपील की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में साइबर ठगी के एक महत्वपूर्ण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जशपुर पुलिस ने पैन कार्ड अपडेट कराने का झांसा देकर ₹3.25 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2022 का है, जिसमें आरोपी पिछले लगभग चार वर्षों से फरार चल रहा था। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम नीलकंठ दास (उम्र 24 वर्ष) है, जो ग्राम गोपाल गंज, थाना निरसा, जिला धनबाद, झारखंड का निवासी है। आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में अपराध क्रमांक 429/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज है। इस मामले में प्रार्थी श्री रामलोचन गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 9 और 10 अक्टूबर 2022 को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उन्हें पैन कार्ड अपडेट करने और नेट बैंकिंग चालू कराने का झांसा दिया था। इसके बाद आरोपी ने उनके बैंक खाते से धोखाधड़ी कर कुल ₹3,25,000 की राशि निकाल ली। जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शनों की गहन जांच की। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की राशि फिनो पेमेंट बैंक सहित विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी नीलकंठ दास को धनबाद से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसने अपने नाम से फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाया था, जिसमें ठगी की राशि में से ₹25,000 जमा हुए थे। इस राशि को उसने एटीएम कार्ड के जरिए चार बार में निकालकर अपने निजी कामों में खर्च कर दिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त एटीएम कार्ड, बैंक खाते से लिंक सिम कार्ड और पैन कार्ड विधिवत जब्त कर लिए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें।2
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की बसंतपुर पुलिस और ओडिशा एसटीएफ की संयुक्त एंड-टू-एंड जांच के दौरान 16 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में ओडिशा के चार और तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद अब तक इस पूरे मामले में कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस पूरे नेटवर्क से कुल 3.14 टन (3,139.570 किलोग्राम) अवैध गांजा जब्त किया गया है। इस मामले में पहली बड़ी कार्रवाई 29 दिसंबर 2025 को की गई थी, जब बसंतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक की जांच के दौरान नारियल की भूसी के नीचे छिपाकर राजस्थान ले जाया जा रहा 1,198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था और मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 11 जून 2026 को पुलिस ने दूसरे टाटा ट्रक (क्रमांक RJ-14-GU-9078) से 1,941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस मामले में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी लोकेश शर्मा और मुजफ्फरनगर निवासी आमीश अंसारी को गिरफ्तार कर करीब 10.50 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ओडिशा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास ट्रकों को खड़ा कर पिकअप वाहनों से गांजा लोड किया जाता था। इस पूरे परिवहन की निगरानी जीपीएस और तस्करों के बीच बातचीत मोबाइल ऐप्स के जरिए होती थी। इसी दौरान ओडिशा एसटीएफ ने 24 जून 2026 को कंधमाल जिले से निलांबर कंहार को 191.300 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ में बसंतपुर मामलों में शामिल चार सहयोगियों के नाम सामने आए। बलरामपुर पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर ओडिशा के बौध जिले के थाना कंटामाल क्षेत्र निवासी दुर्वाशा साहु (46), सुबुधी साहु (40), अरुण कुमार राणा (34) और प्रकाश खटुआ (35) को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान पहले से पकड़े गए आरोपियों ने पहचान परेड में की है। पुलिस अधीक्षक ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बलरामपुर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे ओडिशा से राजस्थान और अन्य राज्यों तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को भारी झटका लगा है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।2
- छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल-डीजल के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। अंबिकापुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सरकार की इस नीति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सिंहदेव का सीधा आरोप है कि सरकार बिना किसी अन्य विकल्प के जनता को एथेनॉल मिश्रित ईंधन खरीदने के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग से वाहनों का माइलेज घट रहा है और उनके इंजनों की कार्यक्षमता पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम ने तर्क दिया कि यदि इस मिश्रण के कारण गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी उसी अनुपात में कटौती करनी चाहिए। उन्होंने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एथेनॉल युक्त ईंधन बेचने से पहले उन इंजनों को विकसित या अपडेट करना बेहद जरूरी था जो इसे सपोर्ट कर सकें। सिंहदेव ने ब्राजील और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि उन देशों ने पहले एथेनॉल-फ्रेंडली इंजन तैयार किए और उसके बाद ही इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू किया था।1
- सरगुजा के अंबिकापुर स्थित सरगवा सब स्टेशन की बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर 9 जुलाई 2026 को दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद बिजली विभाग आखिरकार हरकत में आ गया है। इस चेतावनी के ठीक बाद 16 जुलाई 2026 को सरगवा सब स्टेशन और उससे जुड़े फीडरों में बड़े पैमाने पर मेंटेनेंस अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहली बार एक साथ 50 से अधिक कर्मचारी सब स्टेशन और विभिन्न फीडरों में मेंटेनेंस का काम करते दिखाई दिए। इस मेंटेनेंस अभियान के दौरान सहायक अभियंता (AE) राजेश जायसवाल और कनिष्ठ अभियंता (JE) सुनील लकड़ा खुद मौके पर मौजूद रहकर काम की निगरानी करते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग लंबे समय तक उनकी समस्याओं को गंभीरता से न लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की अनदेखी करता रहा। लोगों को मामूली बारिश, तेज हवा या पेड़ों की डालियां तारों से छूने जैसी छोटी-छोटी वजहों से घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था और कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी बिजली गायब रहती थी। बिजली विभाग की इस अचानक सक्रियता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि अगर विभाग के पास इतनी बड़ी टीम और संसाधन पहले से उपलब्ध थे, तो समय-समय पर नियमित मेंटेनेंस क्यों नहीं किया गया? क्या विभाग केवल शिकायत के दबाव में ही काम करेगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग केवल अल्टीमेटम मिलने पर सक्रिय होने के बजाय नियमित रूप से निरीक्षण और समयबद्ध मेंटेनेंस सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन आघात' के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 552.160 किलोग्राम अवैध गांजा और 3 कारों सहित कुल ₹1,20,82,400 का माल जब्त किया है। इस मामले में पुलिस ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के रहने वाले दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान ग्राम बराखाई (थाना लेपड़ीपाड़ा) निवासी सचिन्द्र राउत (29 वर्ष) और मेहताब रोड (थाना पलान साह) निवासी मोहम्मद समीर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत कुनकुरी थाना क्षेत्र से 311.350 किलोग्राम गांजा और एक इनोवा कार जब्त की गई है। वहीं, बगीचा थाना क्षेत्र से 240.810 किलोग्राम गांजा, एक ब्रेजा कार और एक आर्टिगा कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी तस्करी के वाहनों की रेकी कर रहे थे, जबकि तस्करी में शामिल दोनों वाहनों के चालक मौके से फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नशे के खिलाफ इस अभियान को जारी रखते हुए जशपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।1