छात्रवृत्ति व मूलभूत सुविधाओं को लेकर एबीवीपी ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन सीमलवाड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले गुरुवार को राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, पीठ में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज संयोजक उदयलाल बंजारा व महेंद्र सेवक के नेतृत्व में प्राचार्य हंसराज मीणा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में विद्यार्थियों ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना तथा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए विद्यार्थियों ने अगस्त माह में ही ऑनलाइन आवेदन कर दिए थे, बावजूद इसके आज तक किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ है। विद्यार्थियों का आरोप है कि वर्ष 2024-25 व 2025-26 के सभी आवेदन महाविद्यालय की आईडी पर ही लंबित पड़े हैं और उन्हें विभाग को अग्रेषित नहीं किया गया है। अन्य महाविद्यालयों में जहां इन योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल चुका है, वहीं पीठ महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले करीब आठ महीनों से इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में महाविद्यालय की अन्य मूलभूत समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज के पास लगभग 25 बीघा भूमि है, लेकिन सुरक्षा के लिए परकोटा नहीं होने से परिसर असुरक्षित बना हुआ है। वहीं, महाविद्यालय में करीब 70 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं, बावजूद इसके पर्याप्त शौचालय सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें खुले में जाना पड़ता है, जो गंभीर समस्या है। पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में 25 नए कमरों के निर्माण, विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र स्थानीय स्तर पर ही स्थापित करने तथा पूर्व में जनप्रतिनिधियों को दिए गए ज्ञापनों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से मांग की कि एक सप्ताह के भीतर छात्रवृत्ति व आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निस्तारण कर उन्हें विभाग को अग्रेषित किया जाए तथा महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं मुन्ना आहारी, रीना गरासिया, रेतीना बरजोड , निधि मोरी, रोशनी डामोर, राकेश बरजोड, रवीना मसार,टीना डामोर, सुमित्रा रोत, प्रियंका भामात, नीलम बामणिया, दीपिका डेंडोर मौजूद रहे।
छात्रवृत्ति व मूलभूत सुविधाओं को लेकर एबीवीपी ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन सीमलवाड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले गुरुवार को राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, पीठ में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज संयोजक उदयलाल बंजारा व महेंद्र सेवक के नेतृत्व में प्राचार्य हंसराज मीणा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में विद्यार्थियों ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना तथा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए विद्यार्थियों ने अगस्त माह में ही ऑनलाइन आवेदन कर दिए थे, बावजूद इसके आज तक किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ है। विद्यार्थियों का आरोप है कि वर्ष 2024-25 व 2025-26 के सभी आवेदन महाविद्यालय की आईडी पर ही लंबित पड़े हैं और उन्हें विभाग को अग्रेषित नहीं किया गया है। अन्य महाविद्यालयों में जहां इन योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल चुका है, वहीं पीठ महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले करीब आठ महीनों से इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना
पड़ रहा है। ज्ञापन में महाविद्यालय की अन्य मूलभूत समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज के पास लगभग 25 बीघा भूमि है, लेकिन सुरक्षा के लिए परकोटा नहीं होने से परिसर असुरक्षित बना हुआ है। वहीं, महाविद्यालय में करीब 70 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं, बावजूद इसके पर्याप्त शौचालय सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें खुले में जाना पड़ता है, जो गंभीर समस्या है। पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में 25 नए कमरों के निर्माण, विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र स्थानीय स्तर पर ही स्थापित करने तथा पूर्व में जनप्रतिनिधियों को दिए गए ज्ञापनों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से मांग की कि एक सप्ताह के भीतर छात्रवृत्ति व आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निस्तारण कर उन्हें विभाग को अग्रेषित किया जाए तथा महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं मुन्ना आहारी, रीना गरासिया, रेतीना बरजोड , निधि मोरी, रोशनी डामोर, राकेश बरजोड, रवीना मसार,टीना डामोर, सुमित्रा रोत, प्रियंका भामात, नीलम बामणिया, दीपिका डेंडोर मौजूद रहे।
- सीमलवाड़ा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले गुरुवार को राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय, पीठ में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज संयोजक उदयलाल बंजारा व महेंद्र सेवक के नेतृत्व में प्राचार्य हंसराज मीणा को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में विद्यार्थियों ने बताया कि महाविद्यालय में वर्तमान सत्र 2025-26 में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्रवृत्ति, आर्थिक सहायता, कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना तथा मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के लिए विद्यार्थियों ने अगस्त माह में ही ऑनलाइन आवेदन कर दिए थे, बावजूद इसके आज तक किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं हुआ है। विद्यार्थियों का आरोप है कि वर्ष 2024-25 व 2025-26 के सभी आवेदन महाविद्यालय की आईडी पर ही लंबित पड़े हैं और उन्हें विभाग को अग्रेषित नहीं किया गया है। अन्य महाविद्यालयों में जहां इन योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को मिल चुका है, वहीं पीठ महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं पिछले करीब आठ महीनों से इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में महाविद्यालय की अन्य मूलभूत समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज के पास लगभग 25 बीघा भूमि है, लेकिन सुरक्षा के लिए परकोटा नहीं होने से परिसर असुरक्षित बना हुआ है। वहीं, महाविद्यालय में करीब 70 प्रतिशत छात्राएं अध्ययनरत हैं, बावजूद इसके पर्याप्त शौचालय सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें खुले में जाना पड़ता है, जो गंभीर समस्या है। पेयजल की भी उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में 25 नए कमरों के निर्माण, विश्वविद्यालय परीक्षा केंद्र स्थानीय स्तर पर ही स्थापित करने तथा पूर्व में जनप्रतिनिधियों को दिए गए ज्ञापनों पर अब तक कार्रवाई नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य से मांग की कि एक सप्ताह के भीतर छात्रवृत्ति व आर्थिक सहायता के प्रकरणों का निस्तारण कर उन्हें विभाग को अग्रेषित किया जाए तथा महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान एबीवीपी के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं मुन्ना आहारी, रीना गरासिया, रेतीना बरजोड , निधि मोरी, रोशनी डामोर, राकेश बरजोड, रवीना मसार,टीना डामोर, सुमित्रा रोत, प्रियंका भामात, नीलम बामणिया, दीपिका डेंडोर मौजूद रहे।2
- डूंगरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गामड़ी देवल गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब मादेण तालाब में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ पाया गया। मृतक की पहचान बाबू (पिता काउवा गमेती), निवासी बलेटी घाटी, गामड़ी देवल के रूप में हुई है। सदर थाना पुलिस को दी गई रिपोर्ट में मृतक के चाचा जीवा (पिता धर्मा गमेती) ने बताया कि बाबू बीते 17 फरवरी को अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह देवल गामड़ी काम पर जा रहा है। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी काफी तलाश की और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था।1
- भारतीय नव वर्ष के उपलक्ष में बांसवाड़ा कुशल बाग मैदान में हो रहे गरबा रास में गरबा डांस करते पुरुष और महिलाएं शहर वासी बहुत ही धूमधाम से गरबे का आनंद लिया1
- बांसवाड़ा जिला कलक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने आज घाटोल उपखंड क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का मौके पर जाकर जायजा लिया। दौरे के दौरान जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। इसके पश्चात जिला कलक्टर ने अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, क्षेत्र में पेयजल समस्या का त्वरित समाधान करने तथा आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किए। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करें और सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को अधिकतम लाभ मिल सके।3
- बाघपुरा में दोहरे हत्याकांड का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार1
- यहां एक्सीडेंट आसपुर के आगे पुजारा में हुआ था1
- जल्दी से जल्दी ज्ञान दे आवश्यकता सफाई करिए सप्लाई होना चाहिए हाई स्कूल में बजाना में1
- विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय, पीठ में गुरुवार को चैत्र शुक्ल एकम के पावन अवसर पर हिन्दू नव वर्ष 2083 का कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से नव वर्ष का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यालय परिसर सहित बस स्टैंड एवं प्रमुख चौराहों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं, जिन्होंने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं की 10 टोलियां बनाकर उन्हें विभिन्न स्थानों—बस स्टैंड, पिपली चौक, परवडी चौक, कलालवाड़ा, बड़ी आथोर एवं छोटी आथोर—में भेजा गया। इन टोलियों ने आमजन के बीच जाकर लोगों को तिलक लगाकर तथा मिश्री एवं नीम की पत्तियां खिलाकर भारतीय नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। इस अनूठे आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना रहा। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष महेंद्रजी डेचिया, संरक्षक प्रवीण सिंह चौहान, भगवत सिंह चुंडावत, विक्रम सिंह चौहान, सुनील जैन, सतीश कोठारी, मनोज प्रजापत, प्रदीप सिंह चौहान, चिराग प्रजापत, संस्था प्रधान जयंतीलाल प्रजापत, चेतनलाल लबाना, महेंद्र सिंह चौहान, बाबूलाल डामोर, नागेंद्र सिंह चौहान, प्रकाशचंद्र लबाना, दीपक ननोमा, अजय दर्जी, प्रकाशजी, हेमंत वाघेला, टीना परमार सहित अनेक गणमान्यजन एवं विद्यालय के भैया-बहन उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। उत्सव जयंती प्रभारी सुश्री टिंकल दर्जी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन से विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है तथा समाज में एक सकारात्मक संदेश जाता है।1