हर बच्चे तक पहुंचे सुरक्षा कवच: टीकाकरण डेटा सुदृढ़ीकरण पर जिला स्तरीय कार्यशाला नागौर, 22 अप्रैल। जिले में प्रत्येक बच्चे तक समय पर टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला GAVI समर्थित ज़ीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन प्लान (ZIP) के तहत आयोजित हुई, जिसमें JSI R&T इंडिया फाउंडेशन द्वारा डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य फोकस टीकाकरण डेटा की गुणवत्ता सुधारकर छूटे हुए बच्चों तक सेवाएं पहुंचाना रहा। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशिक्षित मानव संसाधन की अहम भूमिका होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर जिले के टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि सटीक और समयबद्ध डेटा के माध्यम से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें शीघ्र टीकाकरण से जोड़ा जा सकता है। विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर डेटा गुणवत्ता से योजनाओं की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी होती है और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान आसान होती है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने कहा कि मजबूत डेटा प्रबंधन से कम कवरेज वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाना संभव होता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को फील्ड स्तर पर लागू करें और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। कार्यशाला में विभिन्न ब्लॉकों से आए चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर एवं स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण डेटा संधारण, ऑनलाइन प्रविष्टि, माइक्रोप्लानिंग, ड्यू लिस्ट प्रबंधन तथा शून्य डोज बच्चों की पहचान जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने तकनीकी व व्यवहारिक जानकारी साझा कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
हर बच्चे तक पहुंचे सुरक्षा कवच: टीकाकरण डेटा सुदृढ़ीकरण पर जिला स्तरीय कार्यशाला नागौर, 22 अप्रैल। जिले में प्रत्येक बच्चे तक समय पर टीकाकरण सेवाएं पहुंचाने और नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला GAVI समर्थित ज़ीरो डोज इम्प्लीमेंटेशन प्लान (ZIP) के तहत आयोजित हुई, जिसमें JSI R&T इंडिया फाउंडेशन द्वारा डेटा एनालिटिक्स प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य फोकस टीकाकरण डेटा की गुणवत्ता सुधारकर छूटे हुए बच्चों तक सेवाएं पहुंचाना रहा। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशिक्षित मानव संसाधन की अहम भूमिका होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाकर जिले के टीकाकरण अभियान को मजबूत बनाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि सटीक और समयबद्ध डेटा के माध्यम से छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें शीघ्र टीकाकरण से जोड़ा जा सकता है। विभाग की प्राथमिकता है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर डेटा गुणवत्ता से योजनाओं की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी होती है और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान आसान होती है। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सारण ने कहा कि मजबूत डेटा प्रबंधन से कम कवरेज वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाना संभव होता है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को फील्ड स्तर पर लागू करें और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। कार्यशाला में विभिन्न ब्लॉकों से आए चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर एवं स्वास्थ्यकर्मियों को टीकाकरण डेटा संधारण, ऑनलाइन प्रविष्टि, माइक्रोप्लानिंग, ड्यू लिस्ट प्रबंधन तथा शून्य डोज बच्चों की पहचान जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने तकनीकी व व्यवहारिक जानकारी साझा कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
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