माता-पिता को अपने बच्चों को यह सिखाना अत्यंत आवश्यक है कि यदि कोई उनके साथ गलत हरकत करे, गलत तरीके से छुए या उन्हें डराने की कोशिश करे, तो वे बिना किसी डर के घर आकर अपने माता-पिता या परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य को इसकी जानकारी दें। हाल ही में मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र से सामने आए एक ऐसे ही मामले ने हर माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा और इस विषय पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह रेखांकित किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल या बाहरी माहौल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत घर से होने वाली जागरूकता से होती है। माता-पिता को अपने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें यह भरोसा दिलाना बेहद ज़रूरी है कि बच्चे अपनी हर बात बिना किसी झिझक के परिवार के साथ साझा कर सकें। बच्चों की छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से सुनना और समझना एक जागरूक परिवार का कर्तव्य है, क्योंकि एक जागरूक परिवार ही बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है। इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधना समाधान नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण है।
माता-पिता को अपने बच्चों को यह सिखाना अत्यंत आवश्यक है कि यदि कोई उनके साथ गलत हरकत करे, गलत तरीके से छुए या उन्हें डराने की कोशिश करे, तो वे बिना किसी डर के घर आकर अपने माता-पिता या परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य को इसकी जानकारी दें। हाल ही में मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र से सामने आए एक ऐसे ही मामले ने हर माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा और इस विषय पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह रेखांकित किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल या बाहरी माहौल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत घर से होने वाली जागरूकता से होती है। माता-पिता को अपने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें यह भरोसा दिलाना बेहद ज़रूरी है कि बच्चे अपनी हर बात बिना किसी झिझक के परिवार के साथ साझा कर सकें। बच्चों की छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से सुनना और समझना एक जागरूक परिवार का कर्तव्य है, क्योंकि एक जागरूक परिवार ही बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है। इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधना समाधान नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण है।
- मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले में इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुँचकर झूले, खान-पान, खरीदारी और विभिन्न मनोरंजनों का भरपूर आनंद ले रहे हैं। मेले में रंग-बिरंगी रोशनी और लोगों का हुजूम शाम होते ही इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देता है। मेले में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार मेले में अच्छी रौनक देखने को मिल रही है, जिससे उनके व्यापार को भी अच्छा फायदा पहुँच रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग मेले का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। नौचंदी मेला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसे मेरठ की संस्कृति और परंपरा की पहचान भी माना जाता है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में घटित एक घटना के संबंध में, अपर पुलिस उपयुक्त डॉक्टर अमोल मुरकुट ने एक बाइट दी है।1
- उत्तर प्रदेश के बिजनौर में चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंचे दारोगा समेत दो पुलिसकर्मी विवाद में फंस गए। ये पुलिसकर्मी एक निजी कार से घटनास्थल पर पहुंचे थे, जहाँ भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने उन्हें बाहरी व्यक्ति समझ लिया, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। घटना के दौरान पुलिसकर्मी हाथ में खुली पिस्टल लिए दिखाई दिए। स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस हंगामे में पुलिस की कार का पिछला शीशा भी टूट गया। पुलिस ने इस घटना को अपनी टीम पर हमला मानते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के आशीर्वाद से प्रमोद कश्यप को निषाद पार्टी का मोदीनगर एवं बागपत जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नई जिम्मेदारी प्रमोद कश्यप को पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण पद पर स्थापित करती है। अपनी नियुक्ति के बाद, प्रमोद कश्यप ने अपने समर्थकों सहित मंत्री डॉ. संजय निषाद के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर मंत्री जी को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया।1
- जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र और हापुड़ शहर की ईदगाहों में बकरा ईद का पर्व पूरे अकीदत और अमन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अदा की। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, बकरा ईद को कुर्बानी का त्योहार माना जाता है। इस परंपरा की जड़ें पैगंबर इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कहानी में हैं, जिन्होंने अल्लाह के हुक्म का पालन करते हुए अपने बेटे की कुर्बानी देने की तैयारी कर ली थी। कहा जाता है कि जब कुर्बानी का वक्त आया, तो अल्लाह ने बेटे की जगह एक 'दुंबा' भेज दिया, जिसकी कुर्बानी दी गई। तभी से, बकरा ईद पर कुर्बानी देने की यह परंपरा चली आ रही है। इस पवित्र अवसर पर, कुछ लोगों ने प्रेम, भाईचारे और सादगी के साथ त्योहार मनाने का संदेश दिया, और इंसानियत व आपसी सौहार्द को सबसे ऊपर रखने पर जोर दिया। इस ईद के कार्यक्रम में SHO परवीन कुमार ने एक बड़ी पहल की, और सभी पुलिसकर्मियों को अपने कार्य पर अलर्ट पाया गया।1
- जनपद हापुड़ के नबी करीम वार्ड नंबर 10 में ईद के मौके पर साफ-सफाई को लेकर जमकर हंगामा हुआ। स्थानीय जनता ने वार्ड सभासद कासिम कुरैशी पर अभद्रता और गाली-गलौज का आरोप लगाया है, जिसके बाद लोगों और सभासद के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वार्ड की कई गलियों में गंदगी और जलभराव के कारण गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ईद के त्यौहार पर नमाज पढ़ने जाने वाले लोगों के कपड़े भी इस गंदे पानी से खराब हो रहे थे। स्थानीय जनता का आरोप है कि वार्ड में लंबे समय से साफ-सफाई नहीं हुई है। इसी समस्या को लेकर लोगों ने सभासद कासिम कुरैशी से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय सभासद उल्टा-सीधा बोलने लगे और गाली-गलौज करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, सभासद कासिम कुरैशी ने कहा कि “मैंने आपके काम की नौकरी नहीं कर रखी है। मीनाक्षी रोड पर मेरी बकरे और मुर्गी की दुकान है, मुझे इन कामों से फुर्सत नहीं मिलती।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी अधिकारी या किसी भी शिकायत से कोई डर नहीं है और जनता अपनी शिकायतें खुद नगर पालिका परिषद हापुड़ में जाकर ईओ संजय मिश्रा और चेयरमैन पुष्पा देवी से करें। इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों और सभासद के बीच कहासुनी और बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वार्ड में साफ-सफाई नहीं होगी तो वे शिकायत जरूर करेंगे। आरोप है कि इसी बात पर सभासद भड़क गए और लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। इस घटना का वीडियो कुछ लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर वार्ड में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, क्योंकि वे सभासद कासिम कुरैशी से काफी परेशान हैं।1
- माता-पिता को अपने बच्चों को यह सिखाना अत्यंत आवश्यक है कि यदि कोई उनके साथ गलत हरकत करे, गलत तरीके से छुए या उन्हें डराने की कोशिश करे, तो वे बिना किसी डर के घर आकर अपने माता-पिता या परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य को इसकी जानकारी दें। हाल ही में मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र से सामने आए एक ऐसे ही मामले ने हर माता-पिता को बच्चों की सुरक्षा और इस विषय पर गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह रेखांकित किया गया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल स्कूल या बाहरी माहौल की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत घर से होने वाली जागरूकता से होती है। माता-पिता को अपने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें यह भरोसा दिलाना बेहद ज़रूरी है कि बच्चे अपनी हर बात बिना किसी झिझक के परिवार के साथ साझा कर सकें। बच्चों की छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से सुनना और समझना एक जागरूक परिवार का कर्तव्य है, क्योंकि एक जागरूक परिवार ही बच्चों की सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है। इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधना समाधान नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण है।1
- मेरठ के रोहटा क्षेत्र में एक युवक को शराब पिलाने के बहाने घर पर बुलाया गया, जहाँ उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।1