उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर पांडू शिला मंदिर के सामने mcd पार्किंग में गुंडागर्दी! पार्किंग में जुआ, शराब और गाड़ियों में तोड़फोड़ दिल्ली के उस्मानपुर इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी पार्किंग अब पार्किंग कम और असामाजिक तत्वों का अड्डा ज़्यादा बन चुकी है। पार्किंग इंचार्ज ने पुलिस को पत्र लिखकर जो आरोप लगाए हैं, वो वाकई चौंकाने वाले हैं। जग प्रवेश एमसीडी पार्किंग के इंचार्ज सुशील कुमार ने थाना उस्मानपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, 3 अप्रैल की रात को पार्किंग के अंदर खड़ी दो गाड़ियों के शीशे ईंट मारकर तोड़ दिए गए। गाड़ियों के नंबर हैं: DL 5CR 0587 DL 5CP 0754 [ग्राफिक्स - मुख्य आरोप] लेकिन मामला सिर्फ तोड़फोड़ तक सीमित नहीं है। आरोप गंभीर पार्किंग पर अवैध कब्जा कर रखा है। जुआ और सट्टा: यहाँ 24 घंटे खुलेआम जुआ और सट्टे का खेल चलता है। शराब का अड्डा: रात 10 बजे के बाद पार्किंग पूरी तरह से शराबियों के अड्डे में तब्दील हो जाती है। [ हैरानी की बात तो यह है कि अगर कोई गाड़ी मालिक इस गुंडागर्दी का विरोध करता है, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि विरोध करने वालों की गाड़ियों के आगे जानबूझकर गंदगी फैलाई जाती है। फिलहाल DL 12CK 3115 नंबर की गाड़ी के मालिक को इसी तरह परेशान किया जा रहा है। [एंकर विजुअल] पार्किंग इंचार्ज ने इस शिकायत की कॉपी DCP, ACP और ट्रैफिक पुलिस को भी भेजी है। सवाल यह उठता है कि राजधानी के एक व्यस्त इलाके में पुलिस की नाक के नीचे ये सब कैसे चल रहा है? क्या पार्किंग माफिया को किसी का डर नहीं है? हम प्रशासन से अपील करते हैं कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके। दिल्ली में गुंडागर्दी चरम पर! उस्मानपुर की MCD पार्किंग में गाड़ियों की तोड़फोड़, जुआ और शराब का बोलबाला। पार्किंग इंचार्ज ने पुलिस से लगाई गुहार।
उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर पांडू शिला मंदिर के सामने mcd पार्किंग में गुंडागर्दी! पार्किंग में जुआ, शराब और गाड़ियों में तोड़फोड़ दिल्ली के उस्मानपुर इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक सरकारी पार्किंग अब पार्किंग कम और असामाजिक तत्वों का अड्डा ज़्यादा बन चुकी है। पार्किंग इंचार्ज ने पुलिस को पत्र लिखकर जो आरोप लगाए हैं, वो वाकई चौंकाने वाले हैं। जग प्रवेश एमसीडी पार्किंग के इंचार्ज सुशील कुमार ने थाना उस्मानपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक, 3 अप्रैल की रात को पार्किंग के अंदर खड़ी दो गाड़ियों के शीशे ईंट मारकर तोड़ दिए गए। गाड़ियों के नंबर हैं: DL 5CR 0587 DL 5CP 0754 [ग्राफिक्स - मुख्य आरोप] लेकिन मामला सिर्फ तोड़फोड़ तक सीमित नहीं है। आरोप गंभीर पार्किंग पर अवैध कब्जा कर रखा है। जुआ और सट्टा: यहाँ 24 घंटे खुलेआम जुआ और सट्टे का खेल चलता है। शराब का अड्डा: रात 10 बजे के बाद पार्किंग पूरी तरह से शराबियों के अड्डे में तब्दील हो जाती है। [ हैरानी की बात तो यह है कि अगर कोई गाड़ी मालिक इस गुंडागर्दी का विरोध करता है, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। शिकायत में बताया गया है कि विरोध करने वालों की गाड़ियों के आगे जानबूझकर गंदगी फैलाई जाती है। फिलहाल DL 12CK 3115 नंबर की गाड़ी के मालिक को इसी तरह परेशान किया जा रहा है। [एंकर विजुअल] पार्किंग इंचार्ज ने इस शिकायत की कॉपी DCP, ACP और ट्रैफिक पुलिस को भी भेजी है। सवाल यह उठता है कि राजधानी के एक व्यस्त इलाके में पुलिस की नाक के नीचे ये सब कैसे चल रहा है? क्या पार्किंग माफिया को किसी का डर नहीं है? हम प्रशासन से अपील करते हैं कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया जाए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके। दिल्ली में गुंडागर्दी चरम पर! उस्मानपुर की MCD पार्किंग में गाड़ियों की तोड़फोड़, जुआ और शराब का बोलबाला। पार्किंग इंचार्ज ने पुलिस से लगाई गुहार।
- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- “घायल हूं, इसलिए घातक हूं”... धुरंधर के दमदार अंदाज़ में राघव चड्ढा ने दिया खुद पर लगे आरोपों का जवाब... #RaghavChadha #AAP #Politics #Trending1
- Post by Sadhna news mp.Cg.rj.Naajim1
- नासिक के 'कैप्टन' और ज्योतिषी को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, जानें स्वयंभू भगवान अशोक खरात की कहां कितनी प्रॉपर्टी ? क्या ज्योतिषी बदनाम हुई? देश विदेश के जाने माने ज्योतिषाचार्य- डॉ.जीएस ढिल्लों, डॉ.पुनीत भोला और डॉ पुष्पलता जायसवाल से जानिए राजपथ न्यूज़ पर....1
- हवाई यात्रियों को झटका, फ्लाइट में 60% फ्री सीट देने का फैसला टला, सरकार ने आदेश पर लगाई रोक हवाई यात्रियों को सस्ती और आरामदायक सीटों का तोहफा देने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. केंद्र सरकार ने एयरलाइनों को दिए गए उस निर्देश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिसमें हर फ्लाइट की कम से कम 60 प्रतिशत सीटों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. यह नियम 20 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. क्यों लिया गया यह फैसला? नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह कदम फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और आकासा एयर जैसे प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों की आपत्तियों के बाद उठाया है. एयरलाइनों ने सरकार को बताया कि अगर 60% सीटें फ्री कर दी गईं, तो उनके राजस्व पर भारी असर पड़ेगा. कंपनियों का तर्क है कि सीट सिलेक्शन से मिलने वाली 'अनसुलझी सेवाओं' की आय कम होने पर उन्हें विमान के मूल किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी. इससे आम यात्रियों के लिए हवाई सफर और महंगा हो जाएगा. साथ ही, कंपनियों ने इसे मौजूदा 'डीरेगुलेटेड टैरिफ व्यवस्था' (जहाँ किराया बाजार तय करता है) के खिलाफ बताया. फिलहाल क्या है स्थिति? वर्तमान में, अधिकांश एयरलाइनें अपनी फ्लाइट की केवल 20% सीटें ही फ्री में उपलब्ध कराती हैं. बाकी 80% सीटों के लिए यात्रियों को अपनी पसंद (जैसे- विंडो सीट या एक्स्ट्रा लेगरूम) के हिसाब से 200 रुपये से लेकर 2,100 रुपये तक अतिरिक्त चुकाने होते हैं. सरकार के इस नए फैसले का मतलब है कि फिलहाल यही पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी. यात्रियों के लिए अभी भी क्या राहत है? भले ही 60% फ्री सीटों का नियम रुक गया हो, लेकिन मंत्रालय द्वारा 17 मार्च को जारी अन्य दिशा-निर्देश अभी भी लागू हैं: साथ बैठने की प्राथमिकता:एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक ही PNR पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों (जैसे परिवार या दोस्त) को एक साथ या आसपास की सीटें दी जाएं. पारदर्शिता: पालतू जानवरों, वाद्य यंत्रों या खेल के सामान जैसे अतिरिक्त सामान के लिए लिए जाने वाले शुल्क के बारे में एयरलाइनों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी. भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहाँ हर दिन 5 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं. सरकार का कहना है कि वह यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के साथ-साथ एयरलाइन उद्योग की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इस मामले की "विस्तृत समीक्षा" करेगी.1
- राजधानी दिल्ली रोहिणी सेक्टर 16 में सिख समुदाय के साथ मारपीट सिख समुदाय में आक्रोश1
- अलीगढ़ के अंदर बारिश हुई वीडियो दानिश सच का साथ धन्यवाद🙏🙏1
- पाकिस्तान के कराची में एक ऐतिहासिक इमारत की दीवारों पर बनी हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में नाराजगी है. इस घटना पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है. पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों और प्रतीकों पर हमलों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं. पंजाब प्रांत के बहावलपुर जिले के अल्पसंख्यक अधिकार संगठन के चेयरमैन शिव काछी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ इमारत को नुकसान नहीं, बल्कि धार्मिक सद्भाव, सांस्कृतिक विरासत और अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं पर हमला है. #Pakistan #Karachi #HinduCommunity #ReligiousFreedom1