सुल्तानपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक की सड़क हादसे में मौत। मरीज की जान बचाने दौड़ रहे डॉक्टर खुद हादसे का शिकार, चिकित्सा जगत में शोक की लहर सुल्तानपुर-मरीज की जान बचाने के लिए देर रात सड़क पर दौड़ रहे तीन डॉक्टर खुद एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए। अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर सोमवार की रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच दरियापुर के पास रेलवे ओवरब्रिज की रेलिंग से कार टकराने से कार चला रहे डॉ.अख्तर की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि प्रसिद्ध सर्जन डॉ.शैलेंद्र जायसवाल और डॉ. राशिद गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज स्थानीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि तीनों डॉक्टर अमहट स्थित एक निजी नर्सिंग होम में एक मरीज का ऑपरेशन करने के बाद दरियापुर स्थित ममता हॉस्पिटल की ओर रवाना हुए थे। वहां एक अन्य गंभीर मरीज के ऑपरेशन के लिए उन्हें पहुंचना था। मरीज की जिंदगी बचाने की जल्दी में निकले डॉक्टरों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में उनकी जिंदगी ही एक भयावह हादसे से टकराने वाली है। जानकारी के मुताबिक प्रयागराज-अयोध्या मार्ग पर दरियापुर रेलवे ओवरब्रिज के पास कार को ओवरटेक करने के दौरान कार अनियंत्रित हो गई और रेलवे ओवरब्रिज की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चला रहे गभड़िया निवासी डॉ. अख्तर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार डॉ.शैलेंद्र जायसवाल और डॉ.राशिद गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया,जहां उनका इलाज जारी है। जिस जिंदगी को बचाने निकले थे,उसी सफर में थम गई एक जिंदगी। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत के लिए बेहद मार्मिक घटना बन गया है। जिस मरीज की जिंदगी बचाने के लिए तीन डॉक्टर देर रात अपने अस्पताल से दूसरे अस्पताल की ओर दौड़ रहे थे,उसी सफर में एक डॉक्टर की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई और दो डॉक्टर अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गए। हादसे की खबर जैसे ही चिकित्सा जगत में पहुंची,शोक की लहर दौड़ गई। साथी चिकित्सकों और परिचितों में गहरा दुख है। हर किसी की जुबां पर यही सवाल है कि दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए दिन-रात समर्पित रहने वाले डॉक्टरों के साथ आखिर यह दर्दनाक हादसा कैसे हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
सुल्तानपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक की सड़क हादसे में मौत। मरीज की जान बचाने दौड़ रहे डॉक्टर खुद हादसे का शिकार, चिकित्सा जगत में शोक की लहर सुल्तानपुर-मरीज की जान बचाने के लिए देर रात सड़क पर दौड़ रहे तीन डॉक्टर खुद एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए। अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर सोमवार की रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच दरियापुर के पास रेलवे ओवरब्रिज की रेलिंग से कार टकराने से कार चला रहे डॉ.अख्तर की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि प्रसिद्ध सर्जन डॉ.शैलेंद्र जायसवाल और डॉ. राशिद गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का इलाज स्थानीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि तीनों डॉक्टर अमहट स्थित एक निजी नर्सिंग होम में एक मरीज का ऑपरेशन करने के बाद दरियापुर स्थित ममता हॉस्पिटल की ओर रवाना हुए थे। वहां एक अन्य गंभीर मरीज के ऑपरेशन के लिए उन्हें पहुंचना था। मरीज की जिंदगी बचाने की जल्दी में निकले डॉक्टरों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में उनकी जिंदगी ही एक भयावह हादसे से टकराने वाली है। जानकारी के मुताबिक प्रयागराज-अयोध्या मार्ग पर दरियापुर रेलवे ओवरब्रिज के पास कार को ओवरटेक करने के दौरान कार अनियंत्रित हो गई और रेलवे ओवरब्रिज की रेलिंग से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चला रहे गभड़िया निवासी डॉ. अख्तर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार डॉ.शैलेंद्र जायसवाल और डॉ.राशिद गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया,जहां उनका इलाज जारी है। जिस जिंदगी को बचाने निकले थे,उसी सफर में थम गई एक जिंदगी। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत के लिए बेहद मार्मिक घटना बन गया है। जिस मरीज की जिंदगी बचाने के लिए तीन डॉक्टर देर रात अपने अस्पताल से दूसरे अस्पताल की ओर दौड़ रहे थे,उसी सफर में एक डॉक्टर की जिंदगी हमेशा के लिए थम गई और दो डॉक्टर अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गए। हादसे की खबर जैसे ही चिकित्सा जगत में पहुंची,शोक की लहर दौड़ गई। साथी चिकित्सकों और परिचितों में गहरा दुख है। हर किसी की जुबां पर यही सवाल है कि दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए दिन-रात समर्पित रहने वाले डॉक्टरों के साथ आखिर यह दर्दनाक हादसा कैसे हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
- प्राथमिक विद्यालय रैंचा में 8:30 बजे तक नहीं खुलता ताला बल्दीराय:सुलतानपुर-बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के निर्देश के बावजूद प्राथमिक विद्यालयों में समय से विद्यालय संचालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय रैंचा में सुबह करीब 8:30 बजे तक विद्यालय का ताला नहीं खुलने का आरोप है। विद्यालय पहुंचने वाले बच्चे काफी देर तक शिक्षकों के आने और स्कूल खुलने का इंतजार करते हैं। समय से विद्यालय न खुलने के कारण कई बच्चे निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब विद्यालय खुलने का निर्धारित समय है तो शिक्षक समय से विद्यालय क्यों नहीं पहुंच रहे हैं? क्या विद्यालयों की नियमित निगरानी और शिक्षकों की उपस्थिति पर कोई प्रभावी अंकुश नहीं है? बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय से सवाल है कि विद्यालय समय से न खुलने के मामले में कब तक कार्रवाई होगी? क्या जिम्मेदार शिक्षकों की उपस्थिति की जांच कराकर लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी? अभिभावकों ने विद्यालय के समय से संचालन तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।1
- सर्पदंश से 45 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ी, जिला अस्पताल रेफर सर्पदंश से 45 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ी, जिला अस्पताल रेफर हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के एंजेर गांव में सोमवार रात घर में बैठी 45 वर्षीय महिला को सर्प ने दाहिने पैर के पंजे में डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार एंजेर निवासी रामादेवी (45) पत्नी राधिका प्रसाद सोमवार 24 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे घर में बैठी हुई थीं। इसी दौरान अचानक सर्प ने उनके दाहिने पैर के पंजे में डस लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज पहुंचे। सीएचसी में चिकित्सक डॉ. विवेक गुप्ता ने महिला की जांच की। जांच के दौरान सर्पदंश के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए आवश्यक इंजेक्शन लगाया। महिला की स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन महिला को एंबुलेंस ना मिलने की वजह से अपने निजी वाहनसे लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गए। परिजनों के अनुसार घटना के बाद महिला की हालत को लेकर परिवार में चिंता बनी हुई थी। चिकित्सकों ने समय पर उपचार और आगे की निगरानी को देखते हुए जिला अस्पताल भेजने का निर्णय लिया।1
- सुल्तानपुर शहर में बारह रबीउल अव्वल पर ट्रैफिक डायवर्ट, पुलिस ने जारी किया रूट डायवर्जन प्लान... सुल्तानपुर जनपद में आज होने वाले ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेलों, धार्मिक कार्यक्रमों और प्रकाश व्यवस्था को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर में विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था मेला समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के तहत, पयागीपुर, भुलकी चौराहा और सौरमऊ अंडरपास से शहर के अंदर सभी प्रकार के भारी और सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, इन स्थानों के पास रहने वाले निवासियों को वैध पहचान पत्र दिखाने पर ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी। प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर और वाराणसी की ओर से आने-जाने वाली उत्तर प्रदेश परिवहन (रोडवेज) की बसें अमहट होते हुए रोडवेज बस अड्डे तक आवागमन करेंगी। मेले में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए शहर के भीतर कई मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। इनमें कलेक्ट्रेट तिराहे से डाकखाना चौराहा, लाल डिग्गी चौराहे से डाकखाना चौराहा/राहुल चौराहा, एलआईसी तिराहे से ईदगाह/राहुल चौराहा, इंडिया एटीएम घरहा से राहुल चौराहा, दरियापुर तिराहे से बांधमण्डी, सूरज टाकीज से अन्नू चौराहा, पंचरास्ता से बांधमण्डी एवं चौक, सब्जी मण्डी तिराहे से चौक, जिला अस्पताल गेट के सामने से आगरा स्वीट हाउस और मिश्रा भोजनालय गल्ला मण्डी से आगरा स्वीट हाउस तक के मार्ग शामिल हैं। यातायात पुलिस और प्रशासन ने जनपद के सभी निवासियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए डायवर्जन नियमों का पालन करें। असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।1
- पयागीपुर में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत, दो घायल | CO सिटी की बाइट पयागीपुर में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत, दो घायल | CO सिटी की बाइट दिनांक 24/25.08.2026 की रात्रि थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत पयागीपुर में हुई सड़क दुर्घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह की बाइट दिनांक 24/25.08.2026 की रात्रि थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत पयागीपुर में एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना में कार सवार एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य व्यक्ति घायल हो गए। सूचना प्राप्त होते ही थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया तथा मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई। दुर्घटना के संबंध में पुलिस द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। उक्त घटना एवं पुलिस द्वारा की गई विधिक कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह द्वारा दी गई बाइट।1
- कामतागंज से निकली कांवड़ यात्रा, जनवारीनाथ धाम पहुंचकर हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक* *कामतागंज से निकली कांवड़ यात्रा, जनवारीनाथ धाम पहुंचकर हुआ भगवान शिव का जलाभिषेक* कामतागंज से शुरू हुई कांवड़ यात्रा अध्यक्ष सूरज सिंह की अगुआई में आदिगंगा गोमती तट स्थित बभंनगवाँ घाट पहुंची। यहां कांवड़ियों ने प्राचीन मंदिर में जल भरकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद शिवभक्त कामतागंज, शम्भूगंज और चौकिया होते हुए जनवारीनाथ धाम पहुंचे, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। यात्रा के दौरान शिवभक्त डीजे की धुन पर नाचते-गाते और हर-हर महादेव तथा बोल बम के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर 190 विधानसभा क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी नेता चौधरी विकास वर्मा भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए यात्रा की सफलता की शुभकामनाएं दीं। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।यथा शक्ति श्रद्धालुओं को नाश्ते पानी की व्यवस्था जगह-जगह भक्तों ने की थी वही सावन का आखिरी सोमवार से के दौरान भगवान इंद्र ने भी अच्छी भली कृपा की कहीं फुहार तो कहीं बारिश के साथ संपन्न हुआ जनवारीनाथ धाम का जलाभिषेक कार्यक्रम4
- नागौद में गैस सिलेंडर से निकला चार लीटर पानी, उपभोक्ता हैरान ** नागौद में महेंद्रा इंडेन गैस एजेंसी से मिले घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मानिकपुर निवासी उपभोक्ता राकेश सोनी के मुताबिक, सिलेंडर महज 10 दिन में खत्म हो गया। सिलेंडर खत्म होने के बाद जब उसे देखा गया तो उसमें से करीब चार लीटर पानी निकला।1
- 30 करोड़ की लागत से अमृत भारत योजना में संवरा गौरीगंज स्टेशन, बारिश में तालाब बना परिसर, यात्री बेहाल 30 करोड़ की लागत से अमृत भारत योजना में संवरा गौरीगंज स्टेशन, बारिश में तालाब बना परिसर, यात्री बेहाल जिले के मुख्यालय गौरीगंज रेलवे स्टेशन का प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से भव्य सौंदर्यीकरण कराया गया था। आधुनिक सुविधाओं, नए प्लेटफार्म और आकर्षक भवन के दावों के बीच बारिश में सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्टेशन परिसर और उसके बाहर मुख्य मार्ग पर पिछले 24 घंटे से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के बाद स्टेशन के बाहर का पूरा मार्ग जलमग्न हो गया है। मौके पर ली गई तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है। ई-रिक्शा, ऑटो और बाइक सवार जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजर रहे हैं। पैदल यात्रियों को अपना सामान सिर पर रखकर पानी में चलकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है। जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पानी अधिक होने से यात्री समय पर प्लेटफार्म तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी ट्रेन छूटनें का खतरा बढ़ गया है। वहीं पानी से स्थिति स्पष्ट न दिखने से कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल भी हो रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इस जलभराव से सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब 30 करोड़ रुपये खर्च कर स्टेशन का कायाकल्प किया गया तो जल निकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई या कमीशनबाजी के चलते गुणवत्तापूर्ण काम नहीं हुआ। नागरिकों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि गौरीगंज जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन के बाहर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान यात्रियों को इस समस्या से निजात मिल सके।2
- हैरिंग्टनगंज सीएचसी परिसर में जलभराव, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ी परेशानी हैरिंग्टनगंज सीएचसी परिसर में जलभराव, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ी परेशानी हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज परिसर में जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी जगह-जगह भर गया है। लैब, चिकित्सकों और एएनएम आवास की ओर जाने वाले रास्ते पर पानी जमा होने से मरीजों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी की लैब में जांच कराने आने वाले मरीजों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, चिकित्सकों और एएनएम आवास तक पहुंचने वाले रास्ते पर भी पानी भरा होने से रोजमर्रा के आवागमन में दिक्कत हो रही है। परिसर में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ने की आशंका है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल परिसर में इलाज और जांच के लिए आने वाले लोगों को पहले ही बीमारी और परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अस्पताल के भीतर ही जलभराव की स्थिति उनके लिए अतिरिक्त समस्या बन गई है। मरीजों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द पानी की निकासी कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या बार-बार सामने आती है। यदि समय रहते नालियों और जलनिकासी व्यवस्था की सफाई कराकर पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।1