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ट्विशा केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसके चलते जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समर्थ और ट्विशा के बीच कोई तीसरा शख्स शामिल है।
अनीता दीदी
ट्विशा केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसके चलते जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समर्थ और ट्विशा के बीच कोई तीसरा शख्स शामिल है।
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- भोपाल में 1 जून को धूमधाम से आजादी दिवस मनाया गया, जिसमें भोपाल स्मारक शहीद गेट पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महापौर मालती राय, स्थानीय पार्षद गण और भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उद्धव दास मेहता के परिवार से परिजन, जैन समाज के बंधु, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, एवं महंत महाराज श्री श्री अनिलानंद जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई और समाजसेवियों का स्वागत सम्मान किया गया। यह दिन भोपाल के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के बाद भी, भोपाल को अपनी स्वतंत्रता 1 जून 1948 को मिली थी। गुरु नानक मंडल अध्यक्ष राकेश कुकरेजा जी ने इस पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।1
- ट्विशा केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसके चलते जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समर्थ और ट्विशा के बीच कोई तीसरा शख्स शामिल है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 29 मई को 2 जून तक अपनी रिमांड में ले लिया है. यह कार्रवाई ट्विशा की मौत के 17 दिन बाद हुई. इससे पहले, 28 मई को हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. 12 मई को ट्विशा की मौत से लेकर 29 मई को सीबीआई रिमांड मिलने तक, इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं, जिससे यह चर्चा का विषय बना हुआ है. रिमांड अवधि समाप्त होने से पहले, सीबीआई एक बार फिर समर्थ और गिरिबाला को उनके घर ले गई है. यहां पूरी घटना का सीन रिक्रिएट किया जा रहा है कि ट्विशा को फंदे से कैसे उतारा गया था. इस रिक्रिएशन के लिए ट्विशा के 80 किलो के डमी पुतले का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि घटनाक्रम को सटीक तरीके से समझा जा सके. समर्थ ने अपने बयान में कहा था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि मां गिरिबाला ने जिमनास्टिक के फंदे की गांठ खोली थी. सीबीआई इस दावे की पड़ताल करने के लिए लिगेचर की मजबूती और वह कितना वजन झेल सकता है, इसकी भी जांच कर रही है. इसके अतिरिक्त, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई परिवार द्वारा बताई गई लंबाई से भिन्न पाई गई थी. इस विसंगति को समझने के लिए सीबीआई ने अलग लंबाई का एक दूसरा पुतला भी बनवाया है, ताकि 12 मई की घटना को सही ढंग से समझा जा सके. घटना से पहले और बाद की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, घटना के बाद पति समर्थ सिंह का अचानक लापता होकर बाद में आत्मसमर्पण करना, और गिरिबाला सिंह के कई विवादित बयान इस चर्चित मामले में लगातार बहस और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद निष्पक्ष पड़ताल और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत हुई है, और जांच तथा कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है.2