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अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा खबर राजस्थान के अलवर से । सुदर्शन न्यूज़ रिपोर्टर रमेश मीणा की रिपोर्ट अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा अलवर नगर निगम में सफाई कर्मियों के नियुक्ति पत्र का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को शुरू हुआ विवाद बुधवार को उस वक्त और गरमा गया, जब सफाई कर्मियों की मांग के समर्थन में वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम पहुंचे और कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों का आरोप है कि करीब छह महीने से वे नियुक्ति पत्र के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों ने बुधवार सुबह वन मंत्री के निवास पर पहुंचकर अपनी समस्या बताई। इसके बाद मंत्री ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर वे सीधे नगर निगम पहुंचे धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा ने सवाल उठाया कि जब सरकार के स्तर से नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, तो कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमजन और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। मंत्री ने अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे को भी उठाया और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। खास बात यह है कि भाजपा सरकार में वन मंत्री का अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठना चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल नगर निगम परिसर में मंत्री और सफाई कर्मियों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले का समाधान कब करता है और सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र कब मिलते हैं।

4 hrs ago
user_Ramesh mina
Ramesh mina
Taxi Driver अलवर, अलवर, राजस्थान•
4 hrs ago

अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा खबर राजस्थान के अलवर से । सुदर्शन न्यूज़ रिपोर्टर रमेश मीणा की रिपोर्ट अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा अलवर नगर निगम में सफाई कर्मियों के नियुक्ति पत्र का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को शुरू हुआ विवाद बुधवार को उस वक्त और गरमा गया, जब सफाई कर्मियों की मांग के समर्थन में वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम पहुंचे और कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों का आरोप है कि करीब छह महीने से वे नियुक्ति पत्र के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों ने बुधवार सुबह वन मंत्री के निवास पर पहुंचकर अपनी समस्या बताई। इसके

बाद मंत्री ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर वे सीधे नगर निगम पहुंचे धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा ने सवाल उठाया कि जब सरकार के स्तर से नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, तो कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमजन और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। मंत्री ने अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे को भी उठाया और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। खास बात यह है कि भाजपा सरकार में वन मंत्री का अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठना चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल नगर निगम परिसर में मंत्री और सफाई कर्मियों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले का समाधान कब करता है और सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र कब मिलते हैं।

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  • अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा खबर राजस्थान के अलवर से । सुदर्शन न्यूज़ रिपोर्टर रमेश मीणा की रिपोर्ट अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा अलवर नगर निगम में सफाई कर्मियों के नियुक्ति पत्र का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को शुरू हुआ विवाद बुधवार को उस वक्त और गरमा गया, जब सफाई कर्मियों की मांग के समर्थन में वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम पहुंचे और कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों का आरोप है कि करीब छह महीने से वे नियुक्ति पत्र के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों ने बुधवार सुबह वन मंत्री के निवास पर पहुंचकर अपनी समस्या बताई। इसके बाद मंत्री ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर वे सीधे नगर निगम पहुंचे धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा ने सवाल उठाया कि जब सरकार के स्तर से नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, तो कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमजन और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। मंत्री ने अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे को भी उठाया और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। खास बात यह है कि भाजपा सरकार में वन मंत्री का अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठना चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल नगर निगम परिसर में मंत्री और सफाई कर्मियों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले का समाधान कब करता है और सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र कब मिलते हैं।
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    अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा

 सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री

सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा
खबर राजस्थान के अलवर से ।
सुदर्शन न्यूज़ रिपोर्टर रमेश मीणा की रिपोर्ट
अपनी ही सरकार के वन मंत्री ने खोला मोर्चा
सफाई कर्मियों के हक में नगर निगम पहुंचे वन मंत्री
सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठे मंत्री वन संजय शर्मा 
अलवर  
नगर निगम में सफाई कर्मियों के नियुक्ति पत्र का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को शुरू हुआ विवाद बुधवार को उस वक्त और गरमा गया, जब सफाई कर्मियों की मांग के समर्थन में वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम पहुंचे और कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए। सफाई कर्मियों का आरोप है कि करीब छह महीने से वे नियुक्ति पत्र के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। कर्मचारियों ने बुधवार सुबह वन मंत्री के निवास पर पहुंचकर अपनी समस्या बताई। इसके बाद मंत्री ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर वे सीधे नगर निगम पहुंचे धरने पर बैठे वन मंत्री संजय शर्मा ने सवाल उठाया कि जब सरकार के स्तर से नियुक्ति के आदेश जारी हो चुके हैं, तो कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने में देरी क्यों की जा रही है? उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आमजन और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए।
मंत्री ने अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए भूमि आवंटन के मुद्दे को भी उठाया और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। खास बात यह है कि भाजपा सरकार में वन मंत्री का अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठना चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल नगर निगम परिसर में मंत्री और सफाई कर्मियों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले का समाधान कब करता है और सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र कब मिलते हैं।
    user_Ramesh mina
    Ramesh mina
    Taxi Driver अलवर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • जांगिड़ ब्राह्मण समाज की बैठक का हुआ आयोजन किशनगढ़ बास। कस्बे के अलवर रोड पर जांगिड़ ब्राह्मण समाज तहसील किशनगढ़ बास की एक बैठक प्रभाती लाल जांगिड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक मे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें जांगिड़ धर्मशाला, विश्वकर्मा मंदिर किशनगढ़-बास को निजी कब्जे से मुक्त करवाया जाने, जिला अध्यक्ष का चुनाव कुछ चुनिंदा व्यक्तियों द्वारा न करवाकर समस्त जिला स्तर पर किया जाए। इसके लिए जिला स्तरीय एवं खैरथल-तिजारा जांगिड़ ब्राह्मण समाज की आगामी आम सभा का आयोजन दिनांक 20 सितंबर 2026 को श्री विश्वकर्मा आवासीय शिक्षण संस्थान मोठूका रोड दयालपुर किशनगढ़-बास में आयोजन करने का निर्णय लिया। इस मौके पर समस्त जांगिड़ ब्राह्मण बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर समाज में फैली गलत गतिविधियों के निवारण में अपना सहयोग प्रदान करने की अपील की। इस मौके पर रामवतार शर्मा, यादराम ,भोरेलाल , छुट्टन लाल, गिरधारी लाल, सुरेंद्र, सरपंच रामनिवास, देशराज, पूरनमल, तुलसी, गिराज, श्यामलाल, सतीश, विशंभर जांगिड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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    जांगिड़ ब्राह्मण समाज की बैठक का हुआ आयोजन
किशनगढ़ बास। कस्बे के अलवर रोड पर जांगिड़ ब्राह्मण समाज तहसील किशनगढ़ बास की एक बैठक प्रभाती लाल जांगिड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक मे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें जांगिड़ धर्मशाला, विश्वकर्मा मंदिर किशनगढ़-बास को निजी कब्जे से मुक्त करवाया जाने, जिला अध्यक्ष का चुनाव कुछ चुनिंदा व्यक्तियों द्वारा न करवाकर समस्त जिला स्तर पर किया जाए। 
इसके लिए जिला स्तरीय एवं खैरथल-तिजारा जांगिड़ ब्राह्मण समाज की आगामी आम सभा का आयोजन दिनांक 20 सितंबर 2026 को श्री विश्वकर्मा आवासीय शिक्षण संस्थान मोठूका  रोड दयालपुर  किशनगढ़-बास में आयोजन करने का निर्णय लिया।
इस मौके पर  समस्त जांगिड़ ब्राह्मण बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में पधार कर समाज में फैली गलत गतिविधियों के निवारण में अपना सहयोग प्रदान करने की अपील की। इस मौके पर रामवतार शर्मा, यादराम ,भोरेलाल , छुट्टन लाल, गिरधारी लाल, सुरेंद्र, सरपंच रामनिवास, देशराज, पूरनमल, तुलसी, गिराज, श्यामलाल,  सतीश, विशंभर जांगिड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_सुनील कान्त गोल्डी
    सुनील कान्त गोल्डी
    रिपोर्टर किशनगढ़ बास, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • ज्वेलर्स की दुकान में चोरी, दीवार तोड़कर अंदर घुसे चोर।।
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    ज्वेलर्स की दुकान में चोरी, दीवार तोड़कर अंदर घुसे चोर।।
    user_NEWS BANSUR
    NEWS BANSUR
    Graphic designer बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • घंटों चले हंगामे के बाद 5 सफाई कर्मचारियों को मिली नियुक्ति, वन मंत्री ने कहा- बाकी को भी जल्द मिलेगा पत्र अलवर। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर बुधवार को सुबह से चला आ रहा सियासी और प्रशासनिक घमासान आखिरकार शाम को थम गया। नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे थे। मामले ने तूल पकड़ लिया था। घंटों तक चले विरोध और प्रशासनिक बैठकों के बाद आखिरकार प्रशासन ने पांच सफाई कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। नियुक्ति पत्र मिलते ही वन मंत्री संजय शर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे और उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल दिखा। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने बताया कि नियुक्ति का मामला न्यायालय के आदेश के कारण लंबित था। कार्यभार संभालने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसी के तहत पहले चरण में पांच कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी और न्यायालय के आदेश तथा नियमों के अनुसार सभी को नियुक्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को वन मंत्री के धरने पर बैठने के बाद मामला और गरमा गया था। पांच नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार अब भी है।
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    घंटों चले हंगामे के बाद 5 सफाई कर्मचारियों को मिली नियुक्ति, वन मंत्री ने कहा- बाकी को भी जल्द मिलेगा पत्र
अलवर। नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर बुधवार को सुबह से चला आ रहा सियासी और प्रशासनिक घमासान आखिरकार शाम को थम गया। नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे थे। मामले ने तूल पकड़ लिया था।
घंटों तक चले विरोध और प्रशासनिक बैठकों के बाद आखिरकार प्रशासन ने पांच सफाई कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। नियुक्ति पत्र मिलते ही वन मंत्री संजय शर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे और उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल दिखा।
नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने बताया कि नियुक्ति का मामला न्यायालय के आदेश के कारण लंबित था। कार्यभार संभालने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसी के तहत पहले चरण में पांच कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष कर्मचारियों के नियुक्ति पत्र की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी और न्यायालय के आदेश तथा नियमों के अनुसार सभी को नियुक्ति दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सफाई कर्मचारी लंबे समय से नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को वन मंत्री के धरने पर बैठने के बाद मामला और गरमा गया था। पांच नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार अब भी है।
    user_Sandeep Kumar Gupta
    Sandeep Kumar Gupta
    बारह पूरोहित•
    10 hrs ago
  • लापरवाही अलवर में मत्स्य यूनिवर्सिटी में हजारों कॉपियां पानी में भीगीं -बारिश से बिल्डिंग में लीकेज; बेसमेंट में 4 दिन से भरा पानी, खराब हो रहीं आंसरशीट लापरवाही अलवर में मत्स्य यूनिवर्सिटी में हजारों कॉपियां पानी में भीगीं -बारिश से बिल्डिंग में लीकेज; बेसमेंट में 4 दिन से भरा पानी, खराब हो रहीं आंसरशीट फोटो-4 अलवर । हल्दीना स्थित राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक भवन की पोल मानसून की पहली झड़ी ने ही खोल दी है। हाल ही हुई तेज बारिश के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बने विश्वविद्यालय के भवन के बेसमेंट में पानी भर गया। इससे वहां रखी हजारों उत्तरपुस्तिकाएं पानी में डूबकर खराब हो रही हैं। लापरवाही का आलम यह है कि चार दिन बाद भी बेसमेंट से पानी की पूरी निकासी नहीं हो पाई है। अब भी वहां कई इंच पानी एकत्र है। इसी पानी के बीच कट्टों में भरकर रखी गई स्टूडेंट्स की उत्तरपुस्तिकाएं खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा- यह पहली बार नहीं है। पिछले तीन साल से लगातार बरसात के मौसम में इसी तरह बेसमेंट में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। हर साल बरसात आती है। बेसमेंट जलमग्न होता है। निर्माण करने वाली एजेंसी को शिकायत की जा चुकी है। यही हाल रहा तो आने वाले समय में छात्रों के रिकॉर्ड का नामोनिशान मिट जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी को अपने पुराने रिकॉर्ड या डिग्री सत्यापन के लिए कॉपियों की आवश्यकता पड़ी तो विश्वविद्यालय प्रशासन के पास सिवाय पछतावे के कुछ नहीं बचेगा। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी बेसमेंट में पानी रिसने या भरने की समस्या का समाधान न होना सीधे तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और इंजीनियरिंग पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण एजेंसी भवन को विश्वविद्यालय प्रशासन को हैंडओवर करते-करते अपना गारंटी पीरियड भी पूरा कर चुकी है। अब जब खामियां सामने आ रही हैं तो विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है। जबकि निर्माण करने वाली एजेंसी को पूरा भुगतान कर दिया गया।
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    लापरवाही अलवर में मत्स्य यूनिवर्सिटी में हजारों कॉपियां पानी में भीगीं
-बारिश से बिल्डिंग में लीकेज; बेसमेंट में 4 दिन से भरा पानी, खराब हो रहीं आंसरशीट
लापरवाही अलवर में मत्स्य यूनिवर्सिटी में हजारों कॉपियां पानी में भीगीं
-बारिश से बिल्डिंग में लीकेज; बेसमेंट में 4 दिन से भरा पानी, खराब हो रहीं आंसरशीट
फोटो-4
अलवर । हल्दीना स्थित राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक भवन की पोल मानसून की पहली झड़ी ने ही खोल दी है। हाल ही हुई तेज बारिश के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बने विश्वविद्यालय के भवन के बेसमेंट में पानी भर गया। इससे वहां रखी हजारों उत्तरपुस्तिकाएं पानी में डूबकर खराब हो रही हैं।
लापरवाही का आलम यह है कि चार दिन बाद भी बेसमेंट से पानी की पूरी निकासी नहीं हो पाई है। अब भी वहां कई इंच पानी एकत्र है। इसी पानी के बीच कट्टों में भरकर रखी गई स्टूडेंट्स की उत्तरपुस्तिकाएं खराब होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा- यह पहली बार नहीं है। पिछले तीन साल से लगातार बरसात के मौसम में इसी तरह बेसमेंट में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। हर साल बरसात आती है। बेसमेंट जलमग्न होता है। निर्माण करने वाली एजेंसी को शिकायत की जा चुकी है।
यही हाल रहा तो आने वाले समय में छात्रों के रिकॉर्ड का नामोनिशान मिट जाएगा। यदि किसी विद्यार्थी को अपने पुराने रिकॉर्ड या डिग्री सत्यापन के लिए कॉपियों की आवश्यकता पड़ी तो विश्वविद्यालय प्रशासन के पास सिवाय पछतावे के कुछ नहीं बचेगा।
करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी बेसमेंट में पानी रिसने या भरने की समस्या का समाधान न होना सीधे तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और इंजीनियरिंग पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
हैरानी की बात यह है कि निर्माण एजेंसी भवन को विश्वविद्यालय प्रशासन को हैंडओवर करते-करते अपना गारंटी पीरियड भी पूरा कर चुकी है। अब जब खामियां सामने आ रही हैं तो विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है। जबकि निर्माण करने वाली एजेंसी को पूरा भुगतान कर दिया गया।
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • मुंडावर के भिखावास गांव में भाई ने कमाल कर दिया है इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करो
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    मुंडावर के भिखावास गांव में भाई ने कमाल कर दिया है इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करो
    user_दिलबाग यादव
    दिलबाग यादव
    Agricultural organisation मंडावर, अलवर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • भोजवाड़ा में बिजली व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने RDSS योजना से सुधार की उठाई मांग बांदीकुई। ग्राम पंचायत भोजवाड़ा के ग्रामीणों ने गांव की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर RDSS योजना के तहत बिजली व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में अत्यधिक लो-वोल्टेज, बार-बार लाइन फॉल्ट, जर्जर विद्युत तार और टूटे-फूटे बिजली पोलों के कारण आमजन परेशान हैं। शाम के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं ट्रांसफॉर्मर पर अधिक लोड होने से बार-बार जलने की समस्या भी सामने आ रही है। कई घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर भी स्थापित नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि पावर हाउस से भोजवाड़ा के लिए स्वतंत्र फीडर लाइन बिछाई जाए, जर्जर तार व क्षतिग्रस्त पोल बदले जाएं तथा क्षमता के अनुसार अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं। साथ ही मुख्य गांव के अलग फीडर से भोजवाड़ा की लाइन करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि विद्युत व्यवस्था में सुधार होने से भोजवाड़ा के करीब 500 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और बार-बार होने वाले बिजली फॉल्ट एवं लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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    भोजवाड़ा में बिजली व्यवस्था बदहाल, ग्रामीणों ने RDSS योजना से सुधार की उठाई मांग
बांदीकुई। ग्राम पंचायत भोजवाड़ा के ग्रामीणों ने गांव की बदहाल विद्युत व्यवस्था को लेकर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर RDSS योजना के तहत बिजली व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि गांव में अत्यधिक लो-वोल्टेज, बार-बार लाइन फॉल्ट, जर्जर विद्युत तार और टूटे-फूटे बिजली पोलों के कारण आमजन परेशान हैं। शाम के समय समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं ट्रांसफॉर्मर पर अधिक लोड होने से बार-बार जलने की समस्या भी सामने आ रही है। कई घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर भी स्थापित नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की कि पावर हाउस से भोजवाड़ा के लिए स्वतंत्र फीडर लाइन बिछाई जाए, जर्जर तार व क्षतिग्रस्त पोल बदले जाएं तथा क्षमता के अनुसार अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं। साथ ही मुख्य गांव के अलग फीडर से भोजवाड़ा की लाइन करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि विद्युत व्यवस्था में सुधार होने से भोजवाड़ा के करीब 500 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और बार-बार होने वाले बिजली फॉल्ट एवं लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी। ज्ञापन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    11 hrs ago
  • "राजस्थान में सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है" - नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली टीकाराम जूली ने कहा कि यह राजस्थान का दुर्भाग्य है कि जो बात हम इतने समय से कह रहे थे आज वही सच हो गई है। राजस्थान आगे जाने के बजाय पीछे जा रहा है और पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है। नेताओं और मंत्रियों की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी जीती जागती मिसाल आज अलवर में देखने को मिली जहां अलवर से आने वाले मंत्री को खुद सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। मंत्री का कहना है कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त से बात की, जिला कलेक्टर से बात की, डीएलबी में बात की, मंत्री जी से बात की और सीएमओ तक बात पहुंचाई लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। पिछले डेढ़ वर्षों से कोर्ट का आदेश होने के बावजूद हालात जस के तस हैं और इसी के चलते सरकार के मंत्री को धरने पर बैठना पड़ा। जूली ने कहा कि इस सरकार के खिलाफ उनके विधायक पहले भी बयान दे चुके हैं, खुद उनके मंत्री बयान दे चुके हैं और अब तो खुद मंत्री ही धरने पर बैठ गए हैं। जिस आयुक्त के खिलाफ मंत्री धरने पर बैठे हैं उसी को मुख्यमंत्री जी अपने गृह जिले लेकर गए हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि राजस्थान में किस तरह के हालात चल रहे हैं। जूली ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब मंत्रियों की बात नहीं सुनी जा रही तो आम जनता कहां जाएगी। मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह जी भी अलवर आ रहे हैं और अलवर से केंद्रीय मंत्री भी आते हैं, उन्हें भी देखना चाहिए कि अलवर की हकीकत क्या है और किस स्थिति में यहां खुद मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है।
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    "राजस्थान में सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है" - नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
टीकाराम जूली ने कहा कि यह राजस्थान का दुर्भाग्य है कि जो बात हम इतने समय से कह रहे थे आज वही सच हो गई है। राजस्थान आगे जाने के बजाय पीछे जा रहा है और पूरे प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है। नेताओं और मंत्रियों की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसकी जीती जागती मिसाल आज अलवर में देखने को मिली जहां अलवर से आने वाले मंत्री को खुद सरकार के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा। मंत्री का कहना है कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त से बात की, जिला कलेक्टर से बात की, डीएलबी में बात की, मंत्री जी से बात की और सीएमओ तक बात पहुंचाई लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
पिछले डेढ़ वर्षों से कोर्ट का आदेश होने के बावजूद हालात जस के तस हैं और इसी के चलते सरकार के मंत्री को धरने पर बैठना पड़ा। जूली ने कहा कि इस सरकार के खिलाफ उनके विधायक पहले भी बयान दे चुके हैं, खुद उनके मंत्री बयान दे चुके हैं और अब तो खुद मंत्री ही धरने पर बैठ गए हैं। जिस आयुक्त के खिलाफ मंत्री धरने पर बैठे हैं उसी को मुख्यमंत्री जी अपने गृह जिले लेकर गए हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि राजस्थान में किस तरह के हालात चल रहे हैं।
जूली ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि जब मंत्रियों की बात नहीं सुनी जा रही तो आम जनता कहां जाएगी। मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह जी भी अलवर आ रहे हैं और अलवर से केंद्रीय मंत्री भी आते हैं, उन्हें भी देखना चाहिए कि अलवर की हकीकत क्या है और किस स्थिति में यहां खुद मंत्रियों को धरने पर बैठना पड़ रहा है।
    user_Sandeep Kumar Gupta
    Sandeep Kumar Gupta
    बारह पूरोहित•
    10 hrs ago
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