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जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन पूरी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अधिकारियों ने आगे विचार करने की बात कही और मौके से चले गए।
Santosh kumar
जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन पूरी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अधिकारियों ने आगे विचार करने की बात कही और मौके से चले गए।
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- गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक पहुंचाई अपनी बात सिंगरौली में काचन नदी के जल सत्याग्रह में शामिल महिलाएं अपने गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक अपनी बात पहुंचा रही हैं। इनकी आवाज और संदेश आपको जरूर सुनना चाहिए। 🌊🎶 #Singrauli #काचन_नदी #जल_सत्याग्रह #महिलाओं_की_आवाज #जनता_की_आवाज #सिंगरौली1
- बसौड़ा में 236 घन मीटर अवैध रेत जब्त शासकीय भूमि पर मिला अवैध रेत भंडारण, बिना नंबर का ट्रैक्टर भी पकड़ाया, भंडारणकर्ता की तलाश जारी सिंगरौली- जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने 10 सितंबर को ग्राम बसौड़ा, तहसील सिंगरौली में प्रभावी कार्रवाई की। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश तथा खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया एवं सासन चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने रेत भंडारण की शिकायत पर मौके की जांच की। जांच के दौरान सर्वे क्रमांक 639 की शासकीय भूमि पर लगभग 236 घन मीटर रेत अवैध रूप से भंडारित मिली। टीम ने रेत को जब्त कर रेत नियमों के प्रावधानों के अनुसार रेत ठेकेदार की सुपुर्दगी में दिया तथा आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। अवैध रेत किसके द्वारा एकत्रित कर भंडारित की गई थी, इसकी जानकारी जुटाने के लिए ग्रामवासियों से पूछताछ की जा रही है। संबंधित व्यक्ति की पहचान होने के बाद भंडारणकर्ता के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी कार्रवाई के दौरान बसौड़ा क्षेत्र से रेत के अवैध उत्खनन/परिवहन में संलग्न बिना नंबर का स्वराज 834 जेडएम ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी सासन में खड़ा कराया गया है। वाहन के विरुद्ध भी खनिज नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन और रेत के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसने की यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। खनिज विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण हो या रेत का अनधिकृत उत्खनन-परिवहन, नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। .......1
- सिंगरौली:होटल राजकमल आरना केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल अयाज टाल मार्ग में नाली निर्माण को लेकर नगर निगम अध्यक्ष ने क्या कहा ! दो करोड़ 30 लाख की लागत से बनेगी नाली, जलभराव की समस्या से मिलेगी निजात।1
- सोनभद्र खनन मामला: ओबरा में पुलिस हलचल और मुंबई से गिरफ्तारी के बीच राबर्ट्सगंज कोर्ट में पेश हुए इश्तियाक खान, वकील की सफाई के बाद उठे बड़े सवाल ओबरा (सोनभद्र) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस प्रशासन और कानूनी कार्रवाई के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। ओबरा से लेकर राबर्ट्सगंज तक पिछले कई दिनों से जारी लगातार पुलिसिया कार्रवाई और धरपकड़ के बीच खनन कारोबारी और समाजवादी पार्टी के नेता इश्तियाक खान को पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर राबर्ट्सगंज जिला अदालत परिसर पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 सितंबर को हुई, जब ओबरा थाने को मुख्य केंद्र बनाकर घंटों तक प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया चलाई गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, ओबरा थाना प्रभारी सदानंद राय और एसओजी प्रभारी समेत भारी पुलिस बल थाने पर मुस्तैद रहा। एएसपी अनिल कुमार की इस प्रशासनिक मौजूदगी के बीच इश्तियाक खान के बिजनेस पार्टनर व अजंता माइंस के संचालक राहुल गोयल को थाने में बैठाकर सघन पूछताछ की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीमों ने ओबरा और बिल्ली-मारकुंडी स्थित ठिकानों पर जाकर जांच-पड़ताल की। इश्तियाक खान के मौके पर न मिलने पर पुलिस टीम ने उनकी पत्नी आफरीना खान और बेटी से देर रात तक पूछताछ की। हालांकि, थाने पर एएसपी की मौजूदगी, भारी पुलिस बल की मुस्तैदी और घंटों चली पूछताछ के बावजूद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को आधिकारिक रूप से केवल एक सामान्य शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच बताया। प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने मामले पर खुलकर बोलने से परहेज किया, जिससे स्थानीय मीडिया और आम जनता के बीच पुलिस के इस रुख को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे। इसी बीच 10 सितंबर की सुबह राबर्ट्सगंज स्थित जिला अदालत परिसर में अचानक हलचल तेज हो गई, जब मुंबई से गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस इश्तियाक खान को लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट परिसर में मौजूद इश्तियाक खान के वकील ने मीडिया के सामने आधिकारिक बयान देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। वकील ने बताया कि यह मामला राधिका एंटरप्राइजेज नाम की फर्म के पार्टनरों के बीच का आपसी कारोबारी विवाद है, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पहली नजर में सिविल मामला माना था। वकील का सीधा आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात न बनने पर पुलिस ने पहले इस मामले में खात्मा (अंतिम रिपोर्ट) लगा दिया था, लेकिन बाद में दोबारा जांच के नाम पर मनगढ़ंत बातें जोड़ी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की टीमों ने बिना किसी आधिकारिक कागजी दर्ज के सादे कपड़ों में मुंबई/महाराष्ट्र तक जाकर दबिश दी, आरोपी को एक निजी होटल में रखा और एएसपी स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय किसी के इशारे पर काम कर रही है। लेकिन वकील के इन सफाई भरे बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि अगर यह मामला सिर्फ पार्टनरों के बीच का कारोबारी विवाद था और अदालत के दरवाजे खुले थे, तो आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दौरान लगातार मुंबई तक क्यों भागता रहा? पहले ही दिन जब पुलिस की टीमें ओबरा में जांच-पड़ताल कर रही थीं, तब सीधे अदालत के सामने उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के बजाय महाराष्ट्र तक छिपते फिरना और अंत में पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार होकर कोर्ट पहुंचना यह साफ दिखाता है कि इन कानूनी दलीलों के पीछे दंडात्मक कार्रवाई का सीधा डर काम कर रहा था। पृष्ठभूमि खनन व्यापार में 2008-09 के दौरान इश्तियाक खान ने खनन कारोबार में बेहद साधारण स्तर से कदम रखा था। उस समय हाथ से लिखे कागजी परमिट की व्यवस्था थी खनन व्यापारियों से जुड़कर परमिट का कार्य जहां प्रतिदिन परमिट खरीद कर औसतन 30 से 40 हजार रुपये प्रतिदिन का कारोबार होता था। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक रहे और क्षेत्र में 'विकास पुरुष' के नाम से जाने जाने वाले पूर्व राज्यमंत्री विधायक स्वर्गीय विजय सिंह गोंड का करीबी साथ मिलने से इश्तियाक खान की सोनभद्र खनन विभाग में अच्छी पकड़ बन गई। स्वर्गीय विजय सिंह गोंड के दौर से शुरू हुआ यह राजनीतिक सफर आगे चलकर समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं तक जा पहुंचा। पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव से पारिवारिक रिश्तों और समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्ग की मुलायम सिंह यादव के साथ प्लेन मैं लिया गया साथ में सेल्फी और साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ तस्वीरें इस प्रभाव को साफ दर्शाती हैं। इसी राजनीतिक पहुंच के कारण वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय सोनभद्र के तत्कालीन जिलाधिकारी टी.के. शिबू के साथ सांठगांठ करके उसे समय बड़े पैमाने पर खनन से बड़ी धनराशि अर्जित की संबंधित मामला जान चर्चाओं में गया और खनन में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंची थीं विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी कारोबार का दायरा लगातार बढ़ता गया। खनन कारोबार में आगे चलकर कागजी में अपनी पत्नी आफरीना खान (मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन) को आगे कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों के जाली दस्तखत से हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने, जाली ई-पास MM 11 से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, संस्कृत खदान मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन में तय सीमा से बाहर 15,732 घन मीटर डोलो स्टोन का अवैध खनन करने, 50 लाख रुपये हर महीने रंगदारी मांगने और जमीन मालिक के फर्जी दस्तखत से खनन पट्टा हड़पने जैसे कई गंभीर मामलों में मामले दर्ज हैं हालांकि चर्चाओं में अभी एक अधिकांश मामले में फाइनल रिपोर्ट लग गई है जो एक और चर्चा का केंद्र है स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश तक इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही धड़ों के नेताओं ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।1
- घोरावल सोनभद्र तिलौली ब्लॉक के नया पंचायत भैसवार में भारती किसान यूनियन लोक शक्ति सोनभद्र किसानों का धरना प्रदर्शन 479 दिन में पहुंच गया इस धरने का नेतृत्व कर रहे तहसील संगठन मंत्री मनोज कुमार यादव, सूचना मंत्री सीताराम मौर्य ,बुद्धिई, गुंजन, सिद्धनाथ गुरु चरण संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे मनोज कुमार यादव ने बताया कि 12 13 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का राष्ट्रीय महा पंचायत रामनगर वाराणसी पुराने पोखरे पर किया जाएगा इस राष्ट्रीय महा पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रभारी मंडल अध्यक्ष अपनी भारी संख्या में किसानों को लेकर मौजूद रहेंगे2
- रूद्र रूप केवटी वाटर को का कूड़ा है कैसा शानदार है अच्छा लगा है रूद्र रूप क्योंकि वाटर करो1
- जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन पूरी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अधिकारियों ने आगे विचार करने की बात कही और मौके से चले गए।1
- 🚨 ब्रेकिंग | सोनभद्र ओबरा में 5 वर्षीय बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। परिजनों ने पड़ोस के एक किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना पर पुलिस ने किशोर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। 🔴 नाबालिग पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।1