logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सोनभद्र खनन मामला: ओबरा में पुलिस हलचल और मुंबई से गिरफ्तारी के बीच राबर्ट्सगंज कोर्ट में पेश हुए इश्तियाक खान, वकील की सफाई के बाद उठे बड़े सवाल ओबरा (सोनभद्र) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस प्रशासन और कानूनी कार्रवाई के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। ओबरा से लेकर राबर्ट्सगंज तक पिछले कई दिनों से जारी लगातार पुलिसिया कार्रवाई और धरपकड़ के बीच खनन कारोबारी और समाजवादी पार्टी के नेता इश्तियाक खान को पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर राबर्ट्सगंज जिला अदालत परिसर पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 सितंबर को हुई, जब ओबरा थाने को मुख्य केंद्र बनाकर घंटों तक प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया चलाई गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, ओबरा थाना प्रभारी सदानंद राय और एसओजी प्रभारी समेत भारी पुलिस बल थाने पर मुस्तैद रहा। एएसपी अनिल कुमार की इस प्रशासनिक मौजूदगी के बीच इश्तियाक खान के बिजनेस पार्टनर व अजंता माइंस के संचालक राहुल गोयल को थाने में बैठाकर सघन पूछताछ की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीमों ने ओबरा और बिल्ली-मारकुंडी स्थित ठिकानों पर जाकर जांच-पड़ताल की। इश्तियाक खान के मौके पर न मिलने पर पुलिस टीम ने उनकी पत्नी आफरीना खान और बेटी से देर रात तक पूछताछ की। हालांकि, थाने पर एएसपी की मौजूदगी, भारी पुलिस बल की मुस्तैदी और घंटों चली पूछताछ के बावजूद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को आधिकारिक रूप से केवल एक सामान्य शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच बताया। प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने मामले पर खुलकर बोलने से परहेज किया, जिससे स्थानीय मीडिया और आम जनता के बीच पुलिस के इस रुख को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे। इसी बीच 10 सितंबर की सुबह राबर्ट्सगंज स्थित जिला अदालत परिसर में अचानक हलचल तेज हो गई, जब मुंबई से गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस इश्तियाक खान को लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट परिसर में मौजूद इश्तियाक खान के वकील ने मीडिया के सामने आधिकारिक बयान देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। वकील ने बताया कि यह मामला राधिका एंटरप्राइजेज नाम की फर्म के पार्टनरों के बीच का आपसी कारोबारी विवाद है, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पहली नजर में सिविल मामला माना था। वकील का सीधा आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात न बनने पर पुलिस ने पहले इस मामले में खात्मा (अंतिम रिपोर्ट) लगा दिया था, लेकिन बाद में दोबारा जांच के नाम पर मनगढ़ंत बातें जोड़ी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की टीमों ने बिना किसी आधिकारिक कागजी दर्ज के सादे कपड़ों में मुंबई/महाराष्ट्र तक जाकर दबिश दी, आरोपी को एक निजी होटल में रखा और एएसपी स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय किसी के इशारे पर काम कर रही है। लेकिन वकील के इन सफाई भरे बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि अगर यह मामला सिर्फ पार्टनरों के बीच का कारोबारी विवाद था और अदालत के दरवाजे खुले थे, तो आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दौरान लगातार मुंबई तक क्यों भागता रहा? पहले ही दिन जब पुलिस की टीमें ओबरा में जांच-पड़ताल कर रही थीं, तब सीधे अदालत के सामने उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के बजाय महाराष्ट्र तक छिपते फिरना और अंत में पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार होकर कोर्ट पहुंचना यह साफ दिखाता है कि इन कानूनी दलीलों के पीछे दंडात्मक कार्रवाई का सीधा डर काम कर रहा था। पृष्ठभूमि खनन व्यापार में 2008-09 के दौरान इश्तियाक खान ने खनन कारोबार में बेहद साधारण स्तर से कदम रखा था। उस समय हाथ से लिखे कागजी परमिट की व्यवस्था थी खनन व्यापारियों से जुड़कर परमिट का कार्य जहां प्रतिदिन परमिट खरीद कर औसतन 30 से 40 हजार रुपये प्रतिदिन का कारोबार होता था। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक रहे और क्षेत्र में 'विकास पुरुष' के नाम से जाने जाने वाले पूर्व राज्यमंत्री विधायक स्वर्गीय विजय सिंह गोंड का करीबी साथ मिलने से इश्तियाक खान की सोनभद्र खनन विभाग में अच्छी पकड़ बन गई। स्वर्गीय विजय सिंह गोंड के दौर से शुरू हुआ यह राजनीतिक सफर आगे चलकर समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं तक जा पहुंचा। पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव से पारिवारिक रिश्तों और समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्ग की मुलायम सिंह यादव के साथ प्लेन मैं लिया गया साथ में सेल्फी और साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ तस्वीरें इस प्रभाव को साफ दर्शाती हैं। इसी राजनीतिक पहुंच के कारण वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय सोनभद्र के तत्कालीन जिलाधिकारी टी.के. शिबू के साथ सांठगांठ करके उसे समय बड़े पैमाने पर खनन से बड़ी धनराशि अर्जित की संबंधित मामला जान चर्चाओं में गया और खनन में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंची थीं विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी कारोबार का दायरा लगातार बढ़ता गया। खनन कारोबार में आगे चलकर कागजी में अपनी पत्नी आफरीना खान (मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन) को आगे कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों के जाली दस्तखत से हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने, जाली ई-पास MM 11 से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, संस्कृत खदान मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन में तय सीमा से बाहर 15,732 घन मीटर डोलो स्टोन का अवैध खनन करने, 50 लाख रुपये हर महीने रंगदारी मांगने और जमीन मालिक के फर्जी दस्तखत से खनन पट्टा हड़पने जैसे कई गंभीर मामलों में मामले दर्ज हैं हालांकि चर्चाओं में अभी एक अधिकांश मामले में फाइनल रिपोर्ट लग गई है जो एक और चर्चा का केंद्र है स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश तक इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही धड़ों के नेताओं ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।

20 hrs ago
user_Abhishek agrahari संस्थापक सोन
Abhishek agrahari संस्थापक सोन
Student union ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

सोनभद्र खनन मामला: ओबरा में पुलिस हलचल और मुंबई से गिरफ्तारी के बीच राबर्ट्सगंज कोर्ट में पेश हुए इश्तियाक खान, वकील की सफाई के बाद उठे बड़े सवाल ओबरा (सोनभद्र) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस प्रशासन और कानूनी कार्रवाई के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। ओबरा से लेकर राबर्ट्सगंज तक पिछले कई दिनों से जारी लगातार पुलिसिया कार्रवाई और धरपकड़ के बीच खनन कारोबारी और समाजवादी पार्टी के नेता इश्तियाक खान को पुलिस मुंबई से गिरफ्तार कर राबर्ट्सगंज जिला अदालत परिसर पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 3 सितंबर को हुई, जब ओबरा थाने को मुख्य केंद्र बनाकर घंटों तक प्रशासनिक व कानूनी प्रक्रिया चलाई गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, ओबरा थाना प्रभारी सदानंद राय और एसओजी प्रभारी समेत भारी पुलिस बल थाने पर मुस्तैद रहा। एएसपी अनिल कुमार की इस प्रशासनिक मौजूदगी के बीच इश्तियाक खान के बिजनेस पार्टनर व अजंता माइंस के संचालक राहुल गोयल को थाने में बैठाकर सघन पूछताछ की गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीमों ने ओबरा और बिल्ली-मारकुंडी स्थित ठिकानों पर जाकर जांच-पड़ताल की। इश्तियाक खान के मौके पर न मिलने पर पुलिस टीम ने उनकी पत्नी आफरीना खान और बेटी से देर रात तक पूछताछ की। हालांकि, थाने पर एएसपी की मौजूदगी, भारी पुलिस बल की मुस्तैदी और घंटों चली पूछताछ के बावजूद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरी कार्रवाई को आधिकारिक रूप से केवल एक सामान्य शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच बताया। प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने मामले पर खुलकर बोलने से परहेज किया, जिससे स्थानीय मीडिया और आम जनता के बीच पुलिस के इस रुख को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे। इसी बीच 10 सितंबर की सुबह राबर्ट्सगंज स्थित जिला अदालत परिसर में अचानक हलचल तेज हो गई, जब मुंबई से गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस इश्तियाक खान को लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट परिसर में मौजूद इश्तियाक खान के वकील ने मीडिया के सामने आधिकारिक बयान देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए। वकील ने बताया कि यह मामला राधिका एंटरप्राइजेज नाम की फर्म के पार्टनरों के बीच का आपसी कारोबारी विवाद है, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पहली नजर में सिविल मामला माना था। वकील का सीधा आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात न बनने पर पुलिस ने पहले इस मामले में खात्मा (अंतिम रिपोर्ट) लगा दिया था, लेकिन बाद में दोबारा जांच के नाम पर मनगढ़ंत बातें जोड़ी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की टीमों ने बिना किसी आधिकारिक कागजी दर्ज के सादे कपड़ों में मुंबई/महाराष्ट्र तक जाकर दबिश दी, आरोपी को एक निजी होटल में रखा और एएसपी स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी यह साबित करती है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय किसी के इशारे पर काम कर रही है। लेकिन वकील के इन सफाई भरे बयानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा होता है कि अगर यह मामला सिर्फ पार्टनरों के बीच का कारोबारी विवाद था और अदालत के दरवाजे खुले थे, तो आरोपी पुलिस की कार्रवाई के दौरान लगातार मुंबई तक क्यों भागता रहा? पहले ही दिन जब पुलिस की टीमें ओबरा में जांच-पड़ताल कर रही थीं, तब सीधे अदालत के सामने उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के बजाय महाराष्ट्र तक छिपते फिरना और अंत में पुलिस द्वारा मुंबई से गिरफ्तार होकर कोर्ट पहुंचना यह साफ दिखाता है कि इन कानूनी दलीलों के पीछे दंडात्मक कार्रवाई का सीधा डर काम कर रहा था। पृष्ठभूमि खनन व्यापार में 2008-09 के दौरान इश्तियाक खान ने खनन कारोबार में बेहद साधारण स्तर से कदम रखा था। उस समय हाथ से लिखे कागजी परमिट की व्यवस्था थी खनन व्यापारियों से जुड़कर परमिट का कार्य जहां प्रतिदिन परमिट खरीद कर औसतन 30 से 40 हजार रुपये प्रतिदिन का कारोबार होता था। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से लगातार विधायक रहे और क्षेत्र में 'विकास पुरुष' के नाम से जाने जाने वाले पूर्व राज्यमंत्री विधायक स्वर्गीय विजय सिंह गोंड का करीबी साथ मिलने से इश्तियाक खान की सोनभद्र खनन विभाग में अच्छी पकड़ बन गई। स्वर्गीय विजय सिंह गोंड के दौर से शुरू हुआ यह राजनीतिक सफर आगे चलकर समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेताओं तक जा पहुंचा। पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव से पारिवारिक रिश्तों और समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्ग की मुलायम सिंह यादव के साथ प्लेन मैं लिया गया साथ में सेल्फी और साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ तस्वीरें इस प्रभाव को साफ दर्शाती हैं। इसी राजनीतिक पहुंच के कारण वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के समय सोनभद्र के तत्कालीन जिलाधिकारी टी.के. शिबू के साथ सांठगांठ करके उसे समय बड़े पैमाने पर खनन से बड़ी धनराशि अर्जित की संबंधित मामला जान चर्चाओं में गया और खनन में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंची थीं विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी कारोबार का दायरा लगातार बढ़ता गया। खनन कारोबार में आगे चलकर कागजी में अपनी पत्नी आफरीना खान (मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन) को आगे कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इंजीनियरों के जाली दस्तखत से हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने, जाली ई-पास MM 11 से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, संस्कृत खदान मेसर्स ईशाना कंस्ट्रक्शन में तय सीमा से बाहर 15,732 घन मीटर डोलो स्टोन का अवैध खनन करने, 50 लाख रुपये हर महीने रंगदारी मांगने और जमीन मालिक के फर्जी दस्तखत से खनन पट्टा हड़पने जैसे कई गंभीर मामलों में मामले दर्ज हैं हालांकि चर्चाओं में अभी एक अधिकांश मामले में फाइनल रिपोर्ट लग गई है जो एक और चर्चा का केंद्र है स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश तक इस पूरे घटनाक्रम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही धड़ों के नेताओं ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • प्रसव के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, सीएचसी दुद्धी लाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मधुबन के टोला बरहापान में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना पर सीएचसी दुद्धी पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मृतका सीता कुमारी (20) पत्नी संजय कुमार ने 4 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी में जन्म दिया था। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, 5 सितंबर की दोपहर अचानक सीता को सांस लेने में दिक्कत के साथ सर्दी खांसी की शिकायत हुई। पति संजय ने बताया कि 5 सितंबर की रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर देर रात करीब 2 बजे निजी भाड़े की गाड़ी से दुद्धी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया गया कि निजी कारणों और आर्थिक समस्याओं के चलते परिजन प्रसूता को जिला अस्पताल न ले जाकर वापस घर ले आए। परिजनों का कहना है कि घर पर कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बुधवार की दोपहर बाद सीता की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। देखते ही देखते हालत बेहद गंभीर हो गई। गुरुवार तड़के करीब 4 बजे परिजन सीता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. शाह आलम ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएचसी प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। परिजनों ने बताया कि सीता और संजय पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध में थे और एक साथ रह रहे थे। मृतका का नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों की देखरेख में है।
    4
    प्रसव के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, सीएचसी दुद्धी लाने पर डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पुलिस जांच में जुटी
दुद्धी (सोनभद्र)।स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम मधुबन के टोला बरहापान में एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सूचना पर सीएचसी दुद्धी पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार मृतका सीता कुमारी (20) पत्नी संजय कुमार ने 4 सितंबर की सुबह करीब 6 बजे घर पर ही एक स्वस्थ बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी में जन्म दिया था। प्रसव के बाद जच्चा बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। हालांकि, 5 सितंबर की दोपहर अचानक सीता को सांस लेने में दिक्कत के साथ सर्दी खांसी की शिकायत हुई।
पति संजय ने बताया कि 5 सितंबर की रात तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन एम्बुलेंस उपलब्ध न होने पर देर रात करीब 2 बजे निजी भाड़े की गाड़ी से दुद्धी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें अन्यत्र जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
बताया गया कि निजी कारणों और आर्थिक समस्याओं के चलते परिजन प्रसूता को जिला अस्पताल न ले जाकर वापस घर ले आए। परिजनों का कहना है कि घर पर कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन बुधवार की दोपहर बाद सीता की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी। देखते ही देखते हालत बेहद गंभीर हो गई।
गुरुवार तड़के करीब 4 बजे परिजन सीता को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी पहुंचे, जहां चिकित्सक डॉ. शाह आलम ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीएचसी प्रशासन से मिली सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
परिजनों ने बताया कि सीता और संजय पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध में थे और एक साथ रह रहे थे। मृतका का नवजात शिशु पूरी तरह सुरक्षित है और परिजनों की देखरेख में है।
    user_विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    Local News Reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध/जहरीली शराब माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बंडा में बड़ी कार्रवाई। ➡️ प्रशासन ने माफियाओं के 5 अवैध निर्माणों पर चलाया बुलडोजर ➡️ बंडा अवैध शराब मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन ➡️ माफियाओं की अनाधिकृत अवैध संपत्तियों, शासकीय अतिक्रमण को किया जा रहा जमींदोज ➡️ आरोपी मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू के अवैध मकानों और गोदामों पर कार्रवाई
    1
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अवैध/जहरीली शराब माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बंडा में बड़ी कार्रवाई।

➡️ प्रशासन ने माफियाओं के 5 अवैध निर्माणों पर चलाया बुलडोजर

➡️ बंडा अवैध शराब मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ कड़ा एक्शन

➡️ माफियाओं की अनाधिकृत अवैध संपत्तियों, शासकीय अतिक्रमण को किया जा रहा जमींदोज

➡️ आरोपी मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू के अवैध मकानों और गोदामों पर कार्रवाई
    user_Amrendra Shukla पत्रकार
    Amrendra Shukla पत्रकार
    Local News Reporter सिंगरौली नगर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नौगढ़ चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली,मारने से , पांच बकरियों की मौत नौगढ़ /चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली गिरने से पांच बकरियों की मौत हो गई चरवाहा अपने बकरियों को चराने के लिए गांव के,जंगल में ले गया था,गुरुवार को लगभग 2:00 के समय आकाशी बिजली की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई मुनताज अली ने अपने सारे बकरियों को जंगल में चराने गए थे उसी वक्त बकरियों के ऊपर और अकाली, बिजली गिर गई चरवाहे ने,अपने बकरियों को तड़पते देखता रहा । पांच बकरियो ने,दम तोड़ दिया इसकी सूचना अपने क्षेत्रीय नेकपाल सद्दाम खान को तत्काल रूप से दिया गया पीड़ित परिवार । ने सरकार से मुआवजा की मांग की है
    2
    नौगढ़ चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली,मारने  से , पांच बकरियों की मौत
नौगढ़ /चंदौली ग्राम पंचायत बरबसपुर में आकाशी बिजली गिरने से पांच बकरियों की मौत हो गई
चरवाहा अपने बकरियों को चराने के लिए गांव के,जंगल में ले गया था,गुरुवार को लगभग 2:00 के समय आकाशी बिजली की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई मुनताज अली ने
अपने सारे बकरियों को जंगल में चराने गए थे उसी वक्त बकरियों के ऊपर और  
अकाली, बिजली गिर गई चरवाहे  ने,अपने बकरियों को तड़पते देखता रहा । पांच बकरियो ने,दम तोड़ दिया इसकी सूचना अपने क्षेत्रीय 
नेकपाल सद्दाम खान को तत्काल रूप से दिया गया पीड़ित  परिवार । ने सरकार से मुआवजा की मांग की है
    user_Serajuddin
    Serajuddin
    Local News Reporter नौगढ़, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक पहुंचाई अपनी बात सिंगरौली में काचन नदी के जल सत्याग्रह में शामिल महिलाएं अपने गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक अपनी बात पहुंचा रही हैं। इनकी आवाज और संदेश आपको जरूर सुनना चाहिए। 🌊🎶 #Singrauli #काचन_नदी #जल_सत्याग्रह #महिलाओं_की_आवाज #जनता_की_आवाज #सिंगरौली
    1
    गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक पहुंचाई अपनी बात
सिंगरौली में काचन नदी के जल सत्याग्रह में शामिल महिलाएं अपने गीतों के जरिए विधायक, सांसद और मोदी जी तक अपनी बात पहुंचा रही हैं।
इनकी आवाज और संदेश आपको जरूर सुनना चाहिए। 🌊🎶
#Singrauli #काचन_नदी #जल_सत्याग्रह #महिलाओं_की_आवाज #जनता_की_आवाज #सिंगरौली
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • hamare gawo ki sadhk kripya is per sabhi log Dhyan Den kyunki yah sadak bahut din se aise hi pada hai 13 sal se ayese hi hai dhekwah rajapur neeraj kumar 8400816499
    3
    hamare gawo ki sadhk 
kripya is per sabhi log Dhyan Den kyunki yah sadak bahut din se aise hi pada hai 13 sal se ayese hi hai dhekwah rajapur neeraj kumar 8400816499
    user_Neeraj kumar patel
    Neeraj kumar patel
    मरिहान, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बसौड़ा में 236 घन मीटर अवैध रेत जब्त शासकीय भूमि पर मिला अवैध रेत भंडारण, बिना नंबर का ट्रैक्टर भी पकड़ाया, भंडारणकर्ता की तलाश जारी सिंगरौली- जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने 10 सितंबर को ग्राम बसौड़ा, तहसील सिंगरौली में प्रभावी कार्रवाई की। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश तथा खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया एवं सासन चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने रेत भंडारण की शिकायत पर मौके की जांच की। जांच के दौरान सर्वे क्रमांक 639 की शासकीय भूमि पर लगभग 236 घन मीटर रेत अवैध रूप से भंडारित मिली। टीम ने रेत को जब्त कर रेत नियमों के प्रावधानों के अनुसार रेत ठेकेदार की सुपुर्दगी में दिया तथा आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। अवैध रेत किसके द्वारा एकत्रित कर भंडारित की गई थी, इसकी जानकारी जुटाने के लिए ग्रामवासियों से पूछताछ की जा रही है। संबंधित व्यक्ति की पहचान होने के बाद भंडारणकर्ता के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी कार्रवाई के दौरान बसौड़ा क्षेत्र से रेत के अवैध उत्खनन/परिवहन में संलग्न बिना नंबर का स्वराज 834 जेडएम ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी सासन में खड़ा कराया गया है। वाहन के विरुद्ध भी खनिज नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन और रेत के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसने की यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। खनिज विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण हो या रेत का अनधिकृत उत्खनन-परिवहन, नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। .......
    1
    बसौड़ा में  236 घन मीटर अवैध रेत जब्त
शासकीय भूमि पर मिला अवैध रेत भंडारण, 
बिना नंबर का ट्रैक्टर भी पकड़ाया, भंडारणकर्ता की तलाश जारी
सिंगरौली-
जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने 10 सितंबर को ग्राम बसौड़ा, तहसील सिंगरौली में प्रभावी कार्रवाई की। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश तथा खनिज अधिकारी सुश्री आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया एवं सासन चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने रेत भंडारण की शिकायत पर मौके की जांच की।
जांच के दौरान सर्वे क्रमांक 639 की शासकीय भूमि पर लगभग 236 घन मीटर रेत अवैध रूप से भंडारित मिली। टीम ने रेत को जब्त कर रेत नियमों के प्रावधानों के अनुसार रेत ठेकेदार की सुपुर्दगी में दिया तथा आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। अवैध रेत किसके द्वारा एकत्रित कर भंडारित की गई थी, इसकी जानकारी जुटाने के लिए ग्रामवासियों से पूछताछ की जा रही है। संबंधित व्यक्ति की पहचान होने के बाद भंडारणकर्ता के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इसी कार्रवाई के दौरान बसौड़ा क्षेत्र से रेत के अवैध उत्खनन/परिवहन में संलग्न बिना नंबर का स्वराज 834 जेडएम ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। वाहन को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी सासन में खड़ा कराया गया है। वाहन के विरुद्ध भी खनिज नियमों के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन और रेत के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसने की यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। खनिज विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध भंडारण हो या रेत का अनधिकृत उत्खनन-परिवहन, नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
.......
    user_Arvind Kumar Mishra
    Arvind Kumar Mishra
    Singrauli, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन पूरी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अधिकारियों ने आगे विचार करने की बात कही और मौके से चले गए।
    1
    जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।

जल सत्याग्रह के दौरान रिलायंस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन पूरी मांगों पर सहमति नहीं बनी। अधिकारियों ने आगे विचार करने की बात कही और मौके से चले गए।
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य* *थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य*
    1
    *थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य*
*थाना बबुरी के अंतर्गत ग्राम मैनपुर में मूर्ति खण्डित करने के संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर श्री अरूण कुमार सिंह का आधिकारिक वक्तव्य*
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • चंदौली छात्रों ने दिया 48 घंटे का डीएम को अल्टीमेटम चकिया GIC के प्रिंसिपल को निलंबित करने के लिए, नहीं होने पर जिलाधिकारी कार्यालय चंदौली का छात्र करेंगे घेराव। चंदौली दिनांक 10/09/2026 को जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महोदय जी को 48 घंटे का अल्टिमेटम पत्रक सौंपा गया। आपको बता दें की चकिया आदित्य नारायण राजकीय इंटर कालेज में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन छात्रों के साथ प्रिंसिपल द्वारा जातिगत व मानसिक सार्वजनिक प्रताड़ना किया गया जिसके संबंध में कार्यवाही की मांग कर धरना प्रदर्शन किया गया मांग प्रिंसिपल को निलंबित किया जाए,शासन द्वारा 15 से 20 तक का आश्वासन दिया गया पर शासन का आश्वासन हुआ खत्म फिर भी नहीं हुई प्रिंसिपल पर कार्यवाही, कार्यवाही को लेकर के आज दिया गया जिलाधिकारी को अल्टीमेटम 48 घंटे में कार्यवाही नहीं हुई तो 15/09/2026 को Gen_g, Gen_Alpha का होगा सबसे बड़ा जनपद का महा आन्दोलन जिलाधिकारी कार्यालय का होगा घेराव । ,,छात्र न्याय मंच चकिया,,
    1
    चंदौली छात्रों ने दिया 48 घंटे का डीएम को अल्टीमेटम चकिया GIC के प्रिंसिपल को निलंबित करने के लिए, नहीं होने पर जिलाधिकारी कार्यालय चंदौली का छात्र करेंगे घेराव।
चंदौली दिनांक 10/09/2026 को जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी महोदय जी को 48 घंटे का अल्टिमेटम पत्रक सौंपा गया। आपको बता दें की चकिया आदित्य नारायण राजकीय इंटर कालेज में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन छात्रों के साथ प्रिंसिपल द्वारा जातिगत व मानसिक सार्वजनिक प्रताड़ना किया गया जिसके संबंध में कार्यवाही की मांग कर धरना प्रदर्शन किया गया मांग प्रिंसिपल को निलंबित किया जाए,शासन द्वारा 15 से 20 तक का आश्वासन दिया गया पर शासन का आश्वासन हुआ खत्म फिर भी नहीं हुई प्रिंसिपल पर कार्यवाही, कार्यवाही को लेकर के आज दिया गया जिलाधिकारी को अल्टीमेटम 48 घंटे में कार्यवाही नहीं हुई तो 15/09/2026 को Gen_g, Gen_Alpha का होगा सबसे बड़ा जनपद का महा आन्दोलन जिलाधिकारी कार्यालय का होगा घेराव ।
,,छात्र न्याय मंच चकिया,,
    user_चकिया में खोज
    चकिया में खोज
    चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.