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पुन्हाना में सॉल्वर कपड़े की दुकान का उद्घाटन जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने रिबन काटकर क्या उद्घाटन
News 93
पुन्हाना में सॉल्वर कपड़े की दुकान का उद्घाटन जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने रिबन काटकर क्या उद्घाटन
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- Post by News 931
- जट्टारी में आज भी जाम का आलम बरकरार है, तमाम व्यवस्था करने के बाद जट्टारी में जाम से निजात नहीं मिली है।मार्केट के दुकानदार दुकानों के सामने अतिक्रमण करते है जिसकी वजह से जाम रहता है ।यह अलीगढ़ से आने वाला मुख्य मार्ग है।4
- नूंह जिले में परीक्षाओं में रही नकल पर पूर्णतया पाबंदी । डीसी, एसपी, थानेदार दिखाई दिये रोड़ों पर । नकल पर पूर्णतया रही पाबंदी।1
- मथुरा जनपद के बरसाना में लठमार होली पर होली देखने आए लाखों की संख्या में श्रद्धालु नंदगांव के हुरियारे पर बरसी जमकर प्रेम भरी लाठियां1
- पलवल श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में सोमवार को पौधारोपण महा अभियान की शुरुआत की गई। इस महा अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में 11 हज़ार पौधे लगाए जाएंगे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने अपने हाथों से पौधारोपण कर इस महा अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। यह पौधारोपण स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन के तत्वावधान में आईटीसी होटल और टीएसएल के सहयोग से होगा। पौधारोपण के पश्चात कंपनी तीन साल तक पौधों की देखभाल भी करेगी कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने पौधारोपण महा अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि हम विश्वविद्यालय को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हजारों पौधे लहलहाएंगे तो न केवल पर्यावरण इको सिस्टम अच्छा बनेगा, बल्कि जल स्तर को संतुलित रखने में भी मदद मिलेगी। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थी भी पौधों के संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका निभाएंगे। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने इस पौधारोपण महा अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने आईटीसी होटल की मैनेजर (एसआई) आयुषी मग्गू, हर्ष और टीएसएल के प्रबंधक मोहम्मद आक़िफ़ का इस पौधारोपण अभियान के लिए आभार ज्ञापित किया और उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। आयुषी मग्गू ने इस अवसर पर कहा कि हम पौधे लगाएँगे भी और उनको पालेंगे भी। तीन साल में इन पौधों को तैयार करके देंगे। पौधारोपण के लिए भूमि प्रदान करने के लिए मोहम्मद आक़िफ़ ने कुलगुरु प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार का आभार ज्ञापित किया। स्किल इनोवेटर्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव सिंह ने कहा कि यह पौधारोपण महा अभियान ऐतिहासिक सिद्ध होगा। तीन वर्ष पश्चात पूरा कैंपस हराभरा दिखाई देगा। गौरव सिंह ने बताया कि इस महा अभियान पर लगभग 25 लाख रुपए की लागत आएगी। उन्होंने इस पौधारोपण के लिए आईटीसी होटल टीएसएल की टीम का आभार ज्ञापित किया। डीन प्रोफ़ेसर डीवी पाठक ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अभियान में एनएसएस के वॉलंटियर्स, एग्रीकल्चर फैकल्टी और एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुआ और उन्होंने वॉक फॉर नेचर में हिस्सा लिया। साथ एसवीएसयू कृषि फ़ार्म पर स्किल फैकल्टी ऑफ़ एग्रीकल्चर द्वारा भी पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. ललित शर्मा, डॉ. नकुल, डॉ. हरीश, डॉ. तेजेन्द्र सिंह, डॉ. ख़ुशबू, डॉ. स्मिता और डॉ. गुरप्रीत सहित काफ़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।1
- सोल्डा गांव में दबंगों पर दलित समाज की बरात रोकने और बदसलूकी करने के आरोप लगे । पीड़ित पक्ष ने पलवल प्रशासन से लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई । (यह बयान संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। हमारा चैनल इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता और न ही इनका समर्थन करता है। यदि दूसरा पक्ष भी अपना पक्ष रखना चाहता है, तो वह हमसे संपर्क कर सकता है।1
- कर्म में नियम का ध्यान रखना होता है - पंडित मुरारी लाल पाराशर लक्ष्मण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस कृष्ण जन्म कथा का सुनाया वृतांत अमर दीप सेन डीग। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा शिवराम दास जी महाराज पान्हौरी वाले के सानिध्य में शहर के लक्ष्मण मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस की कथा में व्यास पीठ पर विराजमान मंदिर महंत पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भक्तिरस का समुद्र है। भक्ति स्वतंत्र है, ज्ञान की एक सुनिश्चित परिभाषा है। ज्ञान सत्य के संज्ञानकर का मार्ग अवश्य है, ज्ञान से मोक्ष प्राप्त हो सकता है। कर्म वैराग्य में व्यक्ति को पग पग पर नियम आदि का ध्यान करना होता है परंतु भक्ति की धारणा वस्तुत व्यक्ति को स्वतंत्रता की अनुभूति करती है। भक्ति में आप जिस संस्कार में, स्थिति में, देशकाल में स्थित है, उसी में भक्ति कर सकते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा 'भाव कुभाव अनख आलस ऊं 'नाम जपत मंगल दिस दशऊ, आप सोते उठते, भोजन करते, चलते फिरते, कार्य में निमग्न होते हुए भगवान का नाम ले सकते हैं। सती चरित्र पर बोलते हुए पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि सती जी राजा दक्ष की पुत्री है। राजा दक्ष प्रजापति भगवान शिव से द्रोह करते है। उन्होंने यज्ञ करने को लेकर सभी को निमंत्रण दिया परन्तु भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया। जब सती को समाचार मिला तो बिना निमंत्रण के ही पिता के यज्ञ में पहुंची। वहां सभी देवताओं का आसान लगा हुआ था परन्तु भगवान शंकर का स्थाना कहीं नहीं था। इसको देखकर सती जी बहुत क्रोधित हुई और विचारा करने लगी कि जब में भगवान शंकर के पास इस शरीर के साथ जाऊंगी तो वे मुझे दक्ष सुता कहकर संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस शरीर से भगवान के पास नहीं जाएंगी। उन्होंने अपने शरीर से योगाग्नि पैदा की और अपने शरीर को अग्नि में भस्म कर लिया। कृष्ण जन्म का हुआ आयोजन - इस दौरान कथा में पाराशर ने कृष्ण जन्म की कथा का वृतांत सुनाते हुए कहा कि भाद्रपद माह की अष्टमी को कृष्ण पक्ष में विष्णु जी के 8वें अवतार के रूप में श्री कृष्ण का जन्म हुआ।इस दौरान जैसे ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो समूचे मंदिर परिसर में झालर घंटों की ध्वनि से आरतीकी गई। और बधाई गायन के साथ में मिठाई, ट्रॉफी, खिलौने आदि की बौछार की गई। इस अवसर पर वैध नन्द किशोर गांधी,राकेश गोयल अराधना वाले,सुन्दर सरपंच, देवेंद्र बंसल,केदार सौखिया, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, गोविंद सौखिया,राजू काका,हरिओम पाराशर,शिवचरन शर्मा,धनीराम गुजरात वाले,आचार्य गणेश दत्त पाराशर,गोपाल दास,छीतरमल खण्डेलवाल,जुगला खण्डेलवाल,महेश अग्रवाल,गोकुल झालानी,राधे श्याम गर्ग जयपुर वाले,चन्द्रभान शर्मा चउआ सर, रमाकांत शर्मा नाहरौली वाले,हरेश बंसल,रमेश अरोड़ा,गोपाल बीड़ी वाले,सुगन फौजी,बंटी खण्डेलवाल ,ममता बंसल,सुनिता सौखिया,लता अरोड़ा,लक्ष्मी तमोलिया,गीता तमोलिया,लक्ष्मी सौनी,सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष भक्त उपस्थित थे।3
- चीफ इमाम डॉ उमैर अहमद इलियासी की सच्चाई । डॉ अशफाक आलम ने बताई सच्चाई। चीफ इमाम हमेशा सकारात्मक सोच रखते हैं।1