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कलेक्टर ने खैरहा भूमिगत कोयला खदान का किया निरीक्षण शहडोल। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने खैरहा भूमिगत कोयला खदान, सोहागपुर का निरीक्षण कर कोयला उत्खनन, उत्पादन एवं परिवहन प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने खदान में श्रमिकों की सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा श्रमिकों से चर्चा की। इसके अलावा कलेक्टर ने कांटा घर का निरीक्षण कर कोयला परिवहन एवं वाहनों की क्षमता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसईसीएल के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अजय कुमार केवट
कलेक्टर ने खैरहा भूमिगत कोयला खदान का किया निरीक्षण शहडोल। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने खैरहा भूमिगत कोयला खदान, सोहागपुर का निरीक्षण कर कोयला उत्खनन, उत्पादन एवं परिवहन प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने खदान में श्रमिकों की सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा श्रमिकों से चर्चा की। इसके अलावा कलेक्टर ने कांटा घर का निरीक्षण कर कोयला परिवहन एवं वाहनों की क्षमता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसईसीएल के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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- इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित। भोपाल के हिंदी भवन में मनाया गया सम्यक क्रांति दिवस इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित भोपाल/उमरिया। प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिंदी भवन में बुधवार को सम्यक क्रांति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान से जुड़े राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े सहित अभियान से जुड़े अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अभियान के उद्देश्यों, सामाजिक सरोकारों एवं जनजागरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। आयोजन में उमरिया जिले के सम्यक अभियान के जिला समन्वयक श्री ओमप्रकाश द्विवेदी भी शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों एवं विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उमरिया जिले के ख्यातिलब्ध साहित्यकार श्री संतोष द्विवेदी, सम्यक अभियान के जिला महामंत्री सुनील तिवारी सहित अभियान से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।4
- कलेक्टर ने झिंझरी और इमलई मॉल छापर टोला में NH रोड निर्माण का किया निरीक्षण, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश ✍️ मोहम्मद साहिबेआलम 02 सितंबर:- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम झिंझरी और इमलई मॉल छापर टोला में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) सड़क निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। सड़क निर्माण की निम्न गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर खुद मौके पर पहुंचीं और जारी कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और तकनीकी मानकों की जांच की। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही पूरा किया जाए। शासकीय कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शासकीय निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो और यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों से बातचीत कर सुनीं समस्याएं स्थल पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने सड़क निर्माण से जुड़ी उनकी समस्याएं और सुझाव ध्यानपूर्वक सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं का तत्काल परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि निर्माण कार्य पारदर्शी और मजबूत हो सके।3
- जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। *भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जिले में होंगे विविध आयोजन* *डिंडौरी, 2 सितम्बर 2026* मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भगवान बलराम जयंती के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत कृषि संबंधी पारंपरिक कला रूपों की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, बीज एवं प्राकृतिक खेती आधारित प्रदर्शनी तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालयों में मटकी, बांसुरी, जीवंत झांकी एवं तात्कालिक भाषण प्रतियोगिताएं तथा बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। मंदिरों, मठों एवं देवालयों में विशेष श्रृंगार, स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन-कीर्तन, बांसुरी वादन, दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक आरती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिले के विभागीय छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में भजन, श्रीकृष्ण वेशभूषा एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। कृष्ण जन्म, वृंदावन, गोवर्धन पूजा एवं गीता उपदेश जैसे प्रसंगों पर जीवंत झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देना तथा पर्वों के प्रति आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करना है।1
- मजीरा गाँव का कोबरा सांप है साथियो बहुत फुर्तीला सांप🐍 बहुत फुर्तीला सांप है साथियो कोबरा है 🐍🐍1
- बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया। एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।" नियम क्या कहता है बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया। एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।" नियम क्या कहता है कृषि विभाग के नियमानुसार कोई भी अधिकृत खाद विक्रेता किसी भी किसान को किसी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसे टैगिंग कहा जाता है और यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर लाइसेंस निलंबित और निरस्त तक किया जा सकता है। बावजूद इसके पाली में यह खेल खुलेआम चल रहा है। प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश कार्रवाई न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो वे और आगे शिकायत करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के किसान संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों की मांग है कि तत्काल दुकान का स्टॉक रजिस्टर जांचा जाए, दोषी दुकानदार का लाइसेंस रद्द किया जाए और जिन किसानों से अधिक पैसा लिया गया है, उन्हें वह वापस दिलाया जाए। साथ ही खरीफ सीजन तक सभी खाद दुकानों पर कृषि विभाग के अधिकारी की निगरानी में खाद वितरण कराया जाए ताकि इस तरह की कालाबाजारी रोकी जा सके।1
- वार्ड क्रमांक 4 में बड़ी दुर्घटना का खतरा: बिजली पोल के पास धंसी जमीन ✍️ मोहम्मद साहिबेआलम 2 सितंबर:- ज़िले के वार्ड क्रमांक 4 में लगा एक बिजली का पोल इन दिनों खतरे की ज़द में है। पोल के बगल से ज़मीन धंसने के कारण वहाँ एक गड्ढा हो गया है, जिससे पोल के कभी भी गिरने का अंदेशा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने इस स्थिति की जानकारी पार्षद को दी थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पार्षद द्वारा यही जवाब दिया जा रहा है कि वे अधिकारियों को कॉल कर रहे हैं लेकिन अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं, और अब पार्षद भी फोन नहीं उठा रहे है। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वे जल्द से जल्द इस पोल की मरम्मत करवाकर सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।2
- उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, दर्दनाक मौत जिला उमरिया:-उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना चिल्हारी बस स्टैंड की है, जहां बुधवार सुबह करीब 7 बजे मनजीत पिता लालमन कोल रेत से भरे हाईवा की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि मनजीत साइकिल से दूध लेने आया था और हरछठ के उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1
- hamare shahdol jila Beohari area khatkhariya tola mudariya rod beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh mein1
- हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल। अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग! हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है। मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं? रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब? ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं। एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।2