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हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल। अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग! हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है। मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं? रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब? ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं। एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।

11 hrs ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल। अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग! हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार,

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परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है। मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं? रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब? ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं। एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।

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  • इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित। भोपाल के हिंदी भवन में मनाया गया सम्यक क्रांति दिवस इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित भोपाल/उमरिया। प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिंदी भवन में बुधवार को सम्यक क्रांति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान से जुड़े राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े सहित अभियान से जुड़े अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अभियान के उद्देश्यों, सामाजिक सरोकारों एवं जनजागरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। आयोजन में उमरिया जिले के सम्यक अभियान के जिला समन्वयक श्री ओमप्रकाश द्विवेदी भी शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों एवं विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उमरिया जिले के ख्यातिलब्ध साहित्यकार श्री संतोष द्विवेदी, सम्यक अभियान के जिला महामंत्री सुनील तिवारी सहित अभियान से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
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    इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित।

भोपाल के हिंदी भवन में मनाया गया सम्यक क्रांति दिवस
इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने की शिरकत, उमरिया से ओमप्रकाश द्विवेदी ने किया संबोधित
भोपाल/उमरिया। प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित हिंदी भवन में बुधवार को सम्यक क्रांति दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान से जुड़े राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में इंदिरा ज्योति एवं चले राम राज्य की ओर अभियान तथा सम्यक अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े सहित अभियान से जुड़े अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अभियान के उद्देश्यों, सामाजिक सरोकारों एवं जनजागरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
आयोजन में उमरिया जिले के सम्यक अभियान के जिला समन्वयक श्री ओमप्रकाश द्विवेदी भी शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों एवं विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर उमरिया जिले के ख्यातिलब्ध साहित्यकार श्री संतोष द्विवेदी, सम्यक अभियान के जिला महामंत्री सुनील तिवारी सहित अभियान से जुड़े अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का शुभारंभ किया एवं ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया की खास रिपोर्ट l
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    मुख्यमंत्री डॉ  मोहन यादव ने विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का शुभारंभ किया एवं ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया l
मुकेश कुमार दुबे संवाददाता जिला उमरिया की खास रिपोर्ट l
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जिले में अगर 24 घंटे में 24.5 में भी वर्षा दर्ज, अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया की गत 24 घंटे में 24.5 में भी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में गत 24 घंटे में 24.5 मिमी वर्षा दर्ज अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया कि गत 24 घंटे में 24.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बांधवगढ़ तहसील में 18.2 मिमी, मानपुर तहसील में 36.8 मिमी, पाली में 22.4 मिमी, नौरोजाबाद में 24.6, चंदिया में 22.3 मिमी, करकेली तहसील में 17.9 मिमी तथा बिलासपुर में 29.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मध्य प्रदेश उमरिया जिले में एक जून से लेकर 2 सितंबर अगस्त तक 997.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जिसमें बांधवगढ़ तहसील में 1168.8 मिमी, मानपुर तहसील में 1000.4 मिमी, पाली तहसील में 984.6 मिमी, नौरोजाबाद तहसील 931.8 मिमी, चंदिया तहसील में 1005.1 मिमी, करकेली तहसील में 1071.6 मिमी, बिलासपुर तहसील में 818.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि तक 1081.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी जिसमें बांधवगढ़ तहसील में 1159.7 मिमी, मानपुर तहसील में 1238.6 मिमी, पाली तहसील में 887.3 मिमी, नौरोजाबाद तहसील 885.7 मिमी, चंदिया तहसील में 1114.8 मिमी, करकेली तहसील में 1092.6 मिमी, बिलासपुर तहसील में 1165.1 मिमी वर्षा शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले की वार्षिक सामान्य वर्षा 1215.7 मिमी है।
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    जिले में अगर 24 घंटे में 24.5 में भी वर्षा दर्ज, अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया की गत 24 घंटे में 24.5 में भी वर्षा दर्ज की गई है।
जिले में गत  24 घंटे में 24.5 मिमी वर्षा दर्ज
अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया कि गत 24 घंटे में 24.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बांधवगढ़ तहसील में 18.2 मिमी, मानपुर तहसील में 36.8 मिमी,  पाली में 22.4 मिमी, नौरोजाबाद में 24.6, चंदिया में 22.3 मिमी,  करकेली तहसील में 17.9 मिमी तथा बिलासपुर में 29.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 
मध्य प्रदेश 
उमरिया जिले में एक जून से लेकर 2 सितंबर अगस्त तक 997.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है जिसमें बांधवगढ़ तहसील में 1168.8 मिमी, मानपुर तहसील में 1000.4 मिमी, पाली तहसील में 984.6 मिमी, नौरोजाबाद तहसील 931.8 मिमी, चंदिया तहसील में 1005.1 मिमी, करकेली तहसील में 1071.6 मिमी, बिलासपुर तहसील में 818.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि तक 1081.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी जिसमें बांधवगढ़ तहसील में 1159.7 मिमी, मानपुर तहसील में 1238.6 मिमी, पाली तहसील में 887.3 मिमी, नौरोजाबाद तहसील 885.7 मिमी, चंदिया तहसील में 1114.8 मिमी, करकेली तहसील में 1092.6 मिमी, बिलासपुर तहसील में 1165.1 मिमी वर्षा शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले की वार्षिक सामान्य वर्षा 1215.7 मिमी है।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में हर छठ में आस्था का महापर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली जहां आज सुबह से ही और कहा जाए कि हफ्तों से बाजार में रौनक बनी हुई है क्योंकि मध्य प्रदेश में या मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हरछठ का महापर्व मनाया जाता है इसमें मां अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख शांति के लिए यह हरछठ का व्रत करती हैं जिसमें पसी के चावल और महुआ भैंस के दूध से बनी दही एवं दूध का बहुत बड़ा महत्व है इसमें पूजा के लिए कंस एवं चुली जरिया की बड़े आस्था से पूजा की जाती है इसमें बस से बनी टोकनियों का बहुत बड़ा महत्व है क्योंकि बस को वंश का महत्व दिया जाता है
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    मध्य प्रदेश में हर छठ में आस्था का महापर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया
हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली जहां आज सुबह से ही और कहा जाए कि हफ्तों से बाजार में रौनक बनी हुई है क्योंकि मध्य प्रदेश में या मध्य प्रदेश के सभी जिलों में हरछठ का महापर्व मनाया जाता है इसमें मां अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख शांति के लिए यह हरछठ का व्रत करती हैं जिसमें पसी के चावल और महुआ भैंस के दूध से बनी दही एवं दूध का बहुत बड़ा महत्व है इसमें पूजा के लिए कंस एवं चुली जरिया की बड़े आस्था से पूजा की जाती है इसमें बस से बनी टोकनियों का बहुत बड़ा महत्व है क्योंकि बस को वंश का महत्व दिया जाता है
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, दर्दनाक मौत जिला उमरिया:-उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना चिल्हारी बस स्टैंड की है, जहां बुधवार सुबह करीब 7 बजे मनजीत पिता लालमन कोल रेत से भरे हाईवा की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि मनजीत साइकिल से दूध लेने आया था और हरछठ के उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, दर्दनाक मौत
जिला उमरिया:-उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। घटना चिल्हारी बस स्टैंड की है, जहां बुधवार सुबह करीब 7 बजे मनजीत पिता लालमन कोल रेत से भरे हाईवा की चपेट में आ गया।
बताया जा रहा है कि मनजीत साइकिल से दूध लेने आया था और हरछठ के उपवास के लिए दूध-दही लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा इतना भीषण था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई और इलाके में हड़कंप मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Bandhogarh, Umaria•
    9 hrs ago
  • उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।बुधवार सुबह करीब 7 बजे चिल्हारी बस स्टैंड पर रेत से भरे हाईवा की चपेट में आने से मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।हादसे के बाद सड़क खून से लथपथ हो गई और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।बताया जाता है कि मनजीत पिता लालमन कोल,निवासी चिल्हारी,साइकिल से दूध लेने बस स्टैंड आया था।दूध लेकर वह वापस अपने घर और वहां से अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जा रहा था।इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी19 एचए 7552 की चपेट में आ गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि मनजीत के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।कुछ देर पहले तक जिस मासूम के हाथ में उपवास के लिए दूध था और जो अपनी साइकिल पर घर लौट रहा था,हादसे के बाद उसकी जिंदगी सड़क पर ही थम गई।घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत का दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मासूम को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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    उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत

_हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12
उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत
_हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।बुधवार सुबह करीब 7 बजे चिल्हारी बस स्टैंड पर रेत से भरे हाईवा की चपेट में आने से मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।हादसे के बाद सड़क खून से लथपथ हो गई और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।बताया जाता है कि मनजीत पिता लालमन कोल,निवासी चिल्हारी,साइकिल से दूध लेने बस स्टैंड आया था।दूध लेकर वह वापस अपने घर और वहां से अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जा रहा था।इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी19 एचए 7552 की चपेट में आ गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि मनजीत के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।कुछ देर पहले तक जिस मासूम के हाथ में उपवास के लिए दूध था और जो अपनी साइकिल पर घर लौट रहा था,हादसे के बाद उसकी जिंदगी सड़क पर ही थम गई।घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत का दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मासूम को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • hamare shahdol jila Beohari area khatkhariya tola mudariya rod beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh mein
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    hamare shahdol jila Beohari area khatkhariya tola mudariya rod 
beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh mein
    user_Sanjay kol
    Sanjay kol
    Video Conferencing Service Provider ब्योहारी, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल। अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग! हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है। मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं? रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब? ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं। एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।
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    हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल।

अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग!
हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर
यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं?
रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब?
ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं।
एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल
मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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