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उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।बुधवार सुबह करीब 7 बजे चिल्हारी बस स्टैंड पर रेत से भरे हाईवा की चपेट में आने से मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।हादसे के बाद सड़क खून से लथपथ हो गई और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।बताया जाता है कि मनजीत पिता लालमन कोल,निवासी चिल्हारी,साइकिल से दूध लेने बस स्टैंड आया था।दूध लेकर वह वापस अपने घर और वहां से अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जा रहा था।इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी19 एचए 7552 की चपेट में आ गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि मनजीत के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।कुछ देर पहले तक जिस मासूम के हाथ में उपवास के लिए दूध था और जो अपनी साइकिल पर घर लौट रहा था,हादसे के बाद उसकी जिंदगी सड़क पर ही थम गई।घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत का दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मासूम को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

10 hrs ago
user_पत्रकारिता
पत्रकारिता
बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 उपवास के लिए दूध लेकर घर जा रहे मासूम को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा,दर्दनाक मौत _हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।बुधवार सुबह करीब 7 बजे चिल्हारी बस स्टैंड पर रेत से भरे हाईवा की चपेट में आने से मासूम की दर्दनाक मौत हो गई।हादसे के बाद सड़क खून से लथपथ हो गई और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।बताया जाता है कि मनजीत पिता लालमन कोल,निवासी चिल्हारी,साइकिल से दूध लेने बस स्टैंड आया था।दूध लेकर वह वापस अपने घर और वहां से अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जा रहा था।इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी19 एचए 7552 की चपेट में आ गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि मनजीत के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।कुछ देर पहले तक जिस मासूम के हाथ में उपवास के लिए दूध था और जो अपनी साइकिल पर घर लौट रहा था,हादसे के बाद उसकी जिंदगी सड़क पर ही थम गई।घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मासूम की मौत का दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा।सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।मासूम को खोने के गम में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

More news from Umaria and nearby areas
  • WhatsApp पर फर्जी RTO चालान का जाल, APK फाइल से रहें सावधान ! उमरिया पुलिस ने लोगों को WhatsApp पर तेजी से फैल रहे नकली RTO चालान मैसेज को लेकर सतर्क किया है। पुलिस के अनुसार, ठग RTO चालान के नाम पर .APK फाइल भेज रहे हैं, जो किसी परिचित या अंजान नंबर से भी आ सकती है। पुलिस ने अपील की है कि ऐसी APK फाइल को भूलकर भी डाउनलोड न करें। इसे डाउनलोड करने से आपका मोबाइल हैक हो सकता है और बैंक खाते से भी रकम चोरी होने का खतरा रहता है। यदि गलती से APK फाइल डाउनलोड हो गई है तो तुरंत बैंक खाते से रजिस्टर्ड सिम को फोन से निकालें और मोबाइल का Factory Reset या Erase All Data करें। साथ ही WhatsApp पर Two-Step Verification जरूर ऑन रखें। अगर खाते से पैसे कट जाते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। उमरिया पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करने की अपील की है ।
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    WhatsApp पर फर्जी RTO चालान का जाल, APK फाइल से रहें सावधान !

उमरिया पुलिस ने लोगों को WhatsApp पर तेजी से फैल रहे नकली RTO चालान मैसेज को लेकर सतर्क किया है। पुलिस के अनुसार, ठग RTO चालान के नाम पर .APK फाइल भेज रहे हैं, जो किसी परिचित या अंजान नंबर से भी आ सकती है।
पुलिस ने अपील की है कि ऐसी APK फाइल को भूलकर भी डाउनलोड न करें। इसे डाउनलोड करने से आपका मोबाइल हैक हो सकता है और बैंक खाते से भी रकम चोरी होने का खतरा रहता है।
यदि गलती से APK फाइल डाउनलोड हो गई है तो तुरंत बैंक खाते से रजिस्टर्ड सिम को फोन से निकालें और मोबाइल का Factory Reset या Erase All Data करें।
साथ ही WhatsApp पर Two-Step Verification जरूर ऑन रखें। अगर खाते से पैसे कट जाते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
उमरिया पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करने की अपील की है ।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Nowrozabad, Umaria•
    4 hrs ago
  • जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। *भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जिले में होंगे विविध आयोजन* *डिंडौरी, 2 सितम्बर 2026* मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भगवान बलराम जयंती के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत कृषि संबंधी पारंपरिक कला रूपों की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, बीज एवं प्राकृतिक खेती आधारित प्रदर्शनी तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालयों में मटकी, बांसुरी, जीवंत झांकी एवं तात्कालिक भाषण प्रतियोगिताएं तथा बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। मंदिरों, मठों एवं देवालयों में विशेष श्रृंगार, स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन-कीर्तन, बांसुरी वादन, दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक आरती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जिले के विभागीय छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में भजन, श्रीकृष्ण वेशभूषा एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। कृष्ण जन्म, वृंदावन, गोवर्धन पूजा एवं गीता उपदेश जैसे प्रसंगों पर जीवंत झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देना तथा पर्वों के प्रति आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
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    जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
*भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जिले में होंगे विविध आयोजन*
*डिंडौरी, 2 सितम्बर 2026* 
मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में भगवान बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। भगवान बलराम जयंती के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत कृषि संबंधी पारंपरिक कला रूपों की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, बीज एवं प्राकृतिक खेती आधारित प्रदर्शनी तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालयों में मटकी, बांसुरी, जीवंत झांकी एवं तात्कालिक भाषण प्रतियोगिताएं तथा बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। मंदिरों, मठों एवं देवालयों में विशेष श्रृंगार, स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन-कीर्तन, बांसुरी वादन, दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक आरती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
जिले के विभागीय छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में भजन, श्रीकृष्ण वेशभूषा एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़े प्रसंगों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। जिले की गौशालाओं में साफ-सफाई, गौ पूजन, गौ रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। कृष्ण जन्म, वृंदावन, गोवर्धन पूजा एवं गीता उपदेश जैसे प्रसंगों पर जीवंत झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं को सुदृढ़ करने के साथ सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देना तथा पर्वों के प्रति आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करना है।
    user_Ishwar prasad Sahu
    Ishwar prasad Sahu
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • विधानसभा विजयराघवगढ़ जिला कटनी मध्य प्रदेश तहसील विजयराघवगढ़ विजयराघवगढ़ से तलैया मार्ग पूरा जर्जर हो चुका है शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
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    विधानसभा विजयराघवगढ़ जिला कटनी मध्य प्रदेश तहसील विजयराघवगढ़
विजयराघवगढ़ से तलैया मार्ग पूरा जर्जर हो चुका है शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
    user_Sunil rai
    Sunil rai
    Security Guard विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • तिघरा मोड़ पर सतना नदी
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    तिघरा मोड़ पर सतना नदी
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • तहसीलदार स्वयं तो नहीं आए अपने शिष्य को भेज दिया चाचा ने कहा हमें शक्ति नहीं है हम आपको जवाब नहीं दे पाते कटनी के भ्रष्ट शासन प्रशासन पर फिर एक बार प्रश्न उठ रहा है इतने ओवरलोडिंग ट्रक निकलते हैं नीलकंठ धाम सलैया रजरवारा से फिर शासन प्रशासन क्यों ध्यान नहीं देता मीडिया के सामने आने से क्यों बस्ती अधिकारी
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    तहसीलदार स्वयं तो नहीं आए अपने शिष्य को भेज दिया चाचा ने कहा हमें शक्ति नहीं है हम आपको जवाब नहीं दे पाते
कटनी के भ्रष्ट शासन प्रशासन पर फिर एक बार प्रश्न उठ रहा है इतने ओवरलोडिंग ट्रक निकलते हैं नीलकंठ धाम सलैया रजरवारा से फिर शासन प्रशासन क्यों ध्यान नहीं देता मीडिया के सामने आने से क्यों बस्ती अधिकारी
    user_Arya tak news
    Arya tak news
    Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया। एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।" नियम क्या कहता है बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या है पूरा मामला बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं। किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया। एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।" नियम क्या कहता है कृषि विभाग के नियमानुसार कोई भी अधिकृत खाद विक्रेता किसी भी किसान को किसी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसे टैगिंग कहा जाता है और यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर लाइसेंस निलंबित और निरस्त तक किया जा सकता है। बावजूद इसके पाली में यह खेल खुलेआम चल रहा है। प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश कार्रवाई न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो वे और आगे शिकायत करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के किसान संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों की मांग है कि तत्काल दुकान का स्टॉक रजिस्टर जांचा जाए, दोषी दुकानदार का लाइसेंस रद्द किया जाए और जिन किसानों से अधिक पैसा लिया गया है, उन्हें वह वापस दिलाया जाए। साथ ही खरीफ सीजन तक सभी खाद दुकानों पर कृषि विभाग के अधिकारी की निगरानी में खाद वितरण कराया जाए ताकि इस तरह की कालाबाजारी रोकी जा सके।
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    बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये 

बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया।

एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।"
नियम क्या कहता है

बिरसिंहपुर पाली में खाद दुकानों की मनमानी, यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचा जा रहा 1000 रुपये 
बिरसिंहपुर पाली (उमरिया) - खरीफ सीजन में खाद की किल्लत के बीच बिरसिंहपुर पाली में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है। नगर के मुख्य बाजार स्थित मां बिरासिनी कृषि विभाग नामक खाद दुकान पर यूरिया लेने पहुंचे किसानों को जबरन जिंक खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। दुकानदार द्वारा एक बोरी यूरिया के साथ 5 किलो जिंक का पैकेट 1000 रुपये में थमाया जा रहा है। विरोध करने पर यूरिया न देने की धमकी दी जाती है। किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग और अनुविभागीय अधिकारी से की थी पत्राचार भी हुआ है, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी दुकानदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
बिरसिंहपुर पाली कृषि प्रधान क्षेत्र है। इन दिनों धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। इसी मजबूरी का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि मां बिरासिनी कृषि विभाग के संचालक द्वारा कहा जाता है कि बिना जिंक के यूरिया नहीं मिलेगी। सरकारी रेट पर यूरिया का दाम लगभग 267 रुपये प्रति बोरी है, लेकिन जिंक जोड़कर किसानों से प्रति बोरी 1000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यानी किसान को करीब 700 से 750 रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
पाली, बिरसिंहपुर, पाली क्षेत्र और आसपास के कई गांवों के किसानों ने बताया कि दुकान पर साफ लिखा नहीं है, लेकिन मौखिक रूप से यह अनिवार्य शर्त बना दी गई है। छोटे और सीमांत किसान जो एक-दो बोरी के लिए आते हैं, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं।
किसानों ने की शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित किसानों ने इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और पाली अनुविभागीय कार्यालय में फोन से शिकायत दी थी। शिकायत में बिल की कॉपी और दुकानदार द्वारा जबरन जिंक देने का उल्लेख भी किया गया है। किसानों का कहना है कि शिकायत को 15 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज तक न तो दुकान का निरीक्षण हुआ, न ही दुकानदार को नोटिस दिया गया।
एक किसानों बताया, "हमने एसडीएम तक शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। दुकानदार बोलता है जहां शिकायत करनी है कर लो, मेरा कुछ नहीं होगा।"
नियम क्या कहता है
कृषि विभाग के नियमानुसार कोई भी अधिकृत खाद विक्रेता किसी भी किसान को किसी अन्य उत्पाद को खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इसे टैगिंग कहा जाता है और यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। ऐसा करने पर लाइसेंस निलंबित और निरस्त तक किया जा सकता है। बावजूद इसके पाली में यह खेल खुलेआम चल रहा है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा आक्रोश
कार्रवाई न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो वे और आगे शिकायत करने को मजबूर होंगे। क्षेत्र के किसान संगठनों ने भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
किसानों की मांग है कि तत्काल दुकान का स्टॉक रजिस्टर जांचा जाए, दोषी दुकानदार का लाइसेंस रद्द किया जाए और जिन किसानों से अधिक पैसा लिया गया है, उन्हें वह वापस दिलाया जाए। साथ ही खरीफ सीजन तक सभी खाद दुकानों पर कृषि विभाग के अधिकारी की निगरानी में खाद वितरण कराया जाए ताकि इस तरह की कालाबाजारी रोकी जा सके।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नगर निगम के सब इंजीनियर पर 4% कमीशन मांगने का आरोप! जनसुनवाई में शिकायत, डीएसपी ने जांच का दिया भरोसा 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// कटनी नगर निगम में निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक ठेकेदार ने सब इंजीनियर पवन श्रीवास्तव पर कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामला मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचा। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह करीब 10 वर्षों से नगर निगम और पीएचई विभाग में ठेकेदारी का कार्य कर रहा है। आरोप है कि उसके द्वारा कराए गए सरकारी कार्यों के भुगतान के एवज में 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और रकम नहीं देने पर भुगतान रोकने का दबाव बनाया गया। शिकायत में करीब 6 लाख 90 हजार रुपये की रकम से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पहले भी अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई। अब मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद डीएसपी शिवा पाठक ने मामले की जांच कर विधि संगत कार्यवाही करने की बात कही है। अब जांच के बाद ही सामने आएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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    नगर निगम के सब इंजीनियर पर 4% कमीशन मांगने का आरोप!
जनसुनवाई में शिकायत, डीएसपी ने जांच का दिया भरोसा
💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥
//8103728933//
कटनी नगर निगम में निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक ठेकेदार ने सब इंजीनियर पवन श्रीवास्तव पर कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामला मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक वह करीब 10 वर्षों से नगर निगम और पीएचई विभाग में ठेकेदारी का कार्य कर रहा है। आरोप है कि उसके द्वारा कराए गए सरकारी कार्यों के भुगतान के एवज में 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और रकम नहीं देने पर भुगतान रोकने का दबाव बनाया गया।
शिकायत में करीब 6 लाख 90 हजार रुपये की रकम से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पहले भी अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई।
अब मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद डीएसपी शिवा पाठक ने मामले की जांच कर विधि संगत कार्यवाही करने की बात कही है।
अब जांच के बाद ही सामने आएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
    user_ज्योति तिवारी वीडियो
    ज्योति तिवारी वीडियो
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल। अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग! हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है। मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं? रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब? ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं। एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।
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    हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल।

अवैध रेत कारोबार की रफ्तार ने बुझाया मासूम का चिराग!
हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने रौंदा, चिल्हारी में दर्दनाक हादसे के बाद रेत के कारोबार पर उठे सवाल
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया) चिल्हारी। जिले में रेत के कारोबार और रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच बुधवार सुबह चिल्हारी बस स्टैंड पर हुए दर्दनाक हादसे ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया। हरछठ के उपवास के लिए दही-दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मासूम मनजीत पिता लालमन कोल को रेत से भरे हाईवा ने रौंद दिया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जाता है कि मनजीत सुबह करीब 7 बजे साइकिल से दूध लेने चिल्हारी बस स्टैंड आया था। दूध लेकर वह वापस घर और वहां से अमलियाई हार स्थित खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेत से भरे हाईवा क्रमांक एमपी 19 एचए 7552 की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम के सिर में गंभीर चोट आई और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मासूम की मौत, लेकिन असली सवाल रेत के खेल पर
यह हादसा महज एक सड़क दुर्घटना है या जिले में चल रहे कथित रेत के अवैध कारोबार और भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही का परिणाम—यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रेत से लदे हाईवा और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में इन वाहनों की रफ्तार, परमिट, रॉयल्टी और परिवहन नियमों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
मासूम मनजीत की मौत ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आखिर रेत के कारोबार से जुड़े भारी वाहनों की निगरानी कौन कर रहा है? क्या सड़कों पर दौड़ रहे रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज और परिवहन नियमों की नियमित जांच होती है? यदि होती है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं?
रेत के ट्रकों की रफ्तार पर लगाम कब?
ग्रामीणों का कहना है कि रेत से भरे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पर आम लोगों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। बुधवार को इसी आशंका ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर लौट रहा मासूम घर पहुंचने से पहले ही मौत का शिकार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन हादसे की जांच के साथ-साथ रेत से लदे इस वाहन के दस्तावेज, रॉयल्टी, परिवहन अनुमति और अन्य वैधानिक पहलुओं की भी जांच करते हैं या नहीं।
एक मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल
मनजीत की मौत से परिवार में कोहराम मचा है और पूरे गांव में मातम पसरा है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने जिले में रेत परिवहन की व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल हादसे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपने मासूम को इस तरह न खोना पड़े।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • यह दृष्य विचलित कर सकता है *नेशनल हाईवे 39 रीवा सीधी मार्ग बघवार स्टैंड के समीप भीषण सड़क हादसा । बस और बलकर की टक्कर में कई लोगों की मरने की खबर।*
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    यह दृष्य विचलित कर सकता है 
*नेशनल हाईवे 39 रीवा सीधी मार्ग बघवार स्टैंड के समीप भीषण सड़क हादसा । बस और बलकर की टक्कर में कई लोगों की मरने की खबर।*
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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