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तिघरा मोड़ पर सतना नदी
Naresh Bajaj
तिघरा मोड़ पर सतना नदी
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- तिघरा मोड़ पर सतना नदी1
- तहसीलदार स्वयं तो नहीं आए अपने शिष्य को भेज दिया चाचा ने कहा हमें शक्ति नहीं है हम आपको जवाब नहीं दे पाते कटनी के भ्रष्ट शासन प्रशासन पर फिर एक बार प्रश्न उठ रहा है इतने ओवरलोडिंग ट्रक निकलते हैं नीलकंठ धाम सलैया रजरवारा से फिर शासन प्रशासन क्यों ध्यान नहीं देता मीडिया के सामने आने से क्यों बस्ती अधिकारी1
- नगर निगम के सब इंजीनियर पर 4% कमीशन मांगने का आरोप! जनसुनवाई में शिकायत, डीएसपी ने जांच का दिया भरोसा 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933// कटनी नगर निगम में निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक ठेकेदार ने सब इंजीनियर पवन श्रीवास्तव पर कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामला मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचा। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह करीब 10 वर्षों से नगर निगम और पीएचई विभाग में ठेकेदारी का कार्य कर रहा है। आरोप है कि उसके द्वारा कराए गए सरकारी कार्यों के भुगतान के एवज में 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और रकम नहीं देने पर भुगतान रोकने का दबाव बनाया गया। शिकायत में करीब 6 लाख 90 हजार रुपये की रकम से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पहले भी अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई। अब मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद डीएसपी शिवा पाठक ने मामले की जांच कर विधि संगत कार्यवाही करने की बात कही है। अब जांच के बाद ही सामने आएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।3
- नगर निगम के सब इंजीनियर पर 4% कमीशन मांगने का आरोप! जनसुनवाई में शिकायत, डीएसपी ने जांच का दिया भरोसा कटनी नगर निगम में निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक ठेकेदार ने सब इंजीनियर पवन श्रीवास्तव पर कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन मांगने और भुगतान रोकने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामला मंगलवार को पुलिस अधीक्षक की जनसुनवाई में पहुंचा। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह करीब 10 वर्षों से नगर निगम और पीएचई विभाग में ठेकेदारी का कार्य कर रहा है। आरोप है कि उसके द्वारा कराए गए सरकारी कार्यों के भुगतान के एवज में 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई और रकम नहीं देने पर भुगतान रोकने का दबाव बनाया गया। शिकायत में करीब 6 लाख 90 हजार रुपये की रकम से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने पहले भी अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं हुई। अब मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद डीएसपी शिवा पाठक ने मामले की जांच कर विधि संगत कार्यवाही करने की बात कही है। अब जांच के बाद ही सामने आएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।2
- विधानसभा विजयराघवगढ़ जिला कटनी मध्य प्रदेश तहसील विजयराघवगढ़ विजयराघवगढ़ से तलैया मार्ग पूरा जर्जर हो चुका है शासन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान1
- कटनी।। नगर निगम कटनी में सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के एवज में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम में ठेकेदारी का काम करने वाले एक ठेकेदार चंद्रेश शुक्ला ने उपयंत्री पवन श्रीवास्तव के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के बदले कथित तौर पर 4 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। ठेकेदार का दावा है कि लगातार दबाव के चलते उसने लाखों रुपये दिए, लेकिन अब उससे दोबारा बड़ी रकम की मांग की जा रही है। मामले में खास बात यह है कि शिकायतकर्ता ने 21 अगस्त 2026 को भी आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसके अनुसार आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने 1 सितंबर 2026 को फिर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। 4 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक वह पिछले करीब दस वर्षों से नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी विभाग में ठेकेदारी का कार्य करता आ रहा है। उसका आरोप है कि वर्ष 2023-24 से किए गए उसके कई सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के लिए संबंधित उपयंत्री द्वारा कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कमीशन नहीं देने पर बिलों के भुगतान को लेकर दबाव बनाया गया। ठेकेदार का दावा है कि इस कथित मांग का सिलसिला बाद में नियमित आर्थिक भुगतान तक पहुंच गया। 35 हजार रुपये प्रतिमाह देने का दावा ठेकेदार ने शिकायत में दावा किया है कि अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक उससे 35 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इस अवधि में करीब 6 लाख 65 हजार रुपये की रकम दी गई। आरोप है कि बाद में इसी रकम को ब्याज बताते हुए लगभग 5.50 लाख रुपये मूलधन के रूप में मांगने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे 8 से 10 प्रतिशत ब्याज की मांग की जा रही थी। धमकी और बिल रोकने के आरोप भी शिकायत में ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसके बिलों को जानबूझकर रोका गया और भुगतान प्रक्रिया में बाधा डाली गई। इसके अलावा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने तथा रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की कथित धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार आर्थिक एवं मानसिक दबाव के कारण वह परेशान है और इसी वजह से उसने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। 11 दिन में कार्रवाई क्यों नहीं इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल 21 अगस्त की शिकायत से 1 सितंबर तक की कार्रवाई को लेकर है। क्या पहली शिकायत पर जांच शुरू हुई, क्या संबंधित बिलों और भुगतान फाइलों को खंगाला गया,क्या कथित लेन-देन की जांच की गई, क्या शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी के बयान लिए गए,अगर जांच हुई तो उसका परिणाम क्या रहा संबंधित उपयंत्री पवन श्रीवास्तव से उनके दूरभाष क्रमांक 7000270463 पर जब इस संबंध मे बात की गई तो उनका कहना हैं की अभी इस विषय को लेकर उनके पास कोई भी जांच संबंधित कागज नही प्राप्त हुआ हैं इसलिए इस संबंध मे अभी कुछ नही कह सकूंगा। हालांकि इस विषय पर नगर निगम प्रशासन का पक्ष नही आया हैं। यदि जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल एक ठेकेदार और अधिकारी के बीच विवाद का नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी बिलों के भुगतान में पारदर्शिता और नगर निगम की भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।1
- कल्दा पठार के नया गांव में मानवता की मिसाल: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने पहुंचे आदिवासी नेता एडवोकेट कमल सिंह मरकाम, ₹20,000 की तत्काल नगद सहायता की। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाली पवई विधानसभा के ग्राम कल्दा पठार (नया गांव) से इंसानियत को संबल देने वाली एक भावुक तस्वीर सामने आई है। बीते 1 सितंबर 2026 को क्षेत्र के लोकप्रिय आदिवासी नेता एडवोकेट कमल सिंह मरकाम ने एक अत्यंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उनका दर्द साझा किया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। मिली जानकारी के अनुसार, नया गांव के एक आदिवासी परिवार के मुखिया की सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई। इस दुखद हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। मृतक अपने पीछे बिलखता हुआ परिवार छोड़ गए हैं, जिसमें उनकी पत्नी, गोद में एक महज 3 महीने की मासूम बेटी और एक बुजुर्ग दृष्टिहीन (ब्लाइंड) मां शामिल हैं। परिवार में अब कोई भी ऐसा सक्षम सदस्य नहीं बचा है जो कमाने बाहर जा सके या इस बेसहारा परिवार का भरण-पोषण कर सके। खबर मिलते ही पहुंचे एडवोकेट कमल सिंह मरकाम जैसे ही इस हृदयविदारक घटना और परिवार की दयनीय स्थिति की सूचना आदिवासी नेता एडवोकेट कमल सिंह मरकाम को मिली, वे तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में उन्हें संबल दिया।₹20,000 की नगद सहायता और भविष्य का आश्वासन परिवार के सामने उत्पन्न हुए आजीविका के संकट को देखते हुए एडवोकेट मरकाम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल ₹20,000 बीस हजार रुपये की नगद आर्थिक सहायता राशि मृतक की पत्नी को सौंपी, ताकि वे अपनी नवजात बच्ची और बुजुर्ग मां की प्राथमिक जरूरतें पूरी कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि वे भविष्य में भी उनके साथ खड़े रहेंगे और शासन-प्रशासन के स्तर पर जो भी हरसंभव मदद या सरकारी योजना का लाभ होगा, उसे दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे।कमल सिंह मरकाम के इस त्वरित और संवेदनशील कदम की पूरे कल्दा पठार क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि संकट के समय में एक जनप्रतिनिधि और नेता का ऐसा रूप ही समाज में उम्मीद की किरण जगाता है।4
- यह दृष्य विचलित कर सकता है *नेशनल हाईवे 39 रीवा सीधी मार्ग बघवार स्टैंड के समीप भीषण सड़क हादसा । बस और बलकर की टक्कर में कई लोगों की मरने की खबर।*1