रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित नरसिंहपुर: भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आज 29 अप्रैल 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में एक विशेष जागरूकता एवं स्क्रीनिंग स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने टीबी (तपेदिक) के लक्षण, बचाव, जांच और उसके संपूर्ण इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. कुर्रे ने जोर देकर कहा कि टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका सही समय पर पता चल जाए और इलाज पूरा किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि टीबी का सही समय पर उपचार नहीं कराया जाता है, तो यह 'एमडीआर' (MDR-TB) में परिवर्तित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक घातक है। डॉ. कुर्रे ने उन समूहों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जिन्हें टीबी होने का उच्च जोखिम रहता है। उन्होंने बताया कि कुपोषण से पीड़ित व्यक्ति, एड्स मरीज, कैंसर पीड़ित, धूम्रपान करने वाले और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को टीबी संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि अपने आसपास मौजूद ऐसे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की विशेष देखभाल अवश्य करें। "टीबी को छिपाएं नहीं, उसे हराएं" जागरूकता शिविर में डॉ. कुर्रे ने एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, "टीबी को क्यों है छुपाना, अगर जीवन को बचाना है।" उन्होंने आमजन से अपील की कि बीमारी को छिपाने के बजाय उसकी शीघ्र पहचान कराएं, पौष्टिक आहार लें और डॉक्टर की सलाह पर कोर्स पूरा करें। जन-भागीदारी बढ़ाना है ताकि 'टीबी मुक्त भारत' के लक्ष्य को समय रहते प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को "जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त हो भारत अभियान" के मंत्र को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित नरसिंहपुर: भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आज 29 अप्रैल 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में एक विशेष जागरूकता एवं स्क्रीनिंग स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने टीबी (तपेदिक) के लक्षण, बचाव, जांच और उसके संपूर्ण इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. कुर्रे ने जोर देकर कहा कि टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका सही समय पर पता चल जाए और इलाज पूरा किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि टीबी का सही समय पर उपचार नहीं कराया जाता है, तो यह 'एमडीआर' (MDR-TB) में परिवर्तित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक घातक है। डॉ. कुर्रे ने उन समूहों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जिन्हें टीबी होने का उच्च जोखिम रहता है। उन्होंने बताया कि कुपोषण से पीड़ित व्यक्ति, एड्स मरीज, कैंसर पीड़ित, धूम्रपान करने वाले और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों को टीबी संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि अपने आसपास मौजूद ऐसे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की विशेष देखभाल अवश्य करें। "टीबी को छिपाएं नहीं, उसे हराएं" जागरूकता शिविर में डॉ. कुर्रे ने एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा, "टीबी को क्यों है छुपाना, अगर जीवन को बचाना है।" उन्होंने आमजन से अपील की कि बीमारी को छिपाने के बजाय उसकी शीघ्र पहचान कराएं, पौष्टिक आहार लें और डॉक्टर की सलाह पर कोर्स पूरा करें। जन-भागीदारी बढ़ाना है ताकि 'टीबी मुक्त भारत' के लक्ष्य को समय रहते प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को "जन-जन का रखें ध्यान, टीबी मुक्त हो भारत अभियान" के मंत्र को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by Satish Vishwakarma1
- रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में 'टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित नरसिंहपुर: भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आज 29 अप्रैल 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में एक विशेष जागरूकता एवं स्क्रीनिंग स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने टीबी (तपेदिक) के लक्षण, बचाव, जांच और उसके संपूर्ण इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. कुर्रे ने जोर देकर कहा कि टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका सही समय पर पता चल जाए और इलाज पूरा किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि टीबी का सही समय पर उपचार नहीं कराया जाता है, तो यह 'एमडीआर' (MDR-TB) में परिवर्तित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक घातक है।1
- सड़क की बदहाली बनी खतरा | गाडरवारा–करेली से जबलपुर मार्ग पर सफर मुश्किल गाडरवारा–करेली से जबलपुर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बेहद खराब हालत में पहुंच चुका है। दादा महाराज से लेकर गोटेगांव तक सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई परतें साफ देखी जा सकती हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जानलेवा साबित हो सकता है। कई जगहों पर सड़क इतनी क्षतिग्रस्त है कि वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। 👉 जिम्मेदारों पर सवाल: क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई गई है। यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। 👉 प्रशासन से मांग: इस महत्वपूर्ण मार्ग की तत्काल मरम्मत करवाई जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।2
- सीहोरा गाँव में डीजे खड़े करने को लेकर हुए विवाद में उस समय गहमा गहमी हो गई जब एक व्यक्ति ने dj को आगे बढ़ाने की बोला तो दूसरा वही खड़े करने की बोलने लगा जिसको लेकर वीरन और ड्राइवर के बीच मारपिट होने लगी वही वहां दोनो पक्ष एकत्रित हो गए और मारपिट की घटना हो गई जिसमें एक पक्ष के पांच लोग घायल हो गए वही घायल महेश ने बताया कि dj के विवाद को लेकर घटना घटी जिसमे पुलिस को सूचना दी और उसे उपचार के लिए ज़िला अस्पताल लाया गया जहां घायल का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा हैं।1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- ग्राम भड़री में गांव के पास अचानक लगी आग से मचा हडकंप, दमकल एवं ग्रामीणो कि मदद से आग पर पाया गया काबू2
- तपते सूरज से झुलसा जिला, प्रशासन का बड़ा फैसला – बच्चों के स्कूल बंद! नरसिहपुर। नरसिंहपुर जिले में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं! सूरज आग उगल रहा है और लू के थपेड़ों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। भीषण तपिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।" "जिले में पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। दोपहर होते ही शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। बढ़ते तापमान और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन ने कक्षा 1 से 5 तक के सभी स्कूलों में 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए है ।1