कोडरमा के झुमरीतिलैया में जेजे कॉलेज के अस्तित्व, क्लस्टर सिस्टम और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहा 'जेजे कॉलेज बचाओ आंदोलन' अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। कॉलेज के अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 19 जुलाई को झुमरीतिलैया के झंडा चौक पर एक विशाल महाआमसभा का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को कॉलेज परिसर में जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और छात्र नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के निर्णय का विरोध किया और आंदोलन को और अधिक तेज करने का ऐलान किया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश भारती की अध्यक्षता और सचिव देवेंद्र कुमार के संचालन में हुई इस बैठक में वक्ताओं ने जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हटाकर जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बैठक में नगर पंचायत कोडरमा के अध्यक्ष साजिद हुसैन और डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक, सीपीएम के असीम सरकार, राजद के विजय यादव, जेएलकेएम के कृष्णा यादव और आम आदमी पार्टी के सुधीर कुमार राम सहित अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के दौरान नेताओं ने क्षेत्र के सांसद, विधायक और राज्य सरकार की निष्क्रियता की तीखी आलोचना की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 जुलाई को होने वाली महाआमसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले के छात्रों, अभिभावकों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों को बड़ी संख्या में इसमें शामिल किया जाएगा। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्लस्टर सिस्टम, सीटों में कटौती और विश्वविद्यालय संबद्धता के फैसले के विरोध में जब तक जेजे कॉलेज को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
कोडरमा के झुमरीतिलैया में जेजे कॉलेज के अस्तित्व, क्लस्टर सिस्टम और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहा 'जेजे कॉलेज बचाओ आंदोलन' अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। कॉलेज के अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 19 जुलाई को झुमरीतिलैया के झंडा चौक पर एक विशाल महाआमसभा का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को कॉलेज परिसर में जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और छात्र नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के निर्णय का विरोध किया और आंदोलन को और अधिक तेज करने का ऐलान किया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश भारती की अध्यक्षता और सचिव देवेंद्र कुमार के संचालन में हुई इस बैठक में वक्ताओं ने जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हटाकर जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बैठक में नगर पंचायत कोडरमा के अध्यक्ष साजिद हुसैन और डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक, सीपीएम के असीम सरकार, राजद के विजय यादव, जेएलकेएम के कृष्णा यादव और आम आदमी पार्टी के सुधीर कुमार राम सहित अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के दौरान नेताओं ने क्षेत्र के सांसद, विधायक और राज्य सरकार की निष्क्रियता की तीखी आलोचना की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 जुलाई को होने वाली महाआमसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले के छात्रों, अभिभावकों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों को बड़ी संख्या में इसमें शामिल किया जाएगा। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्लस्टर सिस्टम, सीटों में कटौती और विश्वविद्यालय संबद्धता के फैसले के विरोध में जब तक जेजे कॉलेज को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
- कोडरमा के झुमरीतिलैया में जेजे कॉलेज को बचाने के लिए आगामी 19 जुलाई को एक महाआमसभा का आयोजन किया जाएगा।1
- जंतर मंतर पर एक मां की बेटी छात्र (Student) के लिए पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठी हुई है। इस बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी लोगों से इस बहन की जान बचाने और मदद के लिए आगे आने का भावुक अनुरोध किया जा रहा है।1
- बिहार के नवादा में एक शादी समारोह के दौरान हुए झगड़े में दो लोगों की मौत हो गई है। इस विवाद में दो लोगों की जान जाने के बाद वहां मौजूद लोग हाय-हाय कर रोने लगे हैं।1
- जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर लंबे समय तक भोजन न करने से मानव शरीर पर क्या असर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन बंद होने के शुरुआती 12 से 24 घंटों के भीतर शरीर ऊर्जा के लिए सबसे पहले रक्त में मौजूद ग्लूकोज और लिवर में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग करता है। जब यह भंडार खत्म होने लगता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए जमा वसा को तोड़ना शुरू कर देता है, जिससे व्यक्ति को तेज भूख महसूस हो सकती है। उपवास के 24 से 48 घंटों के भीतर शरीर में ग्लूकोज की कमी होने पर फैट तेजी से टूटकर कीटोन बनाता है, जिसे कीटोसिस कहा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान सिरदर्द, चक्कर या कमजोरी, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में कठिनाई और सांस या मुंह से हल्की अलग गंध आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा, लंबे उपवास में शरीर में ऑटोफैजी नामक प्रक्रिया भी सक्रिय हो सकती है, जिसमें शरीर पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को तोड़कर उनका पुनर्चक्रण करता है, हालांकि वैज्ञानिक अभी भी इंसानों में इसके सक्रिय होने की परिस्थितियों पर अध्ययन कर रहे हैं। यदि भोजन लंबे समय तक नहीं मिलता, तो शरीर केवल वसा ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के प्रोटीन का भी उपयोग ऊर्जा के लिए करने लगता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और गंभीर मामलों में अंगों के काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पर्याप्त पानी मिलने की स्थिति में एक इंसान अपनी उम्र, वजन, शरीर में वसा की मात्रा और स्वास्थ्य के आधार पर लगभग 30 से 60 दिन तक जीवित रह सकता है, जबकि पानी के बिना शरीर केवल 3 से 7 दिनों तक ही सामान्य रूप से कार्य कर पाता है। चक्कर, बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी लंबा उपवास नहीं करना चाहिए।1
- हजारीबाग के चौपारण में लगातार चौथी बार भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर पूरा चौपारण पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा का आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- कोडरमा के झुमरीतिलैया में जेजे कॉलेज के अस्तित्व, क्लस्टर सिस्टम और सीटों में कटौती के विरोध में चल रहा 'जेजे कॉलेज बचाओ आंदोलन' अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। कॉलेज के अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 19 जुलाई को झुमरीतिलैया के झंडा चौक पर एक विशाल महाआमसभा का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को कॉलेज परिसर में जेजे कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और छात्र नेताओं ने एकजुट होकर सरकार के निर्णय का विरोध किया और आंदोलन को और अधिक तेज करने का ऐलान किया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश भारती की अध्यक्षता और सचिव देवेंद्र कुमार के संचालन में हुई इस बैठक में वक्ताओं ने जेजे कॉलेज को विनोबा भावे विश्वविद्यालय से हटाकर जेसी बोस विश्वविद्यालय से संबद्ध करने के फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सरकार के इस निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। बैठक में नगर पंचायत कोडरमा के अध्यक्ष साजिद हुसैन और डोमचांच नगर पंचायत अध्यक्ष उमेश वर्मा ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। वहीं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश रजक, सीपीएम के असीम सरकार, राजद के विजय यादव, जेएलकेएम के कृष्णा यादव और आम आदमी पार्टी के सुधीर कुमार राम सहित अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। बैठक के दौरान नेताओं ने क्षेत्र के सांसद, विधायक और राज्य सरकार की निष्क्रियता की तीखी आलोचना की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 जुलाई को होने वाली महाआमसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिले के छात्रों, अभिभावकों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों को बड़ी संख्या में इसमें शामिल किया जाएगा। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्लस्टर सिस्टम, सीटों में कटौती और विश्वविद्यालय संबद्धता के फैसले के विरोध में जब तक जेजे कॉलेज को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।1
- कोडरमा के मरकच्चो प्रखंड में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की प्रखंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सर्वसम्मति से मोहम्मद सिकेंद्र अली को प्रखंड अध्यक्ष और शमसुद्दीन अंसारी को प्रखंड सचिव चुना गया है। इस बैठक की अध्यक्षता मूर्खमनाई पंचायत के पंचायत अध्यक्ष इस्लाम मियां ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन जमुना यादव द्वारा किया गया। इस सांगठनिक बैठक में मुख्य रूप से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सरफुद्दीन उद्दीन, प्रदेश महासचिव डॉ. सरफराज अहमद और कोडरमा प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद मुबारक सहित कई कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में मौजूद नेताओं ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।1