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तरकुलवा सीएचसी में कथित वसूली प्रकरण की होगी जांच, दोषी मिलने पर दर्ज होगा मुकदमा अधीक्षक बी.एन. गिरी बोले— जांच टीम गठित कर तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई, स्टिंग ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप देवरिया। तरकुलवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों से कथित अवैध वसूली के आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बी.एन. गिरी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेता है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले एशियन न्यूज़ टीवी द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में सीएचसी के नेत्र परीक्षक मनोज मद्धेशिया पर मरीजों से कथित रूप से पैसे लेने के आरोप सामने आए थे। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब पूरे मामले में गठित जांच टीम की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

19 hrs ago
user_अवनीश शंकर राय
अवनीश शंकर राय
Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

तरकुलवा सीएचसी में कथित वसूली प्रकरण की होगी जांच, दोषी मिलने पर दर्ज होगा मुकदमा अधीक्षक बी.एन. गिरी बोले— जांच टीम गठित कर तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई, स्टिंग ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप देवरिया। तरकुलवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों से कथित अवैध वसूली के आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. बी.एन. गिरी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों को गंभीरता से लेता है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले एशियन न्यूज़ टीवी द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में सीएचसी के नेत्र परीक्षक मनोज मद्धेशिया पर मरीजों से कथित रूप से पैसे लेने के आरोप सामने आए थे। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब पूरे मामले में गठित जांच टीम की रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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  • उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। ​मायावती द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे: ​अप्रत्यक्ष रूप से आरक्षण खत्म करने का आरोप: मायावती के अनुसार, भाजपा और आरएसएस सीधे तौर पर संविधान बदलने के बजाय निजीकरण (Privatization), संविदा भर्तियों (Contractual Jobs) और लेटरल एंट्री जैसे रास्तों से आरक्षण के प्रभाव को धीरे-धीरे निष्प्रभावी कर रहे हैं। ​सरकारी नौकरियों में बैकलॉग और पदोन्नति: उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) का बैकलॉग कोटा वर्षों से अधूरा पड़ा है तथा पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotion) को भी कमजोर किया गया है। ​संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार: मायावती ने भाजपा और संघ की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी जातिवादी मानसिकता के कारण दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक हक से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है। ​मुख्य संदेश: बसपा सुप्रीमो का स्पष्ट कहना है कि आरक्षण पर कुठाराघात के माध्यम से बहुजन समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास को रोकने की कोशिश की जा रही है।
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    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने भाजपा (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है।

​मायावती द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे:
​अप्रत्यक्ष रूप से आरक्षण खत्म करने का आरोप: मायावती के अनुसार, भाजपा और आरएसएस सीधे तौर पर संविधान बदलने के बजाय निजीकरण (Privatization), संविदा भर्तियों (Contractual Jobs) और लेटरल एंट्री जैसे रास्तों से आरक्षण के प्रभाव को धीरे-धीरे निष्प्रभावी कर रहे हैं। 
​सरकारी नौकरियों में बैकलॉग और पदोन्नति: उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़े वर्गों (OBC) का बैकलॉग कोटा वर्षों से अधूरा पड़ा है तथा पदोन्नति में आरक्षण (Reservation in Promotion) को भी कमजोर किया गया है।
​संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार: मायावती ने भाजपा और संघ की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी जातिवादी मानसिकता के कारण दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक हक से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
​मुख्य संदेश: बसपा सुप्रीमो का स्पष्ट कहना है कि आरक्षण पर कुठाराघात के माध्यम से बहुजन समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास को रोकने की कोशिश की जा रही है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    7 hrs ago
  • जेल में बंद प्रेमी को छोड़वाने हेतु प्रेमिका चढ़ मोबाईल टावर पर, काफी देर तक चलता रहा हाई वोल्टेज ड्रामा, इसको लेकर अपर पुलिस अधीक्षक का आया बयान
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    जेल में बंद प्रेमी को छोड़वाने हेतु प्रेमिका चढ़ मोबाईल टावर पर, काफी देर तक चलता रहा हाई वोल्टेज ड्रामा, इसको लेकर अपर पुलिस अधीक्षक का आया बयान
    user_RISHI RAI
    RISHI RAI
    घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गोरखपुर: 8 वर्षीय वैभव वर्मा की हत्या का खुलासा | पड़ोसी सर्वेश भट्ट गिरफ्तार | Khajni Murder Case 2026
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    गोरखपुर: 8 वर्षीय वैभव वर्मा की हत्या का खुलासा | पड़ोसी सर्वेश भट्ट गिरफ्तार | Khajni Murder Case 2026
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सलेमपुर नगर पंचायत में सड़क निर्माण पर उठे सवाल, मलबा भरकर आरसीसी सड़क बनाने का आरोप पिपरा नाजिर वार्ड में मानकों की अनदेखी का दावा, टेंडर प्रक्रिया और गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता सलेमपुर, देवरिया। नगर पंचायत सलेमपुर के पिपरा नाजिर वार्ड में चल रहे आरसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क की मजबूत नींव तैयार करने के लिए आवश्यक गिट्टी और उपयुक्त निर्माण सामग्री का उपयोग करने के बजाय बाजार और मकानों से निकले मलबे तथा कूड़े-कचरे से सड़क की भराई की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस प्रकार की निर्माण प्रक्रिया भविष्य में सड़क की गुणवत्ता और उसकी मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई तो कुछ ही समय में सड़क टूटने और धंसने की आशंका बनी रहेगी, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित सड़क का निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिया गया था। उनका कहना है कि यदि यह आरोप सही है तो यह सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं के विपरीत माना जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कम लागत वाली सामग्री का उपयोग कर लाखों रुपये की बचत की जा रही है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि मौके पर तकनीकी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री के नमूनों की जांच कराई जाए तथा कार्य की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो भविष्य में यह सड़क जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। क्षेत्र के लोगों ने हाल ही में तैनात हुए जूनियर इंजीनियर (जेई) से अपेक्षा जताई है कि वे निर्माण कार्य का स्वयं निरीक्षण करें और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाए तो संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोगों का कहना है कि तकनीकी अधिकारी की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य पूरा कराना नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सरकारी मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टेंडर से संबंधित दस्तावेज, स्वीकृत कार्ययोजना और गुणवत्ता मानकों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि इससे जनता के बीच विश्वास कायम होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे। हालांकि, इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। यदि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल पिपरा नाजिर वार्ड में सड़क निर्माण को लेकर उठे इन आरोपों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करते हैं या नहीं। जनता की अपेक्षा है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्य पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
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    सलेमपुर नगर पंचायत में सड़क निर्माण पर उठे सवाल, मलबा भरकर आरसीसी सड़क बनाने का आरोप
पिपरा नाजिर वार्ड में मानकों की अनदेखी का दावा, टेंडर प्रक्रिया और गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
सलेमपुर, देवरिया। नगर पंचायत सलेमपुर के पिपरा नाजिर वार्ड में चल रहे आरसीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि सड़क की मजबूत नींव तैयार करने के लिए आवश्यक गिट्टी और उपयुक्त निर्माण सामग्री का उपयोग करने के बजाय बाजार और मकानों से निकले मलबे तथा कूड़े-कचरे से सड़क की भराई की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस प्रकार की निर्माण प्रक्रिया भविष्य में सड़क की गुणवत्ता और उसकी मजबूती पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई तो कुछ ही समय में सड़क टूटने और धंसने की आशंका बनी रहेगी, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित सड़क का निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिया गया था। उनका कहना है कि यदि यह आरोप सही है तो यह सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं के विपरीत माना जाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में कम लागत वाली सामग्री का उपयोग कर लाखों रुपये की बचत की जा रही है, जिससे गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि मौके पर तकनीकी अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री के नमूनों की जांच कराई जाए तथा कार्य की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो भविष्य में यह सड़क जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
क्षेत्र के लोगों ने हाल ही में तैनात हुए जूनियर इंजीनियर (जेई) से अपेक्षा जताई है कि वे निर्माण कार्य का स्वयं निरीक्षण करें और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाए तो संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोगों का कहना है कि तकनीकी अधिकारी की जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य पूरा कराना नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सरकारी मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टेंडर से संबंधित दस्तावेज, स्वीकृत कार्ययोजना और गुणवत्ता मानकों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उनका कहना है कि इससे जनता के बीच विश्वास कायम होगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता की स्थिति में समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
हालांकि, इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। यदि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
फिलहाल पिपरा नाजिर वार्ड में सड़क निर्माण को लेकर उठे इन आरोपों ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करते हैं या नहीं। जनता की अपेक्षा है कि सरकारी धन से होने वाले विकास कार्य पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं, ताकि विकास कार्यों का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच सके।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद आरक्षण के मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं। ​आरक्षण में किसी भी प्रकार की कटौती, उप-वर्गीकरण (Sub-categorization) या इसे कमजोर करने की कोशिशों पर उनका रुख बेहद कड़ा रहा है: ​मुख्य बिंदु: ​संवैधानिक अधिकारों पर हमला: चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि सरकार और व्यवस्था षड्यंत्र के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण और अधिकारों को निष्प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। ​आर्थिक आधार का विरोध: एससी/एसटी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट और सरकार के विभिन्न फैसलों/बहसों पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि दलित और वंचित समाज के आरक्षण का आधार सामाजिक पिछड़ापन है, न कि आर्थिक। इसमें क्रीमी लेयर या वर्गीकरण जैसी व्यवस्था लागू करने का उन्होंने कड़ा विरोध किया है। ​प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग: उनका मानना है कि सरकारी नौकरियों का निजीकरण (Privatization) करके आरक्षण के अवसरों को खत्म किया जा रहा है। इसलिए उन्होंने निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है। ​सड़क से संसद तक आंदोलन की चेतावनी: चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी दी है कि यदि बहुजन समाज के आरक्षण और हकों पर कोई डाका डालने की कोशिश की गई, तो वे देश भर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे और अपने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार हैं। ​वह लगातार जातिगत जनगणना कराने और संख्या के अनुपात में भागीदारी (जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी) देने की मांग पर भी अड़े हुए हैं। ब्यूरो रिपोर्टर
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    नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद आरक्षण के मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं।

​आरक्षण में किसी भी प्रकार की कटौती, उप-वर्गीकरण (Sub-categorization) या इसे कमजोर करने की कोशिशों पर उनका रुख बेहद कड़ा रहा है:
​मुख्य बिंदु:
​संवैधानिक अधिकारों पर हमला: चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि सरकार और व्यवस्था षड्यंत्र के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण और अधिकारों को निष्प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है।
​आर्थिक आधार का विरोध: एससी/एसटी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट और सरकार के विभिन्न फैसलों/बहसों पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि दलित और वंचित समाज के आरक्षण का आधार सामाजिक पिछड़ापन है, न कि आर्थिक। इसमें क्रीमी लेयर या वर्गीकरण जैसी व्यवस्था लागू करने का उन्होंने कड़ा विरोध किया है। 
​प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की मांग: उनका मानना है कि सरकारी नौकरियों का निजीकरण (Privatization) करके आरक्षण के अवसरों को खत्म किया जा रहा है। इसलिए उन्होंने निजी क्षेत्र (Private Sector) में भी एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण लागू करने की मांग उठाई है।
​सड़क से संसद तक आंदोलन की चेतावनी: चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी दी है कि यदि बहुजन समाज के आरक्षण और हकों पर कोई डाका डालने की कोशिश की गई, तो वे देश भर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे और अपने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार हैं।
​वह लगातार जातिगत जनगणना कराने और संख्या के अनुपात में भागीदारी (जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी) देने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।
ब्यूरो रिपोर्टर
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    11 hrs ago
  • श्रावण मास में श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन कार्रवाई बिना लाइसेंस संचालित दो प्रतिष्ठान बंद, कांवड़ मार्गों पर लगातार जारी रहेगा निरीक्षण अभियान मऊ । आयुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तथा सहायक आयुक्त सुश्री मंजूषा सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, मऊ द्वारा श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत आमजन एवं श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त कांवड़ मार्गों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती कर निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई है। अभियान के दौरान विभागीय टीम ने कांवड़ मार्गों पर स्थित मिठाई की दुकानों, राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर संचालित ढाबों, होटल एवं रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यू.पी. 54 ढाबा एवं सान्वी रेस्टोरेंट बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित पाए गए। साथ ही इन प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों का निर्माण एवं विक्रय अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में किया जा रहा था। इस पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, जिससे उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट से संबंधित ग्राहक संतुष्टि फीडबैक क्यूआर कोड एवं टोल फ्री नंबर भी प्रदर्शित कराए जा रहे हैं। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर उपभोक्ता संबंधित प्रतिष्ठान की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की शिकायत भी ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता एवं हाइजीन के मानकों का कड़ाई से पालन करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों एवं खुले मसालों के प्रयोग से बचने, केवल बंद पैकेट वाले मसालों का उपयोग करने, ताजे फल एवं ताजी सब्जियों का प्रयोग करने तथा प्रत्येक समय के लिए ताजा भोजन तैयार कर परोसने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पूर्व में तैयार भोजन को अगले समय के लिए न रखा जाए और न ही परोसा जाए। विभाग द्वारा कटे हुए एवं सड़े-गले फलों के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित आमजन को भी मिलावटी एवं रंगयुक्त खाद्य पदार्थों से बचने, खुले में रखे खाद्य पदार्थों एवं कटे हुए फलों का सेवन न करने तथा स्वच्छ एवं लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री क्रय करने के प्रति जागरूक किया गया। सहायक आयुक्त सुश्री मंजूषा सिंह ने बताया कि श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा की अवधि में यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें। इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार राना, ओम प्रकाश यादव, श्रीमती रीता, अजीत कुमार त्रिपाठी, विजय प्रकाश एवं स्वामीनाथ सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    श्रावण मास में श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन कार्रवाई
बिना लाइसेंस संचालित दो प्रतिष्ठान बंद, कांवड़ मार्गों पर लगातार जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
मऊ । आयुक्त  एवं जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तथा सहायक आयुक्त सुश्री मंजूषा सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, मऊ द्वारा श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत आमजन एवं श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त कांवड़ मार्गों पर विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती कर निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई है।
अभियान के दौरान विभागीय टीम ने कांवड़ मार्गों पर स्थित मिठाई की दुकानों, राष्ट्रीय राजमार्ग-29 पर संचालित ढाबों, होटल एवं रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यू.पी. 54 ढाबा एवं सान्वी रेस्टोरेंट बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित पाए गए। साथ ही इन प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों का निर्माण एवं विक्रय अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में किया जा रहा था। इस पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की।
निरीक्षण के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रतिष्ठान के प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, जिससे उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही विभाग द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट से संबंधित ग्राहक संतुष्टि फीडबैक क्यूआर कोड एवं टोल फ्री नंबर भी प्रदर्शित कराए जा रहे हैं। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर उपभोक्ता संबंधित प्रतिष्ठान की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की शिकायत भी ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट संचालकों को स्वच्छता एवं हाइजीन के मानकों का कड़ाई से पालन करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा सुरक्षित खाद्य प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों एवं खुले मसालों के प्रयोग से बचने, केवल बंद पैकेट वाले मसालों का उपयोग करने, ताजे फल एवं ताजी सब्जियों का प्रयोग करने तथा प्रत्येक समय के लिए ताजा भोजन तैयार कर परोसने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पूर्व में तैयार भोजन को अगले समय के लिए न रखा जाए और न ही परोसा जाए।
विभाग द्वारा कटे हुए एवं सड़े-गले फलों के विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान उपस्थित आमजन को भी मिलावटी एवं रंगयुक्त खाद्य पदार्थों से बचने, खुले में रखे खाद्य पदार्थों एवं कटे हुए फलों का सेवन न करने तथा स्वच्छ एवं लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री क्रय करने के प्रति जागरूक किया गया।
सहायक आयुक्त सुश्री मंजूषा सिंह ने बताया कि श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा की अवधि में यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
इस अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार राना, ओम प्रकाश यादव, श्रीमती रीता, अजीत कुमार त्रिपाठी, विजय प्रकाश एवं स्वामीनाथ सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_RISHI RAI
    RISHI RAI
    घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • थाना कुबेरस्थान पुलिस द्वारा हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार दिनांक 27.07.2026 को थाना कुबेरस्थान क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पचरुखिया टोला धनटोली के निकट गंडक नहर की कच्ची पटरी पर हीरालाल पुत्र स्व. घरभरन (उम्र 32 वर्ष) की धारदार हथियार से चोट पहुंचकर हत्या करने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया तथा मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना कुबेरस्थान में मु0अ0सं0 152/2026 धारा 103(1) बीएनएस के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। आज दिनांक 28.07.2026 थाना कुबेरस्थान पुलिस टीम द्वारा घटना में शामिल अभियुक्त शहजाद उर्फ सज्जाद पुत्र अहमद मियां निवासी रतनचक थाना मीरगंज जनपद गोपालगंज राज्य बिहार को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। *घटना का विवरण:-* मृतक हीरालाल की पत्नी ममता देवी का अभियुक्त शहजाद उर्फ सज्जाद के साथ अवैध संबंध था। मृतक को इसकी जानकारी होने पर उसने पत्नी को संबंध समाप्त करने को कहा। अभियुक्त द्वारा मृतक के पत्नी को आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किए जाने की बात सामने आई। मृतक ने पत्नी के माध्यम से अभियुक्त को बुलवाकर उसके मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने की योजना बनाई। उक्त योजना के तहत अभियुक्त को पचरुखिया बुलाया गया, जहां अभियुक्त मृतक के साथियों के साथ नहर क्षेत्र में पहुंचा। वहां सुनसान जगह पर अभियुक्त ने कमर में छिपाकर रखे चाकू से हीरालाल पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। बचाव के लिए आगे बढ़े चन्दन पर भी हमला किया गया। अभियुक्त मौके से फरार हो गया था। *पंजीकृत अभियोग* मु0अ0सं0 152/2026 धारा 103(1) बीएनएस थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर *गिरफ्तार अभियुक्त-* शहजाद उर्फ सज्जाद पुत्र अहमद मियां निवासी रतनचक थाना मीरगंज जनपद गोपालगंज राज्य बिहार *बरामदी का विवरण-* आलाकत्ल एक अदद चाकू व एक अदद मोबाइल फोन रेड मी *गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीमः-* 1. प्रभारी निरीक्षक श्री हर्षवर्धन सिंह थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 2. उ0नि0 उ0नि0 मनोज कुमार सिंह थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 3. उ0नि0 महेश कुमार चौबे थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 4. का0 लव कुमार थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 5. का0 चन्दन भारती थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 6. रि0का0 नीरज पाल थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 7. रि0का0 रजनीश कुमार -2 थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
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    थाना कुबेरस्थान पुलिस द्वारा हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
दिनांक 27.07.2026 को थाना कुबेरस्थान क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पचरुखिया टोला धनटोली के निकट गंडक नहर की कच्ची पटरी पर हीरालाल पुत्र स्व. घरभरन (उम्र 32 वर्ष) की धारदार हथियार से चोट पहुंचकर हत्या करने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया तथा मृतक की पत्नी की तहरीर पर थाना कुबेरस्थान में मु0अ0सं0 152/2026 धारा 103(1) बीएनएस के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। आज दिनांक 28.07.2026 थाना कुबेरस्थान पुलिस टीम द्वारा घटना में शामिल अभियुक्त शहजाद उर्फ सज्जाद पुत्र अहमद मियां निवासी रतनचक थाना मीरगंज जनपद गोपालगंज राज्य बिहार को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
*घटना का विवरण:-*
मृतक हीरालाल की पत्नी ममता देवी का अभियुक्त शहजाद उर्फ सज्जाद के साथ अवैध संबंध था। मृतक को इसकी जानकारी होने पर उसने पत्नी को संबंध समाप्त करने को कहा। अभियुक्त द्वारा मृतक के पत्नी को आपत्तिजनक वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किए जाने की बात सामने आई। मृतक ने पत्नी के माध्यम से अभियुक्त को बुलवाकर उसके मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने की योजना बनाई। उक्त योजना के तहत अभियुक्त को पचरुखिया बुलाया गया, जहां अभियुक्त मृतक के साथियों के साथ नहर क्षेत्र में पहुंचा। वहां सुनसान जगह पर अभियुक्त ने कमर में छिपाकर रखे चाकू से हीरालाल पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। बचाव के लिए आगे बढ़े चन्दन पर भी हमला किया गया। अभियुक्त मौके से फरार हो गया था। 
*पंजीकृत अभियोग*
मु0अ0सं0 152/2026 धारा 103(1) बीएनएस थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
*गिरफ्तार अभियुक्त-*
शहजाद उर्फ सज्जाद पुत्र अहमद मियां निवासी रतनचक थाना मीरगंज जनपद गोपालगंज राज्य बिहार
*बरामदी का विवरण-*
आलाकत्ल एक अदद चाकू व एक अदद मोबाइल फोन रेड मी 
*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीमः-*
1.	प्रभारी निरीक्षक श्री हर्षवर्धन सिंह थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
2.	उ0नि0 उ0नि0 मनोज कुमार सिंह थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 
3.	उ0नि0 महेश कुमार चौबे थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर 
4.	का0 लव कुमार थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
5.	का0  चन्दन भारती  थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
6.	रि0का0 नीरज पाल थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
7.	रि0का0 रजनीश कुमार -2  थाना कुबेरस्थान जनपद कुशीनगर
    user_Mantosh Jaiswal
    Mantosh Jaiswal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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