राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के रसीदपुर ग्राम पंचायत और राजगढ़ क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। चोरों के निशाने पर किसानों के नलकूप, फार्म हाउस, बिजली की केबल और सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था तक हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति गहरा रोष पनप रहा है। जनसेवक भुवनेश त्रिवेदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में अकेले रसीदपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 100 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, और मंडावर पुलिस इन पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनके अनुसार, हर 10 से 15 दिन में चोरी की कोई न कोई घटना सामने आती है, जिसकी मुख्य वजह रसीदपुर के पास पुलिस चौकी होने के बावजूद नियमित गश्त का अभाव है, जिससे चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में, 2 जुलाई 2026 की रात राजगढ़ निवासी रामजीलाल मीणा के फार्म हाउस का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने 70 हजार रुपये नकद के साथ उनकी पत्नी के टीका, मंगलसूत्र, चूड़ियां, झुमके और अन्य सोने के जेवरात चुरा लिए, जब पूरा परिवार पत्नी के उपचार के लिए नारायण अस्पताल में था। अगली ही रात, 3 जुलाई को, ग्राम राजगढ़ में दो नलकूपों से अज्ञात चोरों ने 60 से 70 फीट बिजली की केबल काट ली। इसके अतिरिक्त, रसीदपुर में गंभीर नदी स्थित पंप हाउस के सामने लगी मोटर की केबल भी चोरी हो गई, जिससे गांव की पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मोटरों की केबल चोरी होने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय चोर गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।
राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के रसीदपुर ग्राम पंचायत और राजगढ़ क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। चोरों के निशाने पर किसानों के नलकूप, फार्म हाउस, बिजली की केबल और सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था तक हैं। लगातार हो रही वारदातों के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों में पुलिस की कार्यशैली के प्रति गहरा रोष पनप रहा है। जनसेवक भुवनेश त्रिवेदी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में अकेले रसीदपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र में लगभग 100 चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, और मंडावर पुलिस इन पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है। उनके अनुसार, हर 10 से
15 दिन में चोरी की कोई न कोई घटना सामने आती है, जिसकी मुख्य वजह रसीदपुर के पास पुलिस चौकी होने के बावजूद नियमित गश्त का अभाव है, जिससे चोर बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसी क्रम में, 2 जुलाई 2026 की रात राजगढ़ निवासी रामजीलाल मीणा के फार्म हाउस का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने 70 हजार रुपये नकद के साथ उनकी पत्नी के टीका, मंगलसूत्र, चूड़ियां, झुमके और अन्य सोने के जेवरात चुरा लिए, जब पूरा परिवार पत्नी के उपचार के लिए नारायण अस्पताल में था। अगली ही रात, 3 जुलाई को, ग्राम राजगढ़ में दो नलकूपों से अज्ञात चोरों ने 60 से 70 फीट बिजली की केबल काट
ली। इसके अतिरिक्त, रसीदपुर में गंभीर नदी स्थित पंप हाउस के सामने लगी मोटर की केबल भी चोरी हो गई, जिससे गांव की पेयजल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मोटरों की केबल चोरी होने की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी गिरोह का पर्दाफाश नहीं हो सका है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय चोर गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।
- राजस्थान के डीग जिले की कुम्हेर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पाहुआ में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत स्वीकृत ग्रेवल सड़क का निर्माण कार्य चार साल बाद भी शुरू नहीं हो सका है। इस पर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इसे एक बहुत बड़ी धांधली बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सरकार ने 10 मई 2022 को पाहुआ ग्राम पंचायत में ग्रेवल सड़क निर्माण के लिए 14.20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी, जिसका कार्य कोड 112908335232 है। मौके पर नागरिक सूचना पट्ट भी लगाया गया था, जो कार्य की स्वीकृति की पुष्टि करता है। हालांकि, सड़क का निर्माण आज तक शुरू न होने से योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है। 28 अक्टूबर 2024 को यह मामला समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुआ था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे प्रकरण में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आमजन तक पहुंच सके। इस संबंध में ठाकुर ज्योतिष कुमार ने बताया कि वर्षों बाद भी सड़क का निर्माण न होना ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है और जनहित में पारदर्शी जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आवश्यक है।1
- रूपबास उपखण्ड क्षेत्र के रामनगर गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय इन दिनों बेहद खराब स्थिति का सामना कर रहा है। स्कूल के मुख्य गेट और रास्ते में चारों ओर कीचड़ और गंदा पानी फैला हुआ है, वहीं स्कूल के कई कमरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं और कुछ कमरे पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण स्कूल के बच्चों और स्टाफ दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को प्रतिदिन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूल आना-जाना पड़ता है, जबकि दरार वाले और जर्जर कमरे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या पर तुरंत ध्यान दें। उनकी मांग है कि स्कूल के रास्ते से कीचड़ और पानी की तत्काल निकासी करवाई जाए और जर्जर कमरों की अविलंब मरम्मत की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।1
- जमवारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के खवारानीजी गांव में बंटी मीणा सेवा समिति द्वारा समाजसेवी एवं भामाशाह जितेंद्र मीणा के नेतृत्व में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जनसेवा के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के 150 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों की निःशुल्क जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार का लाभ प्राप्त किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां वितरित कीं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। चिकित्सा शिविर के दौरान 66 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जबकि 24 मरीजों का एलर्जी संबंधी समस्याओं का उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त, 27 मरीजों की हड्डी एवं जोड़ों के दर्द की जांच कर उपचार किया गया तथा 33 मरीजों को सामान्य रोगों के लिए परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. सुनील, डॉ. बाबूलाल, समाजसेवी जितेंद्र मीणा, गौरक्षक लोकेश चावंडिया, शिव मीणा, विकास करौली, अभिनव, गणेश सहित समिति के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और शिविर को सफल बनाने में सहयोग दिया। समिति के संचालक एवं भामाशाह जितेंद्र मीणा ने जानकारी दी कि जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे निःशुल्क चिकित्सा शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।2
- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा रविवार को आयोजित लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा गंगापुर सिटी के 17 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा, जहाँ सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। प्रथम पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक हुई, जिसमें कुल 5,544 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,197 उपस्थित रहे, जबकि 1,342 अनुपस्थित थे। दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की गई, जिसमें भी 5,544 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 4,184 परीक्षा में शामिल हुए और 1,360 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दोनों सत्रों को मिलाकर कुल 8,381 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ दिखाई दी, और निर्धारित समय से लगभग एक घंटे पहले ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अभ्यर्थियों को मेटल डिटेक्टर से जांच, पहचान पत्रों के सत्यापन और अन्य सुरक्षा जाँचों के बाद ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया। नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई गई थी, साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया कड़ी जांच और पुलिस निगरानी में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।2
- दौसा में आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक रविवार को जिलाध्यक्ष रमन सीमला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों के कारण आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, आरक्षण और वन अधिकार लगातार प्रभावित हो रहे हैं, तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के हितों की उपेक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है। बैठक में कई प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल थी। इसके साथ ही, वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को शीघ्र वनाधिकार पट्टे प्रदान करने, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता अस्वीकार करने, और आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल तथा रोजगार की सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरियों एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष बजट एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की गई। संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने वनाधिकार पट्टों के वितरण में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक उदासीनता बरतने का भी आरोप लगाया। इसके अतिरिक्त, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की पर्याप्त व्यवस्था न होने से विकास प्रभावित हो रहा है, और आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार घट रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा आदिवासी समाज की आवाज़ एवं जनभावनाओं की अनदेखी की जा रही है, तथा अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त संसाधन एवं बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा, दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा, प्रदेश प्रभारी राधेश्याम मोबेल, प्रदेश महासचिव हरगुन भोपर जी, संभागीय प्रभारी श्रीमती कैलाशी मीणा जी, दौसा विधायक डी.सी. बैरवा जी, पूर्व विधायक जी.आर. खटाणा, पीसीसी सदस्य कमल मीणा, दौसा प्रधान प्रहलाद नारायण मीणा, उप जिला प्रमुख मानदाता मीणा, पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महुआ, जिला महासचिव उमाशंकर बनियाना, प्रकाश मुड़ियाखेड़ा घनश्याम शर्मा, नगर अध्यक्ष, जिला प्रवक्ता भरत लाल सूरजपुरा सहित आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के अंत में, आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी, दौसा की ओर से सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया गया।1
- दौसा में 05 जुलाई 2026, रविवार को आदिवासी जिला कांग्रेस कमेटी की जिला स्तरीय बैठक जिलाध्यक्ष श्री रमन सीमला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, आरक्षण और वन अधिकार लगातार प्रभावित हो रहे हैं, तथा संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और अनुसूचित जनजाति समुदाय के हितों की उपेक्षा चिंता का विषय है। बैठक में कई प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन पर पारंपरिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने, वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को शीघ्र वनाधिकार पट्टे प्रदान करने और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण एवं संवैधानिक अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार न करने की मांग शामिल थी। इसके अतिरिक्त, आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और रोजगार सुविधाओं के विस्तार, आदिवासी युवाओं को सरकारी नौकरियों एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष बजट एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग की गई। समाज को संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान भी किया गया। वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने वनाधिकार पट्टों के वितरण में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक उदासीनता, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की पर्याप्त व्यवस्था न होने से विकास के प्रभावित होने, आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार घटने तथा आदिवासी समाज की आवाज एवं जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। यह भी कहा गया कि अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त संसाधन एवं बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्री गणेश घोघरा जी, दौसा सांसद श्री मुरारी लाल मीणा जी, प्रदेश प्रभारी श्री राधेश्याम मोबेल जी, प्रदेश महासचिव श्री हरगुन भोपर जी, संभागीय प्रभारी श्रीमती कैलाशी मीणा जी, दौसा विधायक श्री डी.सी. बैरवा जी, पूर्व विधायक श्री जी.आर. खटाणा जी, पीसीसी सदस्य श्री कमल मीणा जी, दौसा प्रधान श्री प्रहलाद नारायण मीणा जी, उप जिला प्रमुख श्री मानदाता मीणा जी, पूर्व जिला प्रमुख श्री अजीत सिंह महुआ जी, जिला महासचिव श्री उमाशंकर बनियाना जी, श्री प्रकाश मुड़ियाखेड़ा जी, श्री घनश्याम शर्मा जी, नगर अध्यक्ष, जिला प्रवक्ता भरत लाल सूरजपुरा सहित जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के अंत में सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया गया।2
- गंगापुर सिटी के कुशालगढ़ में भारत विकास परिषद, शाखा कुशालगढ़ गंगापुर सिटी के तत्वावधान में रविवार को गर्वमेंट हॉस्पीटल के ब्लड बैंक में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दोपहर 2 बजे तक इस शिविर में करीब 42 यूनिट रक्त का सफलतापूर्वक संग्रहण किया जा चुका था। इस अवसर पर गर्वमेंट हॉस्पीटल के पीएमओ डॉ. विजेन्द्र गुप्ता ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती, बल्कि नियमित स्वास्थ्य जांच का लाभ भी मिलता है। उन्होंने युवाओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करके जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने का आह्वान किया। परिषद के अध्यक्ष आनंद पेंगोरिया, सचिव विमल चंद जैन, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता, गतिविधि संयोजक सेवा राजेन्द्र कुमार मोदी, तथा कार्यक्रम संयोजक विकास अग्रवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त कई जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसूता महिलाओं और थैलेसीमिया सहित अन्य मरीजों के उपचार के लिए समय पर रक्त की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कार्यक्रम के सहसंयोजक अशोक गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल एमआर, कृष्ण कुमार सिंघल और राहुल शर्मा पहलवान ने भी परिषद के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए शहरवासियों से भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और दूसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, बल्कि यह केवल मनुष्य के शरीर में ही बनता है, जिससे रक्तदान कर किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।1
- दिल्ली में आकस्मिक निधन के बाद, सीआरपीएफ जवान नरसी लाल यादव को चौमूं के मंडा भिंडा गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके बाद वे पंचतत्व में विलीन हुए। इस भावुक अवसर पर उनकी 14 वर्षीय बेटी साक्षी ने पिता को मुखाग्नि देकर अपनी अंतिम जिम्मेदारी निभाई। अंतिम दर्शन और यात्रा में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, और पूरा गांव "भारत माता की जय" तथा "नरसी लाल यादव अमर रहें" के नारों से गूंज उठा। नम आंखों से पूरे क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। परिजनों ने सरकार से मांग की है कि जवान को शहीद का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी बेटियों की निःशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने और प्रतिमा स्थापना के लिए भूमि आवंटित करने की भी मांग की। इस मौके पर विधायक डॉ. शिखा मील, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा, प्रधान रामस्वरूप यादव, भाजपा नेता अरविंद यादव, पंचायत समिति सदस्य नरेंद्र यादव, ओमप्रकाश दुसाद सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।4
- भरतपुर जिले के रुपबास उप-जिले के घाटोली PHC से इब्राहिमपुर, मिल्समा और मैरथा जैसे गाँवों को जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि यह सड़क बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गई थी और इसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगाया गया है। सड़क की वर्तमान हालत का पूरा विवरण जानने के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1