रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या पत्नी की डिलीवरी को लेकर पिता से था विवाद, शराब के नशे में दिया दोहरे हत्याकांड को अंजाम, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी सोहागपुर। जिस बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, वही माता-पिता का कातिल बन गया। ग्राम रेनी पानी में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि दंपती का अपना बेटा कमलेश निकला। आरोपी ने शराब के नशे में चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से पिता राधे और मां टीटो बाई उर्फ कृष्णा के सिर और शरीर पर कई वार कर दोनों की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी माता-पिता के घर कराना चाहता था। इसी बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। 5 नवंबर की रात शराब के नशे में विवाद बढ़ा और आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद वह जंगल की तरफ भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी अरविंद शाह के नेतृत्व में टीम ने तलाश शुरू की। करीब छह घंटे की सर्चिंग के बाद आरोपी को कच्चे नाले से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 694/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है।
रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या पत्नी की डिलीवरी को लेकर पिता से था विवाद, शराब के नशे में दिया दोहरे हत्याकांड को अंजाम, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी सोहागपुर। जिस बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, वही माता-पिता का कातिल बन गया। ग्राम रेनी पानी में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि दंपती का अपना बेटा कमलेश निकला। आरोपी ने शराब के नशे में चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से पिता राधे और मां टीटो बाई उर्फ कृष्णा के सिर और शरीर पर कई वार कर दोनों की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी माता-पिता के घर कराना चाहता था। इसी बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। 5 नवंबर की रात शराब के नशे में विवाद बढ़ा और आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद वह जंगल की तरफ भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी अरविंद शाह के नेतृत्व में टीम ने तलाश शुरू की। करीब छह घंटे की सर्चिंग के बाद आरोपी को कच्चे नाले से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 694/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है।
- गुर्जरवाड़ा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पीड़ित पक्ष ने की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो ग्राम गुर्जरवाड़ा, तहसील माखननगर का बताया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।1
- प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है। 20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- थाना सोहागपुर को बड़ी सफलता 12 घण्टे के अन्दर किया डबल मर्डर का खुलासा नर्मदापुरम - सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी ने प्रेसनोट के माध्यम से बताया कि दिनांक 05.11.2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम रैनी पानी सोहागपुर से सूचना प्राप्त हुई कि गाँव मे रहने वाले बुजुर्ग दम्पत्ति राधे उईके और उसकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके के घर पर उनका शव पड़ा हुआ है दोनों के सिर और बदन से खून निकल रहा है, सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया एवं तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा, घटना स्थल को प्रिजर्व कर साक्ष्य संकलन किए व अड़ोस पड़ोस मे रहने वालों से विस्तृत पूछताछ की, प्रकरण मे तत्काल अपराध क्रमांक 694/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया, आसपड़ोस मे रहने वाले लोगों ने घटना के पहले मृतक दम्पत्ति के पुत्र कमलेश उईके से विवाद होने की बात बताई उसके बाद पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागना भी बताया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर अरविन्द शाह को प्रकरण मे तत्काल गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया । प्रकरण मे एफएसएल, डॉग स्कॉट, फिंगर प्रिन्ट एक्सपर्ट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का बारिकी से मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए साथ ही आरोपी कमलेश उईके को भी सोहागपुर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपी से पूछताछ करने पर बताया गया कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है जिसकी डिलेवरी होने वाली है उसे एक हफ्ते पहले लेकर मैं अपने माता-पिता के पास आया था। मैं चाहता था कि मेरी पत्नी की डिलेवरी मेरी माँ के घर पर हो परन्तु मेरा पिता इस बात को लेकर मुझसे कई दिनों से बहस कर रहा था। क्योंकि मेरी माँ ने दूसरी शादी की थी और मेरे पिता काशीराम उईके की मृत्यु हो चुकी है, घटना वाली रात मैंने मेरे पिता और मेरी माँ ने शराब पी थी और शराब के नशे मे विवाद काफी बढ़ गया इसलिए आरोपी द्वारा चूल्हे मे जल रही मोटी लकड़ी उठाकर मृतक दम्पत्ति के सिर और शरीर पर कई बार किए और घटना के बाद आरोपी फरार हो गया जिसे पुलिस टीम द्वारा सर्चिग के बाद कच्चे नाले से हिरासत में लिया गया । उक्त कार्यवाही मे सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल, आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा, नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।2
- 33 केवी बिजली पोल से टकराया बिजली विभाग का वाहन, अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त उमरधा रोड स्थित महंगवा गांव में नर्मदा मैरिज गार्डन के पास देर रात हुआ हादसा, जनहानि की सूचना नहीं1
- भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा, इटारसी के नवनियुक्त नगर अध्यक्ष ने संभाली कमान! मंडल अध्यक्ष से लिया आशीर्वाद। 🙏 नवनियुक्त होने के उपरांत भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा (इटारसी) के नगर अध्यक्ष जी ने भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री राहुल चौरे जी से सौजन्य भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरान संगठन की मजबूती और आगामी कार्यों को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। इस अवसर पर नगर उपाध्यक्ष श्री गोपाल शर्मा जी, अंत्योदय प्रकोष्ठ जिला सदस्य श्री जीतू सिंह भदौरिया जी एवं जिला अनुसूचित जाति मोर्चा आईटी सेल प्रभारी श्री शुभम मौर्य जी की विशेष उपस्थिति रही। सभी वरिष्ठ नेतृत्व और सहयोगियों का हृदय से आभार! 🙏🚩 3. हैशटैग्स (Hashtags) #ItarsiUpdate #Itarsi #BJP #BJYM #BJPItarsi #MadhyaPradesh #MPNews #PoliticiansOfIndia #JantaKiAwaz #ItarsiNews1
- वर्दी के पीछे धड़कता दिल… सोहागपुर पुलिस ने पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल जिस दोहरे हत्याकांड के आरोपी को सुबह हथकड़ियों में लेकर पहुंची थी पुलिस, शाम को उसी की गर्भवती पत्नी की मदद के लिए दौड़ी खाकी… टीआई गिरीश त्रिपाठी की संवेदनशीलता ने जीता लोगों का दिल सोहागपुर// खाकी वर्दी की पहचान अपराधियों के खिलाफ सख्ती और कानून के प्रति जवाबदेही से होती है, लेकिन इसी वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। इसका जीवंत उदाहरण शुक्रवार को सोहागपुर में देखने को मिला, जहां पुलिस ने साबित कर दिया कि उसका संघर्ष अपराध के खिलाफ है, किसी अपराधी के परिवार के खिलाफ नहीं। दरअसल, शुक्रवार सुबह रानीपानी दोहरे हत्याकांड के मामले में सोहागपुर पुलिस ने आरोपी कमलेश उईके को गिरफ्तार किया था। इसी बीच शाम को थाना प्रभारी टीआई गिरीश त्रिपाठी को सूचना मिली कि आरोपी की गर्भवती पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही टीआई गिरीश त्रिपाठी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक पल की देरी किए बिना महिला पुलिसकर्मी सहित पुलिस टीम को गांव रवाना किया। पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची और गर्भवती महिला को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर लाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में महिला के उपचार की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया और उसकी देखभाल में सहयोग किया। जिस परिवार का मुखिया गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की गिरफ्त में है, उस परिवार की एक गर्भवती महिला को संकट की घड़ी में अकेला छोड़ने के बजाय पुलिस ने मदद का हाथ बढ़ाया। यह घटना केवल एक महिला को अस्पताल पहुंचाने की नहीं, बल्कि पुलिस के मानवीय चरित्र को सामने लाने वाली मिसाल है। एक तरफ कानून के तहत दोहरे हत्याकांड के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ उसी आरोपी के परिवार की गर्भवती महिला के प्रति संवेदना… पुलिस की ये दोनों भूमिकाएं उसकी जिम्मेदारी और इंसानियत का परिचय देती हैं। इस घटना ने एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया है कि अपराध करने वाला व्यक्ति अपने अपराध के लिए कानून के प्रति जवाबदेह है, लेकिन उसके परिवार के निर्दोष सदस्यों को उस अपराध की सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि खाकी का फर्ज सिर्फ अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़ा होना भी है। टीआई गिरीश त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम का यह मानवीय प्रयास बताता है कि वर्दी में सख्ती के साथ संवेदनाएं भी जीवित हैं। वास्तव में, ऐसे कार्य ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर को मजबूत करते हैं। सलाम है खाकी के इस मानवीय चेहरे को, जहां कानून के प्रति कठोरता और इंसानियत के प्रति संवेदनशीलता साथ-साथ चलती है।1
- रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या पत्नी की डिलीवरी को लेकर पिता से था विवाद, शराब के नशे में दिया दोहरे हत्याकांड को अंजाम, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी सोहागपुर। जिस बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, वही माता-पिता का कातिल बन गया। ग्राम रेनी पानी में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि दंपती का अपना बेटा कमलेश निकला। आरोपी ने शराब के नशे में चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से पिता राधे और मां टीटो बाई उर्फ कृष्णा के सिर और शरीर पर कई वार कर दोनों की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी माता-पिता के घर कराना चाहता था। इसी बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। 5 नवंबर की रात शराब के नशे में विवाद बढ़ा और आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद वह जंगल की तरफ भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी अरविंद शाह के नेतृत्व में टीम ने तलाश शुरू की। करीब छह घंटे की सर्चिंग के बाद आरोपी को कच्चे नाले से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 694/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है।1
- आधी रात घर के भीतर ऐसा क्या हुआ कि सुबह होने से पहले उजड़ गया पूरा परिवार? दो लाशें, फरार बेटा और छह घंटे की तलाश 12 घंटे में पुलिस ने खोला डबल मर्डर का रहस्य! सोहागपुर के रैनी पानी गांव में सनसनीखेज वारदात गर्भवती पत्नी की डिलीवरी को लेकर पारिवारिक विवाद की बात आई सामने, पुलिस के मुताबिक बेटे ने ही चूल्हे की जलती लकड़ी से माता-पिता को उतारा मौत के घाट एसपी दीपक कुमार शुक्ला खुद पहुंचे घटनास्थल। सोहागपुर। रात के करीब 11 बजे थे। गांव की खामोशी के बीच एक खबर ने पूरे रैनी पानी को हिलाकर रख दिया। एक घर के भीतर बुजुर्ग पति-पत्नी की खून से लथपथ लाशें पड़ी थीं। सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। सवाल एक ही था आखिर इन दोनों के साथ ऐसा किसने किया? और क्यों? मृतक थे राधे उईके और उनकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके। शुरुआत में यह दोहरी हत्या किसी अनसुलझे रहस्य से कम नहीं थी। लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई परिवार के ही एक सदस्य की ओर घूमने लगी। घर के पीछे का रास्ता और जंगल की ओर भागते कदम! पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। आसपास के लोगों से पूछताछ हुई। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि घटना से पहले मृतक दंपती के बेटे कमलेश उईके का माता-पिता से विवाद हुआ था। घटना के बाद उसे घर के पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागते हुए देखे जाने की जानकारी भी मिली। विवाद की असली वजह क्या थी और आरोपी आखिर कहां छिपा है? मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जांच की जानकारी ली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी अरविंद शाह को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई। छह घंटे की तलाश कच्चे नाले के पास खत्म हुई फरारी! पुलिस के सामने चुनौती थी कि आरोपी को जल्द से जल्द तलाशा जाए। जंगल और आसपास के इलाकों में सर्चिंग शुरू हुई। करीब छह घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने कमलेश उईके को कच्चे नाले के पास से हिरासत में ले लिया। इसके बाद पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने इस हत्याकांड को और भी दर्दनाक बना दिया। गर्भवती पत्नी की डिलीवरी बनी विवाद की वजह! पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और डिलीवरी का समय नजदीक है। वह करीब एक सप्ताह पहले पत्नी को लेकर माता-पिता के पास आया था। उसकी इच्छा थी कि पत्नी की डिलीवरी उसकी मां के घर पर हो, लेकिन इस बात को लेकर परिवार में कई दिनों से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात परिवार के सदस्यों ने शराब पी थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में कमलेश ने चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी उठाई और माता-पिता के सिर तथा शरीर पर कई वार कर दिए। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला का खुद घटनास्थल पर पहुंचना और जांच की निगरानी करना महत्वपूर्ण रहा। उनके निर्देश पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने तेजी से कार्रवाई की। करीब 12 घंटे के भीतर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल और आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा तथा नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिस घर में कुछ दिनों बाद बच्चे की किलकारी गूंजने वाली थी, वहां दो बुजुर्गों की जिंदगी हमेशा के लिए खामोश हो गई। आखिर परिवार के भीतर चल रहे विवाद को समय रहते सुलझाया क्यों नहीं जा सका? क्या गांव में किसी को इस तनाव की जानकारी थी? क्या शराब के नशे में होने वाले विवादों को सामान्य समझकर नजरअंदाज किया जाता है यह घटना बताती है कि घरेलू विवाद को छोटी बात समझकर टालना हमेशा सुरक्षित नहीं होता। लगातार धमकी, हिंसा और नशे से जुड़े तनाव को गंभीरता से लेना जरूरी है। गांवों में परिवार परामर्श, बुजुर्गों की सुरक्षा और समय पर पुलिस हस्तक्षेप की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। खतरा महसूस हो तो 112 पर सूचना देने में देर नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने 12 घंटे में हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया, लेकिन दो जिंदगियां वापस नहीं आ सकतीं। अब उस अजन्मे बच्चे का क्या होगा, जिसकी दुनिया में आने से पहले ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं एक तरफ पुलिस की तत्परता काबिल-ए-तारीफ है, दूसरी तरफ यह घटना समाज के माथे पर एक गंभीर सवाल छोड़ गई है क्या हम अपने घरों में बढ़ते तनाव और हिंसा को पहचानने के लिए भी कभी समय निकालेंगे1