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प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है। 20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

14 hrs ago
user_न्यूज नर्मदापुरम
न्यूज नर्मदापुरम
पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है। 20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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  • प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है। 20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है।
20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_न्यूज नर्मदापुरम
    न्यूज नर्मदापुरम
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • थाना सोहागपुर को बड़ी सफलता 12 घण्टे के अन्दर किया डबल मर्डर का खुलासा नर्मदापुरम - सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी ने प्रेसनोट के माध्यम से बताया कि दिनांक 05.11.2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम रैनी पानी सोहागपुर से सूचना प्राप्त हुई कि गाँव मे रहने वाले बुजुर्ग दम्पत्ति राधे उईके और उसकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके के घर पर उनका शव पड़ा हुआ है दोनों के सिर और बदन से खून निकल रहा है, सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया एवं तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा, घटना स्थल को प्रिजर्व कर साक्ष्य संकलन किए व अड़ोस पड़ोस मे रहने वालों से विस्तृत पूछताछ की, प्रकरण मे तत्काल अपराध क्रमांक 694/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया, आसपड़ोस मे रहने वाले लोगों ने घटना के पहले मृतक दम्पत्ति के पुत्र कमलेश उईके से विवाद होने की बात बताई उसके बाद पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागना भी बताया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर अरविन्द शाह को प्रकरण मे तत्काल गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया । प्रकरण मे एफएसएल, डॉग स्कॉट, फिंगर प्रिन्ट एक्सपर्ट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का बारिकी से मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए साथ ही आरोपी कमलेश उईके को भी सोहागपुर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपी से पूछताछ करने पर बताया गया कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है जिसकी डिलेवरी होने वाली है उसे एक हफ्ते पहले लेकर मैं अपने माता-पिता के पास आया था। मैं चाहता था कि मेरी पत्नी की डिलेवरी मेरी माँ के घर पर हो परन्तु मेरा पिता इस बात को लेकर मुझसे कई दिनों से बहस कर रहा था। क्योंकि मेरी माँ ने दूसरी शादी की थी और मेरे पिता काशीराम उईके की मृत्यु हो चुकी है, घटना वाली रात मैंने मेरे पिता और मेरी माँ ने शराब पी थी और शराब के नशे मे विवाद काफी बढ़ गया इसलिए आरोपी द्वारा चूल्हे मे जल रही मोटी लकड़ी उठाकर मृतक दम्पत्ति के सिर और शरीर पर कई बार किए और घटना के बाद आरोपी फरार हो गया जिसे पुलिस टीम द्वारा सर्चिग के बाद कच्चे नाले से हिरासत में लिया गया । उक्त कार्यवाही मे सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल, आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा, नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
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    थाना सोहागपुर को बड़ी सफलता 12 घण्टे के अन्दर किया डबल मर्डर का खुलासा
नर्मदापुरम - सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी ने प्रेसनोट के माध्यम से  बताया कि दिनांक 05.11.2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम रैनी पानी सोहागपुर से सूचना प्राप्त हुई कि गाँव मे रहने वाले बुजुर्ग दम्पत्ति राधे उईके और उसकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके के घर पर उनका शव पड़ा हुआ है दोनों के सिर और बदन से खून निकल रहा है, सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया एवं तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा, घटना स्थल को प्रिजर्व कर साक्ष्य संकलन किए व अड़ोस पड़ोस मे रहने वालों से विस्तृत पूछताछ की, प्रकरण मे तत्काल अपराध क्रमांक 694/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया, आसपड़ोस मे रहने वाले लोगों ने घटना के पहले मृतक दम्पत्ति के पुत्र कमलेश उईके से विवाद होने की बात बताई उसके बाद पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागना भी बताया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर अरविन्द शाह को प्रकरण मे तत्काल गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया ।
प्रकरण मे एफएसएल, डॉग स्कॉट, फिंगर प्रिन्ट एक्सपर्ट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का बारिकी से मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए साथ ही आरोपी कमलेश उईके को भी सोहागपुर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है ।
आरोपी से पूछताछ करने पर बताया गया कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है जिसकी डिलेवरी होने वाली है उसे एक हफ्ते पहले लेकर मैं अपने माता-पिता के पास आया था। मैं चाहता था कि मेरी पत्नी की डिलेवरी मेरी माँ के घर पर हो परन्तु मेरा पिता इस बात को लेकर मुझसे कई दिनों से बहस कर रहा था।
क्योंकि मेरी माँ ने दूसरी शादी की थी और मेरे पिता काशीराम उईके की मृत्यु हो चुकी है, घटना वाली रात मैंने मेरे पिता और मेरी माँ ने शराब पी थी और शराब के नशे मे विवाद काफी बढ़ गया इसलिए आरोपी द्वारा चूल्हे मे जल रही मोटी लकड़ी उठाकर मृतक दम्पत्ति के सिर और शरीर पर कई बार किए और घटना के बाद आरोपी फरार हो गया जिसे पुलिस टीम द्वारा सर्चिग के बाद कच्चे नाले से हिरासत में लिया गया ।
उक्त कार्यवाही मे सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल, आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा, नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।
    user_Pankaj Pal
    Pankaj Pal
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गुर्जरवाड़ा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पीड़ित पक्ष ने की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो ग्राम गुर्जरवाड़ा, तहसील माखननगर का बताया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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    गुर्जरवाड़ा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पीड़ित पक्ष ने की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो ग्राम गुर्जरवाड़ा, तहसील माखननगर का बताया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
    user_Sheikh Aarif Qureshi
    Sheikh Aarif Qureshi
    Local News Reporter सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 33 केवी बिजली पोल से टकराया बिजली विभाग का वाहन, अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त उमरधा रोड स्थित महंगवा गांव में नर्मदा मैरिज गार्डन के पास देर रात हुआ हादसा, जनहानि की सूचना नहीं
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    33 केवी बिजली पोल से टकराया बिजली विभाग का वाहन, अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त
उमरधा रोड स्थित महंगवा गांव में नर्मदा मैरिज गार्डन के पास देर रात हुआ हादसा, जनहानि की सूचना नहीं
    user_SATISH KUMAR
    SATISH KUMAR
    Advertising agency बनखेड़ी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *तेंदूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय में बड़ा सवाल: जर्जर भवन की छत पर ही बनाई जा रही दूसरी मंजिल, छात्रों की सुरक्षा दांव पर!* नरसिंहपुर ! 6 नवंबर 2026 नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट से प्रस्तावित नए निर्माण के तहत पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2018 में बने पुराने भवन की जर्जर छत पर ही दूसरी मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय का भवन तैयार किया गया था। लेकिन महज कुछ वर्षों में ही भवन की हालत खराब होने के आरोप सामने आए हैं। भवन के पिलर और दीवारों में कमजोरी तथा प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद इसी भवन की छत पर नए पिलर खड़े कर दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त खुली जमीन मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद पुराने भवन के ऊपर निर्माण कराने का निर्णय क्यों लिया गया? क्या निर्माण शुरू करने से पहले भवन की भार वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कराई गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा। मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। PIU की तकनीकी टीम से भवन की जांच कराई जा रही है। यदि पुराना भवन कमजोर पाया जाता है और निर्माण के लिए खाली जमीन उपलब्ध है, तो निर्माण कार्य खाली जमीन पर ही कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले जर्जर बताए जा रहे भवन की छत पर निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ? निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी? करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पोलखोल न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट - जनता की आवाज़, आपके साथ।
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    *तेंदूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय में बड़ा सवाल: जर्जर भवन की छत पर ही बनाई जा रही दूसरी मंजिल, छात्रों की सुरक्षा दांव पर!*
नरसिंहपुर ! 6 नवंबर 2026 
नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट से प्रस्तावित नए निर्माण के तहत पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2018 में बने पुराने भवन की जर्जर छत पर ही दूसरी मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय का भवन तैयार किया गया था। लेकिन महज कुछ वर्षों में ही भवन की हालत खराब होने के आरोप सामने आए हैं।
भवन के पिलर और दीवारों में कमजोरी तथा प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद इसी भवन की छत पर नए पिलर खड़े कर दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त खुली जमीन मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद पुराने भवन के ऊपर निर्माण कराने का निर्णय क्यों लिया गया?
क्या निर्माण शुरू करने से पहले भवन की भार वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कराई गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। PIU की तकनीकी टीम से भवन की जांच कराई जा रही है। यदि पुराना भवन कमजोर पाया जाता है और निर्माण के लिए खाली जमीन उपलब्ध है, तो निर्माण कार्य खाली जमीन पर ही कराया जाएगा।
अब सवाल यह है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले जर्जर बताए जा रहे भवन की छत पर निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ? निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी?
करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
पोलखोल न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट - जनता की आवाज़, आपके साथ।
    user_Polkholnewz
    Polkholnewz
    News Anchor गाडरवारा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • 🚨 छिंदी में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: सड़क हादसे में राहगीर गंभीर, आरोग्य मंदिर में ताला और एम्बुलेंस नदारद तामिया/छिंदी (छिंदवाड़ा): क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छिंदी में एक सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक राहगीर तड़पता रहा, लेकिन स्थानीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) पर ताला लटका मिला और एम्बुलेंस भी मौके पर नहीं पहुँच सकी। इस गंभीर लापरवाही और जमीनी हकीकत को उजागर करती विस्तृत समाचार रिपोर्ट (न्यूज़ लेख) नीचे दी गई है: 🚨 छिंदी में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: सड़क हादसे में राहगीर गंभीर, आरोग्य मंदिर में ताला और एम्बुलेंस नदारद ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट विशेष संवाददाता, छिंदी (तामिया) 06 नवंबर 2026 छिंदी/तामिया: ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत उस समय तार-तार हो गई, जब शुक्रवार को छिंदी हरई मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसे में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसे समय पर प्राथमिक उपचार तक नसीब नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी लापरवाही के चलते घायल व्यक्ति घंटों तड़पने को मजबूर रहा। 🔒 'आरोग्य मंदिर' पर लटका मिला ताला दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय जागरूक ग्रामीणों ने घायल राहगीर को मदद पहुँचाने के लिए नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) लेकर पहुँचे। लेकिन वहां का नजारा देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा; स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य दरवाजे पर बड़ा सा ताला लटका हुआ था और ड्यूटी से पूरा स्टाफ नदारद था। आपातकालीन स्थिति में भी केंद्र का बंद मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 📞 फोन करने के बाद भी नहीं पहुँची 108 एम्बुलेंस हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने घायल को तत्काल जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तामिया रेफर करने के लिए सरकारी '108 एम्बुलेंस' सेवा को लगातार कॉल किए। घंटों इंतजार करने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुँची। सरकारी परिवहन सेवा न मिलने के कारण घायल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। 😡 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, निजी वाहन से भेजा अस्पताल स्वास्थ्य केंद्र में ताला और एम्बुलेंस की अनुपलब्धता को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय युवाओं ने चंदा जुटाया और मानवता दिखाते हुए आनन-फानन में एक निजी वाहन (प्राइवेट गाड़ी) का इंतजाम कर घायल राहगीर को अस्पताल रवाना किया। 🔍 लगातार मिल रही हैं शिकायतें छिंदी और आसपास के ग्रामीण अंचलों के निवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। तामिया ब्लॉक के दूरदराज के उप स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और एएनएम (ANM) का गायब रहना आम बात हो गई है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी आदिवासियों को आपातकाल में इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) छिंदवाड़ा से मांग की है कि छिंदी आरोग्य मंदिर के गैर-जिम्मेदार स्टाफ को तुरंत निलंबित किया जाए और एम्बुलेंस सेवा दुरुस्त की जाए। नोट ÷मुख्य मंत्री जन विश्वास शिविर छिन्दी मे जिला कलेक्टर को दिखाने के लिए सुविधाओं का लगा दिया था भंडार उसके बाद सुविधाओ का सूपड़ा साफ
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    🚨 छिंदी में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: सड़क हादसे में राहगीर गंभीर, आरोग्य मंदिर में ताला और एम्बुलेंस नदारद

तामिया/छिंदी (छिंदवाड़ा): क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम छिंदी में एक सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक राहगीर तड़पता रहा, लेकिन स्थानीय आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) पर ताला लटका मिला और एम्बुलेंस भी मौके पर नहीं पहुँच सकी।
इस गंभीर लापरवाही और जमीनी हकीकत को उजागर करती विस्तृत समाचार रिपोर्ट (न्यूज़ लेख) नीचे दी गई है:
🚨 छिंदी में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: सड़क हादसे में राहगीर गंभीर, आरोग्य मंदिर में ताला और एम्बुलेंस नदारद
ब्लॉक ब्यूरो चीफ नोमान खान कादरी की रिपोर्ट 
विशेष संवाददाता, छिंदी (तामिया)
06 नवंबर 2026
छिंदी/तामिया: ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत उस समय तार-तार हो गई, जब शुक्रवार को छिंदी हरई मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। हादसे में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसे समय पर प्राथमिक उपचार तक नसीब नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी लापरवाही के चलते घायल व्यक्ति घंटों तड़पने को मजबूर रहा।
🔒 'आरोग्य मंदिर' पर लटका मिला ताला
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय जागरूक ग्रामीणों ने घायल राहगीर को मदद पहुँचाने के लिए नजदीकी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) लेकर पहुँचे। लेकिन वहां का नजारा देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा; स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य दरवाजे पर बड़ा सा ताला लटका हुआ था और ड्यूटी से पूरा स्टाफ नदारद था। आपातकालीन स्थिति में भी केंद्र का बंद मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
📞 फोन करने के बाद भी नहीं पहुँची 108 एम्बुलेंस
हद तो तब हो गई जब ग्रामीणों ने घायल को तत्काल जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तामिया रेफर करने के लिए सरकारी '108 एम्बुलेंस' सेवा को लगातार कॉल किए। घंटों इंतजार करने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुँची। सरकारी परिवहन सेवा न मिलने के कारण घायल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
😡 ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, निजी वाहन से भेजा अस्पताल
स्वास्थ्य केंद्र में ताला और एम्बुलेंस की अनुपलब्धता को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थानीय युवाओं ने चंदा जुटाया और मानवता दिखाते हुए आनन-फानन में एक निजी वाहन (प्राइवेट गाड़ी) का इंतजाम कर घायल राहगीर को अस्पताल रवाना किया।
🔍 लगातार मिल रही हैं शिकायतें
छिंदी और आसपास के ग्रामीण अंचलों के निवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। तामिया ब्लॉक के दूरदराज के उप स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और एएनएम (ANM) का गायब रहना आम बात हो गई है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी आदिवासियों को आपातकाल में इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) छिंदवाड़ा से मांग की है कि छिंदी आरोग्य मंदिर के गैर-जिम्मेदार स्टाफ को तुरंत निलंबित किया जाए और एम्बुलेंस सेवा दुरुस्त की जाए।
नोट ÷मुख्य मंत्री  जन विश्वास शिविर  छिन्दी मे  जिला कलेक्टर को दिखाने के लिए सुविधाओं का लगा दिया था भंडार उसके बाद सुविधाओ का सूपड़ा साफ
    user_Noman kadri KHAN
    Noman kadri KHAN
    Electrician तामिया, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • वर्दी के पीछे धड़कता दिल… सोहागपुर पुलिस ने पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल जिस दोहरे हत्याकांड के आरोपी को सुबह हथकड़ियों में लेकर पहुंची थी पुलिस, शाम को उसी की गर्भवती पत्नी की मदद के लिए दौड़ी खाकी… टीआई गिरीश त्रिपाठी की संवेदनशीलता ने जीता लोगों का दिल सोहागपुर// खाकी वर्दी की पहचान अपराधियों के खिलाफ सख्ती और कानून के प्रति जवाबदेही से होती है, लेकिन इसी वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। इसका जीवंत उदाहरण शुक्रवार को सोहागपुर में देखने को मिला, जहां पुलिस ने साबित कर दिया कि उसका संघर्ष अपराध के खिलाफ है, किसी अपराधी के परिवार के खिलाफ नहीं। दरअसल, शुक्रवार सुबह रानीपानी दोहरे हत्याकांड के मामले में सोहागपुर पुलिस ने आरोपी कमलेश उईके को गिरफ्तार किया था। इसी बीच शाम को थाना प्रभारी टीआई गिरीश त्रिपाठी को सूचना मिली कि आरोपी की गर्भवती पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही टीआई गिरीश त्रिपाठी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक पल की देरी किए बिना महिला पुलिसकर्मी सहित पुलिस टीम को गांव रवाना किया। पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची और गर्भवती महिला को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर लाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में महिला के उपचार की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया और उसकी देखभाल में सहयोग किया। जिस परिवार का मुखिया गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की गिरफ्त में है, उस परिवार की एक गर्भवती महिला को संकट की घड़ी में अकेला छोड़ने के बजाय पुलिस ने मदद का हाथ बढ़ाया। यह घटना केवल एक महिला को अस्पताल पहुंचाने की नहीं, बल्कि पुलिस के मानवीय चरित्र को सामने लाने वाली मिसाल है। एक तरफ कानून के तहत दोहरे हत्याकांड के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ उसी आरोपी के परिवार की गर्भवती महिला के प्रति संवेदना… पुलिस की ये दोनों भूमिकाएं उसकी जिम्मेदारी और इंसानियत का परिचय देती हैं। इस घटना ने एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया है कि अपराध करने वाला व्यक्ति अपने अपराध के लिए कानून के प्रति जवाबदेह है, लेकिन उसके परिवार के निर्दोष सदस्यों को उस अपराध की सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि खाकी का फर्ज सिर्फ अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़ा होना भी है। टीआई गिरीश त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम का यह मानवीय प्रयास बताता है कि वर्दी में सख्ती के साथ संवेदनाएं भी जीवित हैं। वास्तव में, ऐसे कार्य ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर को मजबूत करते हैं। सलाम है खाकी के इस मानवीय चेहरे को, जहां कानून के प्रति कठोरता और इंसानियत के प्रति संवेदनशीलता साथ-साथ चलती है।
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    वर्दी के पीछे धड़कता दिल… सोहागपुर पुलिस ने पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल
जिस दोहरे हत्याकांड के आरोपी को सुबह हथकड़ियों में लेकर पहुंची थी पुलिस, शाम को उसी की गर्भवती पत्नी की मदद के लिए दौड़ी खाकी… टीआई गिरीश त्रिपाठी की संवेदनशीलता ने जीता लोगों का दिल
सोहागपुर// खाकी वर्दी की पहचान अपराधियों के खिलाफ सख्ती और कानून के प्रति जवाबदेही से होती है, लेकिन इसी वर्दी के पीछे एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। इसका जीवंत उदाहरण शुक्रवार को सोहागपुर में देखने को मिला, जहां पुलिस ने साबित कर दिया कि उसका संघर्ष अपराध के खिलाफ है, किसी अपराधी के परिवार के खिलाफ नहीं। दरअसल, शुक्रवार सुबह रानीपानी दोहरे हत्याकांड के मामले में सोहागपुर पुलिस ने आरोपी कमलेश उईके को गिरफ्तार किया था। इसी बीच शाम को थाना प्रभारी टीआई गिरीश त्रिपाठी को सूचना मिली कि आरोपी की गर्भवती पत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) शुरू हो गई है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही टीआई गिरीश त्रिपाठी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक पल की देरी किए बिना महिला पुलिसकर्मी सहित पुलिस टीम को गांव रवाना किया। पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची और गर्भवती महिला को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोहागपुर लाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में महिला के उपचार की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया और उसकी देखभाल में सहयोग किया। जिस परिवार का मुखिया गंभीर आपराधिक मामले में पुलिस की गिरफ्त में है, उस परिवार की एक गर्भवती महिला को संकट की घड़ी में अकेला छोड़ने के बजाय पुलिस ने मदद का हाथ बढ़ाया।
यह घटना केवल एक महिला को अस्पताल पहुंचाने की नहीं, बल्कि पुलिस के मानवीय चरित्र को सामने लाने वाली मिसाल है।
एक तरफ कानून के तहत दोहरे हत्याकांड के आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ उसी आरोपी के परिवार की गर्भवती महिला के प्रति संवेदना… पुलिस की ये दोनों भूमिकाएं उसकी जिम्मेदारी और इंसानियत का परिचय देती हैं। इस घटना ने एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया है कि अपराध करने वाला व्यक्ति अपने अपराध के लिए कानून के प्रति जवाबदेह है, लेकिन उसके परिवार के निर्दोष सदस्यों को उस अपराध की सजा नहीं मिलनी चाहिए।
क्योंकि खाकी का फर्ज सिर्फ अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़ा होना भी है।
टीआई गिरीश त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम का यह मानवीय प्रयास बताता है कि वर्दी में सख्ती के साथ संवेदनाएं भी जीवित हैं। वास्तव में, ऐसे कार्य ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर को मजबूत करते हैं। सलाम है खाकी के इस मानवीय चेहरे को, जहां कानून के प्रति कठोरता और इंसानियत के प्रति संवेदनशीलता साथ-साथ चलती है।
    user_Sheikh Aarif Qureshi
    Sheikh Aarif Qureshi
    Local News Reporter सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या पत्नी की डिलीवरी को लेकर पिता से था विवाद, शराब के नशे में दिया दोहरे हत्याकांड को अंजाम, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी सोहागपुर। जिस बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, वही माता-पिता का कातिल बन गया। ग्राम रेनी पानी में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि दंपती का अपना बेटा कमलेश निकला। आरोपी ने शराब के नशे में चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से पिता राधे और मां टीटो बाई उर्फ कृष्णा के सिर और शरीर पर कई वार कर दोनों की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी माता-पिता के घर कराना चाहता था। इसी बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। 5 नवंबर की रात शराब के नशे में विवाद बढ़ा और आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद वह जंगल की तरफ भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी अरविंद शाह के नेतृत्व में टीम ने तलाश शुरू की। करीब छह घंटे की सर्चिंग के बाद आरोपी को कच्चे नाले से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 694/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है।
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    रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या
रिश्तों का कत्ल! बेटे ने ही उजाड़ दिया माता-पिता का संसार, जलती लकड़ी से पीट-पीटकर की हत्या
पत्नी की डिलीवरी को लेकर पिता से था विवाद, शराब के नशे में दिया दोहरे हत्याकांड को अंजाम, 12 घंटे में पुलिस ने दबोचा आरोपी
सोहागपुर। जिस बेटे को बुढ़ापे का सहारा बनना था, वही माता-पिता का कातिल बन गया। ग्राम रेनी पानी में बुजुर्ग दंपती की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि दंपती का अपना बेटा कमलेश निकला। आरोपी ने शराब के नशे में चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से पिता राधे और मां टीटो बाई उर्फ कृष्णा के सिर और शरीर पर कई वार कर दोनों की जान ले ली।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी गर्भवती पत्नी की डिलीवरी माता-पिता के घर कराना चाहता था। इसी बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। 5 नवंबर की रात शराब के नशे में विवाद बढ़ा और आरोपी ने खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। हत्या के बाद वह जंगल की तरफ भाग निकला।
घटना की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर एसडीओपी अरविंद शाह के नेतृत्व में टीम ने तलाश शुरू की। करीब छह घंटे की सर्चिंग के बाद आरोपी को कच्चे नाले से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 694/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया है।
    user_रीतेश साहू
    रीतेश साहू
    Salesperson सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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