*तेंदूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय में बड़ा सवाल: जर्जर भवन की छत पर ही बनाई जा रही दूसरी मंजिल, छात्रों की सुरक्षा दांव पर!* नरसिंहपुर ! 6 नवंबर 2026 नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट से प्रस्तावित नए निर्माण के तहत पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2018 में बने पुराने भवन की जर्जर छत पर ही दूसरी मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय का भवन तैयार किया गया था। लेकिन महज कुछ वर्षों में ही भवन की हालत खराब होने के आरोप सामने आए हैं। भवन के पिलर और दीवारों में कमजोरी तथा प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद इसी भवन की छत पर नए पिलर खड़े कर दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त खुली जमीन मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद पुराने भवन के ऊपर निर्माण कराने का निर्णय क्यों लिया गया? क्या निर्माण शुरू करने से पहले भवन की भार वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कराई गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा। मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। PIU की तकनीकी टीम से भवन की जांच कराई जा रही है। यदि पुराना भवन कमजोर पाया जाता है और निर्माण के लिए खाली जमीन उपलब्ध है, तो निर्माण कार्य खाली जमीन पर ही कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले जर्जर बताए जा रहे भवन की छत पर निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ? निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी? करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पोलखोल न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट - जनता की आवाज़, आपके साथ।
*तेंदूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय में बड़ा सवाल: जर्जर भवन की छत पर ही बनाई जा रही दूसरी मंजिल, छात्रों की सुरक्षा दांव पर!* नरसिंहपुर ! 6 नवंबर 2026 नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट से प्रस्तावित नए निर्माण के तहत पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2018 में बने पुराने भवन की जर्जर छत पर ही दूसरी मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय का भवन तैयार किया गया था। लेकिन महज कुछ वर्षों में ही भवन की हालत खराब होने के आरोप सामने आए हैं। भवन के पिलर और दीवारों में कमजोरी तथा प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद इसी भवन की छत पर नए पिलर खड़े कर दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त खुली जमीन मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद पुराने भवन के ऊपर निर्माण कराने का निर्णय क्यों लिया गया? क्या निर्माण शुरू करने से पहले भवन की भार वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कराई गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा। मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। PIU की तकनीकी टीम से भवन की जांच कराई जा रही है। यदि पुराना भवन कमजोर पाया जाता है और निर्माण के लिए खाली जमीन उपलब्ध है, तो निर्माण कार्य खाली जमीन पर ही कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले जर्जर बताए जा रहे भवन की छत पर निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ? निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी? करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पोलखोल न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट - जनता की आवाज़, आपके साथ।
- *तेंदूखेड़ा शासकीय महाविद्यालय में बड़ा सवाल: जर्जर भवन की छत पर ही बनाई जा रही दूसरी मंजिल, छात्रों की सुरक्षा दांव पर!* नरसिंहपुर ! 6 नवंबर 2026 नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय महाविद्यालय में निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये के बजट से प्रस्तावित नए निर्माण के तहत पर्याप्त खाली जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वर्ष 2018 में बने पुराने भवन की जर्जर छत पर ही दूसरी मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों और कॉलेज स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से महाविद्यालय का भवन तैयार किया गया था। लेकिन महज कुछ वर्षों में ही भवन की हालत खराब होने के आरोप सामने आए हैं। भवन के पिलर और दीवारों में कमजोरी तथा प्लास्टर उखड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद इसी भवन की छत पर नए पिलर खड़े कर दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में नए भवन के निर्माण के लिए पर्याप्त खुली जमीन मौजूद बताई जा रही है। इसके बावजूद पुराने भवन के ऊपर निर्माण कराने का निर्णय क्यों लिया गया? क्या निर्माण शुरू करने से पहले भवन की भार वहन क्षमता और संरचनात्मक मजबूती की तकनीकी जांच कराई गई थी? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा। मामले में तेंदूखेड़ा एसडीएम सानू चौधरी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। PIU की तकनीकी टीम से भवन की जांच कराई जा रही है। यदि पुराना भवन कमजोर पाया जाता है और निर्माण के लिए खाली जमीन उपलब्ध है, तो निर्माण कार्य खाली जमीन पर ही कराया जाएगा। अब सवाल यह है कि तकनीकी जांच पूरी होने से पहले जर्जर बताए जा रहे भवन की छत पर निर्माण कार्य कैसे शुरू हुआ? निर्माण की स्वीकृति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी? करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। पोलखोल न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट - जनता की आवाज़, आपके साथ।1
- खबर तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से तेंदूखेड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग 45 पर भीषण हादसा, गैस से भरा कंटेनर पलटा, चालक बाल-बाल बचा तेंदूखेड़ा (जिला नरसिंहपुर): *सिंगाजी समाचार रामकिशन कुशवाहा की रिपोर्ट*1
- नरसिंहपुर पुलिस ने आमजन को लौटाई खुशियाँ नरसिंहपुर पुलिस ने गुम मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों के चेहरों पर लौटाई मुस्कान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 201 मोबाइल फोन बरामद। बरामद मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹75 लाख। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों सहित अन्य राज्यों से खोजकर मोबाइल फोन किए गए बरामद।1
- 33 केवी बिजली पोल से टकराया बिजली विभाग का वाहन, अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त उमरधा रोड स्थित महंगवा गांव में नर्मदा मैरिज गार्डन के पास देर रात हुआ हादसा, जनहानि की सूचना नहीं1
- प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर दर्दनाक हादसा, बंदर ने छीना बैग तो संतुलन बिगड़ने से खाई में गिरे नागपुर के ग्रुप लीडर, मौत,नागपुर से 20 बच्चों के साथ पचमढ़ी घूमने आए थे विजय नायक, हादसे के बाद पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल पचमढ़ी। सतपुड़ा की वादियों में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट (फॉरेस्ट हिल) शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। यहां बंदर द्वारा बैग छीनने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से नागपुर निवासी ग्रुप लीडर विजय नायक गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार नागपुर से करीब 20 बच्चों का दल पचमढ़ी भ्रमण पर आया था। दल की जिम्मेदारी विजय नायक संभाल रहे थे। उनके पिता भी उनके साथ मौजूद थे। शुक्रवार को पूरा दल प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट पर घूम रहा था। बच्चे वहां तस्वीरें खिंचवा रहे थे, तभी एक बंदर ने विजय नायक के हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया। बैग बचाने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद शव को खाई से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पचमढ़ी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपकर नागपुर भेज दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद पर्यटन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर पर्यटकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्रियदर्शिनी व्यू प्वाइंट जैसे संवेदनशील स्थान पर मजबूत सुरक्षा रेलिंग और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। यहां बंदरों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए जाने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने की भी मांग की गई है। 20 बच्चों के दल के साथ आए ग्रुप लीडर की मौत से भ्रमण पर निकले बच्चों और परिजनों में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- थाना सोहागपुर को बड़ी सफलता 12 घण्टे के अन्दर किया डबल मर्डर का खुलासा नर्मदापुरम - सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी ने प्रेसनोट के माध्यम से बताया कि दिनांक 05.11.2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम रैनी पानी सोहागपुर से सूचना प्राप्त हुई कि गाँव मे रहने वाले बुजुर्ग दम्पत्ति राधे उईके और उसकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके के घर पर उनका शव पड़ा हुआ है दोनों के सिर और बदन से खून निकल रहा है, सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराया एवं तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा, घटना स्थल को प्रिजर्व कर साक्ष्य संकलन किए व अड़ोस पड़ोस मे रहने वालों से विस्तृत पूछताछ की, प्रकरण मे तत्काल अपराध क्रमांक 694/2026 धारा 103(1) बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया, आसपड़ोस मे रहने वाले लोगों ने घटना के पहले मृतक दम्पत्ति के पुत्र कमलेश उईके से विवाद होने की बात बताई उसके बाद पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागना भी बताया, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन द्वारा अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर अरविन्द शाह को प्रकरण मे तत्काल गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया । प्रकरण मे एफएसएल, डॉग स्कॉट, फिंगर प्रिन्ट एक्सपर्ट और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का बारिकी से मुआयना कर साक्ष्य संकलित किए साथ ही आरोपी कमलेश उईके को भी सोहागपुर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है । आरोपी से पूछताछ करने पर बताया गया कि उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है जिसकी डिलेवरी होने वाली है उसे एक हफ्ते पहले लेकर मैं अपने माता-पिता के पास आया था। मैं चाहता था कि मेरी पत्नी की डिलेवरी मेरी माँ के घर पर हो परन्तु मेरा पिता इस बात को लेकर मुझसे कई दिनों से बहस कर रहा था। क्योंकि मेरी माँ ने दूसरी शादी की थी और मेरे पिता काशीराम उईके की मृत्यु हो चुकी है, घटना वाली रात मैंने मेरे पिता और मेरी माँ ने शराब पी थी और शराब के नशे मे विवाद काफी बढ़ गया इसलिए आरोपी द्वारा चूल्हे मे जल रही मोटी लकड़ी उठाकर मृतक दम्पत्ति के सिर और शरीर पर कई बार किए और घटना के बाद आरोपी फरार हो गया जिसे पुलिस टीम द्वारा सर्चिग के बाद कच्चे नाले से हिरासत में लिया गया । उक्त कार्यवाही मे सोहागपुर थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, सहायक उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल, आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा, नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।2
- नरसिंहपुर में युवक की संदिग्ध मौत: स्टेशनगंज पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप, एसपी से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार नरसिंहपुर: जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्राम खुरपा (थाना स्टेशनगंज) निवासी एक दुखी मां ने अपने पुत्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका की मां अनिता कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक (SP) नरसिंहपुर को आवेदन सौंपकर मामले की गहराई से जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। क्या है पूरा मामला? आवेदन के मुताबिक, मृतका अनिता कुशवाहा पति भगवत सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनका पुत्र युवराज कुशवाहा 29 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:00 बजे अपने दोस्त दीपक के साथ गाड़ी लेकर डांगीढाना किसी काम से निकला था। शाम करीब 7:00 बजे युवराज की बात उसके पिता से हुई थी, जिसमें उसने 5 मिनट में घर लौटने की बात कही थी। इसके बाद काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटा और उसका फोन भी लगातार घंटी जाने के बावजूद नहीं उठा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने रातभर आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। खेत के पास मिली लाश और गाड़ी अगले दिन यानी 30 अक्टूबर 2026 की सुबह मृतका के पति और दूसरे पुत्र यशराज ने अन्य साथियों के साथ मिलकर युवराज की तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान डांगीढाना से खुरपा रोड पर स्थित एक खेत के पास युवराज की गाड़ी और वहीं थोड़ी दूरी पर उसका शव संदिग्ध व जख्मी हालत में बरामद हुआ। पुलिस पर टालमटोल और कार्रवाई न करने का आरोप परिजनों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना थाना स्टेशनगंज पुलिस को दी गई थी, लेकिन आज दिनांक तक पुलिस द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जब परिजन थाने जाकर कार्रवाई के बारे में पूछते हैं, तो पुलिस द्वारा लगातार आनाकानी की जा रही है। परिजनों को अंदेशा है कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि युवराज की सुनियोजित हत्या है, जिसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि इस संदिग्ध मौत की निष्पक्ष व सूक्ष्मता से जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।1
- EXPRESS MP CG NEWS1