जालौन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे योग पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को तहसील परिसर में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीएम रिंकू सिंह राही के साथ तहसील के सभी कर्मचारी और शिकायतकर्ता भी शामिल हुए। योग प्रशिक्षक और आयुष चिकित्सक डॉ. आयुष सक्सेना ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए। उन्होंने भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताते हुए सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम रिंकू सिंह राही ने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने घोषणा की कि तहसील परिसर में प्रतिदिन 10 मिनट योगाभ्यास कराया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम होगा और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। योगाभ्यास के बाद, उपस्थित लोगों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई।
जालौन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे योग पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को तहसील परिसर में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीएम रिंकू सिंह राही के साथ तहसील के सभी कर्मचारी और शिकायतकर्ता भी शामिल हुए। योग प्रशिक्षक और आयुष चिकित्सक डॉ. आयुष सक्सेना ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए। उन्होंने भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताते हुए सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम रिंकू सिंह राही ने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने घोषणा की कि तहसील परिसर में प्रतिदिन 10 मिनट योगाभ्यास कराया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम होगा और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। योगाभ्यास के बाद, उपस्थित लोगों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई।
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुरा गाँव के पास पहुज नदी में नहाने गए एक दर्जन से अधिक युवकों में से तीन युवक गहरे पानी में चले जाने के कारण लापता हो गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लापता युवकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी के गहरे पानी में लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है। गोताखोरों द्वारा लापता युवकों की तलाश जोर-शोर से जारी है। नदी किनारे ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ जमा है, जो सभी युवकों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।1
- जालौन जिले की माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ गोपालपुरा के पास बहने वाली पहूज नदी में स्नान करने गए तीन युवक डूब गए हैं। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने गोताखोरों की मदद से तीनों युवकों की तलाश शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- जालौन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे योग पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को तहसील परिसर में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीएम रिंकू सिंह राही के साथ तहसील के सभी कर्मचारी और शिकायतकर्ता भी शामिल हुए। योग प्रशिक्षक और आयुष चिकित्सक डॉ. आयुष सक्सेना ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम कराए। उन्होंने भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम के लाभ बताते हुए सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम रिंकू सिंह राही ने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने घोषणा की कि तहसील परिसर में प्रतिदिन 10 मिनट योगाभ्यास कराया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम होगा और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। योगाभ्यास के बाद, उपस्थित लोगों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई।1
- जालौन विकासखंड का सालाबाद गाँव पिछले 15 से 20 दिनों से गंभीर बिजली संकट का सामना कर रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों के घरों में रोशनी की जगह अंधेरा और चिंता व्याप्त है। गाँव में ओवरलोड ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत लाइनें और टूटे हुए खंभे लोगों का जीवन मुश्किल बना रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, दिन में चार से पाँच बार बिजली लाइनें टूट जाती हैं, और फॉल्ट, तार टूटने या ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। गाँव के बीच लगे ट्रांसफार्मर के पास दुकान चलाने वाले दुकानदार ने अपनी बड़ी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर में अक्सर स्पार्किंग होती है और कई बार आग भी लग चुकी है, जिससे आसपास लोगों की आवाजाही के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। दुकानदार को अपनी दुकान तक आग की चिंगारियाँ पहुँचने का भी खतरा सताता है। इसके अलावा, 11 हजार वोल्ट की लाइन का एक खंभा कई महीनों से एक पेड़ के सहारे टिका हुआ है। ग्रामीणों का डर है कि तेज बारिश या आंधी आने पर यह खंभा गिर सकता है, जिससे एक बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव में बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बिजली विभाग की व्यवस्था पुरानी है। उनके अनुसार, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर मौजूद होने के बावजूद उन्हें अभी तक चालू नहीं किया गया है। यदि इन ट्रांसफार्मरों को संचालित कर दिया जाए तो लोड बँट जाएगा और बार-बार होने वाले फॉल्ट से राहत मिल सकती है। कढ़ौरे कुशवाहा, महेंद्र पटेल, मनोहर कुशवाहा, संतोष कुशवाहा, वकील पटेल और गुड्डन पालीवाल सहित अन्य ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागने की बजाय अभी से समाधान करे।3
- जालौन जिले के कालपी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार सुबह मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिनन्दन प्रसाद के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। सीएमओ बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे, जिससे कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई। सीएमओ ने सुबह करीब 8:45 बजे सीएचसी पहुंचकर ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, महिला वार्ड सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले, जिस पर सीएमओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाएं, कूलर-पंखों की व्यवस्था और वार्डों की स्थिति का भी मूल्यांकन किया। सीएमओ ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के नियमित रूप से संचालित न होने की शिकायत भी सीएमओ के संज्ञान में आई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र संचालक को नोटिस जारी करने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने अस्पताल परिसर की रंगाई-पुताई, भवन की मरम्मत और अन्य लंबित विकास कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के आदेश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. दिनेश बरदिया, डॉ. शेख शहरयार, डॉ. आदर्श गौतम, डॉ. अशोक चक्र, डॉ. विशाल सचान और डॉ. गरिमा सिंह सहित समस्त चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सीएमओ की इस सख्ती के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं में कितना सुधार कर पाता है और मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का कितना बेहतर लाभ मिल पाता है।2
- लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र और उत्तर प्रदेश की 'डबल इंजन' सरकार विकास और जनकल्याण के अपने संकल्पों को लगातार धरातल पर उतारने का दावा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत संरचना, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि वह जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 'डबल इंजन' सरकार की समन्वित कार्यशैली से विकास परियोजनाओं को गति मिली है, जिससे प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को मजबूती मिल रही है। सरकार का मुख्य ध्यान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर है। सरकार का कहना है कि "जो कहा है, उसे पूरा करना हमारी प्राथमिकता है" और इसी सोच के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को इसी संकल्प का प्रमाण बताया जा रहा है।1
- जालौन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे योग पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को तहसील परिसर में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीएम रिंकू सिंह राही, तहसील के सभी कर्मचारी और शिकायतकर्ता भी शामिल हुए। योग प्रशिक्षक और आयुष चिकित्सक डॉ. आयुष सक्सेना ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम करवाए, जिसमें भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम शामिल थे। उन्होंने इन प्राणायामों के लाभ बताते हुए सभी को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम रिंकू सिंह राही ने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि तहसील परिसर में प्रतिदिन 10 मिनट का योगाभ्यास कराया जाएगा, जिससे कर्मचारियों का मानसिक तनाव कम होगा और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान, सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। योगाभ्यास के बाद उपस्थित लोगों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कालपी कोतवाली क्षेत्र की महमूदपुर चौकी का बताया जा रहा है, जहाँ एक पुराने मकान के छज्जे को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। वीडियो में सड़क पर खुलेआम लाठी-डंडे चलते, महिलाएं और पुरुष एक-दूसरे पर हमला करते और चीख-पुकार मचते देखा जा सकता है, जिससे हालात बेकाबू नज़र आ रहे हैं। यह घटना किसी फिल्मी सीन जैसी नहीं, बल्कि कालपी की हकीकत बताई जा रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि इस हिंसक झड़प में महिलाएं भी पुरुषों के साथ मिलकर विरोधी पक्ष पर हमला कर रही हैं। सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल है और पूरा इलाका युद्ध के मैदान जैसा लग रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि घटना के दौरान पुलिस और डायल-112 भी मौके पर मौजूद थी, इसके बावजूद काफी देर तक मारपीट चलती रही और कानून को खुलेआम चुनौती दी जाती रही। अब यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है कि आखिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि कानून के सामने ही कानून की धज्जियां उड़ेंगी, तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा। सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कब तक सख्त कदम उठाए जाते हैं।2