logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ग्राम बिलौटी में हुई एक घटना के आधार पर, सिपाही संख्या 647 आशिष कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली 2026 का उल्लंघन करने का आरोप है। इस कार्रवाई के तहत, सिपाही आशिष कुमार तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

17 hrs ago
user_Journalist Shubham Pandey
Journalist Shubham Pandey
Media Consultant मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

ग्राम बिलौटी में हुई एक घटना के आधार पर, सिपाही संख्या 647 आशिष कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली 2026 का उल्लंघन करने का आरोप है। इस कार्रवाई के तहत, सिपाही आशिष कुमार तिवारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक शख्स अपने निधन के 39 दिन बाद जीवित घर लौट आया, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है।
    1
    उत्तर प्रदेश से एक बेहद हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक शख्स अपने निधन के 39 दिन बाद जीवित घर लौट आया, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है।
    user_HEMRAJ MAURYA
    HEMRAJ MAURYA
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनपद कौशांबी में पल्स पोलियो अभियान को एक नई ऊर्जा मिली है, जहाँ उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने एक जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अपने सभी छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक अनिवार्य रूप से पिलाने की भावुक अपील की। क्षेत्र में लगातार जनहित के कार्यों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने वाली प्रतिभा कुशवाहा की कार्यशैली की व्यापक सराहना हो रही है। इस पहल के माध्यम से, सभी से मिलकर पोलियो मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
    1
    जनपद कौशांबी में पल्स पोलियो अभियान को एक नई ऊर्जा मिली है, जहाँ उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने एक जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अपने सभी छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक अनिवार्य रूप से पिलाने की भावुक अपील की।

क्षेत्र में लगातार जनहित के कार्यों और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहने वाली प्रतिभा कुशवाहा की कार्यशैली की व्यापक सराहना हो रही है। इस पहल के माध्यम से, सभी से मिलकर पोलियो मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को सफल बनाने का आह्वान किया गया है।
    user_D.D.NEWS UTTER PRADESH
    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या उद्धव ठाकरे से जुड़े छह बागी सदस्यों ने माफी मांग ली है। इस संभावित घटना को एकनाथ शिंदे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस संदर्भ में कांग्रेस और भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
    1
    एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या उद्धव ठाकरे से जुड़े छह बागी सदस्यों ने माफी मांग ली है। इस संभावित घटना को एकनाथ शिंदे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस संदर्भ में कांग्रेस और भाजपा का भी जिक्र किया गया है।
    user_सच के साथ
    सच के साथ
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कौशाम्बी के भरवारी में कोखराज थाना भरवारी चौकी प्रभारी की मौजूदगी में 10वीं मुहर्रम का मातमी जुलूस बड़े शांतिपूर्वक और अमन-भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने आलम और ताज़िया के साथ जुलूस में शिरकत की, जहाँ "या हुसैन" की सदाओं से पूरा माहौल गूंज उठा। अकीदतमंदों ने जंजीर और कमा का मातम भी किया, और जगह-जगह सबील तथा शर्बत का इंतजाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र, जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। पूरे जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। इन्हीं पुख्ता इंतजामों और अधिकारियों की सक्रियता के कारण यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
    1
    कौशाम्बी के भरवारी में कोखराज थाना भरवारी चौकी प्रभारी की मौजूदगी में 10वीं मुहर्रम का मातमी जुलूस बड़े शांतिपूर्वक और अमन-भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने आलम और ताज़िया के साथ जुलूस में शिरकत की, जहाँ "या हुसैन" की सदाओं से पूरा माहौल गूंज उठा। अकीदतमंदों ने जंजीर और कमा का मातम भी किया, और जगह-जगह सबील तथा शर्बत का इंतजाम किया गया था।

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र, जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया। पूरे जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। इन्हीं पुख्ता इंतजामों और अधिकारियों की सक्रियता के कारण यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
    user_दहकती रिपोर्ट ब्यूरो प्रमुख
    दहकती रिपोर्ट ब्यूरो प्रमुख
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मुहर्रम के दसवें दिन को आशूरा के नाम से जाना जाता है, जो इतिहास की सबसे गमनाक तारीख मानी जाती है क्योंकि इसी दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत हुई थी। विश्वभर में सभी भाषाओं और जाति-धर्म के लोग मुहर्रम का यह गम मनाते हैं, और भारत में यह परंपरा शुरुआत से चली आ रही है। जहाँ शिया समुदाय इस गम को मनाता है, वहीं कुछ जगहों पर इसे हिंदुओं द्वारा शुरू करने के प्रमाण भी मिलते हैं, जिसकी पुष्टि पुरानी तर्ज़ पर निकलने वाले मुहर्रम जुलूस करते हैं। कौशाम्बी के दारानगर कस्बे में अज़ादारी की यह परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है; ब्रिटिश शासन के दौरान जब मुहर्रम पर कुछ पाबंदियाँ लगाई गईं, तब दारानगर में ब्राह्मण समाज के लोगों ने शिया समुदाय के साथ मिलकर मुहर्रम का जुलूस निकाला, जिससे यह परंपरा आज तक अपना अस्तित्व बनाए हुए है। इमाम हुसैन और उनके साथियों के परिवारजनों को पुरसा मजलिस और मातम के ज़रिए दिलासा दिया जाता है, और निर्धारित तारीखों पर इसे जुलूस की शक्ल में सड़कों पर लाया जाता है। दारानगर में मुहर्रम पर दिखने वाली हिंदू-मुस्लिम एकता किसी को भी चकित कर देती है; एक ओर जहाँ शिया समुदाय दशहरा पर्व में रघुराई राम, लखन, सीता और रामलीला कमेटी का स्वागत करता है, वहीं मुहर्रम का दसवाँ आशूरा जुलूस प्राचीन हनुमान मंदिर के सामने से निकाला जाता है, जिसमें हिंदुओं का पूरा सहयोग मिलता है। दारानगर अंजुमन के सदर सय्यद असद सग़ीर जुलूस में मुहर्रम की दर्दनाक घटना और उसके महत्व के बारे में जानकारी देते हैं, जहाँ हिंदी नौहा भी पढ़ा जाता है। दारानगर का मुहर्रम न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यहाँ अनोखे अंदाज़ में किए जाने वाला हाथ और छुरियों का मातम भी खास मायने रखता है, जिसका अंदाज़ सब जगहों से अलग दिखता है।
    2
    मुहर्रम के दसवें दिन को आशूरा के नाम से जाना जाता है, जो इतिहास की सबसे गमनाक तारीख मानी जाती है क्योंकि इसी दिन इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत हुई थी। विश्वभर में सभी भाषाओं और जाति-धर्म के लोग मुहर्रम का यह गम मनाते हैं, और भारत में यह परंपरा शुरुआत से चली आ रही है। जहाँ शिया समुदाय इस गम को मनाता है, वहीं कुछ जगहों पर इसे हिंदुओं द्वारा शुरू करने के प्रमाण भी मिलते हैं, जिसकी पुष्टि पुरानी तर्ज़ पर निकलने वाले मुहर्रम जुलूस करते हैं। कौशाम्बी के दारानगर कस्बे में अज़ादारी की यह परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है; ब्रिटिश शासन के दौरान जब मुहर्रम पर कुछ पाबंदियाँ लगाई गईं, तब दारानगर में ब्राह्मण समाज के लोगों ने शिया समुदाय के साथ मिलकर मुहर्रम का जुलूस निकाला, जिससे यह परंपरा आज तक अपना अस्तित्व बनाए हुए है।

इमाम हुसैन और उनके साथियों के परिवारजनों को पुरसा मजलिस और मातम के ज़रिए दिलासा दिया जाता है, और निर्धारित तारीखों पर इसे जुलूस की शक्ल में सड़कों पर लाया जाता है। दारानगर में मुहर्रम पर दिखने वाली हिंदू-मुस्लिम एकता किसी को भी चकित कर देती है; एक ओर जहाँ शिया समुदाय दशहरा पर्व में रघुराई राम, लखन, सीता और रामलीला कमेटी का स्वागत करता है, वहीं मुहर्रम का दसवाँ आशूरा जुलूस प्राचीन हनुमान मंदिर के सामने से निकाला जाता है, जिसमें हिंदुओं का पूरा सहयोग मिलता है। दारानगर अंजुमन के सदर सय्यद असद सग़ीर जुलूस में मुहर्रम की दर्दनाक घटना और उसके महत्व के बारे में जानकारी देते हैं, जहाँ हिंदी नौहा भी पढ़ा जाता है। दारानगर का मुहर्रम न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यहाँ अनोखे अंदाज़ में किए जाने वाला हाथ और छुरियों का मातम भी खास मायने रखता है, जिसका अंदाज़ सब जगहों से अलग दिखता है।
    user_आर्या शुक्ला पत्रकार दारानगर भारत न्यूज
    आर्या शुक्ला पत्रकार दारानगर भारत न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के जवई में मुहर्रम पर्व नम आँखों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर लोगों ने भावुक होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
    1
    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के जवई में मुहर्रम पर्व नम आँखों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर लोगों ने भावुक होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
    user_Talib Siddique
    Talib Siddique
    Local News Reporter सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • यह सवाल उठ रहा है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान ने अपना मंत्रालय त्याग दिया है। राहुल द्वारा किए गए एक ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संदर्भ में किया गया है।
    1
    यह सवाल उठ रहा है कि क्या धर्मेंद्र प्रधान ने अपना मंत्रालय त्याग दिया है। राहुल द्वारा किए गए एक ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस (Congress) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संदर्भ में किया गया है।
    user_सच के साथ
    सच के साथ
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कौशांबी जिले के भरवारी क्षेत्र में मोहर्रम का त्योहार भरवारी पुलिस की मुस्तैदी के कारण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। थाना कोखराज की भरवारी चौकी प्रभारी, दरोगा नितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार गश्त और कड़ी निगरानी कर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा। सिपाही रितेश यादव और जितेंद्र सिंह सहित पूरी टीम की सक्रियता से यह पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हो सका। क्षेत्र की जनता ने भरवारी पुलिस की इस तत्परता और प्रभावी कार्यशैली की जमकर सराहना की है।
    1
    कौशांबी जिले के भरवारी क्षेत्र में मोहर्रम का त्योहार भरवारी पुलिस की मुस्तैदी के कारण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। थाना कोखराज की भरवारी चौकी प्रभारी, दरोगा नितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार गश्त और कड़ी निगरानी कर पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखा। सिपाही रितेश यादव और जितेंद्र सिंह सहित पूरी टीम की सक्रियता से यह पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल संपन्न हो सका। क्षेत्र की जनता ने भरवारी पुलिस की इस तत्परता और प्रभावी कार्यशैली की जमकर सराहना की है।
    user_D.D.NEWS UTTER PRADESH
    D.D.NEWS UTTER PRADESH
    Journalist सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कौशाम्बी के दारानगर कस्बे में मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) के अवसर पर एक ऐतिहासिक परंपरा का पालन करते हुए ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस प्राचीन हनुमान मंदिर के सामने बरामद हुआ, जहाँ इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम और नौहाख्वानी की गई। यह वर्षों पुरानी परंपरा सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल मानी जाती है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं। अंजुमन के सदर सैय्यद असद सगीर ने इस मौके पर कर्बला की शहादत पर प्रकाश डाला। दारानगर का मुहर्रम अपने ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ हिंदी नौहा और पारंपरिक मातम के अनोखे अंदाज के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
    1
    कौशाम्बी के दारानगर कस्बे में मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) के अवसर पर एक ऐतिहासिक परंपरा का पालन करते हुए ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस प्राचीन हनुमान मंदिर के सामने बरामद हुआ, जहाँ इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद करते हुए मातम और नौहाख्वानी की गई।

यह वर्षों पुरानी परंपरा सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल मानी जाती है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं। अंजुमन के सदर सैय्यद असद सगीर ने इस मौके पर कर्बला की शहादत पर प्रकाश डाला। दारानगर का मुहर्रम अपने ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ हिंदी नौहा और पारंपरिक मातम के अनोखे अंदाज के लिए भी विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.