रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय आज एक अहम सवाल सामने आया है, जो हर नागरिक को सोचने पर मजबूर करता है। 5 किलो राशन लेना हो तो फिंगरप्रिंट जरूरी, किसान को यूरिया चाहिए तो फिंगरप्रिंट जरूरी, पेंशन लेनी हो तो भी पहचान की पुष्टि अनिवार्य। मतलब रोज़मर्रा की लगभग हर सुविधा में पहचान की सख्ती तय है, ताकि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे — और ये व्यवस्था ठीक भी मानी जाती है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब देश के सबसे बड़े अधिकार, यानी मतदान का समय आता है, तो वही स्तर की तकनीकी पुष्टि क्यों नहीं अपनाई जाती? अगर हर बूथ पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू हो, तो फर्जी वोटिंग और गड़बड़ी जैसी आशंकाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। लोकतंत्र की मजबूती भरोसे और पारदर्शिता पर टिकी होती है। जब तकनीक का इस्तेमाल राशन और पेंशन में संभव है, तो चुनाव प्रक्रिया में क्यों नहीं? यह किसी दल का सवाल नहीं, बल्कि व्यवस्था को और मजबूत बनाने की सोच है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुद्दों पर विचार करें और अपनी राय स्पष्ट रखें। अगर आप भी मानते हैं कि चुनाव प्रणाली और अधिक पारदर्शी होनी चाहिए, तो अपनी राय जरूर साझा करें और इस विचार को आगे बढ़ाएं। लोकतंत्र मजबूत बनेगा तभी तो देश आगे बढ़ेगा
रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय आज एक अहम सवाल सामने आया है, जो हर नागरिक को सोचने पर मजबूर करता है। 5 किलो राशन लेना हो तो फिंगरप्रिंट जरूरी, किसान को यूरिया चाहिए तो फिंगरप्रिंट जरूरी, पेंशन लेनी हो तो भी पहचान की पुष्टि अनिवार्य। मतलब रोज़मर्रा की लगभग हर सुविधा में पहचान की सख्ती तय है, ताकि लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे — और ये व्यवस्था ठीक भी मानी जाती है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब देश के सबसे बड़े अधिकार, यानी मतदान का समय आता है, तो वही स्तर की तकनीकी पुष्टि क्यों नहीं अपनाई जाती? अगर हर बूथ पर बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू हो, तो फर्जी वोटिंग और गड़बड़ी जैसी आशंकाएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। लोकतंत्र की मजबूती भरोसे और पारदर्शिता पर टिकी होती है। जब तकनीक का इस्तेमाल राशन और पेंशन में संभव है, तो चुनाव प्रक्रिया में क्यों नहीं? यह किसी दल का सवाल नहीं, बल्कि व्यवस्था को और मजबूत बनाने की सोच है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि ऐसे मुद्दों पर विचार करें और अपनी राय स्पष्ट रखें। अगर आप भी मानते हैं कि चुनाव प्रणाली और अधिक पारदर्शी होनी चाहिए, तो अपनी राय जरूर साझा करें और इस विचार को आगे बढ़ाएं। लोकतंत्र मजबूत बनेगा तभी तो देश आगे बढ़ेगा
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1
- Post by अपना विंध्य प्रदेश2
- Post by Abhishek Pandey1
- 💥 बड़ी खबर💥 ईरान की राजधानी तेहरान में तबाही का खौफनाक मंजर: मिसाइल गिरते ही आसमान में उठा आग का गोला, हर तरफ धुआं और बारूद की गंध, दहल उठा शहर।1
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1
- खबर मध्यप्रदेश रीवा जिले के नया बस स्टैंड से है जहा शहर के सबसे व्यस्त समान थाना क्षेत्र अंतर्गत नया बस स्टैंड गुंडागर्दी का केंद्र बन गया है। यहाँ सरेराह एक बस मालिक ने मामूली टक्कर के बाद ई-रिक्शा चालक पर मुक्कों की बौछार कर दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। थाने के पास हो रही मारपीट क्या यह बताती है कि पुलिस का खौफ अब खत्म हो चुका है? लाखों की लागत से लगे CCTV कैमरे क्या शो-पीस: के लिए हैं? अतिक्रमण बना विवाद की जड़: सड़क पर बसों और ठेले वालों के अवैध कब्जे के बावजूद रीवा नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस कार्यवाही क्यों नहीं कर रही? होली के त्यौहार पर भारी भीड़ के बीच प्रशासन की यह 'सुस्ती' किसी बड़ी अनहोनी को न्यौता दे रही है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर खाकी की मौजूदगी भी चाहती है।1
- *मैहर,होली पर्व के मद्देनजर शहर में मैहर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च*1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय1