logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

यूपी पंचायत चुनाव टलना तय पहले पिछड़ा आयोग बनेगा सरकार ने HC में हलपनामा दिया सर्वे रिपोर्ट के बाद आरक्षण तय होगा यूपी में अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव हो पाना मुश्किल है चुनाव से पहले प्रदेश में एक संपत्ति पिछड़ा वर्ग आयोग OBC कमीशन बनाया जाएगा योगी सरकार ने लखनऊ हाई कोर्ट को इस बाबत हल्पनामा दिया है दर असल हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मौजूद पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गईं थी जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ ने ईश मामले की सुनवाई की सरकार ने बताया संपत्ति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में सीटो का आरक्षण तय करने में 2 महीने का समय लग सकता हैं ऐसे में पंचायत चुनावों का टलना तय है

6 hrs ago
user_अमित कुमार
अमित कुमार
लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

यूपी पंचायत चुनाव टलना तय पहले पिछड़ा आयोग बनेगा सरकार ने HC में हलपनामा दिया सर्वे रिपोर्ट के बाद आरक्षण तय होगा यूपी में अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव हो पाना मुश्किल है चुनाव से पहले प्रदेश में एक संपत्ति पिछड़ा वर्ग आयोग OBC कमीशन बनाया जाएगा योगी सरकार ने लखनऊ हाई कोर्ट को इस बाबत हल्पनामा दिया है दर असल हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मौजूद पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गईं थी जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ ने ईश मामले की सुनवाई की सरकार ने बताया संपत्ति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में सीटो का आरक्षण तय करने में 2 महीने का समय लग सकता हैं ऐसे में पंचायत चुनावों का टलना तय है

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • 12 फरवरीको मजदूरों किसान संगठनों के राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान पर कल जिला मुख्यालय व पलिया तहसील पर भा क पा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा करेगा प्रदर्शन। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाएगा । ---------------------------------------- 11 फरवरी , लखीमपुर देश के मजदूर व किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी कॉर्क दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भा क पा माले,व अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा लखीमपुर पार्टी कार्यालय से जलूस निकलकर अम्बेडकर पार्क में पहुंचेगी वहां सभा के बाद 2 बजे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा । इसकी जानकारी देते हुए भा क पा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यह हड़ताल सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूर विरोधी बनाए गए श्रम कोड विल , मनरेगा कानून बदलने , बिजली के निजीकरण के खिलाफ , किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 व अमेरिका के साथ किसान विरोधी किए गए समझौते के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार इन नए कानूनों व समझौते के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही हैं ,इनको वापस लेने के लिए , पुराने कानून की बहाली के लिए कल की राष्ट्रीय हड़ताल है। उन्होंने कार्यक्रम में किसानों, मजदूरों ,ठेका ,संविदा कर्मियों ,आशा कर्मियों ,मनरेगा मजदूरों से शामिल होने की अपील की है ।
    2
    12 फरवरीको मजदूरों किसान संगठनों के राष्ट्रीय हड़ताल के आह्वान पर कल जिला मुख्यालय व पलिया तहसील पर भा क पा माले व अखिल भारतीय किसान महासभा करेगा प्रदर्शन। राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाएगा ।
----------------------------------------
11 फरवरी , लखीमपुर 
देश के मजदूर व किसान संगठनों द्वारा 12 फरवरी कॉर्क दिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भा क पा माले,व अखिल भारतीय किसान महासभा, एपवा लखीमपुर पार्टी कार्यालय से जलूस निकलकर अम्बेडकर पार्क में पहुंचेगी वहां सभा के बाद 2 बजे राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा ।
इसकी जानकारी देते हुए भा क पा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि यह हड़ताल सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बने श्रम कानूनों को बदलकर मजदूर विरोधी बनाए गए श्रम कोड विल , मनरेगा कानून बदलने , बिजली के निजीकरण के खिलाफ , किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 व अमेरिका के साथ किसान विरोधी किए गए समझौते के खिलाफ है।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार इन नए कानूनों व समझौते के जरिए मजदूरों को गुलाम बना रही हैं ,इनको वापस लेने के लिए , पुराने कानून की बहाली के लिए कल की राष्ट्रीय हड़ताल है। 
उन्होंने कार्यक्रम में किसानों, मजदूरों ,ठेका ,संविदा कर्मियों ,आशा कर्मियों ,मनरेगा मजदूरों से शामिल होने की अपील की है ।
    user_NJ BHARAT NEWS
    NJ BHARAT NEWS
    Court reporter लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Amtali Amtali
    4
    Post by Amtali Amtali
    user_Amtali Amtali
    Amtali Amtali
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भारत और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारतीय किसान संगठन का विरोध प्रदर्शन लखीमपुर जिले में आज दिनांक 12/02/26 को आपको अवगत कराना है कि हाल ही में भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ है उस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत के अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बे रोक टोक आ सकते हैं। जिस पर कोई आयात शुल्क नहीं है। 15 अगस्त 2025 को भारत के प्रधानमंत्री महोदय ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए बयान को भारतीय किसान संगठन याद दिलाता है, जिसमें प्रधानमंत्री महोदय द्वारा कहा गया था कि "किसान हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं पर अमेरिका के आगे झुकेंगे नहीं" अब ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि अमेरिका का शून्य आयात कर स्वीकार कर लिया। भारत में 65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है। किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहते हैं। यह समझौता देश हित में नहीं है। एकतरफा अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है। वही भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए इस समझौते को करके अमेरिका के आगे आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया है। उपरोक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रत्येक वर्ष अमेरिका से भारी भरकम समान खरीदना पड़ेगा जिसकी 103 अरब डॉलर कीमत है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उपरोक्त समझौते पर रोक लगाते हुए देश के आम जन को राहत देने की कृपा करें आज भारतीय किसान संगठन लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इरफान गाज़ी आज लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया आज लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव को उनके निजी आवास पर होम अरेस्ट पुलिस द्वारा रखा गया ज्ञापन होने के बाद उनको छोड़ा गया अब देखना यह है की सरकार का अगला कदम क्या होगा।
    1
    भारत और अमेरिका के साथ  व्यापार समझौते में भारतीय किसान संगठन का विरोध प्रदर्शन 
लखीमपुर जिले में आज दिनांक 12/02/26 को आपको अवगत कराना है कि हाल ही में भारत अमेरिका व्यापार समझौता हुआ है उस समझौते के अनुसार अमेरिका भारत के अनुसार अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बे रोक टोक आ सकते हैं। जिस पर कोई आयात शुल्क नहीं है। 
15 अगस्त 2025 को भारत के प्रधानमंत्री महोदय ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए बयान को भारतीय किसान संगठन याद दिलाता है, जिसमें प्रधानमंत्री महोदय द्वारा कहा गया था कि "किसान हितों की रक्षा के लिए वे व्यक्तिगत रूप से भारी कीमत चुकाने को तैयार हैं पर अमेरिका के आगे झुकेंगे नहीं" अब ऐसी क्या मजबूरी आ गई है कि अमेरिका का शून्य आयात कर स्वीकार कर लिया। भारत में  65% आबादी कृषि एवं सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है।
किसान हमेशा देश के साथ खड़े रहते हैं। यह समझौता देश हित में नहीं है। एकतरफा अमेरिका अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा कर रहा है। वही भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए इस समझौते को करके अमेरिका के आगे आत्मसमर्पण करने का प्रयास किया है। उपरोक्त समझौते के अनुसार भारत को प्रत्येक वर्ष अमेरिका से भारी भरकम समान खरीदना पड़ेगा जिसकी 103 अरब डॉलर कीमत  है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उपरोक्त समझौते पर रोक लगाते हुए देश के आम जन को राहत देने की कृपा करें आज भारतीय किसान संगठन लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद इरफान गाज़ी आज लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य का ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को दिया आज लखनऊ मंडल उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा और जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव को उनके निजी आवास पर होम अरेस्ट पुलिस द्वारा रखा गया ज्ञापन होने के बाद उनको छोड़ा गया अब देखना यह है की सरकार का अगला कदम क्या होगा।
    user_मीडिया का आधिकार समाचार लखीमपुर खीरी
    मीडिया का आधिकार समाचार लखीमपुर खीरी
    पत्रकार लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देश की संसद में गन्ना किसानों की आवाज बुलंद हुई। उत्कर्ष वर्मा ने लोकसभा में खड़े होकर गन्ना किसानों की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। लखीमपुर खीरी खीरी सांसद ने कहा कि खाद, डीज़ल, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य किसानों को राहत देने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए गन्ना मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी गई। 🔴 मुख्य मांगें: गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किया जाए भुगतान में हो रही देरी पर सख्त कार्रवाई लागत के अनुपात में मूल्य निर्धारण की स्थायी नीति उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। यदि समय रहते मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो किसान कर्ज और घाटे के दुष्चक्र में फंसते जाएंगे। संसद में उठी इस आवाज के बाद अब किसानों की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं। 👉 क्या सरकार बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करेगी? किसान इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    1
    देश की संसद में गन्ना किसानों की आवाज बुलंद हुई। उत्कर्ष वर्मा ने लोकसभा में खड़े होकर गन्ना किसानों की बढ़ती लागत और घटते मुनाफे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
लखीमपुर खीरी
खीरी सांसद ने कहा कि खाद, डीज़ल, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन गन्ने का मूल्य किसानों को राहत देने वाला नहीं है। ऐसे में किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए गन्ना मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किए जाने की मांग रखी गई।
🔴 मुख्य मांगें:
गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹600 प्रति कुंतल किया जाए
भुगतान में हो रही देरी पर सख्त कार्रवाई
लागत के अनुपात में मूल्य निर्धारण की स्थायी नीति
उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। यदि समय रहते मूल्य नहीं बढ़ाया गया तो किसान कर्ज और घाटे के दुष्चक्र में फंसते जाएंगे।
संसद में उठी इस आवाज के बाद अब किसानों की निगाहें केंद्र और राज्य सरकार के फैसले पर टिकी हैं।
👉 क्या सरकार बढ़ती लागत को देखते हुए गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करेगी? किसान इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
    user_Ajay shukla
    Ajay shukla
    Journalist Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    5 hrs ago
  • सरकार ने HC में हलपनामा दिया सर्वे रिपोर्ट के बाद आरक्षण तय होगा यूपी में अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव हो पाना मुश्किल है चुनाव से पहले प्रदेश में एक संपत्ति पिछड़ा वर्ग आयोग OBC कमीशन बनाया जाएगा योगी सरकार ने लखनऊ हाई कोर्ट को इस बाबत हल्पनामा दिया है दर असल हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मौजूद पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गईं थी जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ ने ईश मामले की सुनवाई की सरकार ने बताया संपत्ति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में सीटो का आरक्षण तय करने में 2 महीने का समय लग सकता हैं ऐसे में पंचायत चुनावों का टलना तय है
    1
    सरकार ने HC में हलपनामा दिया सर्वे रिपोर्ट के बाद आरक्षण तय होगा
यूपी में अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव हो पाना मुश्किल है चुनाव से पहले प्रदेश में एक संपत्ति पिछड़ा वर्ग आयोग OBC कमीशन बनाया जाएगा योगी सरकार ने लखनऊ हाई कोर्ट को इस बाबत हल्पनामा दिया है 
दर असल  हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मौजूद पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी  गईं थी जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ ने ईश मामले की सुनवाई की 
सरकार ने बताया संपत्ति पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में सीटो का आरक्षण तय करने में 2 महीने का समय लग सकता हैं ऐसे में पंचायत चुनावों का टलना तय है
    user_अमित कुमार
    अमित कुमार
    लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी ➡️ महाशिवरात्रि से पहले गोला कॉरिडोर का हाईलेवल निरीक्षण ➡️ लखनऊ कमिश्नर और आईजी पहुंचे गोला गोकर्णनाथ ➡️ सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्लान का लिया जायजा ➡️ भीड़ प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश ➡️ शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी
    1
    लखीमपुर खीरी
➡️ महाशिवरात्रि से पहले गोला कॉरिडोर का हाईलेवल निरीक्षण
➡️ लखनऊ कमिश्नर और आईजी पहुंचे गोला गोकर्णनाथ
➡️ सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्लान का लिया जायजा
➡️ भीड़ प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
➡️ शिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारी
    user_Anurag Patel
    Anurag Patel
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • भीरा-लखीमपुर मार्ग पर भानपुर के पास हुई दुर्घटना, सड़क किनारे खाई में पलटी ट्राली, कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त भीरा (लखीमपुर खीरी)। भीरा-लखीमपुर मार्ग पर ग्राम भानपुर के पास ओवरलोड गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली की एक कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गन्ना लदी ट्राली सड़क किनारे खाई में जा गिरी, जबकि कार भी पास में ही जाकर‌ गिर गयी। गनीमत रही कि ट्राली में लदा अधिकांश गन्ना कार पर नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राली में क्षमता से कहीं अधिक गन्ना भरा हुआ था। तेज रफ्तार और असंतुलन के चलते ट्रैक्टर चालक नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही कार से भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद ट्राली पलटकर खाई में चली गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए। हादसे में कार सवार बाल-बाल बच गए, हालांकि कार को भारी क्षति पहुंची है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात सुचारू कराया। काफी देर तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोड गन्ना ट्रालियों का संचालन आम बात हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई और नियमित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
    1
    भीरा-लखीमपुर मार्ग पर भानपुर के पास हुई दुर्घटना, सड़क किनारे खाई में पलटी ट्राली, कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त
भीरा (लखीमपुर खीरी)। भीरा-लखीमपुर मार्ग पर ग्राम भानपुर के पास ओवरलोड गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली की एक कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गन्ना लदी ट्राली सड़क किनारे खाई में जा गिरी, जबकि कार भी पास में ही जाकर‌ गिर गयी। गनीमत रही कि ट्राली में लदा अधिकांश गन्ना कार पर नहीं गिरा, अन्यथा बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राली में क्षमता से कहीं अधिक गन्ना भरा हुआ था। तेज रफ्तार और असंतुलन के चलते ट्रैक्टर चालक नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रही कार से भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद ट्राली पलटकर खाई में चली गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए।
हादसे में कार सवार बाल-बाल बच गए, हालांकि कार को भारी क्षति पहुंची है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए यातायात सुचारू कराया। काफी देर तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में ओवरलोड गन्ना ट्रालियों का संचालन आम बात हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों पर सख्त कार्रवाई और नियमित जांच की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • गोला में आपत्तिजनक बयानबाजी के खिलाफ फूटेगा जनाक्रोश, विशाल आंदोलन की चेतावनी गोला गोकर्णनाथ लखीमपुर खीरी। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ऐप्जा (AIPJA) के कार्यकर्ताओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर माहौल गरमा गया है। अनुराग सारथी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि “संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्र के नेतृत्व के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में देश की गरिमा पर हमला करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। “जो लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए मर्यादा लांघ रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी,” सारथी ने कड़े शब्दों में कहा। सारथी ने स्पष्ट किया कि यदि आपत्तिजनक बयान देने वाले सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो गोला में एक विशाल आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रश्न है। “हम चुप नहीं बैठेंगे। गोला की धरती से ऐसा संदेश जाएगा कि भविष्य में कोई भी संविधान और राष्ट्र नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा बोलने से पहले सौ बार सोचे,” उन्होंने चेताया। गोला में संभावित आंदोलन को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और रणनीति बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
    1
    गोला में आपत्तिजनक बयानबाजी के खिलाफ फूटेगा जनाक्रोश, विशाल आंदोलन की चेतावनी
गोला गोकर्णनाथ लखीमपुर खीरी।
देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था सुप्रीम कोर्ट,  प्रधानमंत्री और ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश   ऐप्जा (AIPJA) के कार्यकर्ताओं पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर माहौल गरमा गया है। अनुराग सारथी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि “संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्र के नेतृत्व के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में देश की गरिमा पर हमला करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। “जो लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए मर्यादा लांघ रहे हैं, उन्हें जनता जवाब देगी,” सारथी ने कड़े शब्दों में कहा।
सारथी ने स्पष्ट किया कि यदि आपत्तिजनक बयान देने वाले सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो गोला में एक विशाल आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रश्न है। “हम चुप नहीं बैठेंगे। गोला की धरती से ऐसा संदेश जाएगा कि भविष्य में कोई भी संविधान और राष्ट्र नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक भाषा बोलने से पहले सौ बार सोचे,” उन्होंने चेताया।
गोला में संभावित आंदोलन को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और रणनीति बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
    user_Ajay shukla
    Ajay shukla
    Journalist Lakhimpur, Lakhimpur Kheri•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.