*जनगणना में OBC कॉलम की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को चक्का जाम: गुमला समेत कई जिलों में गोलबंद हुआ समाज आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर 'पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड' के बैनर तले गुमला सहित कई जिलों में ओबीसी समाज व्यापक स्तर पर गोलबंद हो रहा है। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में बसिया सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार बैठकें की जा रही हैं, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मांगों के समर्थन में 5 अक्टूबर को राज्यभर में मशाल जुलूस व पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद 6 को पूर्ण चक्का जाम एवं 7 अक्टूबर को विभिन्न जगहों पर धरना-प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, वहीं केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
*जनगणना में OBC कॉलम की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को चक्का जाम: गुमला समेत कई जिलों में गोलबंद हुआ समाज आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर 'पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड' के बैनर तले गुमला सहित कई जिलों में ओबीसी समाज व्यापक स्तर पर गोलबंद हो रहा है। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में बसिया सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार बैठकें की जा रही हैं, जिसमें सर्वसम्मति से
निर्णय लिया गया है कि मांगों के समर्थन में 5 अक्टूबर को राज्यभर में मशाल जुलूस व पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद 6 को पूर्ण चक्का जाम एवं 7 अक्टूबर को विभिन्न जगहों पर धरना-प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, वहीं केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
- *जनगणना में OBC कॉलम की मांग को लेकर 6 अक्टूबर को चक्का जाम: गुमला समेत कई जिलों में गोलबंद हुआ समाज आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर 'पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड' के बैनर तले गुमला सहित कई जिलों में ओबीसी समाज व्यापक स्तर पर गोलबंद हो रहा है। केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में बसिया सहित विभिन्न स्थानों पर लगातार बैठकें की जा रही हैं, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि मांगों के समर्थन में 5 अक्टूबर को राज्यभर में मशाल जुलूस व पुतला दहन किया जाएगा, जिसके बाद 6 को पूर्ण चक्का जाम एवं 7 अक्टूबर को विभिन्न जगहों पर धरना-प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन के बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा, वहीं केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।2
- गुमला में अग्रवाल समाज के युवाओं ने भरी नई हुंकार ।1
- 98 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी दिगंबर सिंह पंच तत्व में हुए विलीन , क्षेत्र में शोक की लहर सिसई प्रखंड के भदौली गांव निवासी राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता सह पूर्व सरपंच 98 वर्षीय दिगंबर सिंह का शनिवार की सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही भदौली पंचायत सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं शुभचिंतक उनके आवास पहुंचे।1
- मांदर को जीआई टैग मिलने से जरजट्टा गांव के कारीगरों में उत्साह, आर्थिक स्थिति सुधरने की जगी उम्मीद मांदर को जीआई टैग मिलने से जरजट्टा गांव के कारीगरों में उत्साह, आर्थिक स्थिति सुधरने की जगी उम्मीद गुमला:-झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और लोक संगीत की पहचान माने जाने वाले मांदर को जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने की खबर से गुमला जिले के रायडीह प्रखंड स्थित जरजट्टा गांव के मांदर बनाने वाले कारीगरों में खुशी और उत्साह का माहौल है। 24 अक्टूबर 2021 को जरजट्टा गांव से ही मांदर को जी आई टैग दिलाने के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया गया था। पीढ़ियों से मांदर बनाने के पारंपरिक हुनर को संजोकर रखने वाले कारीगरों को उम्मीद है कि जीआई टैग मिलने के बाद उनके उत्पाद को देशभर में नई पहचान मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। जीआई टैग मिलने के बाद महारंग राम और गुलाब घासी जैसे कारीगरों को उम्मीद है कि मांदर की पहचान और मांग बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर मांदर निर्माण का काम बढ़ सकता है और नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक कला से जुड़ने के लिए प्रेरित हो सकती है। कारीगरों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन की ओर से बाजार उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बिक्री के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए तो मांदर निर्माण को बड़े स्तर पर रोजगार का साधन बनाया जा सकता है। कारीगरों ने कहा कि वर्षों से वे सीमित संसाधनों के बावजूद मांदर बनाने की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। कई परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस पारंपरिक काम से जुड़ी हुई है। जीआई टैग मिलने से उन्हें उम्मीद है कि अब उनके हुनर को व्यापक बाजार मिलेगा और मांदर की बिक्री में बढ़ोतरी होगी। इससे कारीगरों की आय बढ़ने के साथ-साथ गांव की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आ सकता है। मांदर कारीगर चुन्नू नायक और मंगरी देवी ने बताया कि जरजट्टा गांव में बड़ी संख्या में कारीगर पारंपरिक तरीके से मांदर तैयार करते हैं। इनके लिए मांदर केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि उनकी कला, संस्कृति और आजीविका से जुड़ा हुआ है। कारीगर लकड़ी, चमड़े, मिट्टी और अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर मेहनत और कुशलता के साथ मांदर तैयार करते हैं। मांदर की निर्माण प्रक्रिया में काफी समय और मेहनत लगती है। इसके बावजूद कई बार कारीगरों को अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने भी मांदर को जीआई टैग मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहचान से मांदर निर्माण से जुड़े कारीगरों को लाभ मिलेगा और पारंपरिक कला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। जीआई टैग मिलने के बाद अब जरजट्टा गांव के कारीगरों की निगाहें आने वाले समय पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासनिक सहयोग और बेहतर बाजार व्यवस्था के माध्यम से मांदर की मांग बढ़ेगी। इससे न केवल कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि जरजट्टा गांव की पहचान भी मांदर निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है। मांदर की धुन झारखंड के पर्व-त्योहारों, सामाजिक आयोजनों और पारंपरिक नृत्य-संगीत का अभिन्न हिस्सा रही है। ऐसे में जीआई टैग से जुड़ी नई पहचान को कारीगर अपनी मेहनत और विरासत के सम्मान के रूप में देख रहे हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि उनकी पीढ़ियों पुरानी कला आने वाले समय में देश-दुनिया तक पहुंचेगी और इससे जुड़े परिवारों को बेहतर आजीविका का अवसर मिलेगा।1
- सिसई : 98 वर्षीय पूर्व सरपंच व राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिगम्बर सिंह का निधन, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई बड़े पुत्र रामानंद सिंह ने दी मुखाग्नि सिसई (गुमला)। भदौली निवासी, कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व सरपंच दिगम्बर सिंह का शनिवार तड़के करीब तीन बजे 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को सिसई बसिया रोड स्थित मुक्तिधाम में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े पुत्र रामानंद सिंह ने मुखाग्नि दी। परिजनों के अनुसार स्व. दिगम्बर सिंह के दो पुत्र और चार पुत्रियां हैं। वे कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता के साथ प्रखंड अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1952 से लगातार तीन बार सरपंच चुने गए थे। उस समय सकरौली पंचायत के नाम से क्षेत्र जाना जाता था, जो वर्तमान में भदौली पंचायत है। उनकी बड़ी बहू अल्बिना देवी वर्तमान में भदौली पंचायत की मुखिया हैं। अंतिम संस्कार में हिन्दू जागरण मंच के पूर्व परावर्तन प्रमुख सह समाजसेवी संजय वर्मा, पूर्व सांसद प्रतिनिधि निरंजन सिंह, अरुण नारायण सिंह, नंदू सिंह, अरुण सिंह, अनिल साहू, छोटेलाल ताम्रकार, कृष्णा कुमार साहू, मदन साहू, मिथिलेश कुमार सिंह समेत सिसई प्रखंड के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने स्व. दिगम्बर सिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।4
- कब्रिस्तान विवाद में तीन प्राथमिकी, 29 नामजद, चंदे की राशि को लेकर भिड़े दो गुट, अधिवक्ता ने 8500 रुपये छीनने लगाया आरोप* गुमला। शहर के घाटो बगीचा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में चंदे की राशि को लेकर हुए विवाद में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं, अधिवक्ता मो. तौफिक आलम ने छह नामजद समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश, 8500 रुपये छीनने और धमकी देने का आरोप लगाया है। तीनों प्राथमिकी में कुल 29 नामजद आरोपित हैं। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि बीच-बचाव के दौरान छह लोगों ने उन्हें घेरकर मारपीट की। दो आरोपितों ने गला दबाने का प्रयास किया और उनकी जेब से 8500 रुपये छीन लिये। पुलिस ने तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- डालसा सचिव ने हांकी खेलाड़ी विनिमा धान के गांव पहुंचे। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विनिमा धान के कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बामन टोली स्थित घर शनिवार को डालसा के सचिव कमलेश बेहरा एवं अधिवक्ता ममता सिंह पहुंचे।उन्होंने विनिमा धान के माता-पिता से मुलाकात कर उनके घर की स्थिति और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी लिया। इस दौरान परिवार की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।डालसा सचिव कमलेश बेहरा ने परिवार के लिए शौचालय एवं आवास निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करने वाली विनिमा धान के परिवार को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। मौके पर विबीजीरामजी के बीपीओ प्रेम सुजीत कुजूर,एलिन गुड़िया सहित अन्य लोग मौजूद थे।अधिकारियों ने भी परिवार को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को लेकर आवश्यक जानकारी ली। परिवार के सदस्यों ने घर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान की पहल करने के लिए अधिकारियों का आभार जताया।1
- सकरौली वन क्षेत्र में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सीमेंट पिलर ध्वस्त सिसई प्रखंड के राजस्व ग्राम सकरौली के वन क्षेत्र में कथित अवैध कब्जे के मामले में वन विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। विभागीय टीम ने स्थल का निरीक्षण करते हुए वन भूमि पर लगाए गए सीमेंट के पिलर को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने वन भूमि की सुरक्षा को लेकर विभाग के द्वारा उठाए गए कदम का स्वागत किया है। जानकारी के अनुसार, सकरौली मंगुटोली निवासी ईरकन लकड़ा द्वारा वन भूमि पर अपना दावा करते हुए कथित रूप से कब्जे का प्रयास किया जा रहा था। इसकी जानकारी स्थानीय मवेशी चराने वाले ग्रामीणों को मिलने के बाद ग्रामीणों ने ग्राम सभा आयोजित कर मामले का विरोध किया। ग्राम सभा की प्रति वन विभाग एवं अंचल अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और वन भूमि को अतिक्रमण से बचाने की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को संबंधित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वन क्षेत्र में सीमेंट से निर्मित पिलर पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया गया। ग्रामीणों ने वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को रोकने के लिए नियमित निगरानी की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस मौके अटैच डीएफओ आदर्श शरण, प्रभारी वन पाल राकेश कुमार मिश्रा, प्रधान वनरक्षी रतीश कुमार भगत,रजत किरण डुंगडुंग,प्रवीण तिर्की सिसई QRT से बैरागी उरांव, अभय कुमार सिंह, सत्यम लोहरा, राजकुमार सिंह, संजीत उरांव, जुल्फान अंसारी, गुमला QRT प्रदीप महतो, विराज एक्का, प्रेमचंद कुमार, संजय साहु, वन रक्षा समिति के पदाधिकारी सहित भारी स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।1