राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
- कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस अधीक्षक ने हाल ही में स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत चार पुलिस थानों के थानाधिकारियों (SHO) में बदलाव किया गया है। इन आदेशों के अनुसार, बहरोड़ सदर पुलिस थाना में मनोहरलाल को, विराटनगर पुलिस थाना में बाबूलाल (मीणा) को, मांढण पुलिस थाना में प्रदीप को और बासदयाल पुलिस थाना में कश्मीरसिंह को नवनियुक्त थानाधिकारी बनाया गया है।1
- पार्षद उमेश आर्य ने आयुक्त नगर परिषद अरुण कुमार शर्मा के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी यह 'लड़ाई' किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि यह संघर्ष वास्तव में व्यवस्था और जिम्मेदारी से जुड़ा है।1
- नारायणपुर नगर पालिका द्वारा इन दिनों सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान, सफाई कर्मचारी अपना कार्य बहुत ही अच्छे ढंग से कर रहे हैं। नगर पालिका जमादार करन वाल्मीकि और नगर पालिका अध्यक्ष भवानी शंकर सैनी की देखरेख में नारायणपुर क्षेत्र में यह सफाई कार्य लगातार जारी है।4
- अलवर के सोडावास के समीप मुंडवाड़ा कला स्थित शिवालय धाम पर सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन चल रहा है। कथावाचक देवादास महाराज ने भगवान कृष्ण द्वारा गोपियों के साथ रचाए गए महारास और अत्याचारी कंस के वध का मार्मिक वर्णन किया। महाराज देवादास ने इसके बाद उद्धव चरित्र का वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को गोपियों के पास ज्ञान देने के लिए भेजा था, लेकिन वहाँ उद्धव भगवान कृष्ण के प्रति गोपियों के अथाह प्रेम को देखकर भावविभोर हो गए। मथुरा लौटकर उद्धव ने भगवान को गोपियों के इस अद्वितीय प्रेम से अवगत कराया। इस श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में महिलाएं, बच्चे और वृद्धजनों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ भाग लिया, और मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने सभी श्रद्धालुओं का सत्कार किया।2
- जयपुर जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के मनोहरपुर स्थित एक गोदाम में एक भाजपा नेता की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस थाना परिसर में 12 घंटे तक धरना दिया। मृतक भाजपा नेता ने अपनी बेटी को फोन पर बताया था कि उनकी दुकान पर तीन-चार लोग आए हुए हैं और वह उन्हें सामान देकर घर लौटेंगे, जिसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच ₹5 लाख की सहायता राशि और संविदा नौकरी देने पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हो गया। इस धरना स्थल पर विधायक मनीष यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने स्वयं भी धरने में हिस्सा लिया। भाजपा नेता उपेन यादव ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अन्न का त्याग करने की बात कही। इनके अतिरिक्त, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रवीण व्यास, आरएलपी नेता महेंद्र चौधरी, किसान कांग्रेस के कुंवर दिग्गराज सिंह और कांग्रेस नेता वकील खान सहित बड़ी संख्या में लोग धरने में शामिल हुए। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी संजीव खेदड़, एएसपी रणवीर सिंह, डीएसपी रामावतार सिंह ताखर, रायसर थाना प्रभारी हेमराज गुर्जर, शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी और चंदवाजी थाना प्रभारी हीरालाल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश की।1
- राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।1
- रोडवाल निवासी एक पूर्व सरपंच को एक होटल में एक एएनएम महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। पूर्व सरपंच को उनकी पत्नी ने रंगेहाथों पकड़ा, जिसके बाद सरपंच की पत्नी ने एएनएम महिला की जमकर पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच अपने परिवार से लंबे समय से दूरी बनाकर रह रहे थे।1