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जयपुर जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के मनोहरपुर स्थित एक गोदाम में एक भाजपा नेता की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस थाना परिसर में 12 घंटे तक धरना दिया। मृतक भाजपा नेता ने अपनी बेटी को फोन पर बताया था कि उनकी दुकान पर तीन-चार लोग आए हुए हैं और वह उन्हें सामान देकर घर लौटेंगे, जिसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच ₹5 लाख की सहायता राशि और संविदा नौकरी देने पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हो गया। इस धरना स्थल पर विधायक मनीष यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने स्वयं भी धरने में हिस्सा लिया। भाजपा नेता उपेन यादव ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अन्न का त्याग करने की बात कही। इनके अतिरिक्त, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रवीण व्यास, आरएलपी नेता महेंद्र चौधरी, किसान कांग्रेस के कुंवर दिग्गराज सिंह और कांग्रेस नेता वकील खान सहित बड़ी संख्या में लोग धरने में शामिल हुए। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी संजीव खेदड़, एएसपी रणवीर सिंह, डीएसपी रामावतार सिंह ताखर, रायसर थाना प्रभारी हेमराज गुर्जर, शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी और चंदवाजी थाना प्रभारी हीरालाल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश की।

12 hrs ago
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Breaking Live News
Shahpura, Jaipur•
12 hrs ago

जयपुर जिले के शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र के मनोहरपुर स्थित एक गोदाम में एक भाजपा नेता की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस थाना परिसर में 12 घंटे तक धरना दिया। मृतक भाजपा नेता ने अपनी बेटी को फोन पर बताया था कि उनकी दुकान पर तीन-चार लोग आए हुए हैं और वह उन्हें सामान देकर घर लौटेंगे, जिसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच ₹5 लाख की सहायता राशि और संविदा नौकरी देने पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हो गया। इस धरना स्थल पर विधायक मनीष यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे और उन्होंने स्वयं भी धरने में हिस्सा लिया। भाजपा नेता उपेन यादव ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अन्न का त्याग करने की बात कही। इनके अतिरिक्त, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रवीण व्यास, आरएलपी नेता महेंद्र चौधरी, किसान कांग्रेस के कुंवर दिग्गराज सिंह और कांग्रेस नेता वकील खान सहित बड़ी संख्या में लोग धरने में शामिल हुए। प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी संजीव खेदड़, एएसपी रणवीर सिंह, डीएसपी रामावतार सिंह ताखर, रायसर थाना प्रभारी हेमराज गुर्जर, शाहपुरा थाना प्रभारी रिया चौधरी और चंदवाजी थाना प्रभारी हीरालाल ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश की।

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  • राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है। समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है। इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
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    राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है।

समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है।

इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
    user_Social Media Rajasthan-1
    Social Media Rajasthan-1
    Pavta, Jaipur•
    23 hrs ago
  • राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
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    राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई।

धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    15 hrs ago
  • एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है, जब तथाकथित "कॉकरोच पार्टी" ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक बयान से आगे बढ़कर संगठनात्मक गतिविधियों तक पहुंच गया है। इस बीच, 6 जून को प्रस्तावित एक कार्यक्रम और उसमें जुटने वाली भीड़ को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस सरकार पर अक्सर विपक्षी गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगते रहे हैं, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बिना किसी व्यवधान के कैसे होने दिया। हालांकि, इन दावों और अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, सभी राजनीतिक निगाहें 6 जून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उस दिन के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ और उससे निकलने वाले संदेश से भविष्य की राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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    एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है, जब तथाकथित "कॉकरोच पार्टी" ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की और अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब केवल एक बयान से आगे बढ़कर संगठनात्मक गतिविधियों तक पहुंच गया है।

इस बीच, 6 जून को प्रस्तावित एक कार्यक्रम और उसमें जुटने वाली भीड़ को लेकर खासी उत्सुकता बनी हुई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस सरकार पर अक्सर विपक्षी गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगते रहे हैं, उसने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को बिना किसी व्यवधान के कैसे होने दिया। हालांकि, इन दावों और अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल, सभी राजनीतिक निगाहें 6 जून पर टिकी हुई हैं, क्योंकि उस दिन के कार्यक्रम में जुटने वाली भीड़ और उससे निकलने वाले संदेश से भविष्य की राजनीतिक तस्वीर कुछ हद तक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • भीषण गर्मी के इस माहौल में बाइक राइडर्स को नींद आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 'जस्ट जयपुर लाइव' ने इस स्थिति को देखते हुए समस्त बाइक राइडर्स से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी कार्य के लिए घर से निकलने से पहले अपनी नींद पूरी अवश्य कर लें, ताकि सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें। इसके साथ ही, 'जस्ट जयपुर लाइव' ने अपने दर्शकों से जुड़ने, कमेंट करने, शेयर करने और फॉलो करने का भी निवेदन किया है।
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    भीषण गर्मी के इस माहौल में बाइक राइडर्स को नींद आने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 'जस्ट जयपुर लाइव' ने इस स्थिति को देखते हुए समस्त बाइक राइडर्स से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी कार्य के लिए घर से निकलने से पहले अपनी नींद पूरी अवश्य कर लें, ताकि सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुँच सकें। इसके साथ ही, 'जस्ट जयपुर लाइव' ने अपने दर्शकों से जुड़ने, कमेंट करने, शेयर करने और फॉलो करने का भी निवेदन किया है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • भारतीय राजनीति में अब राहुल गांधी पर सीधे तौर पर सवालों का जवाब देने का दबाव है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब उनकी बारी है, और यह देखना होगा कि वे इन चुनौतियों का सामना कर पाते हैं या नहीं।
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    भारतीय राजनीति में अब राहुल गांधी पर सीधे तौर पर सवालों का जवाब देने का दबाव है। यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अब उनकी बारी है, और यह देखना होगा कि वे इन चुनौतियों का सामना कर पाते हैं या नहीं।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • आगरा के फतेहपुर सीकरी में रिक्रूट कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी ने अपनी मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का एक असाधारण उदाहरण पेश करते हुए एक डूबती हुई युवती की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, युवती लगभग 30 फीट गहरे तालाब में डूब रही थी। तालाब की अत्यधिक गहराई के कारण, आस-पास मौजूद लोग उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे और मदद के लिए लगातार शोर मचा रहे थे। इसी दौरान, फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में गश्त पर निकले रिक्रूट कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी की नजर इस घटना पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने बिना एक पल भी गंवाए अपने जूते उतारे और अपनी वर्दी में ही तालाब में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद, कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी ने युवती को सुरक्षित रूप से तालाब से बाहर निकाल लिया। युवती को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी के इस साहस और तत्परता की सराहना करते हुए, आगरा पुलिस कमिश्नर ने उन्हें एक प्रशस्ति-पत्र और 1000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिसकर्मी केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी ही नहीं निभाते, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हटते, जिससे वे सच्चे 'रीयल हीरो' साबित होते हैं।
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    आगरा के फतेहपुर सीकरी में रिक्रूट कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी ने अपनी मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का एक असाधारण उदाहरण पेश करते हुए एक डूबती हुई युवती की जान बचा ली। जानकारी के अनुसार, युवती लगभग 30 फीट गहरे तालाब में डूब रही थी। तालाब की अत्यधिक गहराई के कारण, आस-पास मौजूद लोग उसे बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे और मदद के लिए लगातार शोर मचा रहे थे।

इसी दौरान, फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में गश्त पर निकले रिक्रूट कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी की नजर इस घटना पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने बिना एक पल भी गंवाए अपने जूते उतारे और अपनी वर्दी में ही तालाब में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद, कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी ने युवती को सुरक्षित रूप से तालाब से बाहर निकाल लिया। युवती को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहाँ अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। कॉन्स्टेबल दीपक सोलंकी के इस साहस और तत्परता की सराहना करते हुए, आगरा पुलिस कमिश्नर ने उन्हें एक प्रशस्ति-पत्र और 1000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित करने की घोषणा की है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिसकर्मी केवल कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी ही नहीं निभाते, बल्कि जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने से भी पीछे नहीं हटते, जिससे वे सच्चे 'रीयल हीरो' साबित होते हैं।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • जयपुर में आरटीओ और पुलिस प्रशासन द्वारा पीछे लगे बंपर पर कार्रवाई की जा रही है। इस खास रिपोर्ट को देखने और आगे की जानकारी के लिए 'जस्ट जयपुर लाइव' के साथ जुड़े रहने का आग्रह किया गया है।
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    जयपुर में आरटीओ और पुलिस प्रशासन द्वारा पीछे लगे बंपर पर कार्रवाई की जा रही है। इस खास रिपोर्ट को देखने और आगे की जानकारी के लिए 'जस्ट जयपुर लाइव' के साथ जुड़े रहने का आग्रह किया गया है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • जयपुर के गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक पक्ष के लोग कैंपर गाड़ी और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते उनमें तनाव बना हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने दूसरे पर अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस मामले में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    जयपुर के गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक पक्ष के लोग कैंपर गाड़ी और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते उनमें तनाव बना हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने दूसरे पर अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है।

पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस मामले में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    15 hrs ago
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