राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है। समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है। इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है। समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है। इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
- राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।1
- घरों में पाई जाने वाली छिपकलियां दीवारों पर लगे बल्ब या ट्यूबलाइट के आसपास मंडराने वाले मच्छरों और अन्य कीड़ों का शिकार करती हैं। हालांकि, कई बार वे उड़ते हुए मच्छरों को पकड़ने की बजाय फर्श या किसी सतह पर बैठे कीड़ों को भी अपना भोजन बनाती हैं। इस तरह, छिपकलियां घर में प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करती हैं, जो कीड़ों को नियंत्रित करने में सहायक हैं।1
- अलवर के सोडावास के समीप मुंडवाड़ा कला स्थित शिवालय धाम पर सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन चल रहा है। कथावाचक देवादास महाराज ने भगवान कृष्ण द्वारा गोपियों के साथ रचाए गए महारास और अत्याचारी कंस के वध का मार्मिक वर्णन किया। महाराज देवादास ने इसके बाद उद्धव चरित्र का वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने उद्धव को गोपियों के पास ज्ञान देने के लिए भेजा था, लेकिन वहाँ उद्धव भगवान कृष्ण के प्रति गोपियों के अथाह प्रेम को देखकर भावविभोर हो गए। मथुरा लौटकर उद्धव ने भगवान को गोपियों के इस अद्वितीय प्रेम से अवगत कराया। इस श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में महिलाएं, बच्चे और वृद्धजनों ने बड़े हर्षोल्लास के साथ भाग लिया, और मंदिर के पुजारी घनश्याम दास ने सभी श्रद्धालुओं का सत्कार किया।2
- राजस्थान के राजगढ़ स्थित गोविंददेवजी मंदिर में भक्ति ज्ञान यज्ञ और भक्तमाल कथा के शुभारंभ से पहले बुधवार सुबह एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में 251 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए और नृत्य करते हुए मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंचीं। बैण्ड-बाजों के साथ शुरू हुई इस कलश यात्रा का मार्ग में विभिन्न स्थानों जैसे चौपड़ बाजार, मालाखेड़ा बाजार, माली मोहल्ला, माछाड़ी चौक, अनाज मंडी, कांकवाड़ी बाजार, गोल सर्किल, बैण्ड मार्केट और बारलाबास पर पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद, सभी श्रद्धालुओं को शीतल पेय और प्रसाद वितरित किया गया। कलश यात्रा के उपरांत, आचार्य नरेंद्र गौड़ ने पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर भक्तमाल कथा का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने नावादास की कथा सुनाई और भक्तमाल कथा का महात्म्य विस्तार से बताया। महंत दिलीप मुखर्जी ने जानकारी दी कि यह कथा 12 जून तक प्रतिदिन दोपहर 12:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। इस अवसर पर गोस्वामी दिलीप मुखर्जी, बालकिशन झालाणी, विपिन भारद्वाज, पूर्व पार्षद पवन सिंह नरूका, योगेश वशिष्ठ, खेमचंद शर्मा सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित रहे, जिनमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और उत्साह देखने को मिला।4
- नारनौल और आसपास के युवाओं से समाज के लिए कुछ बड़ा करने का आह्वान किया गया है, जिसके तहत 04 जून को जिला रेड क्रॉस सोसाइटी, नारनौल में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में पहुंचकर युवाओं को मानवता की मिसाल बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। संदेश में कहा गया है कि रक्त की सिर्फ एक यूनिट किसी की बुझती उम्मीदों में नई रोशनी जगा सकती है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि रक्तदान से न तो कोई कमजोरी आती है और न ही कोई नुकसान, बल्कि यह सबसे बड़ा महादान है। युवाओं से 04 जून को 'रक्तवीर' बनकर यह दिखाने का आग्रह किया गया है कि नारनौल क्षेत्र सेवा और भाईचारे में सबसे आगे है। इसके लिए अधिक से अधिक साथियों को साथ लेकर शिविर में पहुंचने का अनुरोध किया गया है, और 'रक्तदान करें, जीवन बचाएं!' का नारा दिया गया है। यह अपील टिंकू प्रधान द्वारा की गई है, जिन्हें एक जांबाज योद्धा और बचपन से ही देश निर्माण में जुनून रखने वाला बताया गया है।1
- जामवा रामगढ़ तहसील की भुज पंचायत के सरपंच से भुज छापर की ढाणी स्थित बीटी पब्लिक स्कूल के सामने से गुजरने वाली सड़क की तत्काल मरम्मत करवाने का निवेदन किया गया है। नागरिकों ने बताया है कि यह रास्ता बेहद खराब हालत में है और वर्षा ऋतु में इसकी स्थिति और भी बदतर हो जाती है। सरपंच से आग्रह किया गया है कि वे इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाएं।3
- देश में बढ़ती महंगाई को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ पहले कोई वस्तु 100 रुपये में मिलती थी, अब उसके लिए 1000 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि जनता अब भी इस स्थिति को लेकर नहीं जागी, तो देश बहुत पीछे चला जाएगा और मानव जीवन एक बड़ा सवाल बनकर रह जाएगा। इस महंगाई का सीधा असर रुपये की कीमत पर पड़ेगा, साथ ही आयात-निर्यात और खरीदारी की वस्तुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा, जिससे सब कुछ महंगा हो जाएगा। मौजूदा गंभीर हालात को देखते हुए देशवासियों से जागने का आह्वान किया गया है, क्योंकि यदि महंगाई दर को सही नहीं किया गया, तो बेरोजगारी की किल्लत और बढ़ जाएगी।1