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घरों में पाई जाने वाली छिपकलियां दीवारों पर लगे बल्ब या ट्यूबलाइट के आसपास मंडराने वाले मच्छरों और अन्य कीड़ों का शिकार करती हैं। हालांकि, कई बार वे उड़ते हुए मच्छरों को पकड़ने की बजाय फर्श या किसी सतह पर बैठे कीड़ों को भी अपना भोजन बनाती हैं। इस तरह, छिपकलियां घर में प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करती हैं, जो कीड़ों को नियंत्रित करने में सहायक हैं।

10 hrs ago
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Breaking Live News
Shahpura, Jaipur•
10 hrs ago

घरों में पाई जाने वाली छिपकलियां दीवारों पर लगे बल्ब या ट्यूबलाइट के आसपास मंडराने वाले मच्छरों और अन्य कीड़ों का शिकार करती हैं। हालांकि, कई बार वे उड़ते हुए मच्छरों को पकड़ने की बजाय फर्श या किसी सतह पर बैठे कीड़ों को भी अपना भोजन बनाती हैं। इस तरह, छिपकलियां घर में प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करती हैं, जो कीड़ों को नियंत्रित करने में सहायक हैं।

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  • राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है। समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है। इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
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    राजस्थान के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता में आबादी क्षेत्र के पास लाइम स्टोन खान में ब्लास्टिंग और खनन के विरोध में 295 दिनों से चल रहा धरना मंगलवार रात को समाप्त हो गया। यह धरना खनन माफियाओं के खिलाफ चल रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन के अधिकारियों के बीच देर तक चली समझौता वार्ता के बाद कई मांगों पर सहमति बनी, जिसके बाद यह हर्ष और उल्लास का पल आया जब सरपंच, प्रशासन और ग्रामवासियों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी, जो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के बीच आपसी विश्वास और एकजुटता का एक सुंदर उदाहरण है।

समझौते में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी, जिनमें खान क्षेत्र में आबादी के निकट एक नंबर ब्लॉक में पूरी तरह से खनन बंद करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों पर मेरिट के आधार पर कार्रवाई करने और सोमवार को ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराए गए मामले में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी। खान पर कार्य करने वाले श्रमिकों का पुलिस सत्यापन करना और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को खान पर कार्य करने से रोकना भी समझौते का हिस्सा है। बी ब्लॉक में 300 मीटर की दूरी तक कोई खनन कार्य नहीं करने पर भी सहमति बनी है।

इस दौरान कोटपूतली पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था, खासकर जब पांवटा के स्थित अजीतपुरा कलां में चल रहे धरने में हनुमान बेनीवाल ने अपनी टीम भेजी, जिससे बेनीवाल के आने का 'खोफ' प्रशासन में बना रहा। समझौता वार्ता के दौरान पुलिस उप अधीक्षक राजेंद्र बुरडक, एसडीएम योगेश सिंह देवल, सहायक खनि अभियंता अमीचंद दहुारियाव और तहसीलदार सहित पांच थानों का पुलिस जाप्ता तैनात रहा। धरना संयोजक नेतराम ने स्पष्ट किया है कि यदि समझौते की पालना नहीं की जाती है, तो ग्रामीण वापस धरना शुरू करेंगे। इस मौके पर रामस्वरूप कसाना, रामनिवास यादव, नेतराम, मुकेश गोयल, मंजू रावत, जगदीश मीणा, सुभाष घोघड़, राधेश्याम शुक्लाबास, दिनेश मीणा और हनुमान बेनीवाल की टीम के छुटटन यादव, प्रभाती लाल जाट, शंकरलाल, कालूराम, जयराम ताखर, राधेश्याम तंवर व विनेद कसाना सहित कई लोग मौजूद थे।
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    Pavta, Jaipur•
    20 hrs ago
  • राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई। धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
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    राजस्थान के कोटपूतली में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरोध में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 1273वें दिन भी जारी रहा। इसी कड़ी में, प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों का तत्काल पालन करवाने की मांग की गई, अन्यथा 08 जून को महापड़ाव डालने की चेतावनी दी गई।

धरनार्थियों ने बताया कि एनजीटी ने 03 नवंबर 2025 को अपने आदेश में प्रशासन को तीन महीने के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस आदेश को पारित हुए सात महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी निष्क्रिय बना हुआ है और आम जनता के बजाय अल्ट्राटेक प्रबंधन के हितों को प्राथमिकता दे रहा है। एनजीटी के आदेशानुसार, प्लांट के 500 मीटर के दायरे में ब्लास्टिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सहायक खनिज अभियंता (एएमई) अमीचंद दुहारिया ने अपनी मौका रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया है कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट लगातार एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। एएमई ने संघर्ष समिति को आश्वासन दिया था कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाएगा और उल्लंघन जारी रहने पर पट्टा निरस्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात महीनों में प्रशासन ने केवल खोखले आश्वासन दिए हैं और कंपनी को एक नोटिस तक जारी नहीं किया गया है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को अपनी अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया, जिसमें रात के समय चलने वाले तेज आवाज के क्रेशर और हाई मास्क लाइटों को अब तक न हटाना शामिल है। उनका आरोप है कि रात भर क्रेशर चलने से उड़ने वाली धूल (डस्ट) और शोर-शराबे के कारण ग्रामीणों का सोना मुश्किल हो गया है। संघर्ष समिति ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी पर भी आरोप लगाया कि वे हमेशा नियमों को ताक पर रखकर प्लांट प्रबंधन के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए एक समिति बनाकर रिपोर्ट भेजनी थी, जिसे जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आज भी पूर्व की भांति केवल आश्वासन देकर औपचारिकता पूरी की है। प्रशासन के इस टालमटोल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एनजीटी के आदेशों का तुरंत पालन नहीं किया गया, तो 08 जून को जिला कलेक्टर कार्यालय पर विशाल महापड़ाव डाला जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में जोधपुरा संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, कृष्ण रावत और सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    12 hrs ago
  • एक मशीन के मालिक का पता लगाने के लिए जानकारी मांगी गई है। संबंधित लोगों से जल्द से जल्द संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
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    एक मशीन के मालिक का पता लगाने के लिए जानकारी मांगी गई है। संबंधित लोगों से जल्द से जल्द संपर्क करने का आग्रह किया गया है।
    user_Naresh kumar
    Naresh kumar
    आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    57 min ago
  • जयपुर में ₹150 की बुकिंग के लालच में कई ड्राइवर रॉन्ग साइड पहुँच गए, जिसके बाद यातायात नियमों की खुलेआम अवहेलना करने पर पुलिस अधिकारियों ने उन पर मौके पर ही सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने ऐसे लापरवाह चालकों के मोटे चालान काटे हैं। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत की गई है, जिसके तहत नियम तोड़ने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि रॉन्ग साइड गाड़ी चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह चालक और दूसरों की जान के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
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    जयपुर में ₹150 की बुकिंग के लालच में कई ड्राइवर रॉन्ग साइड पहुँच गए, जिसके बाद यातायात नियमों की खुलेआम अवहेलना करने पर पुलिस अधिकारियों ने उन पर मौके पर ही सख्त कार्रवाई की। पुलिस ने ऐसे लापरवाह चालकों के मोटे चालान काटे हैं। यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत की गई है, जिसके तहत नियम तोड़ने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पोस्ट में चेतावनी दी गई है कि रॉन्ग साइड गाड़ी चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह चालक और दूसरों की जान के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा-कुजोता गांव में नेशनल लाइम स्टोन कंपनी से जुड़े एक खनन विवाद का 296 दिन बाद शांतिपूर्ण निपटारा हो गया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। इस विवाद के दौरान पहले फायरिंग और ग्रामीणों व बदमाशों के बीच करीब पंद्रह मिनट तक लाठी-भाटा जंग भी हुई थी। यह मामला अजीतपुरा-कुजोता गांव में नेशनल लाइम स्टोन कंपनी की खनन गतिविधियों का ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने से संबंधित था। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों को दबाने के लिए प्रशासन ने कोई कमी नहीं छोड़ी थी। लाठी-भाटा जंग के बाद पुलिस को 7 किलोमीटर दूर सरूंड थाने से मौके पर पहुंचने में आधा घंटे से अधिक का समय लगा, जिससे पुलिस की बीट व्यवस्था पर सवाल उठे। इस घटना के बाद 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एसएमएस अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की थी। विरोध बढ़ता देखकर प्रशासन हरकत में आया और अंततः, एसडीएम योगेशकुमार देवल, तहसीलदार रामधन गुर्जर और डिप्टी राजेंद्र कुमार बुरड़क की मौजूदगी में रात करीब नौ बजे ग्रामीणों से लिखित समझौता हुआ। इस समझौते के बाद 296 दिन से चला आ रहा ग्रामीणों का धरना समाप्त हो गया, और उन्हें जूस पिलाकर धरना स्थगित किया गया।
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    राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा-कुजोता गांव में नेशनल लाइम स्टोन कंपनी से जुड़े एक खनन विवाद का 296 दिन बाद शांतिपूर्ण निपटारा हो गया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। इस विवाद के दौरान पहले फायरिंग और ग्रामीणों व बदमाशों के बीच करीब पंद्रह मिनट तक लाठी-भाटा जंग भी हुई थी।

यह मामला अजीतपुरा-कुजोता गांव में नेशनल लाइम स्टोन कंपनी की खनन गतिविधियों का ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने से संबंधित था। रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों को दबाने के लिए प्रशासन ने कोई कमी नहीं छोड़ी थी। लाठी-भाटा जंग के बाद पुलिस को 7 किलोमीटर दूर सरूंड थाने से मौके पर पहुंचने में आधा घंटे से अधिक का समय लगा, जिससे पुलिस की बीट व्यवस्था पर सवाल उठे। इस घटना के बाद 5 आरोपियों को हिरासत में लिया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने एसएमएस अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की थी। विरोध बढ़ता देखकर प्रशासन हरकत में आया और अंततः, एसडीएम योगेशकुमार देवल, तहसीलदार रामधन गुर्जर और डिप्टी राजेंद्र कुमार बुरड़क की मौजूदगी में रात करीब नौ बजे ग्रामीणों से लिखित समझौता हुआ। इस समझौते के बाद 296 दिन से चला आ रहा ग्रामीणों का धरना समाप्त हो गया, और उन्हें जूस पिलाकर धरना स्थगित किया गया।
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    22 hrs ago
  • जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल पर विभिन्न यूनियनों के अधिकारियों ने अपनी बात सरकार के समक्ष रखी। इस दौरान, कई यूनियन अधिकारी एकत्रित हुए और उन्होंने अपने महत्वपूर्ण मुद्दे तथा मांगें सीधे शासन तक पहुंचाईं।
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    जयपुर कलेक्ट्रेट सर्किल पर विभिन्न यूनियनों के अधिकारियों ने अपनी बात सरकार के समक्ष रखी। इस दौरान, कई यूनियन अधिकारी एकत्रित हुए और उन्होंने अपने महत्वपूर्ण मुद्दे तथा मांगें सीधे शासन तक पहुंचाईं।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • जयपुर के गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक पक्ष के लोग कैंपर गाड़ी और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते उनमें तनाव बना हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने दूसरे पर अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस मामले में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    जयपुर के गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि एक पक्ष के लोग कैंपर गाड़ी और मोटरसाइकिलों पर सवार होकर मौके पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन संबंधी विवाद चला आ रहा था, जिसके चलते उनमें तनाव बना हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद एक पक्ष ने दूसरे पर अचानक हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही गोविंदगढ़ और किशनगढ़ रेनवाल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है।

पुलिस ने दोनों पक्षों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस मामले में शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    12 hrs ago
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