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थाना सिरसाकलार पुलिस टीम ने सरकारी कार्य के दौरान एक आरक्षी पर जान से मारने की नीयत से किए गए हमले के वांछित अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरक्षी पर हमला करने वाले इन सभी अभियुक्तों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Harsh Samvad
थाना सिरसाकलार पुलिस टीम ने सरकारी कार्य के दौरान एक आरक्षी पर जान से मारने की नीयत से किए गए हमले के वांछित अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरक्षी पर हमला करने वाले इन सभी अभियुक्तों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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- बुंदेलखंड राज्य के गठन की माँग को लेकर चल रहे आंदोलन अब एक नया और उग्र रूप धारण करेंगे। इस विषय पर अब प्रदर्शनों को और अधिक तीव्र करने की तैयारी की जा रही है।1
- जालौन के हरक्का गांव में रामलीला समापन कार्यक्रम के दौरान फिल्मी और डीजे गानों पर हुए डांस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो को लेकर हिंदू उत्थान समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है, यह कहते हुए कि यह धार्मिक मंच की मर्यादा के विपरीत है। समिति ने इस मामले में पुलिस को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, समिति ने आयोजकों सहित इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी अपील की है। जालौन कोतवाली क्षेत्र का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है।2
- उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।1
- जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया जा चुका था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सीओ परमेश्वर प्रसाद को रविवार सुबह सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि यह घटना 30 जून को दोपहर करीब 3 बजे घटित हुई थी। महिला के अनुसार, वह अपनी पुत्री के साथ बस स्टैंड पर गई थी, और जब वह पानी पीने के लिए गई, तो स्थानीय निवासी आजाद नगर कथित तौर पर उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अब महिला इस गंभीर मामले में न्याय और कठोर कार्रवाई की गुहार लगा रही है।1
- जालौन में पूर्व उप जिलाधिकारी IAS रिंकू सिंह राही के समर्थन में उनकी पुनः तैनाती की मांग लगातार तेज़ हो रही है। इसी क्रम में, भारतीय शोषण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवान दास अहिरवार ने 4 जुलाई 2026 को उप जिलाधिकारी राकेश सोनी को राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए, भगवान दास अहिरवार ने बताया कि पूर्व उप जिलाधिकारी IAS रिंकू सिंह राही ने अपने कार्यकाल के दौरान आम जनता की समस्याओं को हल करने के लिए सक्रियता से काम किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बड़ी संख्या में लोग उनकी कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं, और यही वजह है कि विभिन्न वर्गों द्वारा उनके समर्थन में आवाज़ उठाई जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से यह मांग की गई है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर उचित निर्णय लिया जाए। इस दौरान, संगठन के अन्य पदाधिकारी और समर्थक भी मौजूद रहे।1
- जालौन कोतवाली पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत सराहनीय कार्य करते हुए 8 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए और उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया। इन बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। यह कार्यवाही पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी जालौन के मार्गदर्शन में की गई। प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चन्द के नेतृत्व में कोतवाली जालौन पर तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटर आनन्द कुमार सचान और कांस्टेबल मंजेश मधुकर ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर ऑनलाइन ट्रेसिंग के माध्यम से इन गुमशुदा मोबाइलों को बरामद किया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर सभी लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। उन्होंने जालौन पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। बरामद मोबाइल धारकों में अर्पित त्रिपाठी (जालौन), ऐहतसाम खान (जालौन), जुनीश (कोंच), शीबू (सारंगपुर), आशु (जालौन), देवेन्द्र (नई दिल्ली), प्रशांत साहू (दतिया, मध्य प्रदेश) और अनिल कुमार (जयपुर, राजस्थान) शामिल हैं।1
- आज जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने गुम हुए कई मोबाइल फोन उनके स्वामियों को वापस सौंप दिए। जालौन कोतवाली पुलिस द्वारा लौटाए गए इन मोबाइल फोन की कीमत हजारों रुपये बताई गई है।2
- जालौन के कोंच नगर में रविवार शाम करीब 6:30 बजे हुई महज आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने नगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। इस तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए और सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। चंदकुआ चौराहा और गांधी नगर बाजार की गली सहित कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई और लोगों को घरों से निकलने में भी दिक्कतें आईं। पानी में कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बंद हो गए, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। स्थानीय निवासियों चंद्र प्रकाश, रामावतार और अंशु ने इस जलभराव का मुख्य कारण नालों पर हुए अतिक्रमण को बताया। उनका आरोप है कि वर्षों से नालों पर अवैध निर्माण और कब्जे किए गए हैं, जिससे उनकी चौड़ाई कम हो गई है और बारिश का पानी ठीक से निकल नहीं पाता। स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि मानसून से पहले नगर पालिका ने न तो नालों की उचित सफाई कराई और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाए। उनका कहना है कि हर साल मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश उन दावों की हकीकत उजागर कर देती है। कस्बेवासियों ने इस समस्या को स्थायी बताते हुए नगर पालिका से नालों का चौड़ीकरण, नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसे गंभीर हालात से बचा जा सके।1