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जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया जा चुका था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सीओ परमेश्वर प्रसाद को रविवार सुबह सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि यह घटना 30 जून को दोपहर करीब 3 बजे घटित हुई थी। महिला के अनुसार, वह अपनी पुत्री के साथ बस स्टैंड पर गई थी, और जब वह पानी पीने के लिए गई, तो स्थानीय निवासी आजाद नगर कथित तौर पर उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अब महिला इस गंभीर मामले में न्याय और कठोर कार्रवाई की गुहार लगा रही है।
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जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र की एक महिला ने अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि इस संबंध में पहले भी कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया जा चुका था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सीओ परमेश्वर प्रसाद को रविवार सुबह सौंपे गए शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि यह घटना 30 जून को दोपहर करीब 3 बजे घटित हुई थी। महिला के अनुसार, वह अपनी पुत्री के साथ बस स्टैंड पर गई थी, और जब वह पानी पीने के लिए गई, तो स्थानीय निवासी आजाद नगर कथित तौर पर उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अब महिला इस गंभीर मामले में न्याय और कठोर कार्रवाई की गुहार लगा रही है।
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- जालौन जिले के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की जांच करने पहुँची पुलिस टीम पर हमला किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार 04 जुलाई 2026 को श्रीमती अजमेरन ने सिरसाकलार थाने में अपने पति, सास, देवर और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना के क्रम में थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरभ पटेल और आरक्षी रिंकू यादव जांच के लिए संबंधित पक्ष के घर पहुँचे थे। बताया गया कि जांच के दौरान वादिनी के पति मजीद खां सफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने पुलिस टीम का विरोध करते हुए उन पर हमला कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और अतिरिक्त पुलिस बल की सहायता से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। घटना के बाद, पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर हमला करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन ने पुष्टि करते हुए बताया कि चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है, तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक और कृषि आधारित उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और निर्यात प्रोत्साहन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते प्रदेश के उत्पाद सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहे हैं, जिससे किसानों, कारीगरों और व्यापारियों के लिए आय तथा रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, उनकी ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी विपणन पर विशेष बल दे रही है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सके। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पाद देश-विदेश के बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार को भी नई गति प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के ये कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती दे रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के नए मार्ग खोल रहे हैं। प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को निर्यात और निवेश के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़े और इस पहल का सीधा लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।1
- थाना सिरसाकलार पुलिस टीम ने सरकारी कार्य के दौरान एक आरक्षी पर जान से मारने की नीयत से किए गए हमले के वांछित अभियुक्तों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरक्षी पर हमला करने वाले इन सभी अभियुक्तों को पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।1
- जालौन जिले की कालपी विधानसभा के चुर्खी क्षेत्र में एक चर्चित महापंचायत शुरू हो गई है। हाल के एक विवाद के बाद आयोजित इस महापंचायत को लेकर पूरे जिले में गहन चर्चा है, जहाँ आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं। यह घटना कालपी की सियासत में शक्ति प्रदर्शन और हलचल बढ़ाने वाली मानी जा रही है। इस महापंचायत के आयोजन के पीछे के कारणों पर दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं: एक ओर विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने स्पष्ट किया है कि यह महापंचायत क्षेत्र की समस्याओं और हाल की घटना को लेकर बुलाई गई है। दोनों पक्ष सार्वजनिक मंच पर अपनी-अपनी बात रख चुके हैं। कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जबकि एक स्थानीय समाचार टीम मौके पर मौजूद होकर महापंचायत से जुड़ी हर बड़ी अपडेट लगातार प्रदान कर रही है।4
- जालौन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। दो दिन पहले एक महिला की उसके ही घर के बाहर चारपाई पर सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसकी सूचना मिलने पर पुलिस टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने 24 घंटे के भीतर हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस खुलासे में बताया कि अभियुक्तगण ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल करते हुए बताया है कि उन्होंने यह हत्या 15 साल पहले हुई एक घटना का बदला लेने के लिए की थी, जब मृतका ने उनके पिता की चप्पल मारकर बेइज्जती की थी। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।1
- जालौन जिले में पूर्व उपजिलाधिकारी (SDM) रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। शनिवार को जालौन नगर सहित आसपास के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने मेला ग्राउंड से तहसील तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ज़ोरदार नारेबाजी के बीच उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जनहित में रिंकू सिंह राही को जालौन में दोबारा तैनात करने की मांग की गई है। इस प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल एवं अधिकारियों को तैनात किया गया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रदर्शन की शुरुआत में छात्र और युवा जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए थे, जिससे कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन कोतवाल हरिश्चंद्र ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद सभी ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखते हुए उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में तहसील स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाता था। फरियादियों को बिना अनावश्यक देरी के न्याय मिलता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता दिखाई देती थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यही कारण है कि उनके स्थानांतरण के बाद क्षेत्र के लोग स्वयं को निराश महसूस कर रहे हैं और उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं। युवाओं का कहना था कि राही ने अपने कार्यकाल में आम जनता, किसानों, गरीबों और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा समाधान कराने का प्रयास किया, जिससे जनता के बीच उनकी सकारात्मक छवि बनी और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ। मेला ग्राउंड से तहसील तक निकले पैदल मार्च में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण शामिल हुए। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी 'रिंकू सिंह राही को वापस लाओ' और 'जनता की मांग पूरी करो' जैसे नारे लगाते रहे। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की मौजूदगी में बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। पूर्व एसडीएम के समर्थन में इस प्रकार युवाओं और नागरिकों का खुलकर सामने आना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर किसी प्रशासनिक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद इस स्तर पर जनसमर्थन कम देखने को मिलता है, लेकिन जालौन में बड़ी संख्या में लोगों का एकजुट होकर ज्ञापन देना एक अलग संदेश दे रहा है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण शासन स्तर पर तय होने वाली प्रक्रिया है, ऐसे में इस मांग पर अंतिम निर्णय शासन और संबंधित प्रशासनिक प्राधिकरण के स्तर पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, जालौन में रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग को लेकर शुरू हुई यह मुहिम क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।4
- जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तीतरा खलीलपुर से एक नाबालिग बालक, हर्ष, रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। पीड़ित मंगल सिंह ने रविवार तड़के करीब 1:30 बजे कोंच कोतवाली में अपने दत्तक पुत्र हर्ष की गुमशुदगी दर्ज कराते हुए उसकी शीघ्र बरामदगी की मांग की है। परिजनों के अनुसार, हर्ष गांव के बस स्टैंड पर सब्जी की दुकान चलाता था और ठेले से फेरी लगाकर भी सब्जियां बेचता था। बताया गया कि 2 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह बिना किसी को बताए घर और दुकान से कहीं चला गया। उस समय उसके पास लगभग पांच हजार रुपये नकद थे और वह तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था। घटना के बाद परिवार ने अपने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित सभी जगहों पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा ब्याज पर लिए गए पैसों को लेकर बनाए जा रहे दबाव के कारण हर्ष मानसिक तनाव में था, और इसी वजह से उसके कहीं चले जाने की आशंका है। इसके साथ ही, परिवार ने किसी अप्रिय घटना की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। शिकायत पत्र में, परिजनों ने कुछ लोगों पर संदेह व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पीड़ित मंगल सिंह ने पुलिस से इस गुमशुदगी को दर्ज कर नाबालिग की जल्द बरामदगी और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की अपील की है। इस संबंध में, कोतवाल ब्रजेश बहादुर ने बताया है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और बालक की तलाश के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- केंद्रीय कैबिनेट ने प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर के एक महत्वपूर्ण हिस्से, कानपुर-कबरई कॉरिडोर के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और कबरई के बीच यात्रा का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर मात्र डेढ़ घंटा रह जाएगा, जिससे सफर की अवधि में लगभग 58 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कॉरिडोर न केवल यात्रियों के लिए तेज और सुगम यात्रा सुनिश्चित करेगा, बल्कि मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी अधिक तीव्र और कुशल बनेगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन आसान हो जाएगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगी, साथ ही बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर परिवहन सुविधा से निवेश आकर्षित होने की संभावना बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कानपुर-कबरई कॉरिडोर वास्तव में प्रस्तावित भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर का एक प्रमुख घटक है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को और मजबूत बनाना तथा औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार देना है।1
- जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के भगतसिंह नगर इलाके में शनिवार देर रात करीब 11:30 बजे उधारी के पैसे मांगने को लेकर विवाद हो गया। पीड़ित राकेश कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपने उधार दिए गए पैसे वापस मांगे, तो एक आरोपी अपने तीन अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुँच गया और गाली-गलौज करने लगा। राकेश के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ-साथ उनकी पत्नी पूजा कुशवाहा के साथ भी मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके दो मोबाइल फोन भी छीन लिए और मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिकायत में आरोपियों पर जुआ और सट्टा संचालित करने का भी आरोप लगाया गया है। रविवार दोपहर करीब 1 बजे पीड़ित दंपति कोतवाली पहुँचे और पुलिस को एक लिखित शिकायत दी, जिसमें मारपीट, अभद्रता और मोबाइल छीनने का जिक्र करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में, कोतवाली प्रभारी ब्रजेश बहादुर ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।1