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बीकानेर में CNG संकट जयपुर रोड के सुभाष पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें, कई होटल और चाय की थड़ियां बंद बीकानेर ईरान इजरायल युद्ध का असर अब बीकानेर में भी दिखाई देने लगा है। जयपुर रोड स्थित सुभाष पेट्रोल पंप पर CNG भरवाने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार, ऑटो और अन्य CNG वाहनों को गैस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।गैस की कमी के कारण सड़कों पर CNG से चलने वाले वाहन भी कम नजर आ रहे हैं। गंगानगर रोड और आसपास के इलाकों में कई छोटे होटल, ढाबे और चाय की थड़ियां भी बंद दिखाई दीं क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

2 hrs ago
user_आईरा समाचार बीकानेर
आईरा समाचार बीकानेर
Journalist Bikaner, Rajasthan•
2 hrs ago

बीकानेर में CNG संकट जयपुर रोड के सुभाष पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें, कई होटल और चाय की थड़ियां बंद बीकानेर ईरान इजरायल युद्ध का असर अब बीकानेर में भी दिखाई देने लगा है। जयपुर रोड स्थित सुभाष पेट्रोल पंप पर CNG भरवाने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार, ऑटो और अन्य CNG वाहनों को गैस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।गैस की कमी के कारण सड़कों पर CNG से चलने वाले वाहन भी कम नजर आ रहे हैं। गंगानगर रोड और आसपास के इलाकों में कई छोटे होटल, ढाबे और चाय की थड़ियां भी बंद दिखाई दीं क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

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  • बीकानेर ईरान इजरायल युद्ध का असर अब बीकानेर में भी दिखाई देने लगा है। जयपुर रोड स्थित सुभाष पेट्रोल पंप पर CNG भरवाने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार, ऑटो और अन्य CNG वाहनों को गैस के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।गैस की कमी के कारण सड़कों पर CNG से चलने वाले वाहन भी कम नजर आ रहे हैं। गंगानगर रोड और आसपास के इलाकों में कई छोटे होटल, ढाबे और चाय की थड़ियां भी बंद दिखाई दीं क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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    बीकानेर ईरान इजरायल युद्ध का असर अब बीकानेर में भी दिखाई देने लगा है। जयपुर रोड स्थित सुभाष पेट्रोल पंप पर CNG भरवाने के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कार, ऑटो और अन्य CNG वाहनों को गैस के लिए घंटों  तक इंतजार करना पड़ रहा है।गैस की कमी के कारण सड़कों पर CNG से चलने वाले वाहन भी कम नजर आ रहे हैं। गंगानगर रोड और आसपास के इलाकों में कई छोटे होटल, ढाबे और चाय की थड़ियां भी बंद दिखाई दीं क्योंकि खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    2 hrs ago
  • Post by Bikaner local news
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    Post by Bikaner local news
    user_Bikaner local news
    Bikaner local news
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by SSSO News
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    Post by SSSO News
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • नागौर शहर से करीब 7-8 किलोमीटर दूर ताऊसर गांव में शीतला अष्टमी पर डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें सभी पुरुष एक ही डैस में ओर पैरों में घुंघरू बांध कर एवं ढोलक की थाप पर डांडिया नृत्य कर रहे थे जो कि देखने लायक है इस अवसर पर डांडिया नृत्य का मैदान चारों ओर से डांडिया नृत्य देखने वालों की भीड़ नजर आ रही थी
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    नागौर शहर से करीब 7-8 किलोमीटर दूर ताऊसर गांव में शीतला अष्टमी पर डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया जिसमें सभी पुरुष एक ही डैस में ओर पैरों में घुंघरू बांध कर एवं ढोलक की थाप पर डांडिया नृत्य कर रहे थे जो कि देखने लायक है इस अवसर पर डांडिया नृत्य का मैदान चारों ओर से डांडिया नृत्य देखने वालों की भीड़ नजर आ रही थी
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    नागौर, नागौर, राजस्थान•
    30 min ago
  • हल की पहली लकीर के साथ शुरू हुआ नया सफर, किसान की मेहनत से ही भरता है हर घर। 🚜 #हलोतिया #किसानजीवन #खेतीबाड़ी #देसीलाइफस्टाइल #गांवकीजिंदगी #धरतीमां #किसान #VillageLife #FarmingLife #DesiCulture #RuralLife #IndianFarmer #KhetKhaliyan #TractorLife #VillageVlog
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    हल की पहली लकीर के साथ शुरू हुआ नया सफर, किसान की मेहनत से ही भरता है हर घर। 🚜
#हलोतिया #किसानजीवन #खेतीबाड़ी #देसीलाइफस्टाइल #गांवकीजिंदगी #धरतीमां #किसान #VillageLife #FarmingLife #DesiCulture #RuralLife #IndianFarmer #KhetKhaliyan #TractorLife #VillageVlog
    user_Dinesh Mundel Lalap RLP
    Dinesh Mundel Lalap RLP
    Farmer Kheenvsar, Nagaur•
    14 hrs ago
  • प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर में अमानत के सोने को लेकर विवाद, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्जः 11 मार्च सरदारशहर में अमानत के रूप में दिए गए सोने को लेकर विवाद का मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) सरदारशहर के आदेश के बाद पुलिस थाना सरदारशहर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी सुनील कुमार पुत्र हनुमानमल सोनी, निवासी वार्ड नं. 21 सरदारशहर ने अदालत में परिवाद पेश कर बताया कि उसका अभियुक्त मातादीन उर्फ अमित पुत्र डूंगरमल सोनी, निवासी गौशाला बास सरदारशहर के साथ पिछले चार–पांच वर्षों से सोने की जड़ाई का कामकाज चलता था। परिवादी के अनुसार उसने करीब 3 ग्राम 840 मिलीग्राम सोना अमानत के रूप में अभियुक्त को दिया था, जो उसके पास बाकी था। पिड़ित का आरोप है कि जब उसने अपना सोना वापस मांगा तो अभियुक्त ने सोना लौटाने से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकी दी कि यदि दोबारा सोना मांगा तो वह अपने जानकार अनुसूचित जाति या जनजाति के महिला व पुरुष से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा देगा।मामले में न्यायालय के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किए जाने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार को सौंपी गई है।
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    प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर     में अमानत के सोने को लेकर विवाद, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्जः
11 मार्च सरदारशहर में अमानत के रूप में दिए गए सोने को लेकर विवाद का मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) सरदारशहर के आदेश के बाद पुलिस थाना सरदारशहर में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार परिवादी सुनील कुमार पुत्र हनुमानमल सोनी, निवासी वार्ड नं. 21 सरदारशहर ने अदालत में परिवाद पेश कर बताया कि उसका अभियुक्त मातादीन उर्फ अमित पुत्र डूंगरमल सोनी, निवासी गौशाला बास सरदारशहर के साथ पिछले चार–पांच वर्षों से सोने की जड़ाई का कामकाज चलता था। परिवादी के अनुसार उसने करीब 3 ग्राम 840 मिलीग्राम सोना अमानत के रूप में अभियुक्त को दिया था, जो उसके पास बाकी था। पिड़ित का आरोप है कि जब उसने अपना सोना वापस मांगा तो अभियुक्त ने सोना लौटाने से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकी दी कि यदि दोबारा सोना मांगा तो वह अपने जानकार अनुसूचित जाति या जनजाति के महिला व पुरुष से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा देगा।मामले में न्यायालय के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किए जाने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार को सौंपी गई है।
    user_Hanuman mediya
    Hanuman mediya
    सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • 🚨 खानुवाली दुखांतिका पर गरजे प्रशासक दिनेश कुमार सोनी – अब दोषियों को बचाने की कोशिश मत करना! 🚨 खानुवाली की दर्दनाक सुदेश कुमारी प्रकरण ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस मामले पर रावला के प्रशासक दिनेश कुमार सोनी ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए साफ कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। सोनी ने कहा कि एक बेगुनाह बहन की जान चली गई और अगर अब भी प्रशासन की कार्रवाई धीमी रहती है तो यह न्याय के साथ खुला खिलवाड़ होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सुदेश कुमारी को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाकर सलाखों के पीछे डाला जाए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जनता सब कुछ देख रही है। अगर दोषियों को बचाने की कोशिश हुई या कार्रवाई में देरी की गई तो जनता का गुस्सा सड़कों पर फूटेगा और बड़ा आंदोलन खड़ा होगा। ⚡ अब यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज की इज्जत और न्याय की लड़ाई बन चुका है। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक आवाज उठती रहेगी और संघर्ष जारी रहेगा। 🔥 न्याय चाहिए… और अभी चाहिए!
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    🚨 खानुवाली दुखांतिका पर गरजे प्रशासक दिनेश कुमार सोनी – अब दोषियों को बचाने की कोशिश मत करना! 🚨
खानुवाली की दर्दनाक सुदेश कुमारी प्रकरण ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस मामले पर रावला के प्रशासक दिनेश कुमार सोनी ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए साफ कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
सोनी ने कहा कि एक बेगुनाह बहन की जान चली गई और अगर अब भी प्रशासन की कार्रवाई धीमी रहती है तो यह न्याय के साथ खुला खिलवाड़ होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सुदेश कुमारी को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाकर सलाखों के पीछे डाला जाए।
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जनता सब कुछ देख रही है। अगर दोषियों को बचाने की कोशिश हुई या कार्रवाई में देरी की गई तो जनता का गुस्सा सड़कों पर फूटेगा और बड़ा आंदोलन खड़ा होगा।
⚡ अब यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे समाज की इज्जत और न्याय की लड़ाई बन चुका है।
जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक आवाज उठती रहेगी और संघर्ष जारी रहेगा।
🔥 न्याय चाहिए… और अभी चाहिए!
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    JOURNALIST अनूपगढ़, श्री गंगानगर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • इकबाल खान,बीकानेर नोटबंदी से पहले देश का आम आदमी अपनी साधारण जिंदगी शांति से जी रहा था। छोटे व्यापारी, मजदूर, ठेले,थड़ी लगाने वाले और कारीगर ,टेक्सी वाले किसी तरह मेहनत करके अपना घर चला लेते थे। लेकिन नोटबंदी के फैसले ने देश के छोटे कारोबार की कमर तोड़ दी। कई छोटे व्यापार बंद हो गए और लाखों लोगों की रोजी ,रोटी पर असर पड़ा। जो कारोबार किसी तरह बचा हुआ था, उस पर कोरोना महामारी ने रही सही कसर पूरी कर दी। लॉकडाउन और मंदी के बाद मजदूर और छोटे व्यापारियों की हालत और खराब हो गई।आज हालात यह हैं कि शहरों में मजदूर और गरीब परिवारों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कई परिवार ऐसे हैं जहां बच्चों की पढ़ाई तक नहीं हो रही है।सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई कॉलोनियों के आसपास सरकारी स्कूल तक नहीं हैं, जहां गरीब परिवार अपने बच्चों को पढ़ा सकें। निजी स्कूलों की फीस इतनी ज्यादा है कि मजदूर और गरीब परिवार के लिए वहां बच्चों को पढ़ाना लगभग नामुमकिन हो गया है।ऐसे में गरीब माता पिता के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि वे अपने बच्चों का भविष्य कैसे बनाएं। घर का खर्च चलाना ही मुश्किल हो रहा है तो बच्चों की पढ़ाई, शादी ब्याह और आगे की जिम्मेदारियां कैसे पूरी होंगी। इन हालातों को देखकर सच में डर लगता है कि अगर व्यवस्था और हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जिंदगी और ज्यादा कठिन हो सकती है। किराए की टेक्सी वाले गरीब पर क्या बीत रही होगी ,जो सुबह से लाइन में लगा है।
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    इकबाल खान,बीकानेर नोटबंदी से पहले देश का आम आदमी अपनी साधारण जिंदगी शांति से जी रहा था। छोटे व्यापारी, मजदूर, ठेले,थड़ी लगाने वाले और कारीगर ,टेक्सी वाले किसी तरह मेहनत करके अपना घर चला लेते थे। लेकिन नोटबंदी के फैसले ने देश के छोटे कारोबार की कमर तोड़ दी। कई छोटे व्यापार बंद हो गए और लाखों लोगों की रोजी ,रोटी पर असर पड़ा। जो कारोबार किसी तरह बचा हुआ था, उस पर कोरोना महामारी ने रही सही कसर पूरी कर दी। लॉकडाउन और मंदी के बाद मजदूर और छोटे व्यापारियों की हालत और खराब हो गई।आज हालात यह हैं कि शहरों में मजदूर और गरीब परिवारों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। कई परिवार ऐसे हैं जहां बच्चों की पढ़ाई तक नहीं हो रही है।सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई कॉलोनियों के आसपास सरकारी स्कूल तक नहीं हैं, जहां गरीब परिवार अपने बच्चों को पढ़ा सकें। निजी स्कूलों की फीस इतनी ज्यादा है कि मजदूर और गरीब परिवार के लिए वहां बच्चों को पढ़ाना लगभग नामुमकिन हो गया है।ऐसे में गरीब माता पिता के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि वे अपने बच्चों का भविष्य कैसे बनाएं। घर का खर्च चलाना ही मुश्किल हो रहा है तो बच्चों की पढ़ाई, शादी ब्याह और आगे की जिम्मेदारियां कैसे पूरी होंगी।
इन हालातों को देखकर सच में डर लगता है कि अगर व्यवस्था और हालात नहीं सुधरे तो आने वाले समय में गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जिंदगी और ज्यादा कठिन हो सकती है। किराए की टेक्सी वाले गरीब पर क्या बीत रही होगी ,जो सुबह से लाइन में लगा है।
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    4 hrs ago
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