@नवादा #सिरदला में बालू माफिया की गुंडई, छात्रों और शिक्षकों को पीटा, थाने में शिकायत दर्ज नवादा लाइव नेटवर्क। नवादा जिले के सिरदला थाना इलाके में अवैध बालू के धंधेबाजों की गुंडई सामने आई है। एक स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के साथ मारपीट की गई है। मामले की शिकायत थानेवतक पहुंची है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना बुधवार दोपहर की बताई गई है। बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय तारण के समीप से एक बालू लदा ट्रैक्टर की चपेट में आकर एक छात्रा जख्मी हो गई। उस वक्त ट्रैक्टर को लेकर चालक वहां से भागने में सफल रहा। बालू अनलोड कर लौटने के दौरान उक्त ट्रैक्टर को विद्यालय के पास शिक्षकों ने रोका और चालक से पूछताछ किया। जिसके बाद चालक की सूचना पर दर्जन भर लोग विद्यालय पहुंच गए और प्रधान शिक्षक सच्चिदानंद सिंह के साथ मारपीट करने लगा। बीच बचाव करने आए अन्य सहायक शिक्षकों के साथ ही छात्राओं के साथ भी मारपीट की गई। घटना को अंजाम देकर सभी लोग चले गए। मारपीट में प्रधान शिक्षक उनके सहयोगी शिक्षक और बच्चे आंशिक रूप से जख्मी हुए। सूचना के बाद डायल 112 की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मामले की जांच पड़ताल की। प्रधान शिक्षक के द्वारा घटना के बाबत सिरदला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लोग बताते हैं कि धनराजय नदी घाट से अवैध बालू का खनन और परिवहन धड़ल्ले से प्रतिदिन किया जा रहा है। अवैध बालू को तारण- डेढ़गांव -गोवासा होते हुए नरहट की ओर ले जाया जाता है। इस धंधे में स्थानीय प्रशासन की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
@नवादा #सिरदला में बालू माफिया की गुंडई, छात्रों और शिक्षकों को पीटा, थाने में शिकायत दर्ज नवादा लाइव नेटवर्क। नवादा जिले के सिरदला थाना इलाके में अवैध बालू के धंधेबाजों की गुंडई सामने आई है। एक स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के साथ मारपीट की गई है। मामले की शिकायत थानेवतक पहुंची है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना बुधवार दोपहर की बताई गई है। बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय तारण के समीप से एक बालू लदा ट्रैक्टर की चपेट में आकर एक छात्रा जख्मी हो गई। उस वक्त ट्रैक्टर को लेकर चालक वहां से भागने में सफल रहा। बालू अनलोड कर लौटने के दौरान उक्त ट्रैक्टर को विद्यालय के पास शिक्षकों ने रोका और चालक से पूछताछ किया। जिसके बाद चालक की सूचना पर दर्जन भर लोग विद्यालय
पहुंच गए और प्रधान शिक्षक सच्चिदानंद सिंह के साथ मारपीट करने लगा। बीच बचाव करने आए अन्य सहायक शिक्षकों के साथ ही छात्राओं के साथ भी मारपीट की गई। घटना को अंजाम देकर सभी लोग चले गए। मारपीट में प्रधान शिक्षक उनके सहयोगी शिक्षक और बच्चे आंशिक रूप से जख्मी हुए। सूचना के बाद डायल 112 की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मामले की जांच पड़ताल की। प्रधान शिक्षक के द्वारा घटना के बाबत सिरदला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लोग बताते हैं कि धनराजय नदी घाट से अवैध बालू का खनन और परिवहन धड़ल्ले से प्रतिदिन किया जा रहा है। अवैध बालू को तारण- डेढ़गांव -गोवासा होते हुए नरहट की ओर ले जाया जाता है। इस धंधे में स्थानीय प्रशासन की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
- @नवादा #सिरदला में बालू माफिया की गुंडई, छात्रों और शिक्षकों को पीटा, थाने में शिकायत दर्ज नवादा लाइव नेटवर्क। नवादा जिले के सिरदला थाना इलाके में अवैध बालू के धंधेबाजों की गुंडई सामने आई है। एक स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के साथ मारपीट की गई है। मामले की शिकायत थानेवतक पहुंची है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना बुधवार दोपहर की बताई गई है। बताया जाता है कि प्राथमिक विद्यालय तारण के समीप से एक बालू लदा ट्रैक्टर की चपेट में आकर एक छात्रा जख्मी हो गई। उस वक्त ट्रैक्टर को लेकर चालक वहां से भागने में सफल रहा। बालू अनलोड कर लौटने के दौरान उक्त ट्रैक्टर को विद्यालय के पास शिक्षकों ने रोका और चालक से पूछताछ किया। जिसके बाद चालक की सूचना पर दर्जन भर लोग विद्यालय पहुंच गए और प्रधान शिक्षक सच्चिदानंद सिंह के साथ मारपीट करने लगा। बीच बचाव करने आए अन्य सहायक शिक्षकों के साथ ही छात्राओं के साथ भी मारपीट की गई। घटना को अंजाम देकर सभी लोग चले गए। मारपीट में प्रधान शिक्षक उनके सहयोगी शिक्षक और बच्चे आंशिक रूप से जख्मी हुए। सूचना के बाद डायल 112 की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मामले की जांच पड़ताल की। प्रधान शिक्षक के द्वारा घटना के बाबत सिरदला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लोग बताते हैं कि धनराजय नदी घाट से अवैध बालू का खनन और परिवहन धड़ल्ले से प्रतिदिन किया जा रहा है। अवैध बालू को तारण- डेढ़गांव -गोवासा होते हुए नरहट की ओर ले जाया जाता है। इस धंधे में स्थानीय प्रशासन की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।2
- RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र RJD के अंदर अभी काफी तनाव है और इसकी वजह बने हैं मनेर के विधायक भाई वीरेंद्र। उन्होंने हाल ही में एक बयान में कहा था कि जो लोग चमचे हैं उन्हें तेजस्वी यादव के आसपास से हटाना होगा। इस बयान पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने पलटवार करते हुए पूछ लिया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या किया है। बस इसी के बाद भाई वीरेंद्र भड़क गए और शक्ति यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि खामोश रहो, मैं लोकदल के जमाने से राजनीति कर रहा हूं जब तुम्हारी राजनीति में एंट्री भी नहीं हुई थी। 2010 में जब 22 विधायक बने थे तब से मैं हूं, कई लोग आए और चले गए लेकिन मैं नहीं बदला। अब 2025 में 25 विधायक हैं और अगर मैं तुम्हारी करतूतें सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलते हैं और मुलाकात कराने के नाम पर वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लालू यादव और तेजस्वी यादव का आदमी हूं, ऐसे लोगों का नहीं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई करते हैं। साथ ही धमकी दी कि अगर शक्ति यादव संभल नहीं गए तो उनका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता है शक्ति यादव घर से क्यों भागे थे और कितने साल बाद घर गए थे, ये सब सार्वजनिक कर देंगे तो मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे। दरअसल पिछले कुछ समय से भाई वीरेंद्र पार्टी के टिकट बंटवारे और संगठन को लेकर नाराज चल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि नाम के समाजवादी नेता दो तीन जिलों की राजनीति चलाते हैं और उन्हीं की सिफारिश पर टिकट मिलता है जिसकी वजह से पार्टी को नुकसान हुआ। BJP ने भी उनके बयान को मुद्दा बना लिया है। इसके अलावा जुलाई 2025 में एक पंचायत सचिव को धमकाने के मामले में उनके खिलाफ SC ST एक्ट में 50 पेज की चार्जशीट दायर हो चुकी है जो अब MP MLA कोर्ट में है। कुल मिलाकर अभी RJD के भीतर भाई वीरेंद्र बनाम शक्ति यादव की लड़ाई तेज हो गई है और पार्टी नेतृत्व के लिए इसे संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।1
- बकसौती में पंचायत सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन, डीडीसी नीलिमा साहू ने किया उद्घाटन बकसौती में पंचायत सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन, डीडीसी नीलिमा साहू ने किया उद्घाटन गोविंदपुर (नवादा)। बिहार सरकार के जन कल्याण अभियान के तहत गोविंदपुर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बकसौती में बुधवार को पंचायत सहयोग सह जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त (डीडीसी) नीलिमा साहू ने किया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र, अंचलाधिकारी पुष्पांजलि कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर पंचायत की मुखिया सुनीता देवी ने डीडीसी नीलिमा साहू का बुके देकर स्वागत किया। शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इसके लिए विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे, जहां आवेदन, निबंधन, सत्यापन, ई-केवाईसी, प्रमाण-पत्र, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर के दौरान चार पात्र लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीडीसी नीलिमा साहू ने कहा कि पंचायत सहयोग सह जनकल्याण शिविर का उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसी उद्देश्य से आवेदन, निबंधन, सत्यापन एवं ई-केवाईसी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीडीसी ने शिविर में उपस्थित जीविका दीदियों एवं ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा उनसे अधिक से अधिक लोगों तक इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहे। निरीक्षण के दौरान डीडीसी नीलिमा साहू ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल का एक-एक कर अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों से योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभुकों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा सभी कर्मचारियों को पारदर्शिता और तत्परता के साथ कार्य करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसेवा से जुड़े सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र लाभुक को समय पर योजनाओं का लाभ मिले। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं के लिए आवेदन किए जिसमें सबसे ज्यादा श्रमकार्ड लेवर कार्ड के लिए लगभग सौ आवेदन किया गया वहीं सभी अन्य विभागों में 41 आवेदन किया गया तथा मौके पर ही कृषि सम्बन्धी दो आवेदनों का निष्पादन भी किया गया।1
- नबी की सुन्नत के मुताबिक नमाज़ पढ़े,अल्लाह का जिक्र करें। ए आर, अकबर राजा1
- देखिए चुनाव जीतने के बाद ऐ बात बोल रहे हैं। प्रशांत किशोर1
- अनन्त सिंह का बेबाक अंदाज जिसे सुन आप भी चौक जाएंगे देखिए ये वीडियो अनन्त सिंह का बेबाक अंदाज जिसे सुन आप भी चौक जाएंगे देखिए ये वीडियो1
- सात निश्चय योजना के तहत सिरदला में खुला सुधा डेयरी काउंटर पिंकी भारती ने किया उद्घाटन, गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा। सिरदला में बिहार सरकार के सात निश्चय योजना के तहत बुधवार को सुधा डेयरी काउंटर का उद्घाटन । पूर्व नवादा जिला परिषद अध्यक्ष सह वर्तमान राजद नेत्री पिंकी भारती व मार्केटिंग पदाधिकारी नीरज कुमार बिहार शरीफ नालन्दा व कुंदन कुमार ,समाज सेवी सह सिरदला बाजार समिति अध्यक्ष विनोद कुमार संयुक्त रूप से । संचालक दिनेश वर्मा व डबलू कुमार। सिरदला बाजार के तहसील कचहरी के समीप । सैकड़ों लोग रहे मौजूद। अन्य सरकारी जानकारी सहित व खबरों की जानकारी सहित अन्य जानकारियों सहित बेहतर तरीके से हेड लाइन के साथ 350 शब्दों में1
- बिहार मे गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा। सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।1