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इफ्तार पार्टी kajra kol आजमगढ़
Nafe khan 👨🔧👩🔧
इफ्तार पार्टी kajra kol आजमगढ़
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- Post by Nafe khan 👨🔧👩🔧1
- आज रात करीब 10 :30 pm को फ़रिहा चौक पर तीव्र गति से ट्रक और पिकअप में टकराव हो गया जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर फ़रिहा पुलिस चौकी में जाकर टक्कर मार दिया ऊपर वाले की कृपा से सभी ड्राइवर और चौकी मे तैनात गार्ड सभी लोग सुरक्षित हैं1
- आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा चौक पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक और पिकअप की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में पिकअप सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे बने पुलिस बूथ में जा घुसा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं पुलिस बूथ को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही फरिहा पुलिस चौकी की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। थाना प्रभारी निजामाबाद, हीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटवाया, जिससे यातायात को सामान्य किया जा सका। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।2
- आजमगढ़ l जनपद के निजामाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत फरिहा चौक पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। एक तेज रफ्तार ट्रक और पिकअप के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे बने पुलिस बूथ को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। घटना का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार की देर रात फरिहा चौक पर यातायात सामान्य था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक और सामने से आ रही पिकअप के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। भिड़ंत के बाद ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे पुलिस बूथ से जा टकराया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। राहत और बचाव कार्य स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही फरिहा पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद पिकअप में फंसे तीनों घायलों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। फिलहाल तीनों का उपचार जारी है। पुलिस की कार्रवाई थाना प्रभारी निजामाबाद, हीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया: "हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच की जा रही है और क्षतिग्रस्त वाहनों के संबंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है।" गुरुवार सुबह करीब सात बजे पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और पिकअप को सड़क से हटवाया, जिसके बाद फरिहा चौक पर यातायात सुचारू रूप से बहाल हो सका। ट्रक की टक्कर से पुलिस बूथ को भी काफी नुकसान पहुंचा है।1
- रामपुर: मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल; प्रशासन को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम रामपुर | 17 मार्च, 2026 जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी, रामपुर ने आज मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपकर मनरेगा मजदूरों के बकाया पारिश्रमिक और ग्राम रोजगार सेवकों के लंबित मानदेय के मुद्दे पर गहरा रोष व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो जनपद में व्यापक जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा। मुख्य मांगें: * मनरेगा मजदूरों का पिछले 75 दिनों का बकाया (लगभग ₹2000 करोड़ प्रदेश स्तर पर) तत्काल दिया जाए। * नियम के विरुद्ध भुगतान में हुई देरी के लिए 'विलंब मुआवजा' (Delay Compensation) प्रदान किया जाए। * 8 महीने से बिना मानदेय काम कर रहे ग्राम रोजगार सेवकों और संविदा कर्मियों का वेतन अविलंब जारी हो। नेताओं के प्रमुख बयान निक्कू पंडित जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 'सबका साथ-साथ' का नारा देने वाली सरकार गरीबों के पेट पर लात मार रही है। रामपुर समेत पूरे प्रदेश में मनरेगा मजदूर भुखमरी की कगार पर हैं। 15 दिन में भुगतान का कानून होने के बावजूद 75 दिनों से पैसे न देना सरकारी संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। हम मजदूरों के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेंगे।" संजय कपूर (पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता ने कहा की "सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, लेकिन धरातल पर जो कर्मचारी इस योजना को चला रहे हैं, उन्हें 8 महीने से मानदेय नहीं मिला है। ग्राम रोजगार सेवक और संविदा कर्मी आर्थिक तंगी से टूट चुके हैं। प्रशासन को यह समझ लेना चाहिए कि हम चुप नहीं बैठेंगे। अगर एक हफ्ते में समाधान नहीं हुआ, तो रामपुर की सड़कों पर बड़ा प्रदर्शन होगा।" ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर अध्यक्ष बाकर अली खां ने कहा कि प्रशासनिक शिथिलता के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। इस अवसर पर कांग्रेस के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, नोमान मुमताज़ ख़ान,दुर्गेश मौर्य, भूरा खां, राजू पाशा , जहांगीर ख़ान, सरदार गुरबाज़ सिंह सिंधु, सुखबन्त सिंह हार्पिन्दर सिंह, राजेश लोधी , ज़की पाशा, सरताज सैफ़ी, शकील मंसूरी, इमरान अली, मोहम्मद ज़ाकिर, अर्जुन सिंह, राम किशोर लोधी , शिशु पाल लोधी , सतीश कुमार, कमल सिंह, भजन लाल , फहीम अहमद, हश्मत अली, आमिर ख़ान, नईम, बहादुर, जयपाल बाल्मीकि, रामु गोस्वामी, मनोज कुमार लोधी, आदि बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। निक्कू पंडित जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- मऊ जनपद में पुलिस के जवानों की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। सलहाबाद रोड किनारे झाड़ियों में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई आग धीरे-धीरे फैलते हुए आसपास की झाड़ियों को अपनी चपेट में लेते हुए गेहूं के खेत तक पहुंच गई थी। राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों ने शुरुआत में आग को नजरअंदाज किया, लेकिन स्थिति तब गंभीर हो गई जब लपटें गेहूं की फसल के बिल्कुल करीब पहुंच गईं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस के जवानों की नजर आग पर पड़ी। बिना देर किए एक पुलिसकर्मी ने साहस दिखाते हुए स्वयं आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उनके इस प्रयास को देखकर एक ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गया और मदद करने लगा। दोनों की संयुक्त कोशिशों से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।#मऊ_पुलिस #UPPolice #PoliceHero #PoliceBravery #HeroCop #FireRescue #RealHero #BreakingNews #GoodNews #ViralNews #PublicSafety #साहसी_पुलिस #किसान_की_रक्षा #गेहूं_की_फसल #गांव_की_ताकत #TeamWork #FireControl #UPNews #IndiaNews #RespectPolice यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो सकती थी और बड़ा नुकसान हो सकता था। पुलिस की इस तत्परता और जिम्मेदारी को देखकर स्थानीय लोगों ने जवानों और पूरी टीम की जमकर सराहना की।2
- मेरा बुखार दोस्त1