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एक सरकारी बाबू ने सत्य को उजागर कर रहे पत्रकार पर किया प्रहार .....
हमर जशपुर
एक सरकारी बाबू ने सत्य को उजागर कर रहे पत्रकार पर किया प्रहार .....
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- गैस संकट या खेल अंदरूनी? बलौदा बाजार की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी पर उठे गंभीर सवाल *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=663196 बलौदा बाजार। शहर की चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सुविधा नहीं बल्कि अव्यवस्था और कथित गड़बड़ी है। इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घंटों लाइन, फिर भी नहीं मिलता सिलेंडर सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोग अपने जरूरी काम छोड़कर सिलेंडर लेने पहुंचते हैं। कई उपभोक्ता 4-5 घंटे तक इंतजार करते हैं, लेकिन अंत में उन्हें “स्टॉक खत्म” कहकर लौटा दिया जाता है। “खास लोगों” के लिए अलग व्यवस्था? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां आम जनता लाइन में खड़ी रहती है, वहीं कुछ चुनिंदा लोगों को एजेंसी के अंदर से ही आसानी से सिलेंडर दे दिया जाता है। यह कथित “बैकडोर सप्लाई” पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है और लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है। ब्लैक में खरीदने को मजबूर उपभोक्ता स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई उपभोक्ता मजबूरी में ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में इस तरह की स्थिति ने आम परिवारों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। क्या यह नियमों का उल्लंघन? अगर वास्तव में सिलेंडर की कमी है, तो फिर कुछ लोगों को अंदर से गैस कैसे मिल रही है? क्या यह एजेंसी की लापरवाही है या फिर जानबूझकर किया जा रहा भेदभाव? ऐसे कई सवाल अब लोगों के मन में उठ रहे हैं। जनता में गुस्सा, प्रशासन से उम्मीद लगातार हो रही इस परेशानी से उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। आम आदमी का दर्द “हम घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी खाली हाथ लौटते हैं… और कुछ लोग सीधे अंदर से सिलेंडर लेकर चले जाते हैं। क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए हैं?” — एक पीड़ित उपभोक्ता की यह बात पूरे हालात को बयां करती है। अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस कथित गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा या आम जनता यूं ही परेशान होती रहेगी।1
- 360 गांव का प्रधान ने संत रामपाल जी महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया1
- Post by Beer Bahadur Maurya4
- धमधा क्षेत्र में फिर आग का कहर, शॉर्ट सर्किट से कई एकड़ धान का पैरा जलकर खाक धमधा क्षेत्र में एक बार फिर आगजनी की घटना सामने आई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला ग्राम घोटवानी का है, जहां रेखू वर्मा के धान के पैरा में अचानक आग लग गई।बताया जा रहा है कि मेन लाइन पर बंदर के कूदने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसकी चिंगारी से आग फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई एकड़ में फैला धान का पैरा जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- Option 1:"बंगाल 2026: क्या मोदी का 'नो-नेम अटैक' तोड़ पाएगा ममता का किला? जनता बोली - 47% को लगता है TMC घुसपैठ बढ़ा रही है" Option 2: "बंगाल चुनाव: ममता की 'बेटी कार्ड' vs मोदी की 'गारंटी' - ओपिनियन पोल में कांटे की टक्कर, 4 मई को नतीजे" Option 3: "मोदी बोले 'घुसपैठियों को बोरिया-बिस्तर बांधना होगा', ममता का पलटवार 'मोदी सबसे बड़े घुसपैठिये' - बंगाल में सड़क पर उतरा चुनाव" --- पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: जनता की राय और पूरा अपडेट नतीजे की तारीख: 4 मई 2026 1. जनता का मूड क्या है? ओपिनियन पोल के बड़े पॉइंट मुद्दा जनता की राय क्या TMC सरकार अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देती है?-47.1% लोगों ने कहा 'बिल्कुल सही/कुछ हद तक सही' -SIR यानी वोटर लिस्ट संशोधन पर राय-37.8% बोले 'अवैध वोटर हटाने के लिए जरूरी' **ममता बनर्जी का पर्सनल सपोर्ट** 'बंगाल की बेटी' कार्ड अभी भी काम कर रहा है **एंटी-इंकंबेंसी के रेड सिग्नल** भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाला, 25 हजार नियुक्तियां रद्द, युवा बेरोजगारी सार: ममता की व्यक्तिगत छवि अभी भी मजबूत है, लेकिन TMC के स्थानीय नेताओं और सरकार के कामकाज को लेकर गुस्सा है। BJP का फोकस इसी गुस्से को 'परिवर्तन' के वोट में बदलने पर है। 2. मोदी vs ममता: दोनों की स्ट्रैटेजी क्या है? नरेंद्र मोदी / BJP का दांव: 1. 'नो-नेम पॉलिटिक्स': मोदी सीधे ममता का नाम नहीं ले रहे। इससे चुनाव 'मोदी की गारंटी' vs 'भ्रष्ट व्यवस्था' बन गया है। TMC को काउंटर-अटैक का मौका नहीं मिल रहा। 2. मुख्य मुद्दे: घुसपैठ, CAA से मतुआ-नामशूद्र को नागरिकता, 'बंगाल में भय का माहौल'। 3. बड़ा बयान: "BJP सत्ता में आई तो घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा" ममता बनर्जी / TMC का दांव: 1. BJP हटाओ-देश बचाओ' का नारा और मोदी को 'सबसे बड़ा घुसपैठिया' बताया। 2. मुख्य आरोप: केंद्र वोटर लिस्ट से अल्पसंख्यकों के नाम हटा रहा है, बंगाल में 'अघोषित राष्ट्रपति शासन' जैसा माहौल। 3. पलटवार: "अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठिये हैं तो मोदी को पहले इस्तीफा देना चाहिए"। 4. एंटी-इंकंबेंसी तोड़ने के लिए: 75+ मौजूदा विधायकों के टिकट काटे। 3. क्या इस बार मोदी पछाड़ पाएंगे ममता को? TMC के पक्ष में: - ममता का फेस, लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाएं और मुस्लिम वोट एकजुट। - सड़क पर अभी भी ममता ही दिख रही हैं। बंगाल में "जो सड़क जीत लेता है वह चुनाव जीत लेता है"। - SIR और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर TMC का कैडर गांव-गांव एक्टिव हो गया। BJP के पक्ष में: - पिछले 5 साल में BJP का वोटर बेस बढ़ा है। - भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाला, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी पर जनता में नाराजगी। - मोदी का 'साइलेंट अटैक' - बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना कि लड़ाई ममता से नहीं, 'भय के माहौल' से है। एक्सपर्ट की राय: मुकाबला कांटे का है। ममता व्यक्तिगत छवि के दम पर बढ़त में हैं, पर BJP अगर कैंपेन जोरदार करे तो 77 से 148 सीट तक जा सकती है। 4. तीसरा फैक्टर: ओवैसी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी-ममता को "भाई-बहन" और "एक ही सिक्के के दो पहलू" बताया। मुस्लिम वोट में सेंध लगा सकते हैं। -Bottom Line: बंगाल में अभी 'M' हावी है - महिला, मुस्लिम, मंदिर, ममता और मोदी। चुनाव सीधा TMC vs BJP है। 4 मई 2026 को पता चलेगा कि ममता का 'जादू' चला या जनता ने 'बदलाव' चुना।1
- गरियाबंद यातायात पुलिस द्वारा रायपुर से देवभोग मार्ग पर ओवर सीट एवं परमिट नियम का उल्लंघन करने वाले बसों पर की गई कार्यवाही। 🚨 यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़, शिकायत करने पर की जाएगी उचित कार्यवाही। गरियाबंद, यात्री सुरक्षा और सड़क सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने हेतु आज गरियाबंद यातायात पुलिस द्वारा रायपुर-देवभोग मार्ग पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान मोटर यान अधिनियम (MV Act) और परमिट शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 04 यात्री बसों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्यवाही की गई है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री परिवहन किए जा रहे थे, जो कि यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। बसें अपनी अधिकृत रूट और समय-सारणी के विपरीत संचालित पाई गईं, जो परमिट शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नियमों की अनदेखी करने वाली 06 बसों के विरूद्ध मोटर यान अधिनियम के तहत 22,100 रूपये का चालानीय कार्यवाही किया गया। यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस संचालन करने वालों को बख्शा नही जाएगा। लगातार शिकायतें मिल रही थी कि रायपुर-देवभोग मार्ग पर बस संचालक मनमाने ढंग से ओवर-कैपेसिटी में यात्रियों को ले जा रहे हैं। इसी क्रम में आज यह कार्यवाही की गई है।“ गरियाबंद पुलिस अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि ओवरलोड वाहनों में यात्रा न करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल शिकायत करने पर कार्यवाही की जाएगी। यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगा।1
- डी घ ल कमेटी द्वारा संत रामपाल जी महाराज का सम्मान1
- Post by Beer Bahadur Maurya1