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Beer Bahadur Maurya
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- Post by Beer Bahadur Maurya4
- धमधा क्षेत्र में फिर आग का कहर, शॉर्ट सर्किट से कई एकड़ धान का पैरा जलकर खाक धमधा क्षेत्र में एक बार फिर आगजनी की घटना सामने आई है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला ग्राम घोटवानी का है, जहां रेखू वर्मा के धान के पैरा में अचानक आग लग गई।बताया जा रहा है कि मेन लाइन पर बंदर के कूदने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसकी चिंगारी से आग फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई एकड़ में फैला धान का पैरा जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही धमधा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।1
- Post by "HASTE RAHO"1
- मध्य प्रदेश के सतना में एक अस्पताल में एक बच्चे का पथरी का ऑपरेशन करने के नाम पर डॉक्टर साहब ने उस बच्चे की दोनों किडनी निकाल ली देखिये अब ये सब खुले आम हो रहा हैं डॉक्टर को बस पैसा चाहिए भले उसके लिए एक घर मे अंधेरा हो जाए... अब आम इंसान कहा किसके पास जाएगा डॉक्टर को हम भगवान का दर्जा देते हैं और ये हम इंसानो को रास्ते के मवेशी समझ ते हैं.....1
- Kawardha tower incident: कवर्धा में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घटना ग्राम दशरंगपुर की है, जहां मनीष चंद्राकर नाम का युवक खुद पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू कर दी गई है। गांव के लोग भी मौके पर जमा हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। बताया जा रहा है कि मनीष चंद्राकर के खिलाफ पहले से ही FIR दर्ज है। उस पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक के घर में घुसकर मारपीट की थी। इस मामले में उसके दो साथी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, होली के दिन ग्राम खंडसरा में कोटवार के घर में घुसकर उसके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में मनीष को भी आरोपी बनाया है। फिलहाल पुलिस युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने की कोशिश कर रही है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।1
- Option 1:"बंगाल 2026: क्या मोदी का 'नो-नेम अटैक' तोड़ पाएगा ममता का किला? जनता बोली - 47% को लगता है TMC घुसपैठ बढ़ा रही है" Option 2: "बंगाल चुनाव: ममता की 'बेटी कार्ड' vs मोदी की 'गारंटी' - ओपिनियन पोल में कांटे की टक्कर, 4 मई को नतीजे" Option 3: "मोदी बोले 'घुसपैठियों को बोरिया-बिस्तर बांधना होगा', ममता का पलटवार 'मोदी सबसे बड़े घुसपैठिये' - बंगाल में सड़क पर उतरा चुनाव" --- पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: जनता की राय और पूरा अपडेट नतीजे की तारीख: 4 मई 2026 1. जनता का मूड क्या है? ओपिनियन पोल के बड़े पॉइंट मुद्दा जनता की राय क्या TMC सरकार अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देती है?-47.1% लोगों ने कहा 'बिल्कुल सही/कुछ हद तक सही' -SIR यानी वोटर लिस्ट संशोधन पर राय-37.8% बोले 'अवैध वोटर हटाने के लिए जरूरी' **ममता बनर्जी का पर्सनल सपोर्ट** 'बंगाल की बेटी' कार्ड अभी भी काम कर रहा है **एंटी-इंकंबेंसी के रेड सिग्नल** भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाला, 25 हजार नियुक्तियां रद्द, युवा बेरोजगारी सार: ममता की व्यक्तिगत छवि अभी भी मजबूत है, लेकिन TMC के स्थानीय नेताओं और सरकार के कामकाज को लेकर गुस्सा है। BJP का फोकस इसी गुस्से को 'परिवर्तन' के वोट में बदलने पर है। 2. मोदी vs ममता: दोनों की स्ट्रैटेजी क्या है? नरेंद्र मोदी / BJP का दांव: 1. 'नो-नेम पॉलिटिक्स': मोदी सीधे ममता का नाम नहीं ले रहे। इससे चुनाव 'मोदी की गारंटी' vs 'भ्रष्ट व्यवस्था' बन गया है। TMC को काउंटर-अटैक का मौका नहीं मिल रहा। 2. मुख्य मुद्दे: घुसपैठ, CAA से मतुआ-नामशूद्र को नागरिकता, 'बंगाल में भय का माहौल'। 3. बड़ा बयान: "BJP सत्ता में आई तो घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा" ममता बनर्जी / TMC का दांव: 1. BJP हटाओ-देश बचाओ' का नारा और मोदी को 'सबसे बड़ा घुसपैठिया' बताया। 2. मुख्य आरोप: केंद्र वोटर लिस्ट से अल्पसंख्यकों के नाम हटा रहा है, बंगाल में 'अघोषित राष्ट्रपति शासन' जैसा माहौल। 3. पलटवार: "अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठिये हैं तो मोदी को पहले इस्तीफा देना चाहिए"। 4. एंटी-इंकंबेंसी तोड़ने के लिए: 75+ मौजूदा विधायकों के टिकट काटे। 3. क्या इस बार मोदी पछाड़ पाएंगे ममता को? TMC के पक्ष में: - ममता का फेस, लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाएं और मुस्लिम वोट एकजुट। - सड़क पर अभी भी ममता ही दिख रही हैं। बंगाल में "जो सड़क जीत लेता है वह चुनाव जीत लेता है"। - SIR और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर TMC का कैडर गांव-गांव एक्टिव हो गया। BJP के पक्ष में: - पिछले 5 साल में BJP का वोटर बेस बढ़ा है। - भ्रष्टाचार, भर्ती घोटाला, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी पर जनता में नाराजगी। - मोदी का 'साइलेंट अटैक' - बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना कि लड़ाई ममता से नहीं, 'भय के माहौल' से है। एक्सपर्ट की राय: मुकाबला कांटे का है। ममता व्यक्तिगत छवि के दम पर बढ़त में हैं, पर BJP अगर कैंपेन जोरदार करे तो 77 से 148 सीट तक जा सकती है। 4. तीसरा फैक्टर: ओवैसी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी-ममता को "भाई-बहन" और "एक ही सिक्के के दो पहलू" बताया। मुस्लिम वोट में सेंध लगा सकते हैं। -Bottom Line: बंगाल में अभी 'M' हावी है - महिला, मुस्लिम, मंदिर, ममता और मोदी। चुनाव सीधा TMC vs BJP है। 4 मई 2026 को पता चलेगा कि ममता का 'जादू' चला या जनता ने 'बदलाव' चुना।1
- Post by सत्य के अंजोर न्यूज1
- Post by Beer Bahadur Maurya1